Middle East Tensions: पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध और संघर्ष की शुरुआत को कल गुरुवार (28 मई, 2026) को तीन महीने पूरे हो जाएंगे. वहीं, इस युद्ध को खत्म करने के उद्देश्य से दोनों पक्षों के बीच लागू सीजफायर को भी करीब दो महीने होने वाले हैं, लेकिन फिर भी अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी की स्थिति खत्म नहीं हो रही है.
अप्रैल में हुए सीजफायर के बावजूद ईरानी और अमेरिकी सेनाओं के बीच हमले लगातार जारी हैं, जिसके कारण खाड़ी इलाके और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ गया है. इसके साथ ही, दोहा में मध्यस्थता की कोशिश जारी रहने के बीच इस नाजुक सीजफायर के टूटने की आशंका भी बढ़ गई है.
अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में किए नए हमले
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार (25 मई, 2026) को एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, ‘अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में नए हमलों को अंजाम दिया है, जिसमें ईरान के मिसाइल ठिकानों और उन नावों को निशाना बनाया गया, जो कथिर तौर पर समुद्री बारूदी सुरंगे बिछाने की कोशिश कर रही थीं.’ सेंटकॉम ने कहा कि ये हमले सेल्फ-डिफेंस में किए गए हैं, ताकि ईरानी सेना से होने वाले खतरों से अमेरिकी सेना के जवानों की सुरक्षा की जा सके.
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IRGC ने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया, जेट पर की गोलीबारी
वहीं, दूसरी तरफ ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार (26 मई, 2026) को कहा कि उसने एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है. इसके साथ एक जेट और एक अन्य ड्रोन पर गोलीबारी को अंजाम दिया, जो ईरानी हवाई इलाके में घुस गया था. IRGC ने ईरान की सरकारी मीडिया के हवाले से यह जानकारी साझा की. IRGC ने यह भी कहा कि सीजफायर के किसी भी उल्लंघन का जवाब देने का उसका वैध और निश्चित अधिकार पूरी तरह से सुरक्षित है.
सीजफायर के बाद से दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी, तनाव भी बरकरार
रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच पिछले महीने 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान ने अस्थायी सीजफायर की घोषणा की. हालांकि, इसके बाद से ही ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर कंट्रोल बनाए हुए है, जहां से वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का करीब पांचवा हिस्सा गुजरता है. जबकि दूसरी तरफ अमेरिकी नौसेना ने ईरान को वित्तीय नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से उसके बंदरगाहों पर ऐसी ही नाकेबंदी लागू कर रखी है.
वहीं, सीजफायर के ऐलान के बाद से दोनों पक्षों के बीच युद्ध को पूरी तरह खत्म करने और एक दीर्षकालीक संघर्षविराम के लिए बातचीत लगातार जारी है, लेकिन इस दौरान बार-बार बीच में होने वाली सैन्य झड़पें दोनों पक्षों के बीच गहरे अविश्वास को और बढ़ा दे रही है.
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