हंगरी से रवाना होने से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ हुए सीजफायर को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि ईरान कुछ अहम मुद्दों पर अमेरिका से सहमत नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह भी है कि कई बिंदुओं पर दोनों पक्षों में सहमति बन चुकी है.
तीन मुद्दों पर अटका मामला
वेंस के मुताबिक, ईरान तीन खास बिंदुओं पर सहमत नहीं है. उन्होंने कहा कि इन मतभेदों का मतलब यह नहीं है कि बातचीत विफल है, बल्कि यह दिखाता है कि बाकी कई मुद्दों पर समझौता हो चुका है.
सीजफायर हमेशा जटिल होते हैं
वेंस ने कहा कि सीजफायर समझौते अक्सर जटिल और उलझे हुए होते हैं. इनमें थोड़ी बहुत भ्रम की स्थिति होना सामान्य बात है, खासकर जब कई देश और हित जुड़े हों.
ईरानी स्पीकर पर उठाए सवाल
वेंस ने ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बाघेर कलीबाफ के बयान पर भी सवाल उठाए. उन्होंने उनकी अंग्रेजी समझ पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ बातें बातचीत के संदर्भ में समझ से बाहर थीं.
लेबनान को लेकर गलतफहमी
वेंस ने साफ किया कि ईरान को लगा था कि सीजफायर में लेबनान भी शामिल है, जबकि अमेरिका ने ऐसा कोई समझौता नहीं किया. उनके अनुसार, यह समझौता सिर्फ ईरान, इजरायल और खाड़ी देशों जैसे अमेरिकी सहयोगियों तक सीमित है.
इजरायल ने दिखाई संयम की इच्छा
वेंस ने बताया कि इजरायल ने लेबनान में थोड़ी नरमी बरतने का संकेत दिया है, ताकि सीजफायर और बातचीत सफल हो सके.
ईरान पर प्रोपेगेंडा का आरोप
वेंस ने ईरान पर प्रोपेगेंडा फैलाने का भी आरोप लगाया और कहा कि कुछ बयान वास्तविक बातचीत से मेल नहीं खाते, जिससे भ्रम की स्थिति बन रही है.



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