साल 2025 में चर्चा में रहे ये 5 मंदिर

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वहीं पुरी का जगन्नाथ मंदिर भी इस साल खूब चर्चा में रहा, क्योंकि यहां मंदिर पर लहराता ध्वज पक्षी ले उड़ा था. इस घटना के बाद कई अनहोनी की दस्तक का अनुमान लगाया गया. ज्‍योतिष विशेषज्ञ इस घटना को एक अपशकुन के तौर पर देखा.

वहीं पुरी का जगन्नाथ मंदिर भी इस साल खूब चर्चा में रहा, क्योंकि यहां मंदिर पर लहराता ध्वज पक्षी ले उड़ा था. इस घटना के बाद कई अनहोनी की दस्तक का अनुमान लगाया गया. ज्‍योतिष विशेषज्ञ इस घटना को एक अपशकुन के तौर पर देखा.

वहीं वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर से एक बड़ी ही दुर्लभ और दिलचस्प घटना ने सबका ध्यान इस मंदिर की ओर खींचा. यहां मंदिर की शिखर पर सफेद उल्लू तीन दिन तक बैठा रहा. इसे बेहद शुभ माना गया, क्योंकि उल्लू मां लक्ष्मी का वाहन होता है.

वहीं वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर से एक बड़ी ही दुर्लभ और दिलचस्प घटना ने सबका ध्यान इस मंदिर की ओर खींचा. यहां मंदिर की शिखर पर सफेद उल्लू तीन दिन तक बैठा रहा. इसे बेहद शुभ माना गया, क्योंकि उल्लू मां लक्ष्मी का वाहन होता है.

वहीं इस साल के खत्म होने से पहले अयोध्या के राम मंदिर में ध्वजारोहण चर्चा का विषय रहा. यहां पीएम मोदी ने मंदिर की शिखर पर धर्म ध्वज फहराया, इस अनुष्ठान में कई बड़े साधु संत शामिल हुए.

वहीं इस साल के खत्म होने से पहले अयोध्या के राम मंदिर में ध्वजारोहण चर्चा का विषय रहा. यहां पीएम मोदी ने मंदिर की शिखर पर धर्म ध्वज फहराया, इस अनुष्ठान में कई बड़े साधु संत शामिल हुए.

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर परिसर में इस साल भीषण आग लगी थी. यह आग शंख द्वार के पास एक कार्यालय की बेटरियों में लगी. गनीमत रही कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ.

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर परिसर में इस साल भीषण आग लगी थी. यह आग शंख द्वार के पास एक कार्यालय की बेटरियों में लगी. गनीमत रही कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ.

साल 2025 की शुरुआत में प्रयागराज में महाकुंभ आयोजित हुआ था. जिसकी चर्चा न सिर्फ देश बल्कि विदेश तक रही.

साल 2025 की शुरुआत में प्रयागराज में महाकुंभ आयोजित हुआ था. जिसकी चर्चा न सिर्फ देश बल्कि विदेश तक रही.

Published at : 02 Dec 2025 01:09 PM (IST)

ऐस्ट्रो फोटो गैलरी

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क्या दक्षिण अफ्रीका के कोच से विराट कोहली ने नहीं मिलाया हाथ? वायरल क्लिप में दावा, जानिए सच

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भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच जारी वनडे सीरीज में मैदान पर मुकाबले जितने रोमांचक रहे, उतना ही ऑफ-फील्ड का एक वीडियो विवादों में आ गया है. सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे एक क्लिप में दावा किया जा रहा है कि पहले वनडे के बाद विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के कोच शुक्री कोनराड से हाथ मिलाने से परहेज किया. हालांकि वीडियो की लंबाई इतनी कम है कि सच्चाई साफ-साफ सामने नहीं आती, लेकिन बहस जरूर छिड़ गई है. 

वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?

वीडियो की शुरुआत तब होती है जब भारतीय खिलाड़ी पवेलियन लौटते समय विपक्षी खिलाड़ियों से हाथ मिला रहे होते हैं. क्लिप में दिखता है कि विराट कोहली, कोनराड के बिल्कुल सामने पहुंचते हैं, लेकिन कैमरे में वह हाथ बढ़ाते नजर नहीं आते. इसके बाद कोहली अगली कतार में खड़े दो दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों से हाथ मिलाते हुए दिखते हैं. यही कुछ सेकेंड का फुटेज इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है. हालांकि यह साफ नहीं है कि वीडियो शुरू होने से पहले कोहली पहले ही कोनराड से हाथ मिला चुके हों. इसलिए निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी.

