अमेरिकी राष्ट्रपति अपने दो दिवसीय दौरे पर चीन पहुंच गए हैं. लेकिन सबसे अहम और दिलचस्प खबर यह रही कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रिसीव करने उनके समकक्ष शी जिनपिंग नहीं आए. राष्ट्रपति समेत अमेरिकी डेलीगेशन को बीजिंग में उपराष्ट्रपति हान झेंग ने रिसीव किया, साथ ही उनका एयरपोर्ट पर स्वागत किया. हालांकि, इससे पहले ट्रंप जितने भी देश गए हैं, वहां उनका ज्यादातर स्वागत हेड ऑफ स्टेट ने ही किया है. ऐसे में जिनपिंग का न पहुंचाना बताता है कि चीन ने दुनिया को इस वार्ता को लेकर एक कूटनीतिक इशारा कर दिया है. इधर, ट्रंप एयर फोर्स वन विमान से चीन पहुंचे.
चीन की समाचार एजेंसी के मुताबिक, बीजिंग में ट्रंप का स्वागत चीन के उपराष्ट्रपति ने किया. उपराष्ट्रपति झेंग के साथ एयरपोर्ट पर बीजिंग में अमेरिकी राजदूत डेविड पडर्यू, अमेरिका में चीन के राजदूत शी फेंग और चीन के विदेश मामलों के कार्यकारी उपमंत्री मा झाओक्सू मौजूद रहे. स्वागत के लिए चीन ने सफेद और नीली वर्दी पहने 300 युवाओं को तैनात किया था. इस दौरान एक बैंड पार्टी भी ट्रंप के स्वागत के लिए मौजूद रही.
जिनपिंग ने 2009 में अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा का स्वागत किया था
ट्रंप ने साल 2017 के बाद दूसरी बार चीन की यात्रा की है. इससे पहले दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप अबतक यूएई, इजरायल, सऊदी, कतर जैसे देश गए हैं. जहां उनका स्वागत वहां के राष्ट्रीय अध्यक्षों ने ही किया है. लेकिन यह पहला मौका है कि किसी देश में अमेरिकी राष्ट्रपति को रिसीव करने उनका राष्ट्राध्यक्ष नहीं पहुंचा है.
इससे पहले जब 2017 में चीन पहुंचे थे ट्रंप तो उनका स्वागत एक विदेश विभाग के अफसर ने किया था. इस बार ट्रंप को खुश करने के लिए जिनपिंग ने उपराष्ट्रपति को भेजा. 2009 में जिनपिंग को अमेरिकी राष्ट्रपति को स्वागत के लिए देखा गया था. जब वह चीन के उपराष्ट्रपति थे. वह ओबामा को लेने एयरपोर्ट गए थे.
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इन मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद
दोनों देशों के बीच होने वाली वार्ता का केंद्र बिजनेस, टैरिफ, तकनीक, ताइवान, AI, ताइवान, अमेरिकी हथियारों की बिक्री, ईरान और पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति के साथ दुर्लभ खनिजों समेत सप्लाई चैन रहेगा. ट्रंप इस दौरान टेंपल ऑफ हेवन का भी दौरा करेंगे. हालांकि, सभी की निगाहें मिडिल ईस्ट में बने हालात को निपटाने को लेकर रहेंगी. ट्रंप के दौरे से पहले ईरान के विदेश मंत्री चीन की यात्रा कर चुके हैं.
ट्रंप के साथ पहुंचे 17 बड़ी कंपनियों के सीईओ
इनमें एलन मस्क (टेस्ला/स्पेसएक्स/एक्स), टिम कुक (एप्पल), लैरी फिंक (ब्लैकरॉक), स्टीफन श्वार्जमैन (ब्लैकस्टोन), केली ऑर्टबर्ग (बोइंग), ब्रायन साइक्स (कारगिल), जेन फ्रेजर (सिटी), जिम एंडरसन (कोहीरेंट), एच. लॉरेंस कल्प (जीई एयरोस्पेस), डेविड सोलोमन (गोल्डमैन सैक्स), जैकब थायसेन (इलुमिना), माइकल मीबैक (मास्टरकार्ड), दीना पॉवेल मैककॉर्मिक (मेटा), संजय मेहरोत्रा (माइक्रॉन), क्रिस्टियानो अमोन (क्वालकॉम), रयान मैकइनर्नी (वीजा), चक रॉबिन्स (सिस्को) शामिल हैं.
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