भारत को नहीं रोक पाया ट्रंप का टैरिफ, एक्सपोर्ट में आई जबरदस्त तेजी, जानें पूरी डिटेल

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India Export Growth: भारत पर अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के बावजूद भी भारतीय निर्यात में उछाल देखने को मिल रही है. वाणिज्य मंत्रालय ने संसदीय समिति को जानकारी दी है कि, अप्रैल से अक्टूबर महीने के बीच भारत के आउटबाउंड शिपमेंट पिछले साल की इस अवधि की तुलना में ग्रोथ को दिखा रही है.

जिसका सीधा अर्थ है कि, भारत ने निर्यात मामलों में मजबूती दिखाई हैं. जिससे केंद्र सरकार की रणनीतियों को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं. भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ मुद्दे को लेकर लगातार बातचीत जारी हैं. हालांकि, अभी तक कई चरणों की आधिकारिक मीटिंग के बाद भी किसी तरह के नतीजे सामने नहीं आए हैं. दोनों देशों की ओर से सकारात्मक परिणाम की उम्मीद की जा रही हैं…

एक्सपोर्ट में तेजी

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने संसदीय स्थायी समिति की बैठक के दौरान कहा कि, अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ का भारत के निर्यात पर कोई बड़ा नकारात्मक असर देखने को नहीं मिला है. मीटिंग के दौरान मंत्रालय ने इस बात का भरोसा जताया है कि, देश घरेलू उत्पाद और मजबूत चेन सप्लाई होने के कारण निर्यात में वृद्धि  बनाए रखने में पूरी तरह सक्षम है.

मीटिंग का अध्यक्षता टीएमसी सांसद डोला सेन के नेतृत्व में संपन्न हुई. इस दौरान कई सदस्यों की ओर से सवाल भी उठाए गए. उन्होंने पूछा कि, भारत का साझेदार देश होने के बावजूद भी अमेरिका के टैरिफ लगाने के पीछे क्या कारण है?

इन सेक्टरों को लेकर जताई गई चिंता

बैठक के दौरान कॉफी, टी और सिल्क समेत अन्य उद्योग बोर्ड की तरफ से शिकायतें भी सामने आई. सदस्यों ने बताया कि, इन सेक्टरों को वैश्विक बाजार में उचित अवसर नहीं मिल रहे हैं और साथ ही अमेरिकी टैरिफ से बढ़ी कीमतों के कारण निर्यातकों को दबाव झेलना पड़ रहा है. सदस्यों ने डॉलर की मजबूती और गिरते रुपये पर भी अपनी बात रखी.

रुपये की कीमतों में हो रहे बदलाव से आयात-निर्यात में हो रही दिक्कतों के बारे में भी सदस्यों ने समिति का ध्यान खींचा. इन सभी शिकायतों पर मंत्रालय ने कहा कि, सभी सवालों और शिकायतों का जवाब दो सप्ताह के अंदर दिया जाएगा. समिति की अगली बैठक 16 दिसंबर को होगी.

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एशिया कप में ऐसी होगी टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन? वैभव सूर्यवंशी को मिली है जगह

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भारतीय क्रिकेट टीम अंडर-19 एशिया कप में परचम लहराने को तैयार हैं. BCCI ने शनिवार को मेंस अंडर-19 एशिया कप के लिए 15 सदस्यीय भारतीय स्क्वाड का एलान किया था. यह टूर्नामेंट 12 दिसंबर-21 दिसंबर तक दुबई में खेला जाएगा, जिसमें भारत और पाकिस्तान सहित पांच टीम भाग ले रही हैं. IPL में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए खेलने वाले आयुष म्हात्रे को टीम का कप्तान बनाया गया है. इस टीम में वैभव सूर्यवंशी भी शामिल हैं, जो अभी एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में तूफानी शतक जड़ कर आ रहे हैं.

