लिवर खराब होने से पहले शरीर के इस हिस्से में दिखते हैं 4 निशान, इन्हें कैसे पहचानें?
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Early Signs Of Liver Damage: लिवर खराब होने से पहले शरीर के इस हिस्से में दिखते हैं 4 निशान, इन्हें कैसे पहचानें?
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Early Signs Of Liver Damage: लिवर खराब होने से पहले शरीर के इस हिस्से में दिखते हैं 4 निशान, इन्हें कैसे पहचानें?
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दिसंबर का महीना शुरू हो चुका है और इस महीने में हर हफ्ते थिएटर्स में शानदार फिल्में रिलीज होने वाली हैं. बॉलीवुड, साउथ से लेकर हॉलीवुड फिल्मों से थिएटर्स खचाखच भरे रहेंगे. दिसंबर के पहले हफ्ते में एक्शन और रोमांस से भरपूर कई हिंदी और साउथ फिल्में रिलीज होने वाली हैं. ऐसे में बॉलीवुड और साउथ फिल्मों के बीच बॉक्स ऑफिस पर महायुद्ध देखने को मिलेगा. यहां हम आपको इस हफ्ते रिलीज हो रहीं फिल्मों की पूरी लिस्ट दे रहे हैं.
धुरंधर
अखंडा 2- तांडवम्
कलमकावल
वा वाथियार
गेम ऑफ लोन्स
धीरम
फाइव नाइट्स एट फ्रेडी 2
नागा चैतन्य Vs राज निदिमोरू: दोनों में कौन है ज्यादा अमीर? जानें नेटवर्थ
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सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें लापरवाही, मासूमियत और चालाकी तीनों का कॉम्बो दिखाया गया है. एक स्कूली बच्चा जो स्कूल से बंक मारकर बाहर टहलने निकला है अचानक पुलिस के हत्थे चढ़ जाता है. इसके बाद पुलिस उसे सबक सिखाने के लिए जो तरीका इस्तेमाल करती है और इस पर बच्चे की जो प्रतिक्रिया होती है दोनों देखकर आपकी हंसी नहीं रुक पाएगी. वीडियो इंटरनेट पर तबाही मचा रहा है और यूजर्स इसे लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक स्कूली बच्चा ड्रेस पहने और बैग टांगे स्कूल से बंक मारकर बाहर घूमने निकला है जिसे अचानक गश्त कर रही पुलिस पकड़ लेती है. इसके बाद जो ड्रामा शुरू होता है वो लोगों को खूब हंसा रहा है. जब बच्चे से बंक मारने पर सवाल किया जाता है तो बच्चा कहता है कि अंकल मेरी बात तो सुनों मैंने कोई बंक नहीं मारा. इसके बाद पुलिस वाले फोन पर किसी को बोलता है कि आ जाओ सर यहां पर, इतना सुनते ही बच्चे के चेहरे के हाव भाव बदल जाते हैं और एक दहशत में वो आ जाता है.
जैसे ही पुलिस वाला शख्स फोन पर बोलता है कि इसे गाड़ी में बैठाकर ले चलेंगे वैसे ही स्कूली बच्चा हाथ जोड़ते हुए जोर जोर से रोने लगता है और जमीन पर बैठकर सांप की तरह लौट जाता है और गुहार लगाते हुए कहता है कि अंकल प्लीज मुझे मत ले जाओ मेरे मम्मी पापा मारेंगे. इस पर पुलिस वाला कहता है कि मैं भी तो मारूंगा तुझे थाने में ले जाकर. इसके बाद तो बच्चे की हालत और भी ज्यादा खराब हो जाती है.
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वीडियो को Akshay Kumar नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…मम्मी पापा मारेंगे Was Personal. एक और यूजर ने लिखा…इस बच्चे को डराना जरूरी है ताकी आगे से बंक ना मारे. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…अरे जाने दीजिए डर गया है बेचारा.
