क्रेडिट कार्ड की कुछ गलतियां बना सकती हैं आपको कंगाल, जानें समझदारी से इस्तेमाल का तरीका

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Credit Card Usage Tips: आज के समय में क्रेडिट कार्ड लगभग हर वर्ग के लोगों का साथी बन गया है. खासकर युवाओं के बीच तो इसका क्रेज बहुत ज्यादा हैं. ऑनलाइन शॉपिंग, बिल भुगतान और दूसरी जरूरतों को पूरा करने के लिए नौकरीपेशा युवा जमकर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं.

क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले आकर्षक डिस्काउंट, रिवॉर्ड पॉइंट्स और आसान पेमेंट विकल्प के कारण यह और अधिक प्रचलित होता जा रहा है. हालांकि, अगर आप क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल करना नहीं जानते हैं तो, यह आपके लिए आर्थिक मुसीबत भी लेकर आ सकता है. इसलिए क्रेडिट कार्ड यूज करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए. आइए जानते हैं, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किन चीजों में नहीं करना चाहिए…

1. कैश की निकासी न करें    

क्रेडिट कार्ड से कैश निकालना आपकी सबसे बड़ी भूल हो सकती हैं, क्योंकि एटीएम से पैसे निकालते ही उसी दिन से ऊंचा ब्याज लगना शुरू हो जाता है. साथ ही कैश एडवांस फीस और कई दूसरे चार्ज भी जुड़ जाते हैं.  विशेषज्ञ हमेशा सलाह देते हैं कि, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नकद निकासी के लिए बिल्कुल नहीं करना चाहिए. 

2. कार्ड लिमिट का समझदारी से करें इस्तेमाल

क्रेडिट कार्ड की लिमिट का समझदारी से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है, वरना आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता हैं. उदाहरण के लिए आपकी क्रेडिट कार्ड लिमिट 50 हजार रुपये है, तो कोशिश करना चाहिए कि, कार्ड लिमिट का 50 फीसदी से ज्यादा खर्च न करें. इससे आपका क्रेडिट स्कोर भी सही बना रहता हैं.  

3. मिनिमम ड्यू के भुगतान से बचें

जब आप क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल चुकाने की बजाय सिर्फ मिनिमम ड्यू राशि का भुगतान करते हैं तो, बाकी बकाया पर लगातार ब्याज जुड़ता रहता है. इससे कर्ज तेजी से बढ़ता है और कुछ महीनों में यह दोगुना तक हो सकता है. इसलिए मिनिमम ड्यू का भुगतान करने से बचना चाहिए.

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आत्मघाती हमले से दहल उठा पाक, BLF ने सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना, खरबों के प्रोजेक्ट को झटका!

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पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के नोकुंदी इलाके में फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के मुख्यालय के पास फिदायीन हमले हुए हैं. यह अटैक रिको डिक (Reko Diq) और सैंडक खनन प्रोजेक्ट से जुड़े विदेशी विशेषज्ञों, इंजीनियरों और स्टाफ के काम करने और रुकने के लिए बनाए गए कंपाउंड में हुआ है. इसे बलूच विद्रोही गुट ने रविवार (30 नवंबर) रात करीब 9 बजे अंजाम दिया. जानकारी के मुताबिक FC मुख्यालय के पास बने इस संवेदनशील कंपाउंड पर पहले बलूच विद्रोही गुट ने 5 बड़े धमाके किए और फिर सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी.

फिदायीन हमले की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने ले ली है और BLF के प्रवक्ता मेजर ग्वाहरम बलूच ने बयान जारी कर बताया कि यह हमला BLF की सादो ऑपरेशनल बटालियन (SOB) यूनिट ने अंजाम दिया था. अटैक में उस संवेदनशील कंपाउंड को निशाना बनाया गया है, जहां खनन प्रोजेक्ट से जुड़े विदेशी विशेषज्ञों, इंजीनियरों और स्टाफ के काम करने और रुकने-ठहरने की व्यवस्था पाकिस्तानी सरकार ने की है.

बलूच विद्रोही गुट और पाकिस्तानी सेना के बीच झड़प में अब तक मौत का आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक हमला बलूचिस्तान के जिस नोकुंदी इलाके में हुआ है, व चगाई जिले में आता है और चगाई जिले के सभी अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है. हमले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि यह वही इलाका है जिसे पाकिस्तान सरकार दुनिया भर में अपनी “सबसे सुरक्षित” विदेशी निवेश परियोजना के रूप में पेश कर रही थी.

