परम एकादशी के दिन अन्न, पीले वस्त्र, फल और मिठाई, जल और पात्र, दक्षिणा का दान. गौ सेवा करें. मान्यता है कि इसके फलस्वरूप व्यक्ति समस्त पापों से मुक्ति पाकर गरुड़ पर बैठकर विष्णुलोक को जाता है.