पाक में चल रही थी ईरान-अमेरिका की मीटिंग, उधर UEA क्यों गए विदेश मंत्री जयशंकर?


शनिवार यानी 11 अप्रैल 2026 को जिस समय पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत का दौर चल रहा था, उस समय भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर यूएई में मौजूद थे. आखिर यूएई में भारत के विदेश मंत्री क्या कर रहे थे, यह एक अहम सवाल बना हुआ है. इस पर से खुद विदेश मंत्री ने पर्दा हटा दिया है. उन्होंने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए अपनी दुबई यात्रा को लेकर बातचीत की. आइए जानते हैं, उन्होंने क्या कहा है? 

दुबई की अपनी यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत की. उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें यानी शेख मोहम्मद को पीएम मोदी का संदेश दिया है. इस बेहद ही मुश्किल दौर में यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय की जिस तरह से देखरेख की गई है, उसके लिए हमने अपनी तरफ से प्रशंसा जाहिर की. 

साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय हमारी चिंताओं में सबसे ऊपर था. इसलिए मेरी में भी वही जाहिर है. हमने अपने रिश्तों के दूसरे पहलुओं पर भी चर्चा. इस इलाके में काफी जबरदस्त टकराव रहा है. जाहिए है कि इस क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा के बड़े हित है.

यहां भारतीय समुदाय की राय साझा करने का मौका मिला: एस जयशंकर

जयशंकर ने कहा कि मुझे यहां आने सीधे बैठकर बातचीत करने और अपने हितों को जाहिर करने और साथ ही भारतीय समुदाय की राय साझा करने का मौका मिला. इससे काफी खुशी हुई. हमने सरकार को बताया कि भारती समुदाय इस बात की सराहना करता है. उनकी देखभाल बेहतरीन तरीके से कई गई है. 

बेनतीजा रही अमेरिका और ईरान की बातचीत
विदेश मंत्री एस जयशंकर का दुबई दौरा ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में चल रही बातचीत बेनतीजा रही है. जिस समय दोनों देश पाक मध्यस्थता के सहारे बातचीत करने बैठे थे, उस समय भारत के विदेश मंत्री दुबई में थे. 

अमेरिका और ईरान में 21 घंटे बातचीत चली. फिलहाल कोई समझौता नहीं हो सका. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि बातचीत में कोई प्रगति नहीं हुई है. यह कंडिशन अच्छी नहीं है. ईरान के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक है. 

वेंस ने कहा कि अमेरिका ने ईमानदारी से बातचीत की. लचीलापन भी दिखाया. ईरान से यह भरोसा नहीं मिला कि वह भविष्य में परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. यह अमेरिका की सबसे बड़ी शर्त थी. 

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