रिको डिक और सैंडक खनन प्रोजेक्ट का पाक ने पूरी दुनिया में पीटा ढिंढोरा

असल में पाकिस्तान की सरकार पूरी दुनिया को रिको डिक (Reko Diq) और सैंडक (Saindak) खनन प्रोजेक्ट में निवेश करने का निमंत्रण दे रही थी और जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकत के दौरान पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अमेरिका को रिको डिक खान में निवेश के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया था. साथ ही पाकिस्तान पूरी दुनिया से दावा कर रहा था कि पश्चिमी देश रिको डिक खदान में निवेश करें, क्योंकि ये दुनिया की सबसे बड़ी सोनातांबा खदानों में से एक है, जिसे अब तक इसे ठीक से नहीं खोदा गया और इसके भीतर खरबों डॉलर मूल्य का सोना और तांबा दबा है.

साथ ही कुछ दिनों पहले ही पाकिस्तान ने रिको डिक खनन प्रोजेक्ट के लिए अमेरिका की आयात-निर्यात बैंक (EXIM) ने करीब 35 हजर करोड़ पाकिस्तानी रुपये का कर्ज भी दिया था, लेकिन इसी अब इसी परियोजना से जुड़े विदेशी इंजीनियरों और अन्य स्टाफ के लिए बने कंपाउंड पर फिदायीन हमला परियोजना की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.

अपने ही जाल में फंसा पाकिस्तान

बता दें कि पूरी दुनिया में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वाला पाकिस्तान इस वक्त अपने पाले हुए आतंकियों की वजह से बड़े संकट से जूझ रहा है. इससे पहले 24 नवंबर को पेशावर स्थित FC हेडक्वार्टर पर ठीक इसी तरह का फिदायीन हमला हुआ था, जिसकी जिम्मेदारी तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (TTP) के प्रॉक्सी ग्रुप जमात-उल-अहरार ने ली थी. साथ ही पिछले 10 दिनों में पाकिस्तान की सेना ने जिन 30 आतंकियों को मारा है, उसमें से 2 आतंकी बहावलपुर का अबू दुजाना उर्फ अली हमदान और पीओके का मोहम्मद हारिस दोनों को पाकिस्तानी सेना और ISI के समर्थित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने भारत में आतंकवाद के लिए ट्रेन किया था, लेकिन दोनों ने 2 साल पहले TTP जॉइन कर ली थी और उल्टा पाकिस्तान की फौज जिसने उन्हें ट्रेन किया था, उस पर ही हमला करने लगे थे. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा की पाकिस्तान जिस आतंकवाद को दुनिया में एक्सपोर्ट करने के लिए 30 साल से तैयार कर रहा है और उसके लिए आज एक बड़ा संकट बन कर सामने आ चुके है.

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पैरों से पूड़ी का आटा गूंथते दिखे हलवाई, वीडियो देख कभी नहीं खाएंगे शादी में खाना- यूजर्स परेशा

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सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी वीडियोज सामने आती हैं जो लोगों को चौंका देती हैं. कभी किसी शादी की ग्रैंड तैयारी चर्चा में आ जाती है, तो कभी किसी बड़े भोज में बनने वाले भोजन की मात्रा देखकर लोग दंग रह जाते हैं. लेकिन इन दिनों जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसने लोगों के बीच काफी बहस छेड़ दी है. यह वीडियो एक बड़े भोज या पंचायत-स्तर के आयोजन जैसा लग रहा है, जहां भारी मात्रा में खाना तैयार किया जा रहा है. वीडियो में दिखाई देता है कि एक बड़े से लोहे के कढ़ाह में पूड़ी का आटा गूंथा जा रहा है, लेकिन तरीका देखकर दर्शक दंग रह गए हैं.

पैरों से आटा गूंथते दिखे खाना बनाने वाले कारीगर

वीडियो में एक व्यक्ति आराम से कुर्सी पर बैठा है और उसके पैर आटे में डूबे हुए हैं. वह लगातार आटा मसल रहा है. उसके पास खड़ा एक दूसरा व्यक्ति भी उसी बड़े कढ़ाह में पैर रखकर आटा गूंथता दिखता है. दोनों मिलकर बड़े आयोजन के लिए आटा तैयार कर रहे हैं. यह तरीका देखकर कई लोग हैरान हैं, क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा का आटा हाथों से गूंथना वास्तव में मुश्किल होता है. मजदूरों के चेहरों पर काम का भारी दबाव भी झलकता है, क्योंकि पास ही बाद में तलने के लिए पूड़ियों का पहाड़ जमा होता दिखता है.

