यूक्रेन ने रूस की सबसे बड़ी ओम्स्क रिफाइनरी को बनाया निशाना, लंबी दूरी के ड्रोन से किया अटैक


पिछले साढ़े चार साल से चल रहा रूस और यूक्रेन का युद्ध खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. अब कीव की सेना ने जानकारी दी है कि उसने यूक्रेनी ड्रोन के जरिए रूस की ओम्स्क रिफाइनरी पर हमला किया है. यह रिफाइनरी साइबेरिया के अंदरूनी इलाके में है. रूस की यह सबसे बड़ी रिफाइनरी बताई जाती है. रॉयटर्स न्यूज एजेंसी की मानें तो यह युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे बड़े हमलों में से है. इस हमले की पुष्टी खुद रूस के स्थानीय अधिकारियों ने की है. 

रात भर यूक्रेनी सेना ने किए रूस पर हमले

स्थानीय गवर्नरों की मानें तो ओम्स्क के अलावा यूक्रेनी सेना ने रातभर रूस के उस्तलुगा, विसोत्स्क बंदरगाह पर हमला किया. यहां बाल्टिग सागर के रास्ते तेल का निर्यात होता है. इसके अलावा कलुगा, यारोस्लाव में भी हमले किए गए. रूस ने 2014 में यूक्रेन से क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था. एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि केर्च बंदरगाह पर हमले में एक महिला की मौत भी हुई है. सोशल मीडिया पर हमले के कई वीडियो भी सामने आए हैं. 

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ओम्स्क रिफाइनरी में हमले के बाद भीषण आग लग गई

इधर, यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने अपने बयान में बताया है कि इस हमले से ओम्स्क रिफाइनरी में आग लगी है. यह रिफाइनरी यूक्रेन के कब्जे वाले इलाके से लगभग 2700 किमी दूर है. कजाकिस्तान के साथ रूस की सीमा के पास मौजूद है. 

ओम्सक के गवर्नर विटाली खोत्सेंको ने स्पष्ट टारगेट का जिक्र नहीं किया है. हालांकि, उन्होंने कहा कि ओम्स्क के नॉर्थ में स्थित इंडस्ट्रियल सेंटर तक यूक्रेनी ड्रोन पहुंचे. इस जगह पर रिफाइनरी है. हमले का आंकलन किया जा रहा है. इमरजेंसी सर्विस एक्टिव कर दी गई हैं. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की मानें तो गजप्रोमनेफ्ट की Owning कंपनी ओम्स्क रिफाइनरी ने पिछले साल रोजाना 23 मिलियन मीट्रिक टन बैरल ऑयल प्रोसेस किया है. यूक्रेन लगातार रूस के रिफाइनरी पर हमले तेज कर रहा है. इससे देश में 11 टाइम जोन में ईंधन की कमी की जानकारी सामने आई है. 

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