ईरान नहीं बेच पाएगा दुनिया को तेल, गुस्से में ट्रंप ने लिया बड़ा फैसला, फिर लगाया प्रतिबंध

ईरान नहीं बेच पाएगा दुनिया को तेल, गुस्से में ट्रंप ने लिया बड़ा फैसला, फिर लगाया प्रतिबंध


अमेरिका ने मंगलवार को तत्काल प्रभाव से ईरान को दी गई तेल प्रतिबंधों में छूट को रद्द कर दिया, जिसके तहत ईरान से ऊर्जा की खरीद पर यूएस प्रतिबंध नहीं लगते थे. ये कदम होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में ईरान पर किए गए नए हमलों और दोनों देशों के बीच MoU के तहत सीजफायर पर सहमति बनने के बाद हफ्तों बाद उठाया गया है. 

अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने उसी दिन इस फैसले का ऐलान किया, जिस दिन अमेरिकी सेना ने ईरान पर फिर से हमले शुरू किए. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कहा कि यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने के लिए तेहरान को सजा देने के उद्देश्य से की गई. 

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ईरान से लाइसेंस वापस लेने पर अमेरिका ने क्या कहा?

अमेरिका के एक अधिकारी ने ईरान के लाइसेंस रद्द करने का ऐलान करते हुए कहा, ‘जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रशासन ने बार-बार दोहराया है, ईरान के साथ लागू समझौता पूरी तरह से प्रदर्शन-आधारित है. ईरान को इसका फायदा तभी मिलेगा जब वो अच्छा व्यवहार करेगा.’ 

ईरान को 21 अगस्त तक मिली थी छूट

बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच जो समझौता हुआ था, उसके तहत ट्रंप प्रशासन ने ईरान को जून के आखिर में ये छूट दी थी, जोकि 21 अगस्त तक यानी 60 दिनों तक लागू रहने वाली थी. 

अमेरिका ने की ईरान की निंदा

इससे पहले सेंटकॉम ने ईरान की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे ‘अनुचित’ और ‘खतरनाक’ बताया. यहां तक कि उसने ईरान की कार्रवाई को ‘सीजफायर का उल्लंघन’ तक करार दिया. सेंटकॉम ने एक पोस्ट में कहा, ‘ईरान की यह आक्रामकता अनुचित, खतरनाक और युद्ध विराम का स्पष्ट उल्लंघन है.’

भारत के लिए फायदेमंद थी ईरान को मिली छूट

ईरान द्वारा निशाना बनाए गए जहाजों में से एक कतरी जहाज अल-रेकय्यात था, जो कथित तौर पर ऊर्जा सामग्री लेकर भारत आ रहा था. सामान्य लाइसेंस, जिसके निरस्त होने से पहले 21 अगस्त तक प्रभावी रहने की उम्मीद थी, भारत जैसे देशों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद माना जा रहा था, जिसका अमेरिकी प्रतिबंध लगाए जाने से पहले ईरान के साथ महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार था.

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