दूसरी ओर तली गईं गर्मा गरम पूड़ियां

वीडियो के दूसरे हिस्से में एक मजदूर बड़े से मेज पर फैलाए गए आटे को उठाकर कढ़ाही की ओर ले जाता है. वह पूड़ी चादर की तरह बड़ी और पतली दिखती है और इसे देखकर लोग हैरान हो जाते हैं. कढ़ाही के उबलते तेल में वह पूड़ी डाली जाती है और देखते ही देखते वह फूलने भी लगती है. यह दृश्य किसी बड़े मेले, समारोह, धार्मिक आयोजन या दावत की तैयारी जैसा लगता है, जहां हजारों लोगों के लिए भोजन बनाया जाता है. हालांकि वीडियो देखकर यूजर्स ने बाहर की पूड़ी न खाने की कसमें खा ली हैं.

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यूजर्स बोले, अब समझ आया स्वाद का असली राज

वीडियो सामने आने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं दो हिस्सों में बंट गई हैं. कुछ लोग इसे बड़े आयोजनों में काम करने वाले मजदूरों की मेहनत बताते हुए उनकी सराहना कर रहे हैं. उनका कहना है कि इतने बड़े स्तर पर खाना बनाना आसान काम नहीं होता. दूसरी तरफ कई यूजर्स साफ-सफाई और हाइजीन को लेकर चिंतित नजर आए. कुछ लोगों ने मजाक में लिखा “आटा गूंथने का ये तरीका तो पहली बार देखा.” जबकि कुछ ने चुटकी ली “अब समझ आया कि बड़े भोज में पूड़ियाँ इतनी स्वादिष्ट क्यों होती हैं.” 

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किन लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए खीरा? जानें इसके साइड इफेक्ट्स, एलर्जी और अन्य खतरे

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खीरे में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है. ज्यादा फाइबर कई लोगों के लिए भारी पड़ सकता है और इससे गैस, अपच, पेट फूलना या ऐंठन जैसी समस्या बढ़ सकती है. जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर हो, जिनको पहले से एसिडिटी या ब्लोटिंग होती है उन्हें खीरा कम या बिल्कुल नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इससे उनकी समस्या और बढ़ सकती है.

खीरे में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है. ज्यादा फाइबर कई लोगों के लिए भारी पड़ सकता है और इससे गैस, अपच, पेट फूलना या ऐंठन जैसी समस्या बढ़ सकती है. जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर हो, जिनको पहले से एसिडिटी या ब्लोटिंग होती है उन्हें खीरा कम या बिल्कुल नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इससे उनकी समस्या और बढ़ सकती है.

खीरे की तासीर ठंडी होती है. अगर किसी को पहले से कफ, सर्दी-जुकाम या गले में दर्द हो, तो खीरे का सेवन उनके लिए ठीक नहीं माना जाता है. ठंडी तासीर होने के कारण कफ और बढ़ सकता है और सर्दी देर तक रह सकती है इसलिए इस स्थिति में खीरा खाने से बचना बेहतर है.

खीरे की तासीर ठंडी होती है. अगर किसी को पहले से कफ, सर्दी-जुकाम या गले में दर्द हो, तो खीरे का सेवन उनके लिए ठीक नहीं माना जाता है. ठंडी तासीर होने के कारण कफ और बढ़ सकता है और सर्दी देर तक रह सकती है इसलिए इस स्थिति में खीरा खाने से बचना बेहतर है.

कुछ लोगों को खीरा खाने के बाद एलर्जी होती है. इसके कई लक्षण हो सकते हैं. जैसे होंठ या गले में खुजली, सूजन, पेट दर्द और उल्टी जैसा महसूस होना. अगर कभी खीरा खाने के बाद ये लक्षण दिखें, तो जल्द से जल्द इसका सेवन बंद कर दें.

कुछ लोगों को खीरा खाने के बाद एलर्जी होती है. इसके कई लक्षण हो सकते हैं. जैसे होंठ या गले में खुजली, सूजन, पेट दर्द और उल्टी जैसा महसूस होना. अगर कभी खीरा खाने के बाद ये लक्षण दिखें, तो जल्द से जल्द इसका सेवन बंद कर दें.

खीरा प्राकृतिक रूप से ड्यूरेटिक यानी पेशाब बढ़ाने वाला होता है. अगर किसी को पहले ही बार-बार पेशाब आने की समस्या रहती है, तो खीरा उनकी दिक्कत और बढ़ा सकता है. ऐसे लोग इसे बहुत सीमित मात्रा में ही खाएं या डॉक्टर से पूछकर खाएं.

खीरा प्राकृतिक रूप से ड्यूरेटिक यानी पेशाब बढ़ाने वाला होता है. अगर किसी को पहले ही बार-बार पेशाब आने की समस्या रहती है, तो खीरा उनकी दिक्कत और बढ़ा सकता है. ऐसे लोग इसे बहुत सीमित मात्रा में ही खाएं या डॉक्टर से पूछकर खाएं.