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Budget 2026 से पहले होने जा रहे Winter Session में सरकार कुल 9 बड़े Economic Bills पेश करने जा रही है। इनमें दो महत्वपूर्ण विधेयक—Health Security to National Security Cess Bill 2025 और The Central Excise (Amendment) Bill—विशेष रूप से चर्चा में हैं। Compensation Cess की अवधि समाप्त होने के चलते नया सेस लागू करने की तैयारी की गई है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा पर होने वाले खर्च के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना है। यह नया सेस उत्पादन की मात्रा पर नहीं, बल्कि मशीनों की उत्पादन क्षमता के आधार पर तय होगा और गुटखा व तंबाकू उत्पाद बनाने वाली मशीनों पर लागू होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तंबाकू उत्पादों पर 40% GST के अलावा 70% सेस लगेगा, जबकि सिगरेट पर लंबाई के आधार पर हर हजार सिगरेट पर 2,700 रुपये से 11,000 रुपये तक का विशेष सेस लगाया जाएगा| एक और बड़ा Bill Insurance Sector से जुड़ा है—The Insurance Laws Amendment Bill, 2025—जिसमें बीमा क्षेत्र में FDI की सीमा 74% से बढ़ाकर 100% करने का प्रस्ताव शामिल है। अब तक बीमा क्षेत्र में लगभग 82,000 करोड़ रुपये का FDI आया है, और सरकार चाहती है कि इससे सेक्टर में Capital, Competition और Efficiency बढ़े।Share Market से जुड़े नियमों को सरल और एकीकृत करने के लिए सरकार Securities Market Code Bill, 2025 भी पेश करेगी। यह बिल Securities Market के लिए Unified और Simplified Law लाने का लक्ष्य रखता है ताकि बाज़ार में कारोबार करना और आसान हो सके। इसके अलावा Insolvency and Bankruptcy Code (Amendment) Bill 2025, Manipur GST (Second Amendment) Bill 2025, National Highways (Amendment) Bill 2025 और Corporate Laws (Amendment) Bill 2025 भी इस सत्र में पेश किए जाएंगे। यह Winter Session कई आर्थिक सुधारों और नए ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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भारत ने सोमवार (1 दिसंबर, 2025) को अनिश्चित अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा माहौल को देखते हुए जैविक हथियारों के संभावित दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए एक वैश्विक तंत्र की जरूरत बताई. विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि सरकार से इतर तत्वों द्वारा जैविक हथियारों का दुरुपयोग किया जाना अब दूर की बात नहीं है और ऐसी चुनौती से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है.
उन्होंने जैविक हथियार संधि की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘जैविक आतंकवाद एक गंभीर चिंता का विषय है, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पूरी तरह से तैयार रहना होगा. हालांकि, बीडब्ल्यूसी में अब भी बुनियादी संस्थागत ढांचे की कमी है.’
उन्होंने कहा, ‘इसमें कोई अनुपालन प्रणाली नहीं है, कोई स्थायी तकनीकी संस्था नहीं है और नए वैज्ञानिक घटनाक्रमों पर नजर रखने के लिए कोई तंत्र नहीं है. भरोसा मजबूत करने के लिए इन खामियों को दूर करना आवश्यक है.’ मंत्री ने कहा कि भारत ने लगातार बीडब्ल्यूसी के अंदर मजबूत अनुपालन उपायों की मांग की है, जिसमें आज की दुनिया के अनुरूप सत्यापन भी शामिल है.
उन्होंने कहा, ‘भारत शांतिपूर्ण इस्तेमाल के उद्देश्य से सामग्री और उपकरणों के आदान-प्रदान को संभव बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं मदद का मदद का समर्थन करता है.’ विदेशमंत्री ने कहा, ‘हमने वैज्ञानिक और तकनीकी विकास की व्यवस्थित समीक्षा की मांग की है ताकि शासन वास्तव में नवाचार की गति के साथ तालमेल बिठा सके.’
जयशंकर ने कहा कि भारत ने लगातार बीडब्ल्यूसी के भीतर मजबूत अनुपालन उपायों का आह्वान किया है, जिसमें आज की दुनिया के लिए तैयार की गयी सत्यापन व्यवस्था भी शामिल है. उन्होंने कहा, ‘भारत शांतिपूर्ण उपयोग के लिए सामग्रियों और उपकरणों के आदान-प्रदान को संभव बनाने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सहायता का समर्थन करता है.’
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ने एक राष्ट्रीय कार्यान्वयन मसौदा प्रस्तावित किया है जिसमें उच्च जोखिम वाले किरदारों की पहचान, दोहरे उपयोग वाले अनुसंधान की निगरानी, घटना प्रबंधन और निरंतर प्रशिक्षण शामिल है. उन्होंने कहा, ‘बीडब्ल्यूसी 50 वर्षों से एक साधारण विचार पर कायम है कि मानवता इसे अस्वीकार करे. लेकिन मानदंड तभी जीवित रहते हैं जब राष्ट्र उनका नवीनीकरण करते हैं. अगले 50 वर्षों में ठोस कार्रवाई की आवश्यकता होगी.’
