वैभव सूर्यवंशी का तूफान, 58 गेंदों में शतक, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में फिर मचाया कोहराम

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Vaibhav Suryavanshi: सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में बिहार के उप-कप्तान वैभव सूर्यवंशी का बल्ला आखिरकार पूरा गरजा. वैभव पर शुरुआती तीन मैचों में रन न आने से दबाव बढ़ रहा था. महाराष्ट्र के खिलाफ चौथे मुकाबले में इस युवा बल्लेबाज ने ऐसा धमाका किया कि सभी हैरान रह गए. सूर्यवंशी ने जितने चौके लगाए, उतने ही छक्के लगाकर ऐसा हाहाकार मचाया, जिसने विरोधी गेंदबाजों का पूरा प्लान ध्वस्त कर दिया.

वैभव सूर्यवंशी का तूफान

बिहार ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट पर 176 रन बनाए, जिनमें से अकेले 108 रन वैभव सूर्यवंशी ने ठोक डाले. खास बात यह रही कि उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत भले शांत तरीके से की हो, लेकिन जैसे-जैसे इनिंग आगे बढ़ी, उनका बल्ला तेजी से आग उगलने लगा.

वैभव ने 61 गेंदों पर नाबाद 108 रनों की शानदार पारी खेली. उनकी पारी में 7 चौके और 7 छक्के शामिल रहे. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 177 से ज्यादा का रहा. उन्होंने एक गगनचुंबी छक्के के साथ अपना शतक पूरा किया. यह पारी उनके आत्मविश्वास का बयान भी थी और उनके हुनर का साफ सबूत भी.

ओपनिंग में नहीं मिला साथ

बिहार की शुरुआत काफी डगमगाने वाली रही. पहले ओवर में ही ओपनिंग पार्टनर बिपिन सौरभ सस्ते में आउट हो गए. दूसरे विकेट पर भी साझेदारी लंबी नहीं चली. इसके बाद भी वैभव ने एक छोर को मजबूती से संभाले रखा. तीसरे विकेट पर आकाश राज के साथ उन्होंने तेज 50 से ज्यादा रनों की पार्टनरशिप की और टीम को मुश्किल से बाहर निकाला.

आकाश राज के आउट होने के बाद वैभव बिल्कुल अलग मोड में आ गए. गेंद को देखने के बाद ही मारने की क्लासिक स्टाइल में उन्होंने पहले हाफ सेंचुरी पूरी की, फिर आखिरी ओवरों में रफ्तार बढ़ाते हुए शतक तक पहुंच गए. 

पिछले 3 मैचों के बाद की शानदार वापसी

टूर्नामेंट के पहले तीन मुकाबलों में वैभव सूर्यवंशी कुल मिलाकर केवल 32 रन ही बना सके थे. उनकी आलोचना भी हो रही थी, दबाव भी था, लेकिन उन्होंने मैदान में अपने खेल से सभी सवालों का जवाब दे दिया. महाराष्ट्र के खिलाफ जमाया गया यह शतक सिर्फ मैच बदलने वाला नहीं था, बल्कि उनके सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के करियर का पहला शतक भी रहा.  

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बिकने वाला है अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बचपन का आशियाना, 1940 पिता फ्रेड ने बनवाया था

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दुनिया में सबसे चर्चा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुराने घर को लेकर हो रही है. कभी अपने बचपन के जीवन के अहम दिन गुजार चुके ट्रंप का पुराना घर बिकने वाला है. इस घर की कीमत करीबन 23 लाख डॉलर तक आंकी गई है, जिसके बाद से ट्रंप का यह पुराना घर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. 

‘घर को 1940 में पिता फ्रेड ट्रंप ने बनाया था’
जमैका एस्टेट्स के पॉश इलाके में बना ट्रंप के इस घर को उनके पिता फ्रेड ट्रंप ने बनवाया था. 1940 में बना यह घर, ट्यूडर शैली में निर्मित है. ट्रंप के लिए यह बचपन का आशियाना है, जो उनके राजनीतिक करियर और भावनात्मक रिश्ते को दर्शाता है. समय के साथ इस घर में काफी तब्दीली आ चुकी है. 

