आपके नाम पर है फर्जी SIM तो हो जाइए सावधान नहीं तो पहुंच जाएंगे जेल! DoT की कड़ी चेतावनी ने मचा

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Fake SIM Card: भारत के दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल यूजर्स को कड़ी चेतावनी जारी की है. विभाग का कहना है कि अगर आपके नाम पर जारी कोई SIM कार्ड साइबर फ्रॉड या अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल हो जाता है तो आपको कोर्ट तक जाना पड़ सकता है भले ही आपने उस कनेक्शन को कभी इस्तेमाल न किया हो. यानी SIM आपके नाम पर है तो उसकी पूरी ज़िम्मेदारी भी आपकी ही मानी जाएगी.

कौन-सी गलतियां पहुंचा सकती हैं जेल तक?

DoT ने साफ कहा है कि यूज़र्स को ऐसी किसी भी गतिविधि से बचना चाहिए जो कानूनी कार्रवाई की वजह बन सकती है. इनमें शामिल हैं बदले हुए IMEI वाले फोन का इस्तेमाल. अगर आप ऐसा फोन इस्तेमाल करते हैं जिसकी IMEI नंबर में छेड़छाड़ की गई है तो कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

फर्जी दस्तावेजों से SIM लेना

नकली पहचान पत्र, गलत कागज़ात या किसी की पहचान का दुरुपयोग करके SIM लेना या दिलवाना गंभीर अपराध है.

अपनी SIM किसी और को देना

सबसे अहम चेतावनी अपनी सही तरीके से खरीदी गई SIM किसी तीसरे व्यक्ति को बिल्कुल न दें. यही तरीका साइबर अपराधियों द्वारा सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया जाता है.

नया Telecommunications Act 2023

नए कानून के तहत दूरसंचार पहचानकर्ताओं (जैसे SIM, IMEI) में छेड़छाड़ करना या SIM फ्रॉड में शामिल होना अब बड़ा अपराध माना जाएगा. इसमें शामिल दंड 3 साल तक की जेल, 50 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना. अगर आपकी SIM किसी अपराध में इस्तेमाल हुई तो इसे अपराध में सहभागिता माना जा सकता है चाहे अपराध आपने न किया हो.

कैसे बचाएं खुद को?

DoT ने नागरिकों से Sanchar Saathi पोर्टल या ऐप का इस्तेमाल करने की अपील की है. यह प्लेटफ़ॉर्म आपको आपके नाम पर रजिस्टर्ड सभी SIM की जानकारी देता है. किसी भी मोबाइल डिवाइस का IMEI नंबर असली है या नहीं, यह चेक करने की सुविधा देता है. इससे आप अपने नाम पर चल रही किसी भी संदिग्ध SIM को तुरंत हटा सकते हैं और डिजिटल सुरक्षा मजबूत कर सकते हैं.

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Neetu Chandra ने इंटरव्यू में क्यों बोला “बिहार की छवि बदलने का वक्त है?”

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Goa के Panaji में 56वें International Film Festival of India का आयोजन खत्म हो चुका है . इसी दौरान 9 दिनों तक चलने वाले इस Event में Bollywood के famous producers भी हिस्सा बने.  इसी दौरान हमारी बात Neetu Chandra से हुई.

Neetu Chandra ने बताया कि हमारी भोजपुरी films अक्सर बिहार में ही release नहीं होतीं, लेकिन यह हमारी संस्कृति, हमारी कला और हमारी प्रतिभा का प्रतिनिधित्व करती हैं. भोजपुरी हमारी मातृभाषा है और हमें इस पर गर्व है. Neetu Chandra और उनके भाई National Award विजेता हैं. Director Nitin Chandra, Champaran Talkies के माध्यम से clean और गुणवत्तापूर्ण cinema को बढ़ावा दे रहे हैं .  उनकी films बिहार की सच्ची छवि पेश करती हैं और दर्शकों को यह दिखाती हैं कि यहां भी प्रतिभाशाली filmmakers हैं.

