
वनवास के दौरान तीर्थयात्रा करते हुए अर्जुन द्वारका पहुंचे. श्रीकृष्ण को जब उनके आगमन का समाचार मिला तो उन्होंने बड़े प्रेम और सम्मान के साथ उनका स्वागत किया. दोनों मित्रों ने लंबे समय बाद मिलकर अपने अनुभव साझा किए और कुछ दिन साथ बिताने का निर्णय लिया.

श्रीकृष्ण अर्जुन को रैवतक पर्वत पर आयोजित भव्य उत्सव में लेकर गए. वहां यदुवंशी राजकुमारों और राजकुमारियों के बीच सुभद्रा भी उपस्थित थीं. पहली बार सुभद्रा को देखकर अर्जुन उनके सौंदर्य, विनम्रता और तेज से अत्यंत प्रभावित हो गए.
Published at : 29 Jun 2026 06:40 AM (IST)



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