विदेशमंत्री ने कहा, ‘हमें संधि को वर्तमान के अनुरूप बनाना होगा, हमें विज्ञान के साथ तालमेल रखना होगा और वैश्विक क्षमता को मजबूत करना होगा ताकि सभी देश जैविक जोखिमों का पता लगा सकें, उन्हें रोक सकें और उनका जवाब दे सकें.’
जयशंकर ने कहा कि भारत ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए एक विश्वसनीय भागीदार और वैश्विक जैव सुरक्षा के प्रतिबद्ध समर्थक की भूमिका के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा वातावरण अधिक अनिश्चित हो गया है और प्रौद्योगिकी में तीव्र विकास के कारण परिष्कृत जैव प्रौद्योगिकी उपकरणों की उपलब्धता और सामर्थ्य में वृद्धि हुई है तथा अनुक्रमण और निर्माण की लागत में उल्लेखनीय कमी आई है.
जयशंकर ने कहा, ‘कोविड-19 महामारी सहित हाल के प्रकोपों ने हम सभी को प्रभावित किया है. इसने नीति निर्माताओं और चिकित्सकों दोनों के लिए एक तत्काल सीखने की अवस्था उत्पन्न कर दी है.’ उन्होंने कहा, ‘इन घटनाक्रमों ने बीडब्ल्यूसी के कार्यान्वयन के संदर्भ में नए विचारणीय प्रश्न खड़े कर दिए हैं.’
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शादियों का सीजन चल रहा है और इनके रुझान आने भी अब शुरू हो गए हैं. कभी दूल्हा डांस से बवाल मच रहा है तो कभी हल्दी में आटा उछालकर सत्यानाश किया जा रहा है. कभी दुल्हन के सामने दूल्हे का पजामा उतर जा रहा है तो कभी दुल्हन अपनी हरकतों से फजीहत करा रही है. अब सोशल मीडिया पर एक और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखने के बाद आपके भी होश उड़ जाएंगे. शादी के माहौल में जब जूता चुराई रस्म युद्ध में बदली तो पूरा मैरिज हॉल रूस यूक्रेन का मानों बॉर्डर बन गया.
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें शादी समारोह का नजारा दिखाया गया है. सबकुछ सही चल रहा होता है कि अचानक फ्रेम में तीन से चार लड़के एक दूसरे से गुत्थम गुत्था होते हुए दिखाई पड़ते हैं. ये जंग किसी पर्सनल दुश्मनी के लिए नहीं बल्कि दूल्हे के जूतों के लिए हो रही है जिसे छिनने में कोई भी कमी नहीं काट रहा है. ये लड़के जूता लेने के लिए इतने ज्यादा उत्साही हो जाते हैं कि रस्म कब युद्ध में बदल जाती है किसी को पता ही नहीं चलता.
वीडियो में देखा जा सकता है कि लड़ते लड़ते ये लड़के एक सोफे पर जाकर गिर जाते हैं और जूते को एक दूसरे से छिनने की ऐसी कोशिश करते हैं मानों अमर होने के लिए अमृत मिल गया हो. अंत में एक लड़का जंग जीतकर इन सभी से जूता छिनाकर वहां से रफू चक्कर हो जाता है. युद्ध छुड़ाने में लगे मेहमान भी लड़के को हैरानी से देखते रह जाते हैं और बाकी के लड़के बेचारे बस मुंह बनाकर अपनी हार स्वीकार कर लेते हैं.
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वीडियो को Prince Powar नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…मुझे लगा कि सचमुच की लड़ाई हो गई है. एक और यूजर ने लिखा…जूता देखने के बाद सारी जिज्ञासाएं शांत हो गईं. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…भाई जूते के लिए एक दूसरे को तो जूते ना मारो.
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Advent Calendar जर्मनी की वह परंपरा है, जिसमें क्रिसमस से पहले 24 दिनों तक रोज़ एक छोटी विंडो खोलकर ‘अंधकार से प्रकाश की ओर’ बढ़ने की आध्यात्मिक तैयारी की जाती है. यह पर्व जर्मनी में 30 नवंबर 2025 से आरंभ हो चुका है. यह परंपरा भारतीय दर्शन के प्रख्यात वाक्य ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ से गहराई से मेल खाता है, जहां हर दिन थोड़ा प्रकाश, थोड़ा चिंतन और थोड़ी आशा जोड़ते हुए मनुष्य भीतर की रोशनी की ओर यात्रा करता है.