भले ही भोजपुरी films की छवि अक्सर अश्लीलता के साथ जुड़ी हुई है, हम इसे बदलने की कोशिश कर रहे हैं. उनकी films में सांस्कृतिक, सामाजिक और clean content है, जिसे international film festivals में भी सराहा गया है. International दर्शक subtitles के माध्यम से फिल्म का मजा लेते हैं. वह यह साबित करना चाहते हैं कि बिहार से भी उच्च-गुणवत्ता की films बन सकती हैं और content की शक्ति से पूरी छवि बदली जा सकती है.

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टेरिटोरियल आर्मी में सोल्जर बनने का मौका,लास्ट डेट से पहले करें आवेदन; जानें कैसे

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टेरिटोरियल आर्मी ने उन युवाओं के लिए शानदार अवसर खोल दिया है, जो सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करना चाहते हैं इस बार सोल्जर के कुल 1529 पदों पर भर्ती निकली है, जिसमें कई इन्फैंट्री बटालियनों में जवानों की नियुक्ति होगी।अच्छी बात यह है कि यह मौका पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवारों के लिए खुला है ऑनलाइन आवेदन 15 नवंबर 2025 से शुरू हो चुके हैं और 14 दिसंबर 2025 तक फॉर्म भरे जा सकते हैं जो युवा सेना में जाना चाहते हैं, उनके लिए यह मौका काफी खास माना जा रहा है.

उम्र सीमा 
इस भर्ती में 18 से 42 साल तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं आरक्षित वर्गों को नियमों के अनुसार आयु में छूट भी दी जाएगी. 

योग्यता 

पोस्ट के हिसाब से शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग रखी गई है

  • सोल्जर के लिए कम से कम 10वीं पास, कुल 45% और हर विषय में 33% अंक जरूरी हैं.
  • सोल्जर क्लर्कके लिए 12वीं पास होना आवश्यक, 60% कुल और हर विषय में 50% अंक अनिवार्य हैं .
  • ट्रेड्समैन के लिए 8वीं या 10वीं पास भी आवेदन कर सकते हैं, हर विषय में 33% अंक जरूरी हैं.

शारीरिक मापदंड 

शारीरिक मापदंड में पुरुषों की लंबाई 160 सेमी और छाती 77–82 सेमी होनी चाहिए वहीं  महिलाओं के लिये लंबाई 157 सेमी छाती राखी गयी है पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए लंबाई में छूट भी दी जाएगी वहीं वजन उम्र और लंबाई के हिसाब से तय किया जाएगा.

कितने चरणों में होगा चयन?

सेना की भर्ती प्रक्रिया हमेशा कई चरणों से होकर गुजरती है और इस बार भी ये चरण रहेंगे:

  • ट्रेड टेस्ट
  • दस्तावेजों की जांच
  • फिजिकल फिटनेस टेस्ट
  • लिखित परीक्षा
  • मेडिकल टेस्ट
  • फाइनल मेरिट लिस्ट
  • इन सभी राउंड में पास होने के बाद ही फाइनल चयन होगा

कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?

  • जन्म प्रमाण पत्र
  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र
  • डोमिसाइल
  • जाति प्रमाण पत्र
  • धर्म प्रमाण पत्र
  • कैरेक्टर सर्टिफिकेट
  • शादीशुदा/अविवाहित प्रमाण पत्र
  • रिलेशनशिप सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
  • सभी डॉक्यूमेंट के मूल और दो सत्यापित कॉपी साथ रखना जरूरी है.

कितना मिलेगा वेतन 
इस भर्ती का वेतनमान जिले/यूनिट के अनुसार तय होता है मगर सामान्य तौर पर सोल्जर पद पर महीने का वेतन 35,000 से 45,000 रुपये के बीच रहता है इसके अलावा कैंटीन सुविधाएं, मेडिकल और अन्य भत्ते भी मिलते हैं.

कैसे करें आवेदन?

आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होंगे उम्मीदवारों को अपने दस्तावेज स्कैन करके तैयार रखना होगा फॉर्म भरने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और  समय सीमा की अन्दर अपना फॉर्म सबमिट करें.

