- पाकिस्तान ने पीओके में 14 दिनों से खाद्य आपूर्ति रोकी।
- खाद्य सामग्री की कमी से पीओके में भीषण संकट गहराया।
- पाकिस्तान सरकार ने आरोप प्रदर्शनकारियों पर लगाए, सच्चाई उजागर।
- प्रदर्शन के दौरान 58 लोग गोलीबारी में मारे गए।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 9 जून से जारी बगावत को कुचलने के लिए शुक्रवार (26 जून, 2026) को लगातार 14वें दिन अलग-अलग बॉर्डरों पर खाने की सामग्री लिए सैकड़ों ट्रक पाकिस्तान-पीओके बॉर्डर पर खड़े हैं, जिन्हें पंजाब पुलिस और पाकिस्तानी रेंजर्स ने रोककर रखा हुआ है.
14 दिन से पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों से खाने का सामान जैसे चावल, दाल, दूध जैसे खाद्य पदार्थ की एंट्री न होने की वजह से पीओके में खाने का संकट भी शुरू हो चुका है, लेकिन शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर वाली पाकिस्तानी हुकूमत पीओके के लोगों हक मांगने की लगातार सजा दे रही है.
बड़ों के खाने से लेकर बच्चों के दूध तक की किल्लत
नीलम घाटी में रहने वाली चार साल की नाजिया के घर में दूध नहीं है, क्योंकि पाकिस्तानी हुकूमत पीओके में दूध नहीं आने दे रही है. मासूम आवाज में बच्ची अपील कर रही है कि पाकिस्तानियों दूध आने दो ना मुझे भुक्कू लगी है. इसके अलावा, मीरपुर के आम लोग भी घर में राशन, दूध की कमी की जानकारी दे रहे हैं.
For long decades, Pakistan called #POJK its Jugular Vein, but now the voices are being raised from within POJK busting this narrative of Pakistan..
Repression,disappearances, unlawful detentions & civilian killings — thousands gathered in protest against Pakistani regime.. pic.twitter.com/8gjET0ncmd
— Fatima Dar (@FatimaDar_jk) June 25, 2026
न सिर्फ पाकिस्तानी हुकूमत ट्रकों को प्रवेश करने दे रही है, बल्कि पीओके का कोई व्यक्ति अगर अपनी निजी वाहन से पाकिस्तान से किसी इलाके से खाद्य सामग्री लेकर आ रहा है, तो उसे भी सीमा पर रोककर पाकिस्तानी रेंजर्स खाने की सामग्री जब्त कर रहे हैं. हालांकि, झूठ बोलने के लिए मशहूर पाकिस्तानी हुकूमत और पीओके की पुलिस दोनों ही खाने के ट्रकों को रोकने और आम लोगों को खाने के सामान ना लेकर जाने के आरोप पर झूठ बोल रहे हैं और रोकने का आरोप प्रदर्शनकारियों पर डाल रहे हैं.
पाकिस्तानी सेना की ज्यादती से PoK में बढ़ रहा गुस्सा
वहीं, एबीपी न्यूज के पास शुक्रवार (26 जून, 2026) को आई पीओके की वीडियो पाकिस्तानी हुकूमत और पीओके पुलिस की पोल खोल रही है. फुटेज में जहां कहुटा बॉर्डर पर दर्जनों ट्रक खड़े हैं, जिन्हें पीओके जाना है, लेकिन पाकिस्तानी पुलिस और रेंजर्स ने इन्हें रोक रखा है. खुद ट्रक ड्राइवर पाकिस्तानी हुकुमत और पीओके पुलिस के झूठ की पोल खोल रहे हैं.
वहीं, दूसरी तरफ एक आम इंसान की गाड़ी की रेंजर्स पीओके बॉर्डर पर तलाशी लेते नजर रहे हैं, ताकि कोई व्यक्ति खाने का समान लेकर पीओके में ना घुस पाए. पाकिस्तानी हुकूमत की इस निर्दयिता पर प्रदर्शन के आयोजकों में से एक सरदार अमान खान ने शुक्रवार को मंच से पाकिस्तानी हुकूमत और सेना को चेतावनी दी की जिस तरह से कहुटा पर नाका लगाकर पाकिस्तानी फ़ौज ने खाने का सामान रोक रखा है और लोगों को गिरफ्तार कर रही है, ऐसे कमेटी से वो मांग करते हैं कि एक बार उन्हें इजाजत दी जाए ताकि वो दिखा दें कि चीजें रोकी कैसे जाती हैं.
“Khana peena band karo Kashmiriyo ka”— such videos online appear to show food trucks allegedly stopped near Murree while heading towards PoK. Drivers blame Pakistan’s Punjab Police.
This comes amid ongoing protests by JAAC activists demanding their rights. pic.twitter.com/uoN84UwCs1— Ravinder Singh Robin (@rsrobin1) June 26, 2026
15 दिनों में पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स ने लिए 58 जानें
सरदार अमान ख़ान ने पाकिस्तानी सेना की पोल खोले हुए कहा, ‘देश में सिर्फ़ पाकिस्तानी सेना ही है जो ख़ुद को देशभक्त मानती है और बाकियों को देशभक्ति का सर्टिफिकेट, ऐसी सेना पूरे विश्व में एक ही है. आज पीओके में प्रदर्शन शुरू हुए 18 दिन हो चुके हैं और अभी तक ना ही प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी हुकूमत के बीच बातचीत हुई है और ना ही सुलह का कोई रास्ता निकला है. हां खाने की सप्लाई को बंद करके प्रदर्शन को कुचलने की कोशिश की जा रही है, जैसे शुरुआती दिनों में गोली चलाकर की गई थी, जिसमें 5 जून से 20 जून तक 58 लोगों की पाकिस्तानी रेंजर्स और सेना ने गोली मारकर हत्या की थी.
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