इस विवाद की जड़ ‘Grovel’ बयान

यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कोच शुक्री कोनराड पहले ही अपने एक बयान को लेकर भारतीय फैंस के निशाने पर हैं. गुवाहाटी टेस्ट के बाद कोनराड ने कहा था कि उनकी टीम ने भारत को “grovel” कराने की रणनीति बनाई थी. ‘Grovel’ शब्द का अपने आप में एक विवादित इतिहास है. 1976 में इंग्लैंड के कप्तान टोनी ग्रेग ने इसी शब्द का इस्तेमाल वेस्टइंडीज टीम को नीचा दिखाने के लिए किया था. ऐसे में इस बयान पर पहले ही भारी नाराजगी देखने को मिली थी.

कोनराड का पूरा बयान था कि उनकी टीम चाहती थी कि भारत लंबे समय तक मैदान पर खड़ी रहे. उनका लक्ष्य था कि भारतीय खिलाड़ियों को “really grovel” करवाया जाए ताकि आखिरी दिन की चुनौती और कठिन हो जाए. स्वाभाविक है, यह बयान क्रिकेट जगत को पसंद नहीं आया और नस्लीय सन्दर्भों के कारण इसे बेहद असंवेदनशील बताया गया.

क्या सच में था कोहली का इरादा?

अब इस वायरल वीडियो को उसी बयान से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन कोहली की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. विराट मैदान पर गरिमा और खेलभावना के लिए जाने जाते हैं. ऐसे में अधूरी क्लिप पर आधारित दावे कितने सही हैं, यह कहना मुश्किल है. 



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SSC कॉन्स्टेबल जीडी के लिए शुरू हुई प्रक्रिया, 10वीं पास युवा 31 दिसंबर तक करें आवेदन; CISF और

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कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, सचिवालय सुरक्षा बल और असम राइफल्स में कांस्टेबल (GD) और राइफलमैन (GD) की भर्ती के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है. देश की सुरक्षा बलों में नौकरी का सपना देखने वाले युवाओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर है. आवेदन की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 31 दिसंबर 2025 तक आवेदन जमा कर सकते हैं.

इस बार भर्ती अभियान काफी बड़ा है, क्योंकि कुल 25,487 पदों पर नियुक्ति की जाएगी. इनमें सबसे अधिक अवसर दो बड़े बलों CISF में 14,595 पद और CRPF में 5,490 पद पर उपलब्ध हैं. इसके अलावा BSF, SSB, ITBP, Assam Rifles और SSF में भी हजारों रिक्तियाँ भरी जाएंगी. आयोग के अनुसार, SSC GD की कंप्यूटर आधारित परीक्षा फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की जाएगी.

कब-कब क्या होगा?

आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी तिथियों की बात करें तो 31 दिसंबर तक फॉर्म भरे जाएंगे, जबकि फीस भुगतान की अंतिम तिथि 1 जनवरी 2026 रात 11 बजे है. अगर आवेदन में कोई गलती रह जाए, तो उम्मीदवारों को 8 से 10 जनवरी 2026 तक सुधार करने का मौका मिलेगा. इसके बाद फरवरी से अप्रैल के बीच कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें लाखों युवा हिस्सा लेंगे.

किस बल में कितनी नियुक्तियां होंगी?

इस बार एसएससी ने कुल 25,487 पदों पर भर्ती का लक्ष्य रखा है. BSF में 616 पदों पर नियुक्ति होगी. CISF, जो सबसे बड़ा सुरक्षा बल है, उसमें इस बार 14,595 रिक्तियों पर जवान भर्ती किए जाएंगे. CRPF, जो देशभर में सुरक्षा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी निभाता है, उसमें 5,490 पदों पर भर्ती होगी. इसके बाद SSB में 1,764 पद, ITBP में 1,293 पद, Assam Rifles में 1,706 पद और सचिवालय सुरक्षा बल में 23 पदों पर नियुक्ति की जाएगी. इस प्रकार कुल मिलाकर 23,467 पद पुरुष उम्मीदवारों के लिए और 2,020 पद महिला उम्मीदवारों के लिए निर्धारित किए गए हैं.