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अमेरिका के विकास में भारतीयों का योगदान… H1-B वीजा पर एलन मस्क का बड़ा बयान

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H1-B वर्क वीजा प्रोग्राम को लेकर जो सख्त कदम उठाए हैं, उससे सबसे ज्यादा भारतीय प्रभावित हुए हैं. वीजा की फीस कई गुना बढ़ा दी गई है. ट्रंप प्रशासन के इस सख्त रुख के बीच अरबपति बिजनेसमैन एलन मस्क ने भारतीयों की जमकर तारीफ की है. उन्होंने अमेरिका के विकास में भारतीयों के सहयोग की सराहना की और वीजा प्रोग्राम जारी रखने की भी वकालत की है.

अमेरिका की एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने H1-B वीजा का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि अमेरिका को भारत से आए प्रतिभाशाली लोगों का बहुत फायदा मिला है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वीजा प्रोग्राम चेतावनी कर दिया गया तो यह अमेरिका के लिए वास्तव में बहुत बुरा होगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका को भारत के कामगारों की आज पहले से कहीं ज्यादा जरूरत है. एलन मस्क ने माना कि आउटसोर्सिंग कंपनियां वीजा प्रणाली का दुरुपयोग करती हैं. उन्होंने कहा कि इस कमी को दूर किया जाना चाहिए न कि वीजा को ही रोक देना चाहिए.

एलन मस्क ने निवेशक और उद्यमी निखिल कामत के पॉडकास्ट पीपल बाय डब्ल्यूटीएफ में एक इंटरव्यू के दौरान यह टिप्पणी की. मस्क ने कहा, ‘हां, मुझे लगता है कि अमेरिका को उन प्रतिभाशाली भारतीयों से बहुत लाभ हुआ है जो अमेरिका आए… अमेरिका, भारत की प्रतिभा से अत्यंत लाभान्वित हुआ है.’

एच-1बी वीजा को लेकर एलन मस्क ने कहा कि भले ही इस वर्क वीजा प्रोग्राम का कुछ दुरुपयोग हुआ है लेकिन उनका दृढ़ विश्वास है कि इसे बंद नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘यह कहना सही होगा कि… कुछ आउटसोर्सिंग कंपनियों ने एच-1बी प्रणाली का दुरुपयोग किया है और हमें इस दुरुपयोग को रोकने की जरूरत है, लेकिन मैं बिल्कुल भी उस विचारधारा का हिस्सा नहीं हूं कि इस कार्यक्रम को बंद कर दिया जाए. कुछ दक्षिणपंथी लोग ऐसा सोचते हैं. मेरा मानना है कि उन्हें समझ नहीं है कि ऐसा करना वास्तव में बहुत बुरा होगा.’

एलन मस्क ने ऐसे समय में यह बात कही है जब अमेरिका ने एच-1बी वीजा के दुरुपयोग को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर सख्ती शुरू की है. अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियां विदेशियों को रोजगार देने के लिए इस वीजा का व्यापक रूप से उपयोग करती हैं. भारतीय पेशेवर खासकर प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कर्मचारी और चिकित्सक एच-1बी वीजा धारकों के सबसे बड़े समूहों में शामिल हैं.

एलन मस्क ने आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर अवैध आव्रजन हुआ, जिसने नकारात्मक प्रभाव पैदा किया. उन्होंने कहा, ‘अगर अमेरिका में अवैध रूप से आने और सरकारी लाभ पाने का बड़ा आर्थिक प्रलोभन होगा, तो स्वाभाविक रूप से लोग अमेरिका आने की कोशिश करेंगे. यह पूरी प्रोत्साहन संरचना ही गलत थी.’

जब उनसे पूछा गया कि भारत के युवा उद्यमियों के लिए उनका संदेश क्या है, तो एलन मस्क ने कहा कि वह उन सभी का सम्मान करते हैं जो कुछ बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा, ‘आप जो पाना चाहते हैं, उससे अधिक देने का लक्ष्य रखें. अगर आप कुछ मूल्यवान बनाना चाहते हैं… उपयोगी उत्पाद और सेवाएं देना चाहते हैं… तो पैसा अपने-आप आएगा.’