कभी पूरी तरह से बेकार हो चुके इस घर में आसपास के पालतू जानवरों ने अपने रहने की जगह बना ली थी. कई दफा इसे किराए के लिए भी रखा, लेकिन कोई रहने नहीं आया. एक इंटरव्यू में खुद ट्रंप ने अपने इस प्यारे आशियाने की खराब हालत पर दुख जताते हुए कहा था कि उनका बचपन यहीं अच्छा बीता था. 

5 बेडरूम का घर है
घर की खासियत देखें तो इसमें 5 बेडरूम, तीन बड़े और दो छोटे बाथरूम है. इसके अलावा बेसमेंट में गैरेज भी है, जिसमें दो कार एक साथ खड़ी हो सकती है. महंगे इक्यूपमेंट के साथ महंगी लकड़ी का फर्श भी है. 

क्यों बढ़ी इसकी कीमतें?
जर्जर हो चुके इस मकान की कीमत अचानक इतनी क्यों बढ़ गई, इसके पीछे वजह रियल एस्टेट डेवलपर टॉमी लिन है. उन्होंने 8 लाख 35 हजार डॉलर में इस जगह को खरीदा और फिर उसे रिनोवेट करके पूरा तरह से बदल दिया. इस घर में बदलाव में करीबन 5 लाख डॉलर का खर्च आया है. इसे पुननिर्माण करके तैयार किया गया है. पॉश इलाके और डोनाल्ड ट्रंप का घर होने की वजह से भी इस घर की ब्रांड वैल्यू बढ़ी है. 

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दिल्ली MCD के वार्ड मेंबर को कितनी मिलती है सैलरी? जानें क्या होता है काम

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दिल्ली में 12 वार्डों के उपचुनाव के लिए रविवार को वोटिंग हुई थी. मतदान शांतिपूर्ण रहा और कहीं भी किसी प्रकार की अव्यवस्था या मशीनों में तकनीकी खराबी की कोई खबर नहीं मिली. सुबह 7:30 बजे शुरू हुई वोटिंग शाम 5:30 बजे खत्म हुई, जिसके बाद अब 26 महिलाओं समेत कुल 51 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद हो चुका है. नतीजे 3 दिसंबर को आने वाले हैं, जिन पर पूरे दिल्ली की नजर टिकी हुई है.

उपचुनाव की चर्चा के साथ-साथ दिल्ली में वार्ड मेंबर यानी एमसीडी पार्षद की सैलरी और सुविधाएं भी चर्चा में हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली नगर निगम के एक पार्षद को करीब 4.9 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिलता है, यानी हर महीने लगभग 41,000 रुपये की सैलरी. इसके अलावा पार्षदों को कई भत्ते भी दिए जाते हैं, जिसमें मीटिंग अलाउंस, ट्रैवल से जुड़ी सुविधाएं और ऑफिस संबंधी खर्च शामिल हैं.

कितना मिलता है फंड?

सबसे दिलचस्प बात यह है कि हर पार्षद को अपने वार्ड के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये तक का फंड मिलता है. यह फंड सड़कों की मरम्मत, नालियों की सफाई, पार्कों के रखरखाव और अन्य स्थानीय कामों में खर्च किया जाता है. हालांकि, कई बार पार्षद यह फंड समय पर इस्तेमाल नहीं कर पाते क्योंकि फंड तभी जारी होता है जब वे किसी प्रोजेक्ट की शुरुआत करते हैं.

ये हैं नियम?

अब बात करते हैं पार्षद बनने के नियमों की. किसी भी उम्मीदवार का अपने वार्ड की वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी है. उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए और शिक्षा न्यूनतम 10वीं पास. इसके साथ ही वह दिल्ली का मान्य मतदाता होना चाहिए. एमसीडी पार्षद का काम काफी जिम्मेदारी वाला होता है. उन्हें सफाई व्यवस्था से लेकर सड़क, नाली, पार्क और सार्वजनिक संपत्तियों की देखरेख तक हर छोटे-बड़े मुद्दे पर नजर रखनी होती है.

