CBSE छात्रों के लिए बड़ा अपडेट, वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया हुई शुरू; पोर्टल लॉन्च

CBSE छात्रों के लिए बड़ा अपडेट, वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया हुई शुरू; पोर्टल लॉन्च


CBSE Re-evaluation 2026: सीबीएसई 2026 के रिजल्ट्स आने के बाद अपने नंबरों को लेकर कन्फ्यूजन में चल रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर आई है. सीबीएसई ने अब वेरिफिकेशन का मार्क्स और री इवैल्यूएशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर दिया है. जिन छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त कर ली है, वह अपने अंकों की दोबारा जांच और री इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं. बोर्ड की ओर से यह सुविधा सीमित समय के लिए उपलब्ध कराई गई है और आवेदन की अंतिम तिथि 6 जून तय की गई है. 

आवेदन के लिए आधार वेरिफिकेशन जरूरी

सीबीएसई ने इस बार वेरिफिकेशन और री इवैल्यूएशन प्रक्रिया में सुरक्षा के लिए आधार वेरिफिकेशन को शामिल किया गया है. बोर्ड की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, आवेदन करते समय छात्रों को आधार से जुड़ी जानकारी देनी होगी. हालांकि, जिन छात्रों के पास आधार कार्ड नहीं है वह अपने माता-पिता या किसी करीबी रिश्तेदार के आधार नंबर का उपयोग कर सकते हैं. ऐसे मामलों में आवेदन के दौरान भरा नाम, बर्थ डेट और जेंडर उसी व्यक्ति के आधार डिटेल के अनुसार होना चाहिए, जिसका आधार नंबर इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा सीबीएसई ने आवेदन करने से पहले बोर्ड की ओर से जारी जरुरी दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ने की सलाह भी दी है. 

रिजल्ट आने के बाद बढ़ी थी छात्रों की परेशानी 

इस साल सीबीएसई के रिजल्ट घोषित होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने अपने प्राप्त अंकों को लेकर सवाल खड़े किए थे. कई छात्रों का कहना था कि उन्हें उम्मीद से कम अंक मिले, जबकि कुछ छात्रों ने मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी आपत्ति जताई है. ऐसे में री इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार किया जा रहा था जिसे अब बोर्ड ने शुरू कर दिया है. 

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ओएमएस सिस्टम के कारण चर्चा में रहा मूल्यांकन 

इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया खास तौर पर चर्चा में रही, क्योंकि बोर्ड ने बड़े स्तर पर ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम का इस्तेमाल किया. इस डिजिटल व्यवस्था में परीक्षक स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करते हैं. रिजल्ट जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने मूल्यांकन से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई थी. कुछ छात्रों ने स्कैन कॉपी में तकनीकी दिक्कतों और उत्तरों के मूल्यांकन को लेकर भी सवाल उठाए थे. यही वजह रही है कि इस बार पोस्ट रिजल्ट सेवाओं को लेकर छात्रों की दिलचस्पी काफी ज्यादा देखने को मिली. इसके अलावा बोर्ड ने इस साल की फीस में भी बड़ा बदलाव किया है. पहले जहां उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए छात्रों को 700 रुपये तक देने पड़ते थे, वहीं अब इसके लिए सिर्फ 100 रुपये प्रति विषय फीस देनी होगी. इसी तरह मार्क्स वेरिफिकेशन की फीस भी घटकर 100 रुपये प्रति विषय कर दी गई है. वहीं री इवैल्यूएशन के लिए भी छात्रों को राहत दी गई है. अब किसी प्रश्न के पुनर्मूल्यांकन के लिए केवल 25 रुपये प्रति प्रश्न फीस देनी होगी, जबकि पहले यह राशि 100 रुपये प्रति प्रश्न थी. 

आवेदन से पहले इन बातों की करें जांच 

बोर्ड के अनुसार री इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने से पहले छात्रों को अपनी स्कैन कॉपी ध्यान से देखनी चाहिए. उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी उत्तरों का मूल्यांकन किया गया है या नहीं, किसी पेज का मूल्यांकन छूटा तो नहीं है, अंकों के जोड़ में कोई गलती तो नहीं हुई है और किसी उत्तर को गलत तरीके से अनदेखा तो नहीं किया गया है. 

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