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‘मौत को छूकर वापस आ गया’ बाइक वाले के ऊपर आफत बनकर आया मिनी ट्रक- डरा देगा वीडियो

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कभी कभी किस्मत ऐसा खेल दिखाती है कि रूह और शरीर दोनों कांप जाते हैं. हाईवे पर गाड़ी चलाना और फिर घुमावदार सड़कों से सुरक्षित निकल जाना केवल किस्तम वालों के ही बस की बात है. लेकिन इस बार किस्मत ने मौत का खेल एक शख्स के साथ ऐसा खेला कि उसकी आत्मा कंपकंपा उठी. शख्स बाइक लेकर हाईवे पर निकला ही था कि उसे मौत का किनारा छूकर निकल गया और वो बस देखता रहा कि उसके साथ ये हुआ क्या. वीडियो देखकर आप भी डर जाएंगे.

बाइकर को छूकर निकल गई मौत

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक बाइकर व्लॉगिंग करते हुए हाईवे से जा रहा है. इसी दौरान हाईवे के मोड़ पर अचानक एक मिनी ट्रक असंतुलित होकर उसकी तरफ आता है और इतने करीब से निकल जाता है कि अगर कुछ सेंटीमीटर का भी फांसला होता तो बाइकर की शामत आना तय थी. जैसे ही मिनी ट्रक उसके करीब से निकला शख्स अचानक अपनी बाइक से उतर गया और साइड हो गया जिससे कि ट्रक उसे छू न पाए.


काल बनकर आया मिनी ट्रक, समझदारी से टला हादसा

इसके बाद मिनीट्रक असंतुलित होकर बाइक से कुछ दूरी पर फिर से सीधा हो गया और चलने लगा. शख्स को एक बार के लिए तो समझ ही नहीं आया कि उसके साथ अचानक हुआ क्या और वो केवल हांफते हुए खुद के पास से गुजरी मौत को देखता रहा शुक्र मनाता रहा कि वो बच गया. मौत को इतने पास से गुजरते देख किसी की भी आत्मा कांप उठेगी, लेकिन बाइक वाले ने समझदारी दिखाते हुए पहले ही वो साइड हो गया.

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यूजर्स ने की समझदारी की तारीफ

वीडियो को ModernBiker नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई की फिल्डिंग सेट होने से बच गई. एक और यूजर ने लिखा…भाई को काफी अनुभव लगता है मौत से खेलने का. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…बाइकर भी है और समझदार भी.

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SIP या PPF लंबे समय के निवेश में कौन बेहतर? जानें कहां होगी ज्यादा कमाई

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Long Term Investment: भारतीय निवेशकों के लिए बाजार में निवेश के कई ऑप्शन मौजूद हैं. निवेशक अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार इन विकल्पों में चुनाव करते हैं. कुछ लोग सुरक्षित निवेश तो, वहीं कुछ लोग बाजार के जोखिमों पर आधारित निवेश पर अपना दांव लगाते हैं.

अगर आप भी लंबे समय में एक अच्छा रिटर्न देने वाली किसी योजना की तलाश कर रहे हैं तो, आप पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और म्यूचुअल फंड्स SIP में निवेश करने की सोच सकते हैं. आइए जानते हैं कि, आपको इन दोनों विकल्पों में कहां ज्यादा रिटर्न मिल सकता हैं……

म्यूचुअल फंड SIP

अगर कोई निवेशक लंबे समय तक छोटी-छोटी राशि में निवेश करके एक बड़ा कॉर्पस बनाने का प्लान कर रहे हैं तो, म्यूचुअल फंड SIP उनके लिए एक फायदेमंद निवेश विकल्प हो सकता हैं. इसके तहत निवेश करने पर कंपाउंडिंग का लाभ मिलता है.