10वीं पास युवा भी कर सकते हैं आवेदन

SSC GD Constable के लिए शैक्षणिक योग्यता काफी सरल रखी गई है. उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 10 पास होना अनिवार्य है. यानी कम पढ़ाई वाले युवा भी इस भर्ती के माध्यम से सरकारी नौकरी पा सकते हैं.

उम्र सीमा

1 जनवरी 2026 को उम्मीदवार की आयु 18 से 23 वर्ष के बीच होनी चाहिए. सरकारी नियमों के तहत SC, ST, OBC और Ex-Servicemen को अधिकतम आयु में छूट दी जाएगी.

चयन प्रक्रिया

SSC GD भर्ती कई चरणों में आयोजित की जाती है. सबसे पहले कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) होगा, जिसमें सामान्य ज्ञान, रीजनिंग, गणित और अंग्रेजी/हिंदी के सवाल पूछे जाएंगे. इसके बाद शारीरिक मानक परीक्षण (PST) और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) होगी, जिसमें उम्मीदवारों को दौड़, ऊंचाई और अन्य शारीरिक मानकों के आधार पर परखा जाएगा. जो अभ्यर्थी इन तीनों चरणों में सफल होंगे, उन्हें चिकित्सा परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा. अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों को BSF, CISF, CRPF, ITBP, SSB, Assam Rifles या SSF में नियुक्ति दी जाएगी.

सैलरी कितनी

इसमें उम्मीदवारों को 21,700 रुपये से 69,100 रुपये तक मासिक वेतन मिलता है. इसके साथ महंगाई भत्ता, जोखिम भत्ता, राशन, यूनिफॉर्म, मेडिकल और ट्रैवल अलाउंस भी दिया जाता है.

आवेदन शुल्क कितना है?

आवेदन शुल्क 100 रुपये रखा गया है. हालांकि महिलाओं, SC/ST उम्मीदवारों और पूर्व सैनिकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा.

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

  • सबसे पहले SSC की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं.
  • वेबसाइट पर अपना वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें.
  • रजिस्ट्रेशन के बाद लॉगिन करें और Constable GD Exam 2026 के आवेदन लिंक पर क्लिक करें.
  • आवेदन फॉर्म को सही-सही भरें और सुनिश्चित करें कि सभी जानकारियां दस्तावेजों से मेल खाती हैं.
  • वेबसाइट पर लाइव कैमरे से अपनी फोटो लें.
  • अपने हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी JPEG फॉर्मेट में अपलोड करें.
  • यदि शुल्क लागू होता है तो UPI, नेट बैंकिंग या कार्ड के जरिए भुगतान करें.
  • आवेदन को एक बार दोबारा जांचें और सबमिट कर दें.
  • अंत में फॉर्म की एक कॉपी डाउनलोड कर लें और आगे के लिए रख लें.

    यह भी पढ़ें – ग्रामीण बैंक के क्लर्क को कितनी मिलती है सैलरी, 8वें वेतन आयोग से कितनी बढ़ जाएगी इनकी तनख्वाह?

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Year Ender 2025: इस साल लॉन्च हुए 15,000 से कम कीमत वाले ये शानदार फोन, देखें फीचर्स और कीमत

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Year Ender 2025: पिछले कुछ समय से स्मार्टफोन की कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है. मेमोरी कंपोनेंट महंगे होने के कारण कंपनियों को अपने स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं, जिससे ग्राहकों पर ज्यादा बोझ पड़ रहा है. अगर आप नया साल आने से पहले एक किफायती और दमदार फीचर्स वाला फोन खरीदना चाहते हैं तो हम इस साल लॉन्च हुए 4 ऐसे फोन की लिस्ट लेकर आए हैं, जिनकी कीमतें 15,000 रुपये से कम है. आइए इन पर एक नजर डालते हैं.

iQOO Z10x 5G

इस फोन में भी 6.72 इंच का FHD+ LCD डिस्प्ले है, जो 120 Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है. मीडियाटेक डायमेंसिटी 7300 प्रोसेसर से लैस इस फोन में 6500 mAh की दमदार बैटरी है. कैमरा सेटअप की बात करें तो इसके रियर में 50 MP + 2 MP का डुअल कैमरा और फ्रंट में सेल्फी और वीडियो के लिए 8 MP का कैमरा लगा हुआ है. अमेजन पर यह 14,999 रुपये में लिस्टेड है.

