
कुरु दरबार में भीष्म पितामह ने धृतराष्ट्र को समझाया कि पांडवों के साथ युद्ध करना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि पांडव भी कुरुवंश के ही सदस्य हैं और उन्हें पुत्रों के समान मानना चाहिए. उनके अनुसार न्याय और धर्म का पालन करते हुए पांडवों को उनका अधिकार मिलना चाहिए.

भीष्म ने धृतराष्ट्र को याद दिलाया कि पांडवों का भी राज्य पर उतना ही अधिकार है जितना कौरवों का. उन्होंने कहा कि अगर पांडवों को आधा राज्य दे दिया जाए तो दोनों पक्षों के बीच शांति बनी रह सकती है और भविष्य में किसी बड़े संघर्ष से बचा जा सकता है.
Published at : 23 Jun 2026 06:00 AM (IST)





.jpg)