मोटे तौर पर अगर बाजार की स्थिति सही रहती है तो, निवेशकों को औसतन सालाना 12 फीसदी की रिटर्न मिल सकता हैं. हालांकि, म्यूचुअल फंड SIP बाजार जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए रिटर्न में बदलाव भी संभव है.  

पब्लिक प्रोविडेंट फंड

एसआईपी की तरह ही यह भी लंबे समय तक निवेश करने वाले निवेशकों को पसंद आता हैं.  पब्लिक प्रोविडेंट फंड का मैच्योरिटि पीरियड 15 साल का होता है. अगर ब्याज दरों की बात करें तो, निवेशकों को अपने निवेश पर 7.1 फीसदी ब्याज मिलता है.

SIP  Vs PPF 

अगर कोई व्यक्ति हर महीने 10 हजार रुपये की SIP 15 सालों के लिए करता है तो, उसका कुल निवेश 18 लाख रुपये हो जाएगा. 12 फीसदी के अनुमानित रिटर्न दर पर यह रकम बढ़कर लगभग 47.59 लाख रुपये हो सकती है. यानी लंबे समय में करीब 29.59 लाख का संभावित लाभ मिल सकता हैं.

वहीं, अगर सेम राशि आपने PPF में 15 साल तक जमा किए तो, कुल निवेश 18 लाख और मैच्योरिटी पर यह फंड लगभग 32.54 लाख रुपये का होगा. यानी कि आपको कुल 14.54 लाख रुपये का मुनाफा मिलेगा. 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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भारत का नया आदेश! अब हर स्मार्टफोन में जरूरी होगा सरकारी साइबर सेफ्टी ऐप, जानिए क्या बदलेगा आपक

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Cyber Safety App: भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सभी स्मार्टफोन कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने नए फोन में एक राज्य संचालित साइबर सुरक्षा ऐप को पहले से इंस्टॉल करके ही बेचें. यह ऐप डिलीट नहीं किया जा सकेगा और यही बात टेक कंपनियों खासतौर पर Apple के लिए परेशानी का कारण बन सकती है.

हर नए फोन में होगा अन-रिमूवेबल Sanchar Saathi ऐप

28 नवंबर को जारी किए गए सरकारी आदेश के अनुसार, Samsung, Apple, Xiaomi, Vivo, Oppo जैसी सभी प्रमुख कंपनियों को अगले 90 दिनों के भीतर सुनिश्चित करना होगा कि हर नया फोन Sanchar Saathi ऐप के साथ ही बाजार में आए. जो फोन पहले ही सप्लाई चेन में भेजे जा चुके हैं, उन पर यह ऐप सॉफ्टवेयर अपडेट के ज़रिए अनिवार्य रूप से भेजा जाएगा. यह आदेश पब्लिक नहीं किया गया था बल्कि चुनिंदा कंपनियों को निजी रूप से भेजा गया.

क्यों जरूरी समझा सरकार ने यह कदम?

सरकार के मुताबिक, दूरसंचार क्षेत्र पर साइबर हमले और IMEI नंबर की डुप्लिकेशन से जुड़े अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं. Duplicate या Spoofed IMEI नंबर का इस्तेमाल करके स्कैमर्स धोखाधड़ी करते हैं, नेटवर्क का गलत इस्तेमाल करते हैं और ट्रेसिंग मुश्किल बना देते हैं. Sanchar Saathi ऐप इन समस्याओं को रोकने में मदद करता है.

ऐप के जरिए यूजर्स यह कर सकते हैं चोरी या खोए हुए मोबाइल को ब्लॉक, IMEI नंबर की जांच, संदिग्ध कॉल्स की रिपोर्ट, सेंट्रल रजिस्ट्री से फोन की ट्रैकिंग. सरकारी डेटा के अनुसार, जनवरी से अब तक इस ऐप ने 7 लाख से अधिक खोए हुए फोन खोजने में मदद की है सिर्फ अक्टूबर में ही 50,000 फोन वापस मिले.

Apple क्यों है सबसे बड़ी परेशानी में?

