Telegram Ban होने के बाद एक्सेस के दूसरे तरीके देख रहे लोग, तेजी से बढ़े VPN के डाउनलोड

Telegram Ban होने के बाद एक्सेस के दूसरे तरीके देख रहे लोग, तेजी से बढ़े VPN के डाउनलोड


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • भारत में टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध के बाद VPN उपयोग बढ़ा।
  • सरकार ने NEET पेपर लीक रोकने हेतु टेलीग्राम प्रतिबंधित किया।
  • सरकार का आरोप: टेलीग्राम साइबर अपराधों हेतु ‘नया डार्क वेब’।

Telegram Ban: भारत में टेलीग्राम पर टेंपरेरी बैन लगने के बाद अब लोग इसे यूज करने के लिए दूसरे तरीके ढूंढ रहे हैं. इसका संकेत इस बात से मिलता है कि देश में VPN के डाउनलोड और यूज में तेजी देखी जा रही है. Proton VPN का कहना है कि टेलीग्राम पर बैन लगने के बाद भारत में VPN की डिमांड खूब बढ़ गई है. एक्स पर कंपनी ने लिखा कि भारत में मंगलवार को हर घंटे होने वाले रजिस्ट्रेशन 150 प्रतिशत और बुधवार को डेली रजिस्ट्रेशन 120 प्रतिशत बढ़ गए. यह दिखाता है कि लोग टेलीग्राम यूज करने के लिए अब VPN का सहारा ले रहे हैं.

सबसे पहले जानें क्यों लगा Telegram पर बैन?

21 जून को देश में NEET Re Exam होना है. उससे पहले पेपर लीक की घटनाएं रोकने के लिए सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम को बैन किया है. इसके साथ टेलीग्राम के मैसेज एडिटिंग फीचर को 30 जून तक डिसेबल करने के आदेश जारी किए गए हैं. सरकार का कहना है कि इस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को क्वेश्चन पेपर लीक करने के लिए यूज किया जा रहा है. कोर्ट में जारी एक हलफनामे में सरकार ने टेलीग्राम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म नया डार्क वेब बना गया है और इसका इस्तेमाल साइबर क्राइम में हो रहा है.

अब VPN डाउनलोड करने में जुटे लोग

टेलीग्राम पर बैन लगने के बाद इसे भारत में एक्सेस नहीं किया जा सकता, लेकिन VPN के जरिए जुगाड़ निकाला जा सकता है. VPN यूजर के आईपी एड्रेस को मास्क कर देता है, जिसकी मदद से बैन हुई सर्विसेस को एक्सेस करना आसान बन जाता है. Proton VPN के जनरल मैनेजर डेविड पीटरसन ने ट्वीट कर बताया कि टेलीग्राम पर बैन लगने के बाद VPN रजिस्ट्रेशन तेजी से बढ़े हैं. हालांकि, अब पीटरसन के एक्स अकाउंट को भारत में ब्लॉक कर दिया गया है. VPN साइन-अप के अलावा गूगल ट्रेंड से भी यह नजर आता है कि लोग पिछले दो दिनों से “telegram vpn” और “vpn for telegram” जैसी टर्म्स सर्च कर रहे हैं. यह दिखाता है कि लोग अब इस बैन हो चुके प्लेटफॉर्म को एक्सेस करने के लिए तरीके निकाल रहे हैं.

कैसे काम करता है VPN?

VPN यानी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क इंटरनेट कनेक्शन को सेफ बनाता है. यह यूजर का असली IP Address छिपा देता है. यानी इंटरनेट के लिए उसकी जियोलोकेशन बदल जाती है और यूजर की जगह VPN सर्वर का IP एड्रेस दिखने लगता है. VPN आपकी ऑनलाइन इंफोर्मेशन एक कोडेड फॉर्म में बदल देता है, जिसे हैक करना भी मुश्किल होता है.

ये भी पढ़ें-

बचत ही बचत, Galaxy S25 Ultra पर मिल रहा 38,000 से ज्यादा का डिस्काउंट, खरीदने में देर न करें