पिछले छह महीने में यूक्रेन ने रूस पर आठ (08) लाख से ज्यादा ड्रोन अटैक करने का दावा किया है. इनमें रूसी सैनिकों को चुन-चुनकर मारने वाले एफपीवी ड्रोन से लेकर लंबी दूरी (2500 किलोमीटर) तक मार करने वाले कामेकाजी ड्रोन शामिल हैं. खुद यूक्रेन के रक्षा मंत्री माइखालो फेडोरोव ने ये दावा किया है.
फेडोरोव के मुताबिक, इस साल यानी जनवरी से लेकर अब तक (21 जून) यूक्रेनी सेना की अलग-अलग ड्रोन यूनिट्स ने रूस पर ये अटैक किए, जो युद्धक्षेत्र के 90 प्रतिशत से हमले हैं. अकेले मई के महीने में 1.81 लाख ड्रोन अटैक किए गए. फेडोरोव ने अपने दावों के साथ एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें यूक्रेनी ड्रोन रूस के सैनिकों से लेकर टैंक और बंकर्स को निशाना बनाते दिखाई पड़ रहे हैं.
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ड्रोन से तबाही
ड्रोन वॉरफेयर के जरिए यूक्रेन ने रूस को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है. दरअसल, यूक्रेन ने लाखों की संख्या में फर्स्ट पर्सन ड्रोन (एफपीवी) का निर्माण कर रखा है. बेहद छोटे ये ड्रोन, ग्रेनेड या फिर बम से लैस होते हैं और जंग के मैदान में रूसी सैनिकों को टारगेट करते हैं. इसके अलावा रूसी टैंक, मिलिट्री व्हीकल, बंकर्स और सैनिकों के बैरक पर जाकर ग्रेनेड को गिरा देते हैं. इन ड्रोन से रूसी सेना में खलबली मची है.
मॉस्को तक निशाना
एफपीवी ड्रोन के साथ साथ यूक्रेन ने 2500 किलोमीटर तक मार करने वाले आत्मघाती (कामेकाजी) ड्रोन भी तैयार कर लिए हैं. ऐसे में ये ड्रोन, बॉर्डर से बेहद दूर रूस की राजधानी मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग और दूसरे इलाकों में अहम सैन्य ठिकानों, तेल रिफाइनरी और ऑयल टर्मिनल पर जाकर हमला बोल देते हैं. इन हमलों से रूस को जबरदस्त नुकसान हो रहा है. सोमवार को यूक्रेन ने पश्चिमी रूस के वोरोनेझ शहर में किंझल हाइपरसोनिक मिसाइल में इस्तेमाल होने वाल चिप और सेमीकंडक्टर के एक बड़े प्लांट पर हमला किया था. क्रीमिया के में भी रूस के एक तेल डिपो और एस-400 मिसाइल सिस्टम के रडार को भी यूक्रेन ने निशाना बनाया.
रूस को भारी नुकसान
दूसरी तरफ रूस का पलटवार, बैलिस्टिक मिसाइल के जरिए ज्यादा होता है, जो यूक्रेन की राजधानी कीव और दूसरे बड़े शहरों में जबरदस्त तबाही मचाने में कामयाब है. रूस की इन्फेंट्री आर्मी डोनबास और खेरसोन प्रांतों में आगे बढ़कर यूक्रेन की जमीन के गांव और शहरों को कब्जाने में जुटी है. लेकिन इन हमलों में रूस को जबरदस्त नुकसान हो रहा है. सोमवार को संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत डॉन नेगेरा ने भी युद्ध रोकने का आह्वान करते हुए कहा कि वक्त मॉस्को के साथ नहीं है, क्योंकि जंग के दौरान हर हफ्ते, रूस के 40 हजार सैनिक अपनी जान खो रहे हैं. ऐसे में रूस और यूक्रेन को तुरंत युद्ध रोककर शांति के लिए तैयार होना चाहिए.
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