Gold Import Duty: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश के नागरिकों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी. इसके कुछ ही दिनों बाद भारत सरकार ने सोने और चांदी पर प्रभावी आयात शुल्क (Effective Import Duty) को 6 परसेंट से बढ़ाकर 15 परसेंट कर दिया, जो 13 मई, 2026 की आधी रात से लागू हो चुका है.
सरकार ने मूल सीमा शुल्क (Basic Customs Duty- BCD) को बढ़ाकर 10 परसेंट कर दिया है, जिस पर 5 परसेंट कृषि बुनियादी ढांचा और विकास उपकर (AIDC) लागू है. इससे टोटल टैक्स बढ़कर 15 परसेंट हो गया. इसी तरह से प्लैटिनम और ज्वेलरी फाइंडिंग्स (पिन, हुक) पर भी 10 परसेंट का नया शुल्क लागू होगा.
Import duty on gold and other precious metals has been increased, and the revised rates will come into effect from midnight tonight pic.twitter.com/7iWfOFp6j6
— IANS (@ians_india) May 12, 2026
क्यों बढ़ाया गया आयात शुल्क?
सोने और दूसरी महंगी धातुओं के आयात शुल्क को बढ़ाने का मकसद इनके आयात को काबू में करना, व्यापार घाटे (Trade Deficit) को कम करना और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव को कम करते हुए भारतीय रुपये को मजबूती दिलाना है.
कारोबारी साल 2026 में सोने का आयात रिकॉर्ड 72 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिससे देश के चालू खाता घाटे (CAD) पर असर पड़ा है. ईरान-अमेरिकी में छिड़ी जंग के बीच आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया.
बाजार और निवेशकों पर असर
आयात शुल्क बढ़ने से सोने और चांदी की कीमतों में 2000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक का तत्काल उछाल देखा जा सकता है. पीएम मोदी की अपील और अब इस खबर के बाद Titan, Kalyan Jewellers और Senco Gold जैसी कंपनियों के शेयरों पर बड़ा असर दिख सकता है.
तस्करी का बढ़ सकता है खतरा
आयात शुल्क को 6 परसेंट से बढ़ाकर 15 परसेंट कर देगना तस्करों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन बन सकता है क्योंकि जब ड्यूटी कम थी, तो मार्जिन कम था. अब 15 परसेंट ड्यूटी और 3 परसेंट GST को मिलाकर टैक्स में टोटल 18 परसेंट का अंतर बैठ रहा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि दुबई जैसे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों और भारतीय बाजारों के बीच प्रति किलो सोने पर अब 11 लाख से अधिक का अंतर हो सकता है, जो अवैध नेटवर्क को सक्रिय करने के लिए काफी है.
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