आयुष म्हात्रे एशिया कप के लिए भारतीय अंडर-19 टीम के कप्तान होंगे, दूसरी ओर विहान मल्होत्रा को उपकप्तान नियुक्त किया गया है. इस बीच सबकी नजरें वैभव सूर्यवंशी पर टिकी होंगी. उन्होंने एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में यूएई के खिलाफ 32 गेंद में शतक लगाया था. हालांकि उस टूर्नामेंट में भारत फाइनल में नहीं पहुंच पाई थी.

अंडर-19 एशिया कप टूर्नामेंट में भारत को ग्रुप A में रखा गया है, लेकिन उसका पूरा शेड्यूल अभी तक सामने नहीं आया है. भारत बनाम पाकिस्तान मैच 14 दिसंबर को खेला जाएगा. भारत और पाकिस्तान के साथ ग्रुप A में अभी 2 क्वालीफायर टीम जुड़ेंगी. वहीं ग्रुप B में श्रीलंका, बांग्लादेश, श्रीलंका के साथ एक क्वालीफायर टीम भी जुड़ेगी.

अंडर-19 एशिया कप के लिए भारतीय स्क्वाड:  आयुष म्हात्रे (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, विहान मल्होत्रा ​​(उपकप्तान), वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), हरवंश सिंह (विकेटकीपर), युवराज गोहिल, कनिष्क चौहान, खिलान ए. पटेल, नमन पुष्पक, डी. दीपेश, हेनिल पटेल, किशन कुमार सिंह*, उधव मोहन, आरोन जॉर्ज

स्टैंडबाय प्लेयर्स: राहुल कुमार, हेमचुदेशन जे, बी.के. किशोर,आदित्य रावत

भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन

आयुष म्हात्रे, वैभव सूर्यवंशी, विहान मल्होत्रा, वेदान्त त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू, हरवंश सिंह, युवराज गोहिल, कनिष्क चौहान, ए पटेल, नमन पुष्पक, डी दीपेश, हेनिल पटेल

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जानी मानी बिजनेस वूमन है इस एक्टर की पत्नी, जेनिफर लोपेज के साथ मिलकर चलाती हैं ये ब्रांड

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स्टार एक्टर शाहिद कपूर ने जब मीरा कपूर से शादी की थी तो हर कोई इस बात से अचरज में था कि कैसे अचानक इस सुपरस्टार ने एक साधारण सी लड़की से शादी कर ली. हर कोई उनकी लव स्टोरी का इनसाइड एंगल जानना चाहता था. अब इतने वक्त के बाद मीरा कपूर ने ना सिर्फ शाहिद की परछाई से निकलकर खुद की पहचान बनाई है. बल्कि आज के वक्त में वो देश की जानी मानी बिजनेस लेडी हैं और 960 करोड़ रुपये का एक बड़ा ब्रांड संभालती हैं.

13 साल छोटी मीरा से की है शाहिद ने शादी

शाहिद और मीरा की उम्र के बीच 13 साल का लंबा गैप है. मीरा 21 की थीं जब उनकी शादी शाहिद कपूर के साथ हुई थी. शुरुआती दौर में इस कपल ने ट्रोलिंग का भी सामना किया लेकिन उनके एक दूसरे के लिए प्रेम और समर्पण ने साबित कर दिया कि इश्क की कोई उम्र नहीं होती. मीरा कपूर ने अपनी शाहिद से अलग पहचान तैयार की और अब वो एक जानी मानी एंटरप्रेन्योर बन चुकी हैं.


इस इंडस्ट्री का फेमस चेहरा है मीरा कपूर

वेलनेस और लाइफस्टाइल इंडस्ट्री में मीरा कपूर ने अपनी अहम पहचान बनाई है. मीरा कपूर ने हाल ही में मासूम मीनावाला के साथ एक इंटरव्यू के दौरान अपने बिजनेस को लेकर खुलकर बात की थी. उन्होंने कहा था कि मैंने अपना कोई इन्वेस्टमेंट प्लानिंग के तहत नहीं किया था लेकिन अब वो इकोसिस्टम का एक हिस्सा हैं और लोगों की मदद कर रहा है.

कैसे शुरू हुई मीरा की जर्नी?