खीरा शरीर का तापमान कम करने के साथ-साथ ब्लड प्रेशर को भी थोड़ा कम कर सकता है. अगर किसी को पहले से ही लो बीपी की समस्या है, तो खीरा ज्यादा खाने पर चक्कर, कमजोरी या थकान महसूस हो सकती है. इसलिए लो बीपी वाले लोग इसे हमेशा सीमित मात्रा में ही खाएं.

खीरा शरीर का तापमान कम करने के साथ-साथ ब्लड प्रेशर को भी थोड़ा कम कर सकता है. अगर किसी को पहले से ही लो बीपी की समस्या है, तो खीरा ज्यादा खाने पर चक्कर, कमजोरी या थकान महसूस हो सकती है. इसलिए लो बीपी वाले लोग इसे हमेशा सीमित मात्रा में ही खाएं.

कुछ लोगों का शरीर जल्दी ठंड पकड़ लेता है. ऐसे लोगों को ठंडी तासीर वाले खाने जल्दी नुकसान पहुंचाते हैं. अगर आपका शरीर ठंड जल्दी पकड़ता है, हाथ-पैर ठंडे रहते हैं या पेट अक्सर ठंडा हो जाता है, तो खीरा आपके लिए सही नहीं है.

कुछ लोगों का शरीर जल्दी ठंड पकड़ लेता है. ऐसे लोगों को ठंडी तासीर वाले खाने जल्दी नुकसान पहुंचाते हैं. अगर आपका शरीर ठंड जल्दी पकड़ता है, हाथ-पैर ठंडे रहते हैं या पेट अक्सर ठंडा हो जाता है, तो खीरा आपके लिए सही नहीं है.

Published at : 01 Dec 2025 06:44 AM (IST)

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कहीं आपके फोन में इंस्टॉल डिजिलॉकर ऐप फेक तो नहीं? सरकार ने जारी की यह एडवायजरी

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DigiLocker का इस्तेमाल कई जरूरी डॉक्यूमेंट्स आदि स्टोर करने के लिए किया जाता है. कई लोग अपने डॉक्यूमेंट्स की फिजिकल कॉपी की जगह डिजिलॉकर में उनका डिजिटल वर्जन रखकर ही अपना काम चलाते हैं. लेकिन क्या आपने यह ध्यान से देखा है कि आपके फोन में इंस्टॉल डिजिलॉकर ऐप असली है या नकली. भारत सरकार ने नकली डिजिलॉकर ऐप को लेकर एडवायजरी जारी की है. आइए जानते हैं कि इसमें क्या कहा गया है. 

एडवायजरी में क्या कहा गया?

भारत सरकार के डिजिटल इंडिया हैंडल से की गई एक पोस्ट में कहा गया है कि ऐप स्टोर्स पर फर्जी डिजिलॉकर ऐप सर्कुलेट हो रही है. साथ ही यूजर को ऐप डाउनलोड करने से पहले उसकी ऑथेंटिसिटी चेक करने की भी सलाह दी गई है. पोस्ट में लिखा गया है, ‘केवल असली डिजिलॉकर ऐप का यूज कर अपने जरूरी डॉक्यूमेंट को प्रोटेक्ट करें. यूजर्स को मिसलीड करने के लिए ऐप स्टोर्स पर इससे मिलती-जुलती ऐप्स को सर्कुलेट किया जा रहा है. अगर आपने पहले ही कोई संदिग्ध वर्जन डाउनलोड कर लिया है तो इसे तुरंत डिलीट करें और इससे लिंक्ड अकाउंट के पासवर्ड बदल लें. इस ऐप को सरकारी वेबसाइट्स पर दिए गए ऑफिशियल लिंक से डाउनलोड करें.’

कैसे करें असली ऐप की पहचान?

सरकार ने बताया है कि असली ऐप का नाम DigiLocker है और इसे नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) ने डेवलप किया है. इसकी आधिकारिक वेबसाइट है. ऐसे में ऐप डाउनलोड करते समय इसकी स्पेलिंग को ध्यान से देखें. अगर इसमें गड़बड़ दिख रही है तो डाउनलोड करने से बचें. सरकार की तरफ से एडवायजरी में कहा गया है कि इसे सरकारी वेबसाइट्स पर दिए गए लिंक पर क्लिक कर ही डाउनलोड करें. इसके लिए किसी थर्ड-पार्टी ऐप स्टोर्स या अनजान डेवलपर्स की ऐप्स पर भरोसा न करें. साथ ही अनजान नंबरों से आए लिंक पर क्लिक कर भी फाइल या ऐप डाउनलोड करने से बचना चाहिए.