Realme P3x 5G

इस साल की शुरुआत में लॉन्च हुए इस स्मार्टफोन में 6.72 इंच का FHD+ LCD डिस्प्ले है, जो 60Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है. इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 6400 प्रोसेसर मिलता है. फोन के रियर में 50 MP + 2 MP का डुअल कैमरा सेटअप और फ्रंट में 8 MP सेंसर मिलता है. इसे 6000 mAh की बैटरी से लैस किया गया है. अमेजन से इसे 12,220 रुपये में खरीदा जा सकता है. 

Samsung Galaxy M16 5G

सैमसंग ने भी इस साल 15,000 से कम कीमत वाला फोन Samsung Galaxy M16 5G लॉन्च किया था. यह फोन 90Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट वाले 6.72 इंच के FHD+ LCD डिस्प्ले के साथ लॉन्च हुआ था. इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 प्रोसेसर और 5000mAh की बैटरी है. इसके रियर में 50 MP + 5 MP + 2 MP का ट्रिपल कैमरा सेटअप और फ्रंट में 13MP का सेंसर दिया गया है. फ्लिपकार्ट पर यह फोन 12,367 रुपये में लिस्टेड है. 

Infinix Note 50x 5G

यह फोन 6.6 इंच के HD+ डिस्प्ले के साथ लॉन्च हुआ था, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है. यह फोन मीडियाटेक डायमेंसिटी 7300 प्रोसेसर से लैस है और इसमें फोटो-वीडियो के लिए 50MP का मेन कैमरा लगा हुआ है. फ्रंट में इसे सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 8MP का लेंस दिया गया है. फ्लिपकार्ट पर यह फोन 12,499 रुपये में लिस्टेड है.

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पाकिस्तान में तनाव बढ़ा! इमरान खान की अफवाहों के बीच रावलपिंडी में धारा 144 लागू, सार्वजनिक जमा

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पाकिस्तान सरकार ने रावलपिंडी जिले में धारा 144 लागू करने की घोषणा कर दी. यह कदम तब उठाया गया जब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत और उनकी मौजूदगी को लेकर अफवाहें तेज हो गईं. प्रशासन को आशंका थी कि देशभर में उनकी पार्टी PTI बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर सकती है. इसी को देखते हुए 1 से 3 दिसंबर तक हर प्रकार की भीड़ और सभा पर रोक लगा दी गई है.

जिले के उपायुक्त डॉ. हसन वकार चीमा द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट कहा गया है कि इन तीन दिनों में किसी भी रूप में भीड़ जमा नहीं हो सकेगी. प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया कि हथियार लाना, स्टिक या किसी भी तरह की ज्वलनशील सामग्री लेकर घूमना, पुलिस बैरिकेड हटाने की कोशिश करना और तेज़ आवाज़ में स्पीकर चलाना पूरी तरह बंद रहेगा. यहां तक कि मोटरसाइकिल पर दो लोगों के बैठने पर भी रोक है. सरकार का कहना है कि उन्हें ऐसी गोपनीय इनपुट मिले हैं, जिनसे हिंसा और अव्यवस्था के संकेत मिल रहे हैं.

PTI की शिकायत

इमरान खान पिछले साल अगस्त से अडियाला जेल में बंद हैं. उनकी पार्टी का आरोप है कि उन्हें एक महीने से अधिक समय से न अपने नेता को देखने दिया गया है, न उनसे कोई सत्यापित बात कराई जा रही है. PTI नेताओं का दावा है कि सरकार उनकी हालत छुपा रही है और इसी वजह से पार्टी बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तैयारी कर रही थी, लेकिन प्रशासन ने किसी भी तरह की रैली या सभा पर पहले ही रोक लगाकर हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की है.

इमरान खान के बेटे का बयान

कासिम खान, जो विदेश में रह रहे हैं, ने रॉयटर्स से बात करते हुए गहरी चिंता जताई. उनका कहना था कि महीनों से पिता से न कोई संपर्क हो पाया है और न ही परिवार को उनकी किसी तरह की विश्वसनीय जानकारी मिली है. कासिम के अनुसार यह स्थिति परिवार के लिए मानसिक यातना जैसी बन गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन उच्च अदालत के आदेशों के बावजूद मुलाकात की अनुमति नहीं दे रहा और उन्हें डर है कि स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है.

