- पाकिस्तान ने ईरान के रास्ते नया ट्रांजिट कॉरिडोर खोला।
- पहली खेप कराची से फ्रोजन बीफ उज्बेकिस्तान भेजी।
- यह ईरान के गבד-रिमदान बॉर्डर से होकर गुजरेगी।
- अफगानिस्तान मार्ग की बाधाओं के कारण ईरान को प्राथमिकता।
- यह कॉरिडोर कराची-ग्वादर को मध्य एशिया से जोड़ेगा।
पाकिस्तान ने पाकिस्तान-ईरान ट्रांजिट कॉरिडोर के जरिए औपचारिक रूप से व्यापार की शुरुआत कर दी है. पाकिस्तान के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रांजिट ट्रेड ने इस हफ्ते घोषणा की कि उसने ईरान के माध्यम से एक नए ट्रांजिट कॉरिडोर को शुरू किया है और इस नए रास्ते के जरिए पाकिस्तान ने उज्बेकिस्तान के लिए शिपमेंट की पहली खेप भेजी है.
डायरेक्टरेट जनरल ने शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को जारी किए गए एक आधिकारिक बयान में कहा कि शिपमेंट की पहली खेप में फ्रोजन बीफ भरा था, जिसे कराची से ट्रकों के जरिए उज्बेकिस्तान भेजा गया. यह नया रास्ता पाकिस्तान और ईरान के बीच स्थित गब्द-रिमदान बॉर्डर क्रॉसिंग से होकर गुजरता है. बताया गया कि यह शिपमेंट ईरान के रिमदान से ताशकंद तक जाएगी.
अफगानिस्तान के रास्ते पर बार-बार पड़ती है अड़चन
पाकिस्तान ने सेंट्रल एशिया तक एक्सपोर्ट करने के लिए ईरान को एक वैकल्पिक ट्रेड कॉरिडोर के रूप में देखा है, क्योंकि अफगानिस्तान के रास्ते पारंपरिक जमीनी रास्ते बार-बार बाधित होते रहे हैं. हाल के महीनों में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ भयानक सीमा झड़पों के चलते कई महत्वपूर्ण बॉर्डर क्रॉसिंग बंद कर दिए हैं, जिससे द्विपक्षीय व्यापार प्रभावित हुआ है और लैंडलॉक्ड सेंट्रल एशियाई देशों तक पहुंच सीमित हो गई है.
बयान में कहा गया, ‘ईरान कॉरिडोर पाकिस्तान के कराची और ग्वादर बंदरगाहों को ईरान और मध्य एशियाई देशों से जोड़ने में मदद करेगा.’ इसमें यह भी कहा गया कि पाकिस्तान कस्टम्स और कॉमर्स मंत्रालय मिलकर पाकिस्तानी बंदरगाहों के जरिए अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट को बढ़ावा देने पर काम कर रहे हैं. इसमें यह भी कहा गया, ‘हाल ही में पाकिस्तान कस्टम्स ने ऑफ-डॉक टर्मिनल पर अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट कार्गो के लिए स्टोरेज सुविधा की अनुमति दी है, जिससे बंदरगाहों की मौजूदा हैंडलिंग क्षमता बढ़ेगी.’
कराची-ग्वादर बंदरगाहों पर गतिविधियां बढ़ाने मदद करेगा कॉरिडोर
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रांजिट ट्रेड ने आगे कहा, ‘तफ्तान, रिमदान, सोस्त और ग्वादर जैसे बॉर्डर कस्टम्स क्रॉसिंग पॉइंट्स को इंटरनेशनल रोड ट्रांसपोर्ट यूनियन (IRU), जिनेवा की ओर से सक्षम बनाया गया है, ताकि पाकिस्तान से अंतरराष्ट्रीय सड़क ट्रांजिट कंसाइनमेंट की आवाजाही हो सके. ये कदम कराची और ग्वादर बंदरगाहों पर गतिविधियों को बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय व्यापार को आसान बनाने और ट्रांसशिपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में मदद करेंगे. अंतरराष्ट्रीय ट्रेड की बढ़ती मात्रा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी से पाकिस्तान और क्षेत्रीय देशों को आर्थिक लाभ होगा.’
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