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मोनालिसा को मिला बड़ा सरप्राइज, पापा ने दिया डेढ़ लाख का गिफ्ट, देखते ही उछल पड़ीं वायरल गर्ल

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महाकुंभ के मेले में अपनी कजरारी आंखों का जादू बिखेरने वाली मोनालिसा भोसले अब जल्द ही बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेसेस की लिस्ट में शामिल होने वाली हैं. अक्सर ही हसीना सोशल मीडिया पर अपने लुक्स को लेकर लाइमलाइट में रहती हैं. अब एक बार फिर मोनालिसा का वीडियो सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हो रहा है. 

मोनालिसा के पापा ने गिफ्ट किया महंगा फोन 
आज महाकुंभ गर्ल मोनालिसा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया. इसमें देखा जा सकता है कि एक्ट्रेस के पिता उन्हें बड़ा सरप्राइज देते हैं. वीडियो की शुरुआत में उनके पिता कहते हैं, ‘मोना बेटा मैं तुम्हारे लिए गिफ्ट लेकर आया हूं’. इसके बाद एक्ट्रेस के पिता उन्हें आई फोन का लेटेस्ट मॉडल 17 प्रो का बॉक्स देते हैं.

अपने पापा से ऐसा महंगा गिफ्ट पा कर मोनालिसा के चेहरे की खुशी देखते बनती है. पिता और बेटी का ऐसा रिश्ता उनके फैंस को भी बहुत पसंद आ रहा है. अपने हाथों में डेढ़ लाख रुपए का महंगा फोन पा कर तो जैसे मोनालिसा की खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं था. सोशल मीडिया पर उनकी ये तस्वीर वायरल हो रही है और फैंस भी इसपर अपना शानदार रिएक्शन दे रहे हैं.
मोनालिसा को मिला बड़ा सरप्राइज, पापा ने दिया डेढ़ लाख का गिफ्ट, देखते ही उछल पड़ीं वायरल गर्ल

महाकुंभ गर्ल का वर्कफ्रंट
महाकुंभ में माला बेचने वाली सिंपल सी लड़की अब बॉलीवुड में अपने कदम जमाने को तैयार हैं. जल्द ही वो सनोज मिश्रा द्वारा निर्देशित फिल्म डायरी ऑफ मणिपुर में नजर आएंगी. इसके पहले भी वो म्यूजिक वीडियो में नजर आ चुकी हैं जहां अपने ग्रेस और कॉन्फिडेंस से उन्होंने ऑडियंस के दिल में अपनी जगह बनाई. बता दें, ‘डायरी ऑफ मणिपुर’ की शूटिंग शुरू हो चुकी है और इस फिल्म के जरिए हसीना बॉलीवुड में डेब्यू करेंगी. फिल्म में वो राजकुमार राव के भाई अमित राव संग स्क्रीन शेयर करेंगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक एक्ट्रेस साउथ की फिल्म ‘नागम्मा’ में भी नजर आएंगी.

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Ind Vs SA 1st ODI Highlights: कोहली का 52वां शतक, भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 17 रन से हराया

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भारत ने स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (135 रन) के 52वें वनडे शतक के बाद तेज गेंदबाज हर्षित राणा (तीन विकेट) और कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव (चार विकेट) के झटकों की बदौलत रविवार को यहां पहले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय में दक्षिण अफ्रीका को 17 रन से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 1-0 से बढ़त बना ली. दूसरा वनडे तीन दिसंबर को रायपुर में खेला जाएगा.

कोहली ने 120 गेंद की तेज पारी के दौरान 11 चौके और सात छक्के जमाए जिससे भारत ने आठ विकेट पर 349 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया.

क्रिकेट के एकमात्र इस प्रारूप में खेलने वाले कोहली ने फिर अपनी अहमियत और दबदबे को साबित किया. उन्होंने दूसरे विकेट के लिए रोहित शर्मा (51 गेंद में 57 रन) के साथ 136 रन की साझेदारी करके जेएससीए स्टेडियम की सपाट पिच पर भारत के बड़े स्कोर की नींव रखी.

कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल ने 56 गेंद में 60 रन की अर्धशतकीय पारी खेली और रविंद्र जडेजा ने 20 गेंद में 32 रन का योगदान दिया.

इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरूआत काफी खराब हुई, उससे 11 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, पर मैथ्यू बीट्जके (72 रन), मार्को यानसन (70 रन) और कॉर्बिन बॉश (67 रन) ने शानदार अर्धशतकीय पारियां खेली लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सके जो 49.2 ओवर में 332 रन बनाकर ऑल आउट हो गई.