क्यों डर रहा है प्रशासन? खुफिया रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

जिले की खुफिया समिति की रिपोर्ट में संकेत दिए गए हैं कि कुछ समूह विरोध प्रदर्शनों को सेना से जुड़े संवेदनशील ठिकानों तक ले जाने की कोशिश कर सकते हैं. इस चेतावनी के बाद सरकार ने स्पष्ट किया है कि धारा 144 किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक है. हाल के राजनीतिक हालातों को देखते हुए प्रशासन कोई जोखिम उठाना नहीं चाहता.

एक दिग्गज कप्तान से जेल की कोठरी तक का सफर

क्रिकेट विश्व कप 1992 में पाकिस्तान को चैंपियन बनाने वाले इमरान खान बाद में प्रधानमंत्री बने और 2018 से 2022 तक सत्ता में रहे. उनके खिलाफ कई मामले पिछले साल से चल रहे हैं, जिनमें उन्हें सजा भी सुनाई गई. खान का कहना है कि सारे मामले राजनीतिक बदले की कार्रवाई है, लेकिन अब उनकी जेल में स्थिति को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं, उसने पाकिस्तान की राजनीति में एक नया मोड़ जोड़ दिया है.

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करिश्मा कपूर के एक्स हसबैंड संजय कपूर की वसीयत पर परिवार में छिड़ा विवाद

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दिल्ली हाई कोर्ट में दिवंगत बिजनेसमैन संजय कपूर की वसीयत को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. संजय की मां रानी कपूर ने अदालत में शिकायत की है कि उनके बेटे की मौत का दुख मनाने के बजाय संजय की पत्नी प्रिया कपूर उनकी संपत्ति पर कब्जा करने में लगी हुई हैं. रानी कपूर ने कोर्ट में दायर याचिका में दावा किया कि संजय और प्रिया के रिश्ते में मई 2023 से ही तनाव चल रहा था और दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे.

संजय ने विल के बारे में नहीं था बताया

दिल्ली हाई कोर्ट में रानी का कहना है कि उन्हें संजय की वसीयत के बारे में कभी कुछ बताया ही नहीं गया. उनके अनुसार वसीयत में उनका नाम तक नहीं है जबकि संजय हमेशा कहते थे कि उन्हें सब कुछ अपनी मां से मिला है. रानी के वकील का तर्क है कि अगर संजय वसीयत बना रहे थे, तो कम से कम यह तो जरूर लिखते कि वे अपनी मां को कुछ नहीं देना चाहते. यह दलील जस्टिस ज्योति सिंह के सामने दी गई जो करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बच्चों द्वारा दायर केस की भी सुनवाई कर रही हैं. करिश्मा के बच्चे अपने पिता की कथित वसीयत को चुनौती दे रहे हैं और चाहते हैं कि प्रिया उन्हें संपत्ति से बेदखल न कर सकें.

प्रिया कर रही है संपत्ति पर कंट्रोल

रानी कपूर ने कहा है कि यह विश्वास करना मुश्किल है कि संजय अपनी पूरी निजी संपत्ति केवल प्रिया के नाम कर दें, जबकि उनका अपनी मां, बच्चों और कपूर परिवार से बेहद गहरा लगाव था. सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील वैभव गग्गर ने आरोप लगाया कि संजय की मौत के बाद प्रिया ने उनकी संपत्ति पर पूरा कंट्रोल लेने की कोशिश की और अदालत में पेश की गई लिस्ट में कई कीमती संपत्तियां छिपाईं. इसमें कलाकृतियां, बैंक बैलेंस, म्यूचुअल फंड, बीमा, किराये की आय और महंगी घड़ियां शामिल बताई गई हैं. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 दिसंबर को तय की है. संजय कपूर की 12 जून को इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी.

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क्रिप्टो क्रैश अलर्ट! लगातार टूट रही बिटकॉइन, 30 दिनों में 23 फीसदी गिरे दाम

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Crypto Market Crash: क्रिप्टो करेंसी बाजार में बहुत तेजी से उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. जिसके निवेशकों को कुछ दिनों या घंटों में तगड़ा मुनाफा और नुकसान दोनों हो जाता हैं. पिछले कुछ दिनों से क्रिप्टो बाजार में जबरदस्त बदलाव देखने को मिल रहा है. आंकड़ों की बात करें तो, पिछले 30 दिनों में क्रिप्टो बाजार करीब 14 प्रतिशत तक टूट गया है.

