जिस दिन मध्यस्थता को लेकर चल रही शांति वार्ता विफल हुई, उसी दिन ईरान ने एक फुटेज जारी किया है. इससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है. इस फुटेज को एक दिन पहले का ही बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर इस तरह के कई पोस्ट भी वायरल है. इसमें ईरान की नौसेना अमेरिका युद्धपोत को हॉर्मुज से दूर रहने की चेतावनी दे रही है. साथ ही अमेरिका को पीछे हटने के लिए मजबूर कर रही है.
ईरान के कई दूतावास ने इस फुटेज को जारी किया है. इस फुटेज पर अमेरिका ने पुष्टी नहीं की. इससे इतर दावा किया कि उसके दो युद्धपोतों ने हॉर्मुज में बारूदी सुरंगे हटाने का ऑपरेशन चलाया.
बकायदा डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी नौसेना किसी भी जहाज को इस रास्ते में प्रवेश करने या बाहर निकलने की अनुमति नहीं देगी. ट्रंप का बयान ऐसे वक्त आया है, जब ईरान कथित तौर पर इस रास्ते से निकलने वाले जहाज पर 2 मिलियन डॉलर चुकाने के बाद चुनिंदा जहाज को अनुमति देने की योजना बना रहा है.
WATCH: Iran has released footage of yesterday’s IRGC Navy confrontation with US destroyers in the Strait of Hormuz, ordering the US ships to “alter course and go back to the Indian Ocean immediately” or be “targeted,” and issuing a “last warning” before threatening to open fire.… pic.twitter.com/Ghs8hVb7hV
— The Hormuz Letter (@HormuzLetter) April 12, 2026
ईरान ने चेतावनी भरा 60 सेकंड का वीडियो जारी किया
ईरानी मीडिया ने इस वीडियो का 60 सेकंड का हिस्सा जारी किया है. इसमें IRGC का एक कमांडर यह कह रहा है कि अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत 121 यह सेपाह नौसेना स्टेशन है. आपको अपना रास्ता बदलना होगा. तुरंत हिंद महासागर में लौटना होगा. अगर इस चेतावनी का पालन नहीं किया जाता है, तो हमला कर निशाना बनाया जाएगा.
इसके बाद दूसरी तरफ से आवाज आती है कि यह गठबंधन का युद्धपोत 121 है. हम इंटरनेशनल कानून के तहत इस मार्ग से गुजर रहे हैं. हमारी ओर से आपको कोई चेतावनी नहीं है. इस पर ईरान की तरफ से कहा जाता है कि यह अंतिम चेतावनी है. अंतिम चेतावनी. अंतिम चेतावनी शब्द को दोहराता है.
इसके बाद कहा जाता है कि ओमान सागर में मौजूद सभी जहाजों का ध्यान आकर्षित करता हूं. यह ईरान का सेपाह नौसेना है. अगर आसपास कोई युद्धपोत देखते हैं, तो इससे 10 किलोमीटर की दूरी बनाए रखें. किसी भी चेतावनी के बिना उनपर गोली चलाने के लिए तैयार हूं.
रणनीतिक तरीके से कंट्रोल करने की कोशिश में अमेरिका
इधर अमेरिका की तरफ से ट्रंप ने रणनीतिक तरीके से हॉर्मुज पर कंट्रोल करने की कोशिश की है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि बैठक अच्छी रही. अधिकतर पॉइंट पर सहमति बन गई है. लेकिन वास्तव में जिसपर परमाणु मुद्दे पर सहमति बनना थी, उस पर सहमति नहीं बन पाई है.
उन्होंने कहा है कि अभी दुनिया की सबसे बेहतरीन नौसेना US नेवी इस मार्ग पर किसी भी जहाज को आवागमन की अनुमति नहीं देगी. ट्रंप ने ईरान की तरफ से इस रास्ते पर लगाए प्रतिबंध को गैर जरूरी वसूली करार दिया है. जो कोई भी ईरान को इस रास्ते पर गुजरने का टोल देगा, उसे खुले समुद्र में अनुमति नहीं होगी. साथ ही कहा है कि अमेरिका सही समय पर ईरान को खत्म करने के लिए तैयार है. ईरान ने इस मार्ग को प्रभावी रूप से इस बंद कर रखा है.
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