कुलदीप ने 68 रन देकर चार विकेट और हर्षित राणा ने 65 रन देकर तीन विकेट झटके. अर्शदीप सिंह को दो विकेट मिले. प्रसिद्ध कृष्णा ने अंतिम बल्लेबाज बॉश को आउट करके भारत को जीत दिलाई.

कोहली अब टी20 अंतरराष्ट्रीय नहीं खेलते हैं और अगले आठ महीनों में भारत को सिर्फ छह वनडे मैच खेलने हैं इसलिए 36 साल के इस क्रिकेटर के लिए इस प्रारूप का हर मैच अब अहमियत रखता है. उन्होंने अपनी पारी से चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को याद दिलाया कि वह इस प्रारूप में भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बने हुए हैं.

रोहित के पास भी खुद को साबित करने का एक शानदार मंच था. उन्होंने एक रन पर मिले जीवनदान का फायदा उठाया और मार्को यानसन की गेंद पर पगबाधा होने से पहले अर्धशतक ही बना सके.

क्रिकेट प्रेमी कोहली और रोहित की बड़ी पारी खेलने के लिए बेकरार हैं और दोनों के बीच 136 रन की भागीदारी इन दोनों खिलाड़ियों का ही आत्मविश्वास नहीं बढ़ाएगी बल्कि टीम प्रबंधन को भी भरोसा देगी कि वे अब भी बड़े मंच के स्टार हैं और भारत के लिए अभी और खेल सकते हैं.

पिच सपाट थी लेकिन दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों ने भी सही लाइन एवं लेंथ में गेंदबाजी नहीं की. यानसन के अलावा नांद्रे बर्गर, कॉर्बिन बॉश और ओटनील बार्टमैन ने दो दो विकेट झटके.

सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (18 रन) बर्गर की गेंद पर बल्ला छुआकर आउट हो गए जिसके बाद कोहली क्रीज पर उतरे. रांची के दर्शकों को रोहित-कोहली (रो-को) की जोड़ी से जैसे प्रदर्शन की उम्मीद थी, उन्होंने वैसा ही खेल दिखाया.

रोहित को बर्गर की गेंद पर टोनी डी जोर्जी ने कैच छोड़कर जीवनदान दे दिया और इस बल्लेबाज ने इसका फायदा उठाते हुए यानसन और बॉश के खिलाफ लगातार बाउंड्री लगा दीं.

उन्होंने यानसन पर पांच गेंद के अंदर दो बाउंड्री लगाईं और बॉश की अंदर आती गेंदों को आसानी से फ्लिक किया और शॉर्ट गेंदों को पुल किया. कोहली शानदार फॉर्म में दिख रहे थे और उन्होंने बर्गर की गेंद पर मिड-ऑफ के ऊपर से छक्का मारकर अपने इरादे स्पष्ट किए. इसके बाद उन्होंने एक शानदार कवर ड्राइव लगाया.

दोनों ने दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजों की लाइन एवं लेंथ में हुई गलती का फायदा उठाते हुए तेजी से रन बनाए जिससे कार्यवाहक कप्तान एडन मारक्रम को ऑफस्पिनर प्रेनलन सुब्रयन को मैदान में उतारना पड़ा, लेकिन रन गति में कमी नहीं हुई.

कोहली ने बॉश की गेंद पर छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया जबकि रोहित ने एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया. जिससे भारत ने जल्दी ही 100 रन का आंकड़ा पार कर लिया. यानसन ने आखिरकार रोहित को पगबाधा आउट किया. इससे भारत की रन गति थोड़ी देर के लिए धीमी हुई.

रुतुराज गायकवाड़ (08) और पांचवें नंबर पर उतारे गए वाशिंगटन सुंदर जल्दी जल्दी आउट हो गए, लेकिन कोहली डटे रहे. उनके शतक पूरा करने के तुरंत बाद एक प्रशंसक सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए अंदर आ गया, वह घुटने के बल उनके सामने बैठ गया और उनके पैर छुए जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे बाहर किया.

राहुल (60 रन) स्पिनर सुब्रयन पर शॉट लगाने के लिए संघर्ष कर रहे थे तो कोहली ने इस गेंदबाज पर दो छक्के और एक चौके की मदद से 21 रन बनाए. 2027 विश्व कप में अभी कुछ समय है लेकिन कोहली ने सबको याद दिला दिया कि उनकी लय बरकरार है और उनकी रनों की भूख हमेशा की तरह बरकरार है.

टेस्ट श्रृंखला में 2-0 की जीत से आत्मविश्वास से भरी दक्षिण अफ्रीका की लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरूआत भले ही खराब हुई लेकिन टीम के मध्यक्रम और निचलेक्रम ने संयमित बल्लेबाजी की.

