International Investment Tips: भारतीय निवेशक देश के शेयर बाजार में तो निवेश करते ही हैं. लेकिन जब से एलॉन मस्क की कंपनी SpaceX की आईपीओ से जुड़ी खबरें सामने आ रही हैं, तभी से भारतीयों की दिलचस्पी भी विदेश में निवेश को लेकर नजर आने लगी है. ऐसे में अब भारत में बैठे- बैठे विदेश में निवेश करने को भी आसान बनाने की कवायद चल रही है. आइये बताते हैं कैसे.
भारत में बैठे- बैठे करें विदेश में निवेश
दरअसल भारत में कई सारी ऐसी एप्स हैं जो भारतीय निवेशकों को आसानी से निवेश के लिए प्लेटफॉर्म देती हैं, लेकिन इनके जरिए केवल भारत में ही निवेश किया जा सकता है. हालांकि अब भारतीय निवेशक देश में बैठे- बैठे भी विदेशी कंपनियों में इनवेस्ट कर सकते हैं. वो ऐसे कि मनी कंट्रोल की रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत की 4 एप्स जो निवेश करती हैं उन्हें इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म बनाया जा रहा है. यानी इनकी मदद से अब आप भारत से ही विदेशी बाजार में निवेश कर पाएंगे.
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कौन सी हैं ये एप्स?
इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) के मुताबिक, देश के टॉप चार ब्रोकर जेरोधा (Zerodha), ग्रो (Groww), एंजेल वन (Angel One) और अपस्टॉक्स (Upstox) को GIFT सिटी के जरिए इंटरनेशनल और US स्टॉक में निवेश की सुविधा देने की मंजूरी मिल गई है. ये खबर भारतीय निवेशकों के लिए बेहद खुशी वाली है.
कब होगी लॉन्चिंग?
Moneycontrol के साथ इससे जुड़े एक सोर्स ने बातचीत की है, जिसने बताया है कि टेक्नोलॉजी, टेस्टिंग और कंप्लायंस का काम पूरा होने में दो से तीन महीने लगेंगे. इसका मतलब है कि फिलहाल इसकी लॉन्चिंग में करीब तीन महीने का समय लगेगा. जिसके बाद भारतीय निवेशक आसानी से इन प्लोटफॉर्म्स के जरिए विदेश में निवेश कर पाएंगे.
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लॉन्चिंग के बाद जहां जेरोधा और अपस्टॉक्स ब्रोकर-डीलर के तौर पर काम करेंगे, वहीं ग्रो और एंजेल वन ग्लोबल एक्सेस प्रोवाइडर (GAP) के तौर पर काम करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट को मुमकिन बनाने के लिए जेरोधा और अपस्टॉक्स विदेशी क्लियरिंग फर्मों व्यूट्रेड इंटरनेशनल, इंटरेक्टिव ब्रोकर्स और Alpaca Securities के जरिए ट्रेड करेंगे.
एक अन्य सूत्र ने बताया, ‘इन खास फर्मों के US ब्रोकिंग फर्मों (जैसे Charles Schwab, Robinhood वगैरह) के साथ गहरे संबंध हैं, जो इंटरनेशनल स्टॉक में ट्रेडिंग आसान बनाते हैं.’



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