Apple आमतौर पर किसी भी थर्ड-पार्टी या सरकारी ऐप को अपने iPhone में पहले से इंस्टॉल करने की अनुमति नहीं देता. उनकी पॉलिसी के मुताबिक फोन बेचने से पहले किसी बाहरी ऐप को प्री-लोड करना मना है. Apple ऐसे अनुरोध पहले भी खारिज कर चुका है. Reuters की रीपोर्ट के अनुसार, Counterpoint Research के टैरन पाठक का कहना है कि Apple इस आदेश का सीधा पालन न करके कोई मिडिल ग्राउंड ढूंढने की कोशिश कर सकता है जैसे यूजर्स को ऐप इंस्टॉल करने के लिए केवल प्रॉम्प्ट दिखाना, प्रीलोड करने की जगह. Android फोन निर्माताओं जैसे Samsung, Xiaomi, Vivo के लिए यह लागू करना आसान होगा क्योंकि Android में सिस्टम-लेवल ऐप जोड़ना संभव है.

Sanchar Saathi ऐप कितना कारगर?

सरकारी आंकड़े काफी प्रभावशाली हैं:

  • 50 लाख से अधिक डाउनलोड
  • 37 लाख से ज़्यादा चोरी/गुम फोन ब्लॉक
  • 3 करोड़ से अधिक फर्जी मोबाइल कनेक्शन बंद
  • ब्लैक मार्केट में नकली फोनों की बिक्री कम हुई

सरकार का दावा है कि यह कदम साइबर सुरक्षा को मजबूत करेगा और अपराधियों तक पहुंच आसान बनाएगा.

आप पर क्या असर पड़ेगा?

सामान्य यूजर्स के लिए ऐप किसी परेशानी का कारण नहीं बनेगा.

फायदे:

  • फोन चोरी होने पर तुरंत ब्लॉक
  • IMEI और कॉल वेरिफिकेशन फीचर
  • साइबर फ्रॉड से सुरक्षा

लेकिन प्राइवेसी एक्टिविस्ट्स और Apple जैसे ब्रांड इसे यूजर स्वतंत्रता में दखल मान सकते हैं.

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UN ने लताड़ा तो सहम गया पाकिस्तान, मुनीर की ‘तानाशाही’ पर देता फिर रहा सफाई, जानें पूरा मामला

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पाकिस्तान में इन दिनों राजनीतिक हलचल तेज है. पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान लंबे वक्त से जेल में बंद हैं और उनसे इन दिनों किसी मुलाकात भी नहीं हो पाई है. यही वजह है कि इमरान के मौत की अफवाह भी उड़ गई. इस बीच संयुक्त राष्ट्र की ओर से पाकिस्तान को बुरी तरह से लताड़ा गया है. पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर का रवैया तानाशाही वाला होता जा रहा है. हालांकि यूएन की प्रतिक्रिया का अहम कारण पाक का 27वां संवैधानिक संशोधन है. इस पर पाकिस्तान ने सफाई भी पेश की है.

दरअसल 27वें संवैधानिक संशोधन के जरिए पाकिस्तान की संसद ने आसिम मुनीर को एक ऐसी कानूनी ताकत दे दी है, जिससे कोई भी अदालत उस पर सवाल नहीं उठा सकती. इस फैसले की वजह से पाकिस्तान में बगावत जैसे हालात हैं. इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र ने भी आपत्ति जताई है. यूएन मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने चेतावनी दी है कि यह न्याय व्यवस्था को कार्यपालिका के नियंत्रण में कर सकता है. यूएन ने इसे लोकतंत्र को कमजोर करने वाला बताया.

सफाई में क्या बोला पाकिस्तान

‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय टर्क के बयान के बाद बौखला गया है. हालांकि उसने सफाई भी पेश की है. विदेश मंत्रालय ने कहा, ”यह बिना वजह की चिंता है. यह मामला पूरी तरह से पाकिस्तान की संसद के अधिकार क्षेत्र में है. लोकतंत्र की तरह कानून और संविधान में बदलाव निर्वाचित प्रतिनिधियों का अधिकार है.”