19वीं सदी के जर्मनी में Advent Calendar की शुरुआत बच्चों को क्रिसमस के आने और प्रतीक्षा के आनंद को समझाने के लिए हुई. शुरुआत में परिवार दीवार पर 24 Chalk Marks बनाते थे, फिर बाद में मोमबत्तियां जलाई जाती थीं. 1903 में Gerhard Lang ने पहला मुद्रित Advent Calendar बनाया, 24 छोटी-छोटी खिड़कियों वाला, जिसमें हर दिन एक संदेश, तस्वीर या छोटी मिठाई मिलती थी.
यहीं से यह परंपरा जर्मनी की सांस्कृतिक पहचान बन गई. यह सिर्फ एक कैलेंडर नहीं, बल्कि हर दिन के साथ थोड़ा अर्थ जोड़ने वाला Ritual है, प्रतीक्षा, शांति और आशा का एक छोटा उत्सव.
उपनिषदों का यह महान वाक्य, ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ का दर्शन बहुत गहरा है ‘अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो.’ यहां अंधकार सिर्फ बाहरी अंधकार नहीं, बल्कि,
प्रकाश से यहां तात्पर्य है स्पष्टता, ज्ञान, धैर्य, आशा और आत्म-प्रकाश से है. भारतीय दर्शन कहता है कि मनुष्य की पूरी आध्यात्मिक यात्रा ‘प्रकाश की ओर धीरे-धीरे बढ़ने’ से पूरी होती है.
Advent Calendar कहता है, हर दिन एक विंडो खोलो, एक छोटी खुशी पाओ, और आगे बढ़ो. भारतीय दर्शन कहता है, दैनिक साधना ही परिवर्तन की नींव है. दोनों एक ही सत्य बताते हैं, छोटे-छोटे कदम बड़े प्रकाश तक ले जाते हैं.
Advent candles और Advent windows दोनों इस यात्रा का दृश्य रूप हैं. ठीक उसी तरह उपनिषदों का ‘ज्योतिर्गमय’ मन के अंधकार को दूर करने की आंतरिक यात्रा है.
Advent Calendar प्रतीक्षा को आनंद और अर्थ में बदल देता है. भारतीय दर्शन में भी नवरात्रि, दीपावली, शिवरात्रि, हर पर्व से पहले ‘तैयारी’ ही पूजा का हिस्सा है.
जर्मनी में Advent Calendar घरों में warmth लाता है. भारत में भी सामूहिक त्योहारों का आधार यही है, तैयारी और एकता.
आज की डिजिटल और तेज़ ज़िंदगी में लोग,
ऐसे में दोनों परंपराएं मानसिक स्थिरता का रास्ता दिखाती हैं, धीरे-धीरे जीने का मार्ग, और हर दिन अर्थ बनाने का अवसर. वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि Rituals Anxiety कम करते हैं और Emotional well-being बढ़ाते हैं. Advent Calendar एक Gentle ritual है और ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ एक Timeless मानसिक मार्गदर्शन. यही ‘Light is a daily practice.’ है.
Advent Calendar और ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ अलग संस्कृतियों से हैं, पर उनका संदेश एक है, अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ना. जर्मनी की यह सुंदर परंपरा और भारत का यह दार्शनिक वाक्य, दोनों मिलकर हमें याद दिलाते हैं कि प्रकाश कभी अचानक नहीं आता, वह छोटे-छोटे चीजों से जन्म लेता है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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भारतीय रेलवे से जुड़े वीडियो आए दिन सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं. ऐसा ही भारतीय रेलवे से जुड़ा चौंकाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि रेलवे स्टेशन पर मिलने वाले रेल नीर की बोतलें नल के पानी से भरी जाती हैं. दरअसल वीडियो में दिखाई देता है कि एक युवक रेलवे स्टेशन पर लगे नल की टोंटी खोलकर रेल नीर की खाली प्लास्टिक बोतल में पानी भरता नजर आता है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई लोगों में गुस्सा, डर और नाराजगी एक साथ दिखाई दे रही है. वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों का मानना है कि स्टेशन पर बिकने वाली पानी की बोतलें इसी तरह रीफिल करके बेची जा सकती हैं.
वीडियो में क्या आया नजर?
यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो को @mktyaggi नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जाता है कि एक युवक रेल नीर की बोतलों में नल से पानी भरता है और फिर ट्रेनों में बेचने के लिए चला जाता है. यह वीडियो उत्तर प्रदेश का बताया जा रहा है. सोशल मीडिया के अनुसार उत्तर प्रदेश के पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन पर पब्लिक नल से भरकर रेल नीर की बोतल बेची जा रही है. फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और लोगों का गुस्सा भारतीय रेलवे पर निकल रहा है.
