ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट बंद करने का किया दावा, इसी बीच तेल लेकर भारत रवाना हुए 3 बड़े टैंकर


पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया की नजरें एक बार फिर होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर टिक गई हैं. ईरान के युद्ध संचालन से जुड़े ख़ातम अल-अंबिया मुख्यालय ने घोषणा की है कि होर्मुज़ स्ट्रेट को जहाज़ों के लिए “बंद” किया जा रहा है. हालांकि अमेरिका ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि जलमार्ग में शिप मूवमेंट जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

ख़ातम अल-अंबिया मुख्यालय ने अपनी घोषणा के पीछे अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते की कथित शर्तों के उल्लंघन को वजह बताया है. इसके साथ ही दक्षिणी लेबनान में इसराइल द्वारा लगातार युद्धविराम उल्लंघन, नागरिकों के विस्थापन और सैन्य कार्रवाई को भी इस फैसले का आधार बताया गया है.

इन दावों और जवाबी दावों के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है. भारत के ध्वज वाले तीन बड़े कच्चे तेल टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर रवाना हो चुके हैं. इन जहाजों में 8.6 लाख टन से अधिक कच्चा तेल लदा हुआ है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.

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केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि ‘देश वैभव’, ‘देश विभोर’ और ‘सनमार हेराल्ड’ नामक तीनों भारतीय ध्वज वाले टैंकर 94 भारतीय चालक दल के सदस्यों के साथ सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं.

सोनोवाल ने एक्स पर लिखा, “भारत के ध्वज वाले तीन कच्चे तेल के टैंकर…‘देश वैभव’, ‘देश विभोर’ और ‘सनमार हेराल्ड’ 94 भारतीय चालक दल के सदस्यों के साथ 8.6 लाख टन से अधिक माल लेकर आज होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं और अब भारत की ओर प्रस्थान कर रहे हैं.”

जानकारी के अनुसार ‘देश वैभव’ के 24 जून को गुजरात के वाडीनार बंदरगाह पहुंचने की संभावना है. इसी दिन ‘देश विभोर’ सिक्का बंदरगाह पहुंच सकता है. वहीं ‘सनमार हेराल्ड’ के एक जुलाई तक ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है.

ऐसे समय में जब ईरान और अमेरिका के दावों के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, भारत के तीन तेल टैंकरों का सुरक्षित रूप से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को पार कर लेना देश के लिए बड़ी राहत और भरोसे की खबर मानी जा रही है.

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