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Fridge Vastu Tips: फ्रिज के ऊपर न रखें ये चीजें, होगा भयंकर वास्तु दोष, रुक जाएगी बरकत

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Fridge Vastu Tips: घर की ऊर्जा को सकारात्मक और संतुलित बनाए रखने के लिए वास्तु शास्त्र के नियमों और सिद्धांतों का पालन करना जरूरी होता है. वास्तु शास्त्र का संबंध केवल भूमि-भवन के निर्माण तक ही सीमित नहीं होता, बल्कि घर के प्रत्येक वस्तु के रख-रखाव व दिशा के लिए भी वास्तु शास्त्र की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.

सभी के घरों में कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक अप्लायसेंस (electronic appliances) होते हैं, जिसमें फ्रिज (Refrigerator) भी एक है, जोकि मॉर्डन समय में हर घर की जरूरत बन गया है. वास्तु शास्त्र में फ्रिज को लेकर भी कुछ नियम बताए गए हैं.

फ्रिज का उपयोग आमतौर पर फल-सब्जियों या खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक ताजा और सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है. लेकिन कई लोग फ्रिज के ऊपर भी कई तरह की चीजें रखते हैं, जिसे वास्तु शास्त्र में बहुत ही गलत बताया गया है. फ्रिज के ऊपर रखी गई कुछ चीजों से नकारात्मकता तेजी से बढ़ती है जोकि वास्तु दोष का कारण बन सकती है. इसलिए ये जान लीजिए कि फ्रिज के ऊपर किन चीजों को रखने से हमें बचना चाहिए.

फ्रिज के ऊपर न रखें ये सामान (These things not kept over Fridge)

जल तत्व वाली चीजें- वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार फ्रिज अग्नि तत्व का प्रतीक है. ऐसे में इसके ऊपर जल तत्व से जुड़ी चीजें रखना आर्थिक नुकसान, कलह-क्लेश, पारिवारिक तनाव आदि का कारण बन सकती है. इसलिए फ्रिज के ऊपर फिश एक्वेरियम, पानी में रखे जाने प्लांट्स जैसे मनी प्लांट आदि को रखने से बचें.

दवाइयां- वास्तु के अनुसार फ्रिज के ऊपरी सतह पर दवाइयां नहीं रखनी चाहिए. इससे सेहत संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं. साथ ही ऐसी कई दवाएं भी होती हैं, जिन्हें गर्म वातावरण में रखने से बचना चाहिए. फ्रिज की ऊपरी सतह गर्म होती है, जिससे कि दवाइयां खराब हो सकती है. इसलिए आप फ्रिज के ऊपर दवा आदि न रखें. कुछ दवाइयों को कम तापमान पर रखने की सलाह दी जाती है. ऐसे में आप इन्हें फ्रिज के भीतर रख सकते है.

कबाड़ के सामान- कई घरों में छोटी-बड़ी बेकार चीजों को लोग सीधे फ्रिज के ऊपर रख देते हैं. लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे बहुत ही गलत तरीका माना जाता है. पुराने, खराब या बेकार पड़े सामान को फ्रिज के ऊपर रखने से नकारात्मक ऊर्जा तेजी से बढ़ती है और घर की सुख-समृद्धि में बाधा उत्पन्न हो सकती है.

