डील फाइनल के बेहद करीब पहुंचे यूएस-ईरान, असीम मुनीर जल्द जाएंगे तेहरान, ट्रंप ने दिया बड़ा बयान


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ चल रही बातचीत उम्मीद से ज्यादा लंबी खिंच रही है. उन्होंने संकेत दिया कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं तो अमेरिका कड़े विकल्पों पर भी विचार कर सकता है. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि वह क्षेत्र में बड़े युद्ध की बजाय सीमित स्तर पर तनाव या हिंसा को बेहतर मानते हैं. हालांकि ट्रंप ने ये भी कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत आखिरी दौर में है.

आसिम मुनीर जा सकते हैं ईरान

अल अरबिया ने बुधवार को सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देने के प्रयास जारी हैं और इसके पूरा होने की घोषणा अगले कुछ घंटों में की जा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर समझौते के फाइनल फेज की घोषणा करने के लिए गुरुवार (21 मई 2026) को ईरान की जा सकते हैं.

ईरान में असंतोष बढ़ रहा: ट्रंप

उन्होंने कहा, ‘आदर्श रूप से मैं यह देखना चाहूंगा कि बहुत ज्यादा लोगों की बजाय कम लोगों की जान जाए. हम इसे किसी दूसरे तरीके से भी कर सकते हैं, लेकिन मैं कम नुकसान देखना चाहूंगा.’ ट्रंप ने दावा किया कि ईरान में खराब आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण लोगों के बीच गुस्सा बढ़ रहा है. उन्होंने कहा, ‘ईरान में इस समय काफी नाराजगी है क्योंकि लोग बेहद खराब परिस्थितियों में जीवन बिता रहे हैं. वहां असंतोष बढ़ रहा है, जैसा हमने पहले कम देखा था.’

अमेरिका ने 13 लोगों को खोया: ट्रंप

जब उनसे पूछा गया कि क्या बातचीत उम्मीद से ज्यादा लंबी हो रही है तो ट्रंप ने इसकी तुलना अमेरिका की लंबे समय तक चली सैन्य तैनातियों से की. उन्होंने कहा, ‘आप अफगानिस्तान में 10 साल तक रहे. इराक में भी लंबे समय तक रहे. कोरिया में भी सात साल तक तैनाती रही.’ ट्रंप ने यह भी कहा कि हाल के अमेरिकी सैन्य अभियानों में पहले के युद्धों की तुलना में कम अमेरिकी सैनिकों की जान गई है.

उन्होंने कहा, ‘दूसरे युद्धों में लाखों लोग मारे गए थे. यहां हमने 13 लोगों को खोया. हालांकि 13 लोगों की मौत भी बहुत ज्यादा है.’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि अमेरिका ने लंबे सैन्य कब्जे के बिना भी बड़ी रणनीतिक सफलताएं हासिल की हैं. उन्होंने कहा, ‘हमने मूल रूप से ईरान पर नियंत्रण हासिल कर लिया था.’ हालांकि उन्होंने इस दावे के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी.