ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026: भारत पिछड़ा, 100 देशों की लिस्ट से भी बाहर, जानें टॉप-10 पर कौन स


ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत 125वें स्थान पर आ गया है. हालांकि पिछले साल से थोड़ा बेहतर होने के बावजूद भारत टॉप 100 देशों की सूची में जगह नहीं बना पाया. 2021 से 2023 के बीच 127वें स्थान पर रहने के बाद 2025 में भारत 124वें स्थान पर पहुंचा था, लेकिन अब यह फिर से पिछड़ गया है. इस तरह भारत के पासपोर्ट से सिर्फ 26 देशों में बिना वीजा के जाने की सुविधा मिलती है.

रैंकिंग की बात करें तो भारतीय पासपोर्ट नामीबिया से नीचे और फिलीपींस, मोरक्को और उज़्बेकिस्तान जैसे देशों के पीछे है, जबकि यह अजरबैजान और किर्गिस्तान जैसे देशों से रैंकिंग में आगे है. भारतीय पासपोर्ट धारक बिना वीजा के या ‘वीजा ऑन अराइवल’ सुविधा के साथ भूटान, नेपाल, जमैका, मकाऊ, फिलिस्तीन, ट्यूनीशिया, अंगोला और बारबाडोस जैसी जगहों की यात्रा कर सकते हैं.

भारतीय पासपोर्ट होल्डर को अभी भी अमेरिका, यूके, जर्मनी, फ़्रांस, चीन और संयुक्त अरब अमीरात समेत लगभग 88 देशों में जाने के लिए वीजा की जरूरत पड़ेगी. भारत के पड़ोसी देशों में चीन 104वें स्थान पर है, जो भारत (125वें स्थान) से काफी आगे है. हालांकि भारत कई दूसरे दक्षिण एशियाई देशों के मुकाबले काफी बेहतर स्थिति में है. बता दें कि ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में बांग्लादेश 166वें, नेपाल 164वें और पाकिस्तान 188वें स्थान पर है, जो इस इंडेक्स में सबसे नीचे के देशों में से एक है.

अमेरिका और फ्रांस का सेम नंबर 
दरअसल ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की टॉप 10 लिस्ट में ज़्यादातर यूरोपीय देश शामिल हैं, जो ग्लोबल ट्रैवल मोबिलिटी में इस महाद्वीप की लगातार मजबूती को बनाए हुए हैं. खास बात यह है कि अमेरिका और फ्रांस दोनों ही इस लिस्ट में 11वें स्थान पर हैं और टॉप 10 में जगह बनाने से बस थोड़ा ही चूक गए, जबकि कनाडा 13वें स्थान पर है. इस तरह दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट के मामले में यूरोप साफ तौर पर सबसे आगे निकल गया है. 

टॉप 10 लिस्ट 
बता दें कि इस लिस्ट में पहले नंबर पर स्वीडन दूसरे पर स्विट्जरलैंड और तीसरे नंबर पर फिनलैंड है जबकि जर्मनी को चौथा स्थान मिला है. उसके बाद क्रमश डेनमार्क, नीदरलैंड्स आयरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, नॉर्वे और 10वें नंबर पर सिंगापुर है.

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