Russian Rubal: ईरान और यूएस के बीच पिछले कई महीनों से युद्ध चल रहा है, जिसके चलते अन्य कई देशों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन इसी बीच एक देश ऐसा भी है जिसकी चांदी ही चांदी हो रही है. ये देश है रशिया, जिसकी मुद्रा ईरान और अमेरिका के युद्ध की वजह से तेल बिक्री के कारण नंबर वन करेंसी बन गई है.
रूबल vs डॉलर
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल की शुरुआत से अब तक रूबल करीब 12 प्रतिशत मजबूत होकर 72.6 प्रति डॉलर तक पहुंच गया है. ये फरवरी 2023 के बाद रूबल का सबसे मजबूत स्तर माना जा रहा है. लगातार दूसरे साल रूबल बाजार और सरकारी अनुमानों से उलट मजबूत बना हुआ है. पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि रूस की मुद्रा कमजोर होगी, लेकिन मौजूदा हालात ने तस्वीर बदल दी है.
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सरकार की नीतियों ने दिया सहारा
रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों और सरकार की सख्त मौद्रिक नीति ने भी रूबल को सहारा दिया है. रूस ने यूक्रेन युद्ध के दौरान भारी सरकारी खर्च को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरें ऊंची रखी हैं. इससे विदेशी मुद्रा की मांग कम हुई और रूबल मजबूत हुआ.
रूस के मंत्री बोले…
रूस के अर्थव्यवस्था मंत्री मैक्सिम रेशेट्निकोव (Maxim Reshetnikov) ने हाल ही में कहा था कि मौजूदा आर्थिक मॉडल के कारण आने वाले सालों में भी रूबल मजबूत रह सकता है. वहीं अगर मिडिल ईस्ट में तनाव जारी रहता है और तेल की कीमतें बढ़ सकती है, तो रूबल और मजबूत होकर 65-70 प्रति डॉलर तक पहुंच सकता है.
तो वहीं रूप से वित्त मंत्री एंटोन सिलुनॉय (Anton Siluanov) ने कहा है कि सरकार फिलहाल मजबूत रूबल को लेकर परेशान नहीं है, क्योंकि तेल से होने वाली आय अभी भी बजट जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी है.
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