लेबनान के प्रधानमंत्री नहीं जाएंगे अमेरिका, इजरायली हमलों के बीच रद्द की यात्रा


Middle East Conflict: लेबनान के प्रधानमंत्री ने अगले हफ्ते होने वाली अमेरिका और इजरायल के साथ वार्ता के लिए अमेरिकी यात्रा को रद्द कर दिया है. लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने जानकारी दी है कि वह अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र की अपनी आगामी यात्रा को टाल रहे हैं. इसके पीछे वजह है कि उन्हें बेरूत में रहने की सख्त जरूरत है. 

सलाम ने एक अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि देश के अंदरूनी हालात को देखते हुए, मैंने संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका की अपनी यात्रा को टालने का फैसला किया है. ताकि मैं बेरूत में सरकार के कामकाज की देखरेख कर सकूं. 

लेबनान सरकार के सूत्र ने क्या बताया? 

इधर, लेबनान सरकार के एक सूत्र ने शुक्रवार को सीएनएन को बताया कि सलाम के  आने वाले दिनों में अमेरिका जाने की उम्मीद थी, क्योंकि इजरायल ने लेबनान के साथ सीधी बातचीत के लिए अपनी रजामंदी के संकेत दिए थे. वहीं, ईरान और अमेरिका के बीच हुए नाजुक सीजफायर के बाद से लेबनान पर लगातार प्रेशर बना हुआ है. इजरायल लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है.

इजरायल हमलों में लेबनान में अबतक कितने लोगों की मौत

वहीं, अलजजीरा के मुताबिक, इजरायल की तरफ से लेबनान में जारी भीषण हमले में अबतक 300 लोगों की मौत हो चुकी है. करीबन 1 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. इजराइल ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाते हुए अपने हमलों को तेज कर दिया है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 200 से ज्यादा लोगों की जान गई है. 10 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो गए हैं. 

जानें हिजबुल्लाह से जुड़े फैक्ट्स
हिजबुल्लाह लेबनान का एक शक्तिशाली शिया आतंकवादी, राजनीतिक और अर्धसैनिक संगठन है. इसे 1982 में इजरायल के खिलाफ लड़ने के लिए बनाया गया था. इसको ईरान का समर्थन हासिल है. हिजबुल्लाह का मतलब ईश्वर की पार्टी है. यह एक रूलिंग स्टेट के तौर पर काम करता है. इसके पास लेबनान की सेना से भी अधिक हथियार हैं. करीबन डेढ़ लाख रॉकेट का स्टॉक हिजबुल्लाह के पास है. 

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