दुनिया की सबसे बड़ी और पुरानी क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन भी लगातार फिसल रही है. बिटकॉइन ने पिछले 30 दिनों में करीब 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की है. जिससे निवेशकों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ हैं. आइए जानते हैं, आखिर इस गिरावट के पीछे की वजह क्या है? 

क्रिप्टो बाजार में गिरावट की मुख्य वजह

बाजार जानकारों के अनुसार, क्रिप्टो बाजार में हुई गिरावट के कारण, निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं. बिटकॉइन फ्यूचर्स एक महीने में करीब 24 फीसदी तक टूट गए हैं, वहीं गोल्ड फ्यूचर्स में लगभग 7 फीसदी की उछाल देखने को मिल रही है.

जिससे निवेशक गोल्ड और दूसरे निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं. साथ ही पिछले दिनों क्रिप्टो के बड़े और पुराने निवेशकों ने जमकर बिकवाली की. जिससे क्रिप्टो बाजार लाल हो गया. प्रॉफिट बुकिंग और अमेरिकी फेड की ब्याज दरों की कटौती को लेकर अनिश्चितता भी क्रिप्टो में हो रही इस गिरावट की वजह हो सकती है.

बिटकॉइन और दूसरे क्रिप्टो करेंसी का हाल 

कॉइनमार्केटकैप के अनुसार,  बिटकॉइन 86,914.44 डॉलर पर ट्रेड कर रही थी. पिछले दिन की तुलना में बिटकॉइन में करीब 1 फीसदी का उछाल दर्ज की जा रही है. एथेरियम करीब 1 फीसदी तक टूट गया है और यह 2,799.57 डॉलर पर ट्रेड कर रही है. टीथर और सोलाना क्रिप्टो करेंसी में भी हल्की गिरावट देखने को मिल रही है.         

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

यह भी पढ़ें: Gold Price Today: सोने की कीमतों में हल्की गिरावट, जानें 2 दिसंबर को आपके शहर का ताजा रेट

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BLO ने आपका SIR फॉर्म जमा किया या नहीं? मोबाइल से घर बैठे ऐसे मिनटों में करें चेक, जानिए पूरा प

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SIR: देश के 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान कई लोग अपना एन्यूमरेशन फॉर्म भर चुके हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बीएलओ ने आपका फॉर्म सही तरह से सबमिट किया है या नहीं. अच्छी बात यह है कि इसकी पुष्टि आप बिना कहीं जाए, सिर्फ अपने फोन से कुछ सेकेंड में कर सकते हैं. चुनाव आयोग द्वारा तैयार की गई ऑनलाइन प्रणाली की मदद से आप आसानी से जान सकते हैं कि आपका फॉर्म स्वीकार हुआ है या अभी लंबित है.

एन्यूमरेशन फॉर्म आखिर है क्या?

यह फॉर्म मतदाता सूची को अपडेट और सत्यापित करने के लिए इस्तेमाल होता है. BLO घर-घर जाकर यह जानकारी जुटाते हैं ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी योग्य नागरिक वोटर लिस्ट से बाहर न रहे और किसी भी तरह का गलत डेटा दर्ज न हो. यह प्रक्रिया चुनाव आयोग के लिए बेहद अहम होती है क्योंकि इसी पर आगामी चुनावों की मतदाता सूची आधारित रहती है.

मोबाइल से फॉर्म का स्टेटस कैसे पता करें

यदि BLO अभी तक आपके पास फॉर्म भरवाने नहीं पहुंचे हैं तो आप इसे ऑनलाइन भी भर सकते हैं. वहीं, अगर आपने फॉर्म दे दिया है तो उसका स्टेटस मोबाइल से चेक किया जा सकता है. इसके लिए आपको इंटरनेट पर Sarkari CSC खोजकर वेबसाइट खोलनी होती है, जहां ‘सरकारी काम’ नाम के सेक्शन में SIR फॉर्म से जुड़ा विकल्प मिलता है. यहां नए यूजर्स को पहले अपना मोबाइल नंबर, ईमेल और कैप्चा डालकर रजिस्ट्रेशन पूरा करना होता है.

लॉगिन करने के बाद दिखाई देने वाले ‘Fill Enumeration Form’ ऑप्शन में जाकर आप अपना राज्य चुन सकते हैं और EPIC नंबर दर्ज करके सबमिट करते ही पता लगा सकते हैं कि फॉर्म जमा हुआ है या नहीं. अगर स्क्रीन पर “Your form has already been submitted” लिखा दिखाई देता है तो आपका फॉर्म सफलतापूर्वक स्वीकार हो चुका है. इस मैसेज के न दिखाई देने का मतलब होता है कि फॉर्म अभी तक सबमिट नहीं हुआ है. ऐसी स्थिति में आपको अपने क्षेत्र के BLO से संपर्क कर के जानकारी लेनी चाहिए.