भारत ने गेंदबाजी में स्वप्निल शुरूआत करते हुए दक्षिण अफ्रीका के 11 रन पर तीन विकेट झटक लिए.

हर्षित राणा ने दूसरे ओवर में रेयान रिकल्टन और विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक को आउट किया. दोनों खाता भी नहीं खोल सके. फिर अर्शदीप सिंह ने कार्यवाहक कप्तान एडन मारक्रम (07) को विकेटकीपर के हाथों कैच कराकर दक्षिण अफ्रीका का स्कोर तीन विकेट पर 11 रन कर दिया.

इसके बाद मैथ्यू ब्रीट्जके (53 रन) और टोनी डीजॉर्जी (39 रन) ने मिलकर पारी को संभालते हुए चौथे विकेट के लिए 66 रन जोड़े. कुलदीप यादव ने 15वें ओवर में डीजॉर्जी को पगबाधा आउट कर दक्षिण अफ्रीका को चौथा झटका दिया.

डेवाल्ड ब्रेविस (37 रन) ने फिर ब्रीट्जके के साथ मिलकर स्कोर 150 रन तक पहुंचाया लेकिन वह हर्षित राणा का तीसरा शिकार बन गए.

मार्को यानसन ने आते ही हर्षित की यॉर्कर पर चौका जड़ा. फिर कुलदीप पर लगातार दो चौके जमाने के बाद मिडविकेट पर छक्का जड़ दिया. यानसन ने प्रसिद्ध कृष्णा पर लगातार छक्के जड़े. फिर जल्द ही 26 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया जिसमें पांच चौके और तीन छक्के शामिल थे.

यानसन और ब्रीट्जके ने छठे विकेट के लिए 69 गेंद में 97 रन की भागीदारी निभाई. कुलदीप ने फिर एक ही ओवर में यानसन और ब्रीट्जके को आउट कर दक्षिण अफ्रीका को दोहरे झटके दिए.

इसके बाद आउट होने वाले अंतिम खिलाड़ी बॉश ने 51 गेंद में पांच चौके और चार छक्के से 67 रन बनाए.

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जॉब पर रखे जाएंगे 15000 लोग, छंटनी के बाद अब टाटा ग्रुप की इस कंपनी में होगी हायरिंग

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Tata Electronics: देशभर में छंटनी की खबरों के बीच अब एक गुड न्यूज आई है. बताया जा रहा है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) तमिलनाड़ु में अपनी फेसिलिटी में लोगों की संख्या बढ़ाने की तैयारी में जुटी है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की इस हायरिंग के बाद होसुर प्लांट में कर्मचारियों की संख्या 60,000 से बढ़कर 75,000 हो जाएगी. यानी कि इससे साफ है कि 15000 नए कर्मचारियों को काम पर रखने की तैयारी चल रही है.

क्यों होगी इतने लोगों की हायरिंग?

दरअसल, आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल अपनी बढ़ती डिमांड को पूरा करने की कोशिश कर रही है. काम में तेजी लाने के लिए और भी लोगों को यूनिट में लगाए जाने का प्लान बनाया जा रहा है. टाटा भारत में एप्पल की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर फॉक्सकॉन के बराबर कर्मचारियों को रखना चाहती है. टाटा के इस होसुर प्लांट में आईफोन के कई पार्ट्स असेंबल किए जाते हैं. इससे पहले यहां आईफोन के केस या कवर बनाए जाते थे.

देश में बढ़ रहा एप्पल का प्रोडक्शन

एक रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि प्लांट में कामकाज के दायरे को इसलिए तेजी से बढ़ाया जा रहा है क्योंकि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स देश में एप्पल के बढ़ते प्रोडक्शन की वजह से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज को बढ़ाने पर जोर दे रहा है. अक्टूबर में ET की एक रिपोर्ट में दी गई डेटा के मुताबिक, भारत से एप्पल आईफोन का एक्सपोर्ट मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के पहले छह महीनों में रिकॉर्ड 10 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी समय के 5.71 बिलियन डॉलर से 75 परसेंट ज्यादा है. 

नहीं मिल रहे काबिल लोग

इस तेजी के बावजूद काबिल वर्कर ढूंढना मुश्किल साबित हो रहा है. एक व्यक्ति ने कहा, ”टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को काफी स्किल्ड मैनपावर ढूंढने में मुश्किल हो रही है. जैसे-जैसे स्केल बड़ा होता जा रहा है, वे यह समझ रहे हैं कि उन्हें मैनपावर, पानी, बिजली जैसे दूसरे फैक्टर्स को लेकर ज्यादा सोचना होगा.” सूत्र ने कहा, ”खासकर टैलेंट वाले हिस्से को सुलझाने की जरूरत है क्योंकि कस्टमर ट्रैक्शन और दूसरे फैक्टर्स बहुत मजबूत हैं.”

