Satuan Sankranti 2026: सूर्य का गोचर जब मेष राशि में होता है तब नए सौर वर्ष (Solar New Year 2026) की शुरुआत होती है और कई राज्यों में इस दिन से नववर्ष की शुरुआत होती है. 14 अप्रैल को सुबह 09 बजकर 38 मिनट पर ग्रहों से राजा सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश कर चुके है.
नए सौर वर्ष में तमिलनाडु, पंजाब, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा जैसे कई राज्यों में नए वर्ष की शुरुआत होती है. इसी तरह बिहार-झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस दिन सतुआन का पर्व मनाया जाता है. आज मंगलवार 14 अप्रैल 2026 को सतुआन का त्योहार मनाया जा रहा है. इसे सतुआनी, सत्तू पर्व या सतुआन संक्रांति जैसे नामों से भी जाना जाता है.
सतुआन पर्व का महत्व
सतुआन पर्व का त्योहार ग्रीष्ण ऋतु के स्वागत करता है. इसलिए इस पर्व में लोग विशेष रूप से सत्तू, कच्चे आम, मूली, खीरा-ककड़ी और गुड़ का सेवन करते हैं. साथ ही सतुआन पर्व पर लोग सत्तू, गुड़, चना, पंखा, जल से भरा घड़ा, आम और मौसमी फलों का दान करते हैं. सतुआन पर्व पर दिया गया यह दान अक्षय पुण्य के समान माना जाता है.
सतुआन का पर्व नई फसल के आगमन का भी प्रतीक है. यह त्योहार सूर्य देव को समर्पित है. सतुआन पर्व पर लोग सूर्य देव को धन्यवाद देते हैं और उनसे अच्छी फसल, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं.
असकतियन के तीन नहान, खिंचड़ी, फगुआ आ सतुआन
भोजपुरी संस्कृति में यह कहावत काफी प्रचलित है. मेष संक्रांति (Mesh Sankranti) या सतुआन के दिन लोग कहते हैं- जब कवनो आदमी ना नहाला, साफ सुथरा ना रहेला त ओकरा बारे में एगो कहावत कहल जाला कि- असकतियन के तीन नहान, खिचड़ी, फगुआ आ सतुआन.
अर्थ है कि, आलसी लोग जोकि नहाने या साफ-सुथरा रहने मे आलस दिखाते हैं, वो भी साल में तीन बार जरूर नहाते हैं. वो तीन दिन हैं- मकर संक्रांति, फगुआ (होली) आ सतुआन और वही सतुआन का दिन आज है. सतुआन पर लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं.
सुपर फूड का सत्तू
बिहार-झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे इलाकों में गर्मी (Summer) की शुरुआत होते ही लोग अपने आहार और पेय में सत्तू को शामिल करते है. चना, जौ और मकई से बने सत्तू को सुपर फूड कहा जाता है. सत्तू में प्रोटीन, फाइबर और अन्य पौषक तत्व होते हैं जो शरीर को ऊर्जा देता है. विज्ञान के अनुसार, सत्तू की तासीर ठंडी होती है. इसलिए गर्मी या लू (Heat Wave) के दिनों में इसका सेवन करने से शरीर आंतरिक रूप से ठंडा रहता है. साथ ही हल्का होने के कारण जल्दी पचता है.
गुड़, मूली और कच्चे आम में भी औषधीय गुण
सतुआन पर्व पर सत्तू के साथ ही गुड़, मूली और कच्चे आम का सेवन करने की भी परपंरा है. इन सभी में औषधीय गुण पाए जाते हैं जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं. गुड़ में आयरन, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व होता है. कच्चे आम में विटामिन सी का अच्छा स्रोत होता है. साथ ही कच्चे आम में विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं. वहीं मूली की बात करें तो यह औषधीय गुणों से भरपूर है और सेहत के लिए फायदेमंद भी है. सतुआन पर्व में इन चीजों के सेवन की परंपरा के कारण ही यह पर्व प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने और ग्रीष्म ऋतु में खुद को मौसम के अनुसार ढालने का संदेश भी देता है.
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