CBI Chief Salary: देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) एक बार फिर चर्चा में है. मौजूदा CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और अब नए CBI चीफ के नाम की घोषणा कभी भी हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को पीएमओ में हुई बैठक में नए डायरेक्टर के नाम पर सहमति नहीं बन पाई, इसलिए अब बुधवार शाम तक नए नाम का ऐलान होने की संभावना जताई जा रही है. देश में NEET पेपर लीक जैसे बड़े मामलों और लगातार बढ़ती जांच जिम्मेदारियों के बीच CBI की भूमिका और भी अहम हो गई है, इसलिए सभी की नजर नए प्रमुख पर टिकी हुई है. ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर CBI चीफ की सैलरी कितनी होती है और इस बड़े पद पर नियुक्ति कौन करता है?
प्रवीण सूद का कार्यकाल और मौजूदा स्थिति
प्रवीण सूद कर्नाटक कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी हैं. उन्हें तीन साल पहले CBI डायरेक्टर बनाया गया था. उनका दो साल का निर्धारित कार्यकाल पूरा होने के बाद पिछले एक साल से वह एक्सटेंशन पर कार्यरत थे. वही अब उनका विस्तारित कार्यकाल भी समाप्त होने जा रहा है. साथ ही इस बार CBI डायरेक्टर के चयन को लेकर बड़ी प्रक्रिया चल रही है, जिसमें 39 IPS अधिकारियों के नामों की सूची तैयार की गई है. इन्हीं 39 वरिष्ठ अधिकारियों में से किसी एक को नया CBI प्रमुख चुना जाएगा. अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही नए नाम की घोषणा कर दी जाएगी.
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कितनी होती है CBI डायरेक्टर की सैलरी?
CBI डायरेक्टर का पद देश के सबसे बड़े और जिम्मेदारी वाले सरकारी पदों में गिना जाता है. वही रिपोर्ट्स के मुताबिक सीबीआई डायरेक्टर की फिक्स बेसिक सैलेरी 80 हजार रुपये प्रति माह होती है. इसके अलावा बेसिक सैलेरी पर कई तरह के अलाउंस भी मिलते हैं. जिसमें डियरनेस अलाउंस बेसिक सैलेरी का 120 फीसदी होता है. वही स्पेशल इंसेटिव अलाउंस 15 फीसदी मिलता है. इसके अलावा डीए भी जोड़ा जाता है. जिसके बाद सीबीआई डायरेक्टर की सैलेरी 1.60 लाख से 2.20 लाख रुपये प्रति माह तक हो जाती है. वहीं हाईकोर्ट के जज की सैलेरी 2.25 लाख प्रति माह के करीब होती है. साथ ही यह वेतन भारत सरकार के सचिव स्तर के अधिकारी के बराबर माना जाता है. सैलरी के अलावा उन्हें कई सरकारी सुविधाएं भी दी जाती हैं. हालांकि इस पद पर काम करने वाले अधिकारी पर हमेशा बड़े और संवेदनशील मामलों की जिम्मेदारी रहती है, इसलिए यह नौकरी जितनी सम्मान वाली है, उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी मानी जाती है.
कौन करता है CBI चीफ की नियुक्ति?
CBI डायरेक्टर की नियुक्ति कोई एक व्यक्ति नहीं करता, बल्कि इसके लिए एक खास चयन कमिटी बनाई जाती है. इस कमिटी में प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस या उनके द्वारा सिफारिश किया गया कोई जज शामिल होते हैं. यही कमिटी कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नामों पर चर्चा करती है और फिर किसी एक अधिकारी को CBI प्रमुख बनाया जाता है. साल 1977 से पहले तक सरकार अपनी मर्जी से सीबीआई डायरेक्टर को हटा सकती थी. लेकिन विनीत नारायण केस के बाद अब ऐसा संभव नहीं है. सीबीआई डायरेक्टर का कार्यकाल कम से कम दो साल का होता है. ताकि कोई भी डायरेक्टर बिना दबाव के स्वतंत्र रूप से काम कर सके. साथ ही प्रवीण सूद की नियुक्ति भी इसी प्रक्रिया के तहत हुई थी.
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