ऑनलाइन एन्यूमरेशन फॉर्म भरने की प्रक्रिया

अगर आप खुद ऑनलाइन फॉर्म भरना चाहते हैं तो इसके लिए आपको मतदाता सेवा पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाना होगा. यहां Special Intensive Revision–2026 सेक्शन में लॉगिन करने का विकल्प मिलता है जिसमें आप अपने EPIC नंबर, मोबाइल या ईमेल से प्रवेश कर सकते हैं. इसके बाद दिए गए फॉर्म में आपको अपना राज्य चुनकर EPIC नंबर दर्ज करना होता है जिसके बाद आपके सामने आपकी वोटर डिटेल और BLO से जुड़ी जानकारी खुल जाती है.

इस चरण पर आप अपना नाम, सीरियल नंबर, पार्ट नंबर, विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र जैसी महत्त्वपूर्ण जानकारियां जांच सकते हैं. आगे बढ़ने के लिए मोबाइल नंबर डालकर OTP वेरिफिकेशन पूरा करना होता है.

फॉर्म भरते समय आधार कार्ड अपने पास रखना जरूरी है क्योंकि आधार नंबर और उससे जुड़े मोबाइल पर आने वाले OTP के जरिए ही अंतिम वेरिफिकेशन पूरा होता है. फॉर्म सबमिट होने के बाद आपको SIR 2026 Receiver Slip मिल जाती है जिसे भविष्य की जरूरतों के लिए सुरक्षित रख सकते हैं.

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नए साल की पहली अमावस्या कब ? 2026 में अमावस्या की पूरी लिस्ट देखें

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Amavasya 2026 Dates full list: हिंदू माह के कृष्ण पक्ष का आखिरी दिन अमावस्या कहलाता है. 2026 में जनवरी से दिसंबर तक की अमावस्या की तारीख इस आर्टिकल में हम बता रहे हैं. शास्त्रों में अमावस्या को बहुत महत्वपूर्ण दिन माना गया है. इस दिन किया गया दान, स्नान, तप, जप देवी-देवताओं के अलावा पितरों को भी प्रससन्न करता है.धार्मिक अनुष्ठान, जैसे कालसर्प दोष निवारण की पूजा, भी अमावस्या के दिन की जाती है.

अमावस्या जब सोमवार या शनिवार को हो तो इसका महत्व दोगुना हो जाता है. ये दिन जरुरतमंदों की मदद, पशु-पक्षियों की सेवा और पूजन के लिए खास होता है. इससे न सिर्फ पितृ दोष दूर होता है बल्कि सुहागिन को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है.

2026 की अमावस्या तिथि

  • माघ अमावस्या (मौनी अमावस्या) – 18 जनवरी 2026
  • फाल्गुन अमावस्या – 17 फरवरी 2026
  • चैत्र अमावस्या – 19 मार्च 2026
  • वैशाख अमावस्या – 17 अप्रैल 2026
  • ज्येष्ठ अमावस्या – 16 मई 2026
  • ज्येष्ठ अमावस्या (अधिक) – 15 जून 2026
  • आषाढ़ अमावस्या – 14 जुलाई 2026
  • श्रावण अमावस्या – 12 अगस्त 2026
  • भाद्रपद अमावस्या – 17 सितंबर 2026
  • अश्विन अमावस्या (सर्व पितृ अमावस्या) – 10 अक्टूबर 2026
  • कार्तिक अमावस्या (दीपावली) – 9 नवंबर 2026
  • मार्गशीर्ष अमावस्या – 8 दिसंबर 2026

अमावस्या पर क्यों करते हैं गंगा स्नान

पुराणों में ऐसा कहा गया है कि इस दिन अपने पूर्वजों को याद कर पूजा करने और गरीबों को दान देने से मनुष्य के पापों का नाश होता है. वहीं अमावस्या पर किया गया गंगा स्नान अमृत स्नान के बराबर माना जाता है. खासकर प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक की पवित्र नदियों में स्नान करने वालों को इसका शुभ फल मिलता है.