 

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चीन की मिसाइलों को पलक झपकते ही तबाह कर देगा ‘T-Dome’, ताइवान का नया डिफेंस सिस्टम उड़ाएगा ड्रै

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ताइवान ने अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. चीन के संभावित हमले के खतरे को देखते हुए सरकार ने अतिरिक्त 40 अरब अमेरिकी डॉलर के रक्षा बजट का प्रस्ताव रखा है. यह पैसा आने वाले वर्षों में नई और आधुनिक मल्टी-लेयर्ड एयर डिफेंस प्रणाली T-Dome बनाने में खर्च किया जाएगा. यह पहली बार है जब ताइवान इतनी बड़ी सुरक्षा निवेश योजना को सामने ला रहा है.

अमेरिकी दबाव और बढ़ता रक्षा खर्च
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका लगातार ताइवान से उसका रक्षा बजट बढ़ाने की मांग कर रहा है. ताइवान सरकार ने कहा है कि यह खास बजट 2026 से 2033 के बीच चरणों में खर्च किया जाएगा. राष्ट्रपति लाई चिंग-ते पहले ही रक्षा खर्च को जीडीपी के 5% तक ले जाने की बात कर चुके हैं. फिलहाल ताइवान ने 2026 के लिए रक्षा बजट बढ़ाकर 31.18 अरब डॉलर कर दिया है, जिससे कुल रक्षा खर्च जीडीपी का 3.3% हो जाएगा. राष्ट्रपति लाई ने वॉशिंगटन पोस्ट में लिखा कि नया बजट मुख्य रूप से अमेरिका से हथियार खरीदने के लिए इस्तेमाल होगा. ताइवान के रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू के मुताबिक, 40 अरब डॉलर बजट की ऊपरी सीमा है और इसका उपयोग सटीक मारक मिसाइलों, संयुक्त हथियार विकास और सैन्य तकनीक खरीद में किया जाएगा.

T-Dome क्या है और कैसे काम करेगा?
इस रक्षा प्रणाली की घोषणा राष्ट्रपति लाई ने 10 अक्टूबर को की थी. उन्होंने इसकी तुलना इजरायल के मशहूर Iron Dome से की, लेकिन कहा कि इसकी क्षमता उससे काफी ज्यादा होगी. रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, T-Dome सिर्फ छोटे रॉकेट नहीं बल्कि कई तरह के खतरों से निपटेगा. यह सिस्टम चीन के लड़ाकू विमान, बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें, ड्रोन जैसे हमलों को रोकने के लिए डिजाइन किया जा रहा है.

मौजूदा रक्षा सिस्टम से जुड़कर बनेगा सुपर-नेटवर्क
ताइवान के पास पहले से कई अहम एयर डिफेंस सिस्टम हैं-

  • अमेरिकी पैट्रियट PAC-3 मिसाइल सिस्टम
  • स्वदेशी Sky Bow और Tien Kung सिस्टम

जल्द ही मिलेंगे NASAMS सिस्टम
T-Dome इन सभी को आधुनिक रडार, सेंसर और एक कमांड सेंटर से जोड़कर एक सिंगल रक्षा नेटवर्क बनाएगा, जो तेजी से खतरे का पता लगा सकेगा और उसे तुरंत नष्ट कर सकेगा.

T-Dome के दो मुख्य हिस्से होंगे

राष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इस सिस्टम में-

  • कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम- जो सभी रडार और सेंसर से डेटा लेकर तय करेगा कि किस खतरे पर कौन-सी मिसाइल दागनी है.
  •  इंटरसेप्टर लेयर्स- जहां अलग-अलग ऊंचाई और दूरी के लिए मिसाइलें तैनात रहेंगी, ताकि आने वाली हर मिसाइल या ड्रोन को रोका जा सके.

ताइवान को यह सिस्टम क्यों जरूरी लगा?
यूक्रेन-रूस युद्ध से ताइवान ने सीखा है कि आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली ही नागरिकों, सेना और अहम जगहों को बचा सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ताइवान चीन के शुरुआती मिसाइल हमलों को रोक पाए, तो बीजिंग हमला करने से पहले कई बार सोचेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के पास ताइवान के आसपास तैनात जहाजों और जमीन-आधारित लॉन्चर से सिर्फ तीन मिनट में सैकड़ों मिसाइलें दागने की क्षमता है.

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