इसके साथ ही फ्रिज के ऊपर भगवान की मूर्ति या तस्वीर, बांस का पौधा, रुपये-पैसे, भारी सामान, ओवन, मोबाइल चार्जर, अनाज के डिब्बे, ट्रॉफी, अवार्ड्स जैसी चीजों को भी नहीं रखना चाहिए. घर पर शांति और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए आप फ्रिज के ऊपर सजावट के लिए हल्के सामान का ही इस्तेमाल करें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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भारतीय मूल के Amar Subramanya को ऐप्पल में बड़ी जिम्मेदारी, संभालेंगे यह पद

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ऐप्पल में मशीन लर्निंग और एआई स्ट्रैटजी के सीनियस वाइस प्रेसिडेंट John Giannandrea ने अपना पद छोड़ दिया है. वो अगले साल रिटायर हो रहे हैं और तब तक एडवाइजर की भूमिका में रहेंगे. ऐप्पल ने उनकी जगह Amar Subramanya को नियुक्त किया है, जो कंपनी में एआई स्ट्रैटजी से जुड़ा कामकाज देखेंगे. भारतीय मूल के अमर पहले माइक्रोसॉफ्ट और गूगल डीपमाइंड में काम कर चुके हैं. बता दें कि 2024 में ऐप्पल इंटेलीजेंस डिवीजन की शुरुआत के बाद लीडरशिप लेवल पर यह पहला बड़ा चेंज है. 

एआई में पिछड़ रही है ऐप्पल

ऐप्पल लीडरशिप में यह बदलाव ऐसे समय पर हुआ है, जब कंपनी एआई एडवांसमेंट को लेकर बाकी कंपनियों से काफी पीछे है. कंपनी न तो अपने डिवाइस में बड़े एआई फीचर दे पाई है और वह सिरी को भी एआई से लैस करने में संघर्ष कर रही है. अब अमर पर यह बड़ी जिम्मेदारी आई है. अपने पद पर रहते हुए अमर ऐप्पल के सॉफ्टवेयर चीफ Craig Federighi को रिपोर्ट करेंगे. Craig भी ऐप्पल में एआई को लेकर अहम भूमिका निभा रहे हैं. ऐप्पल में फाउंडेशन मॉडल, एआई रिसर्च और सेफ्टी पर काम कर रही टीमें अब अमर को रिपोर्ट करेंगी.

कौन हैं Amar Subramanya?

एआई एक्सपर्ट अमर माइक्रोसॉफ्ट से ऐप्पल में आ रहे हैं. माइक्रोसॉफ्ट में वो एआई के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट की भूमिका निभा रहे थे. इससे पहले उन्होंने 16 साल तक गूगल में काम किया था. गूगल में वो जेमिनी असिस्टेंट की इंजीनियरिंग के हेड थे. उनकी नियुक्ति को लेकर ऐप्पल का कहना है कि एआई और मशीन लर्निंग और रिसर्च को प्रोडक्ट और फीचर में इंटीग्रेट करने की उनकी एक्सपर्टीज ऐप्पल के इनोवेशन और ऐप्पल इंटेलीजेंस के आने वाले फीचर्स में अहम भूमिका निभाएगी. कंपनी ने कहा कि अमर की एक्सपर्टीज से एआई टेक्नोलॉजी की नेक्स्ट जनरेशन को गाइडेंस मिलेगी.

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Ravelcare Ltd IPO Full Analysis | Price Band, Financials, GMP, Allotment & Should You Invest?|

