दक्षिण अफ्रीकी देशों में जानलेवा इबोला वायरस का प्रकोप, WHO ने चेताया; अब तक 160 संदिग्ध मौतें


WHO Warn Aferican Region Ebola  Virus Risk: दक्षिण अफ्रीकी देशों में फैले इबोला के प्रकोप को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने शुक्रवार को चेतावनी जारी की है. संगठन के अफ्रीका के निदेश ने कहा है कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और पड़ोसी देश युगांडा में फैले इबोला के प्रकोप को कम करके आंकना गलत होगा. यह प्रकोप बाकी देशों में भी फैल सकता है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जिनेवा में संगठन के अफ्रीका निदेश मोहम्मद याकूब ने कहा है कि इसे कम करे आंकना एक बड़ी गलती है. इस बुंडिबुग्यों नाम वायरस के लिए किसी तरह वैक्सीन नहीं है. 

मोहम्मद याकूब ने लोगों से की अपील

उन्होंने कहा कि इसलिए सचमुच सभी को यही कहूंगा कि हम एक दूसरे की मदद करें. इसको हम काबू में ला सकते हैं. इंटरनेशनल लेवल पर इधर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. बल्कि हंटावायरस के प्रकोप पर ज्यादा ध्यान दिया गया. संपर्क से इसका खतरा बढ़ जाता है. हम इसका ध्यान रखें. 

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जानलेवा बीमारी है इबोला

इबोला एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है. यह इन्फेक्टेड लोगों की शारीरक तरल पदार्थों, दूषित चीजों और इन्फेक्शन से मरे हुए लोगों के शवों के साथ सीधे संपर्क में आने से फैलती है. इसके लक्षणों में बुखार, शरीर में दर्द, उल्टी और दस्त शामिल हैं. गुरुवार को डीआरसी के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने आंकड़े में बताया कि इस प्रकोप के कारण 670 संदिग्ध मामलों में से 160 संदिग्ध मौतें हो चुकी है.

इबोला का प्रकोप कितना चल सकता है, फिलहाल अनुमान नहीं लगाया जा सकता 

युगांडा में दो मामलों की पुष्टी हुई है. जनाबी ने अनुमान लगाने से इनकार कर दिया है. यानी यह नहीं बताया जा सकता है कि मौजूदा प्रकोप कितने वक्त तक चल सकता है. एक्सपर्ट्स स्थिति को गंभीरता से ले रहे हैं. लोगों की लापरवाही से इसपर कंट्रोल पाना मुश्किल हो चुका है. जांच बढ़ाने, संक्रमण के रोकथाम को लेकर कोशिशें जारी है. इस दौरान उन्होंने बताया कि इबोला के इलाज वाले टेंट को जलाने की घटना भी आई है. जनाबी ने कहा है कि हम दो मोर्चों पर लड़ रहे हैं. ऐसे में महामारी एक्सपर्ट्स ने इस प्रकोप से जुड़े संक्रमित फैसले की पहचान नहीं की है. 

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