Tax on Diesel and ATF: ईरान वॉर और होर्मुज संकट के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है. सरकार ने आज डीजल और एविएशन टर्बाइन फ़्यूल यानी ATF के एक्सपोर्ट पर विंडफ़ॉल टैक्स बढ़ा दिया है. इस बात की जानकारी मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस ने दी है. सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि घरेलू सप्लाई को मैनेज किया जा सके और रिफ़ाइनरों के विंडफ़ॉल मुनाफ़े पर रोक लगाई जा सके.
सरकार के इस फैसले से देश की जनता को फायदा मिलेगा, क्योंकि घरेलू सप्लाई में और ज्यादा तेजी आएगी. साथ ही डीजल के दाम बढ़ने की आशंका भी कम होगी.
आज जारी एक नोटिफ़िकेशन के ज़रिए, केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी को पहले के ₹21.5 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹55.5 प्रति लीटर कर दिया है, जो कि पहले से दोगुने से भी ज़्यादा है. इसके अलावा एटीएफ पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को ₹29.5 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹42 प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी अभी भी शून्य बनी हुई है.
सरकार ने 2024 में खत्म कर दिया था ये टैक्स
पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच सरकार ने विंडफॉल टैक्स यानी ईंधन के निर्यात पर ‘विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क’ को फिर से लागू कर दिया है. इस टैक्स को दिसंबर 2024 में खत्म कर दिया गया था. लेकिन अब रिफाइनरियों को हो रहे भारी मुनाफ़े और देश के भीतर ईंधन की उपलब्धता को लेकर पैदा हुई चिंताओं के चलते सरकार ने इसे फिर से लागू कर दिया है.
सरकार ने पिछले महीने घटाई थी एक्साइज ड्यूटी
बता दें कि पिछले महीने केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को भी कम कर दिया था. 26 मार्च को वित्त मंत्रालय ने पेट्रोल पर एक्साइज़ ड्यूटी 13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर कर दी, जबकि डीज़ल पर ड्यूटी ₹10 प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दी थी.
ऐसा इसलिए किया गया था ताकि तेल मार्केटिंग कंपनियों को ईरान युद्ध की वजह से दुनिया भर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के असर से बचाया जा सके. ईरान अमेरिका वॉर के बाद दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें $119 प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, लेकिन अब ये कम होकर लगभग $98 प्रति बैरल पर आ गई हैं.
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