दरअसल जब समुद्र मंथन से निकले अमृत कलश को लेकर देवता-असुरों में छीना झपटी हो रही थी तब कुछ अमृत की बूंदें इन 4 जगहों पर गिरी थी. इसलिए इन जगहों पर बहने वाली नदियों का जल अमृत गिरने से पवित्र हो गया. यही कारण है कि त्योहारों, पूर्णिमा और अमावस्या जैसी तिथियों पर गंगा स्नान किया जाता है.

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पिता नही सुपरहीरो! किडनी दान कर 21 साल की इन्फ्लुएंसर बेटी को बचाया, बचपन से थी दिक्कत

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Kidney Transplant News: पिता तो बेटियों के लिए ‘सुपर हीरो’ होते हैं. हर बेटी मानती है कि उसके पिता ऐसा कोई काम नहीं है, जो वह नहीं कर सकते है. एक पिता वास्तव में अपनी बेटी के जीवन का ‘सुपर मैन’ हो सकता है, इसका प्रमाण एक बार फिर हमारे देश में मिला. 21 साल की एक लड़की किडनी की बीमारी से पीड़ित थी. दोनों किडनी लगभग फेल होने वाली थीं. पिता अपनी बेटी की इस हालत को बर्दाश्त नहीं कर सके.

उन्होंने अपनी क्षमता से परे जाकर इलाज तो करवाया ही. साथ ही बेटी का भविष्य स्वस्थ रहे, इसलिए उन्होंने अपनी किडनी अपनी बेटी को दान कर दी. पता चला है कि किडनी ट्रांसप्लांट के बाद पेशे से इन्फ्लुएंसर लड़की धीरे-धीरे स्वस्थ हो रही है. पिता के प्यार से लड़की का पुनर्जन्म हुआ है. वह एक सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ेगी. 

साधारण यूरिन इंफेक्शन बना गंभीर समस्या

21 साल की सोशल मीडिया इन्फलुएंसर क्यूटी मेंदिरत्ता को समस्या की शुरुआत एक साधारण यूरिन इंफेक्शन से हुई. धीरे-धीरे किडनी खराब होने लगी. दवाएं शुरू हो गईं. लड़की की दोनों किडनी केवल 40 प्रतिशत काम कर रही थीं. समस्या बढ़ती गई. किडनी की जटिल बीमारी हो गई. क्रोनिक किडनी डिजीज से 21 साल की लड़की की दोनों किडनी फेल हो गईं. लड़की के पिता का नाम योगेश है.

समय उनकी आंखों के सामने मानो रुक गया था. वास्तव में, एक पिता ऐसी स्थिति को कैसे स्वीकार कर सकता था. इसलिए, उन्होंने अपनी बेटी के लिए जो सबसे अच्छा था, वही किया. उन्होंने अपनी किडनी अपनी बेटी को दान कर दी. सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लड़की धीरे-धीरे सामान्य जीवन की लय में लौट रही है. 

बचपन से ही किडनी की बीमारी से पीड़ित थी लड़की

लड़की बचपन (4-5 साल की उम्र) से ही किडनी की बीमारी से पीड़ित थी. जैसे-जैसे समय बीता, उम्र बढ़ी, किडनी की समस्या बढ़ती गई. अस्पताल के गलियारे, डायलिसिस प्रक्रिया के घेरे में क्यूटी नाम की लड़की का जीवन शुरू हो गया. उसे सोशल मीडिया से भी एक तरह से विदा लेनी पड़ी. जब डॉक्टरों ने शारीरिक स्थिति के लगातार बिगड़ने पर किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी तो क्यूटी के पिता योगेश ने एक बार भी कुछ नहीं सोचा. उनके शब्दों में, उनकी बेटी के जीवन से बढ़कर उनके लिए कुछ भी कीमती नहीं है.

वह चाहते थे कि उनकी बेटी अपने सारे सपने पूरे कर सके, पिता के रूप में उनकी और कोई इच्छा नहीं थी. बिना कुछ सोचे योगेश अपनी किडनी अपनी बेटी को देने के लिए तैयार हो गए. कुशल, अनुभवी डॉक्टरों के सहयोग से किडनी ट्रांसप्लांट सफल रहा. अपनी बेटी को धीरे-धीरे स्वस्थ होते देख पिता खुश हैं, उन्हें राहत मिली है. डॉक्टर भी अपने काम में सफल होकर खुश हैं.