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Ravelcare Ltd. अपना IPO लेकर बाजार में आ रही है, जिसका Issue Size 24.10 करोड़ रुपये है. यह IPO 1 दिसंबर 2025 से 3 दिसंबर 2025 तक निवेश के लिए खुला रहेगा. Price Band 123 से 130 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है और एक लॉट में 1,000 शेयर शामिल हैं. रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम निवेश 2,60,000 रुपये और HNI या bNII इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम निवेश 3,90,000 रुपये है. इस इश्यू का Book Running Lead Manager Marwadi Chandarana Intermediaries Brokers Pvt. Ltd. है, Registrar Kfin Technologies Ltd. है और Market Maker SS Corporate Securities Ltd. होगा. मामले में QIB के लिए 47.25 प्रतिशत, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.44 प्रतिशत, NII के लिए 14.24 प्रतिशत और मार्केट मेकर्स के लिए 5.07 प्रतिशत शेयर रिज़र्व हैं. कंपनी ने लिस्टिंग से पहले 6.83 करोड़ रुपये anchor investors से जुटाए हैं. 2018 में शुरू हुई Ravelcare एक digital-first beauty and personal care brand है जो haircare, skincare, bodycare और scalp care में personalized products प्रदान करती है. कंपनी अपनी वेबसाइट और विभिन्न quick-commerce platforms पर operate करती है. वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो Ravelcare की आय 31 मार्च 2023 को 3.49 करोड़ रुपये थी, जो 31 मार्च 2024 को बढ़कर 22.28 करोड़ रुपये हो गई और 31 मार्च 2025 को 25.30 करोड़ रुपये पर रही. लाभ के स्तर पर भी कंपनी ने मजबूत सुधार दिखाया है. उसका Profit After Tax 31 मार्च 2023 को 0.41 करोड़ रुपये था, जो 2024 में 5.02 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और 2025 में 5.26 करोड़ रुपये रहा. मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच कंपनी का राजस्व लगभग 14 प्रतिशत बढ़ा है और PAT में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. GMP फिलहाल 16 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है और कंपनी की लिस्टिंग 8 दिसंबर 2025, बुधवार को निर्धारित है. यह वीडियो Ravelcare के बिजनेस मॉडल, फाइनेंशियल्स, IPO संरचना, ग्रोथ क्षमता और निवेश जोखिमों पर विस्तृत विश्लेषण पेश करता है, ताकि आप तय कर सकें कि यह IPO आपके पोर्टफोलियो में जगह बनाना चाहिए या नहीं.

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’30 घंटे झेला लेबर पेन’, पत्नी को देख बेहाल हो गए थे विक्रांत मैसी, बोले- ‘मर्द सोच भी नहीं सकत

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विक्रांत मैसी छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक उन्होंने अपने अभिनय का जलवा बिखेरा है. एक्टर बीते साल 2024 में अपनी पत्नी संग शीतल ठाकुर अपने बेटे वरदान का स्वागत किया. अब बेटे के जन्म के इतने दिनों बाद विक्रांत ने उस वक्त को याद किया जब उनकी वाइफ अपने बच्चे को जन्म देने वाली थीं. ये पल उनकी जिंदगी का सबसे खास पल था, लेकिन वो दर्द में तड़प रही अपनी पत्नी को देख अंदर से डर गए थे.  

रणवीर इलाहाबादिया को दिए एक इंटरव्यू में विक्रांत मैसी ने अपने पिता बनने के सफर के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने ये भी कहा कि एक पिता के मुकाबले मां का योगदान ज्यादा अहम होता है. उन्होंने याद किया कि कैसे उनकी वाइफ 30 घंटे तक लेबर पेन से तड़पती रही.  

हमेशा परिवार बनाना चाहते थे विक्रांत 
आगे अपनी पत्नी के के बारे में बात करते हुए विक्रांत ने कहा- टशादी एक लगातार चलने वाला काम है, जिसमें हर मुमकिन तरीके से एनर्जी डाली जाती है.ट उन्होंने बताया कि पहले वो लंबे रिश्ते में बंधने से झिझकते थे, लेकिन वो हमेशा एक परिवार बनाना चाहते थे.


30 घंटे तक लेबर पेन में रही वाइफ
आगे विक्रांत ने खुलासा किया कि बेटे के जन्म देते वक्त उनकी वाइफ शीतल 30 घंटे तक लेबर पेन में रहीं. वो तड़प रही थी लेकिन वो कुछ नहीं कर सकते थे.  विक्रांत ने कहा- ‘प्रेग्नेंसी के नौ महीनों के दौरान शीतल को देखना एक अलग ही एक्सपीरियंस था. जबकि मैं उसे दस साल से जानता हूं. उस नन्ही बच्ची को देखना, उसका पेट दिन-ब-दिन बढ़ता देखना. मुझे लगता है कि उसने 30 घंटे तक लेबर पेन झेला होगा. मेरा मतलब है कि औरतें बहुत कुछ सहती हैं. उन्होंने कहा आगे कहा कि मर्द जो भी कर लें, लेकिन औरतों के आगे कम है. 



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