“रेल नीर ” पी लो..🤪@IRCTCofficial @RailMinIndia pic.twitter.com/hqnci8YSsd
— 𝙼𝚛 𝚃𝚢𝚊𝚐𝚒 (@mktyaggi) November 22, 2025
रेल मंत्रालय पर भड़के लोग
यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो कई यूजर्स ने इसे भ्रामक बताते हुए सवाल खड़े कर दिए. वहीं कुछ लोगों ने साफ लिखा कि वीडियो में दिखाई गई बोतल सील पैक रेल नीर नहीं बल्कि किसी भी ब्रांड की खाली बोतल हो सकती हैं. इस वीडियो को देखकर सोशल मीडिया पर एक यूजर कमेंट करता है कि बकलोल हो क्या सील और बिना सील का अंतर पब्लिक को पता नहीं है? यह किसी भी कंपनी के बोतल हो सकती है, सिर्फ रेल नीर को क्यों बदनाम कर रहे हो?
वहीं एक और यूजर ने कमेंट किया कि हर व्यक्ति सील पैक बोतल ही लेता है कोई इतना बेवकूफ नहीं है कि अनपैक्ड बोतल खरीदें. वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने सरकार और मंत्रालय को भी निशाने पर लिया. सरकार को निशाने पर लेते हुए एक युवक ने कमेंट किया कि रेल मंत्री जी को रील बनाने से फुर्सत मिले तभी तो ध्यान देंगे. वहीं एक युवक ने तंज कसते हुए कमेंट किया कि इसलिए 1 रुपया सस्ता किया था क्या. वहीं एक युवक कमेंट करता है कि अब तो रेलवे का पानी पीना भी मुश्किल हो गया है, घर से पानी लेकर जाएं कृपया.
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दक्षिण अफ्रीका ने टीम इंडिया को दो मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप दी थी, लेकिन वनडे सीरीज में भारतीय टीम ने जीत के साथ शुरुआत की. रविवार को तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला रांची में खेला गया. भारत ने इस मैच में 17 रनों से जीत दर्ज की. हालांकि, दोनों ही टीमों ने 300 से ज्यादा का स्कोर बनाया. इस मैच में कुल 681 रन बने. भारत के लिए विराट कोहली ने रिकॉर्ड शतक जड़ा. वहीं कुलदीप यादव ने 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके. अब जानिए भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कब और कहां दूसरा वनडे मैच खेला जाएगा.
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा वनडे मैच बुधवार, 3 दिसंबर को विशाखापट्टनम में खेला जाएगा. इस मैच का टॉस दोपहर 1 बजे होगा. वहीं मैच की शुरुआत दोपहर 1:30 बजे से होगी. इस मैच को भी आप टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनलों पर देख सकेंगे. अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में मैच की कमेंट्री स्टार स्पोर्ट के अलग-अलग चैनलों पर होगी. वहीं मोबाइल पर मैच देखने वाले दर्शक इस मुकाबले को जियोहॉटस्टार पर लाइव देख सकेंगे.
दक्षिण अफ्रीकी टीम में हो सकते हैं बदलाव
रांची में खेले गए पहले वनडे में दक्षिण अफ्रीका के नियमित कप्तान टेंबा बावुमा नहीं खेले थे. वहीं विशाखापट्टनम में खेले जाने वाले मैच में उनकी वापसी हो सकती है. टेंबा अगर आते हैं तो फिर रियान रिकल्टन की टीम से छुट्टी हो सकती है. ऐसे में दूसरे वनडे में एडन मार्करम और क्विंटन डिकॉक ओपनिंग कर सकते हैं. वहीं तीन नंबर पर कप्तान टेंबा बावुमा नजर आ सकते हैं. पहले वनडे में ट्रिस्टन स्टब्स भी नहीं खेले थे, लेकिन दूसरे मैच में भी उनका खेलना मुश्किल है.
बिना किसी बदलाव के उतर सकती है टीम इंडिया
भारत ने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका को 17 रनों से हराया और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली. अब विशाखापट्टनम में टीम इंडिया सीरीज अपने नाम करने उतरेगी. इस सीरीज में टीम इंडिया के कप्तान केएळ राहुल हैं. वह बिना किसी बदलाव के दूसरे वनडे में उतर सकते हैं. ऐसे में ऋषभ पंत और तिलक वर्मा एक बार फिर बेंच पर बैठे रह सकते हैं.
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