27वें संशोधन को लेकर क्यों हो रहा विवाद

पाकिस्तान ने इस संशोधन के जरिए नए फेडरल कॉन्सटीट्यूशन कोर्ट का गठन किया है, जो संविधान से जुड़े मामलों पर आखिरी फैसला देगा. अहम बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट को अब सिर्फ सिविल और क्राइम से जुड़े मामलों तक ही सीमित कर दिया गया है. इसके साथ ही सबसे बड़ा विवाद चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज के नए पद को लेकर है. इसका पहला कार्यभार मुनीर को मिला है.

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BCCI ने अचानक बुलाई बड़ी बैठक! गौतम गंभीर-अगरकर के साथ चर्चा, जानें क्या है पूरा मामला

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भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे से ठीक पहले बीसीसीआई ने हेड कोच गौतम गंभीर, चीफ सेलेक्टर अजित अगरकर और बोर्ड के कुछ शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बैठक बुला ली है. मैच से कुछ घंटे पहले आयोजित की जा रही यह बैठक कई बड़े संकेत दे रही है.

अचानक बैठक क्यों?

स्पोर्ट्स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में बीसीसीआई सचिव देवजीत साइकिया, जॉइंट सचिव प्रभतेज सिंह भाटिया, कोच गौतम गंभीर और चयन समिति अध्यक्ष अजित अगरकर मौजूद रहेंगे. यह साफ नहीं है कि नए बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मनहास इसमें शामिल होंगे या नहीं. हालांकि यह संभावना बेहद कम है कि विराट कोहली, रोहित शर्मा या कोई भी सीनियर खिलाड़ी इस बैठक में बुलाया जाएगा.

बीसीसीआई अधिकारी के मुताबिक इस मीटिंग का उद्देश्य है, “टीम चयन में निरंतरता और भविष्य की योजनाओं पर स्पष्टता लाना.”

टेस्ट सीरीज की हार ने बढ़ाई चिंता

हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में मिली हार ने बोर्ड को कई सवालों पर सोचने पर मजबूर किया है. इस बैठक का मुख्य फोकस रहेगा,

-हालिया मैचों में टीम की गलत रणनीति

-मैनेजमेंट और खिलाड़ियों के बीच कम्युनिकेशन गैप

-लंबे समय के लिए टीम की योजनाओं को मजबूत करना

एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है, “होम टेस्ट सीजन में कई बार मैदान के अंदर और बाहर अजीब फैसले देखने को मिले हैं. अगले टेस्ट सीरीज में अभी आठ महीने हैं, इसलिए हम पहले अपनी पूरी तैयारी करना चाहते हैं.”

T20 और ODI वर्ल्ड कप को लेकर बड़े फैसले

भारत अगले साल T20 वर्ल्ड कप में खिताब बचाने के लिए उतरेगा. जबकि उसके बाद ODI वर्ल्ड कप भी सामने है. ऐसे में बोर्ड किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता है. एक टॉप के अधिकारी के अनुसार, “अगले दो बड़े ICC टूर्नामेंट में भारत टॉप दावेदार होने वाला है, इसलिए सभी रणनीतिक मुद्दों को तुरंत सुलझाना जरूरी है.”

कोहली–रोहित की भूमिका पर भी चर्चा?

पिछले कुछ समय से यह चर्चा तेज है कि बोर्ड विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट में वापसी के लिए मनाना चाहता था. हालांकि रांची वनडे के बाद खुद कोहली ने किसी भी तरह की वापसी की संभावना से साफ इंकार कर दिया है. यह भी माना जा रहा है कि मैनेजमेंट, चयन समिति और सीनियर खिलाड़ियों के बीच कुछ मतभेद हैं, जिन्हें सुलझाने की कोशिश की जा रही है.

इस बैठक के नतीजे आने वाले दिनों में टीम इंडिया की दिशा और चयन नीति को बड़े स्तर पर प्रभावित कर सकते हैं. दूसरे वनडे से ठीक पहले ली गई इस “अचानक बैठक” ने फैंस के बीच उत्सुकता और बढ़ा दी है. 

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