डोनाल्ड ट्रंप को सता रहा AI का डर, बोले- इस टेक्नोलॉजी के लिए ‘किल स्विच’ की जरूरत

डोनाल्ड ट्रंप को सता रहा AI का डर, बोले- इस टेक्नोलॉजी के लिए ‘किल स्विच’ की जरूरत


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  • डोनाल्ड ट्रंप ने AI के विकास पर ‘किल स्विच’ की मांग की है।
  • उनका मानना है कि AI मानवता के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकता है।
  • AI बैंकिंग सेक्टर को सुरक्षित बना सकता है, पर खतरे भी हैं।
  • AI के अनियंत्रित विकास पर विशेषज्ञ और योशुआ बेंगियो ने चेतावनी दी है।

Donald Trump Wants AI Kill Switch: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एआई का डर सता रहा है. उनका मानना है कि एआई में लगातार हो रहे विकास को कंट्रोल में रखने के लिए एक ‘किल स्विच’ की जरूरत है. उन्होंने कहा कि यह एनस्योर किया जाए कि लगातार हो रहे विकास से ऐसी स्थिति नहीं आएगी, जहां मानवता के अस्तित्व पर ही खतरा आ जाएगा. ट्रंप ने कहा कि यह टेक्नोलॉजी बैंकिंग जैसे कई सेक्टरों को सिक्योर और एफिशिएंट बना देगी, लेकिन इससे कई खतरे भी जुड़े हुए हैं. आइए जानते हैं कि ट्रंप ने इस टेक्नोलॉजी को लेकर और क्या-क्या बातें कही हैं.

AI को लेकर क्या सोचते हैं ट्रंप?

एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने कहा कि एआई ऐसी टेक्नोलॉजी है, जो बैंकिंग सिस्टम को बेहतर और सुरक्षित बना सकती है. उन्होंने आगे कहा कि इस टेक्नोलॉजी पर सरकारी सुरक्षा नियमों की जरूरत है और एक ‘किल स्विच’ भी होना चाहिए. बता दें कि ट्रंप का यह बयान एक्सपर्ट्स की उन वॉर्निंग के बाद आया है, जिसमें एंथ्रोपिक के नए एआई मॉडल Claude Mythos को लेकर चिंता जताई गई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह मॉडल कॉम्प्लेक्स साइबर अटैक को बढ़ा सकता है, जिससे बैकिंग सेक्टर के सामने बड़ी मुश्किलें आ सकती हैं. एंथ्रोपिक ने अभी तक इन वॉर्निंग को लेकर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन कंपनी ने कहा है कि इस मॉडल का प्रीव्यू सबके लिए अवेलेबल नहीं होगा.

Mythos को लेकर क्या चिंता?

Anthropic का मॉडल इतना पावरफुल है कि कंपनी ने इसे अभी तक पब्लिक के लिए रोलआउट नहीं किया है. एंथ्रोपिक ने अभी लगभग 40 कंपनियों के साथ हाथ मिलाया है, जो इस मॉडल को टेस्ट करेगी. यह मॉडल सॉफ्टवेयर में छिपे बग्स को ढूंढ सकता है. अब OpenAI ने भी इसके मुकाबले में एक नया GPT-5.4-Cyber मॉडल लॉन्च किया है, जो साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल की मदद के लिए लाया गया है. यह प्रोटेक्शन के साथ-साथ एक्सप्लोयटेशन के लिए भी यूज हो सकता है. इस कारण कंपनी ने इसकी एक्सेस को लिमिटेड रखा है. कंपनी के Trusted Access for Cyber (TAC) प्रोग्राम के तहत इस एआई मॉडल को खरीदने वाले यूजर्स की पहले पहचान की जाएगी. 

एआई को लेकर लगातार सामने आ रहीं वॉर्निंग

एआई में तेजी से हो रहे विकास को लेकर वॉर्निंग देने वाली ट्रंप अकेले व्यक्ति नहीं है. एआई के गॉडफादर कहे जाने वाले कनाडा के कंप्यूटर साइंटिस्ट योशुआ बेंगियो भी ऐसी चेतावनी दे चुके हैं. उनका मानना है कि एआई इंसानी कंट्रोल से बाहर होना शुरू हो गई है. अब एआई कंपनियों को अपने मुनाफे से ज्यादा सेफ्टी पर ध्यान देने की जरूरत है.

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