मीरा कपूर ने बताया कि उनके एंटरप्रेन्योर बनने की यात्रा कंटेंट क्रिएशन के साथ शुरु हुई थी. इस दौर में कई ब्रांड्स ने उन्हें एप्रोच किया था और उन्हें ये ब्रांड काफी असाधारण लगा और उन्होंने इसमें इन्वेस्ट किया था. मीरा ने बताया कि मुझे सोशल मीडिया प्रेजेंस पसंद है, मैं क्या पहनती हूं, क्या फॉलो करती हूं, इसी जर्नी में मैंने इस ब्रांड को देखा और मुझे इसमें कुछ खास महसूस हुआ.


धुन वेलनेस से की थी शुरुआत

इसी साल मीरा ने धुन वेलनेस के नाम से नए ब्रांड की शुरुआत की है. ये मुंबई के बांड्रा में एक लग्जरी वेलनेस सेंटर है. ये 60000 स्क्वेयर फीट की जगह में 13 ट्रीटमेंट रूम वाला एक खास सेंटर है. प्राइवेट कनसल्टेशन के साथ ही यहां रिकवरी लाउंज जैसी सुविधाएं दी गई हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक यहां 60 मिनट की साउंड हीलींग प्रोसेस के लिए 7500 रुपये की फीस देनी होती है.

इसके अलावा शाहिद और मीरा मिलकर एक अमेरिकल एथीलेजर ब्रांड को भी प्रमोट करते हैं. दोनों ही एथीलफ्रीक नाम के इस ब्रांड के अंबेसेडर्स हैं. इससे पहले मीरा ने ईशा अंबानी के साथ मिलकर 2024 में स्किनकेयर ब्रांड अकाइंड की भी शुरुआत की थी. इसके अलावा एक वेलबीइंग न्यूट्रिशन है, ट्रैक्सन के अनुसार, मार्च 2025 तक इस ब्रांड की वैल्यू 961 करोड़ रुपये है.


जेनिफर संग मीरा ने इस ब्रांड में किया निवेश

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार मीरा ने एक सर्व योगा ब्रांड में भी निवेश किया है. जिसके इन्वेस्टर्स जेनिफर लोपेज, एलेक्स रोड्रिग्ज, मलाइका अरोड़ा और शिखर धवन जैसे सेलिब्रिटी भी हैं. इस ब्रांड की वैल्यू 105 करोड़ रुपए आंकी गई है.

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एक छोटी गलती और ठप हो सकता है पूरा इंटरनेट! डिजिटल सिस्टम इतना नाज़ुक क्यों होता है? जानिए क्या होती है असली वजह

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असल में इंटरनेट बाहर से भले ही विशाल और हाई-टेक नजर आता हो पर इसके पीछे बेहद जटिल और कई बार चौंकाने वाला कमजोर ढांचा छिपा है. कहीं एक सर्वर में गड़बड़ी हो जाए किसी जगह DNS की दिक्कत आ जाए या कोई सॉफ्टवेयर अपडेट गलत तरीके से लागू हो जाए तो यह समस्या चेन रिएक्शन की तरह पूरी दुनिया में फैल सकती है.

असल में इंटरनेट बाहर से भले ही विशाल और हाई-टेक नजर आता हो पर इसके पीछे बेहद जटिल और कई बार चौंकाने वाला कमजोर ढांचा छिपा है. कहीं एक सर्वर में गड़बड़ी हो जाए किसी जगह DNS की दिक्कत आ जाए या कोई सॉफ्टवेयर अपडेट गलत तरीके से लागू हो जाए तो यह समस्या चेन रिएक्शन की तरह पूरी दुनिया में फैल सकती है.

इंटरनेट लाखों नोड्स का नेटवर्क है लेकिन फिर भी कई महत्वपूर्ण सेवाएं कुछ बड़े प्लेटफॉर्म पर ही निर्भर रहती हैं. यही वजह है कि हर आउटेज इस सिस्टम की असली कमजोरी उजागर कर देता है.

इंटरनेट लाखों नोड्स का नेटवर्क है लेकिन फिर भी कई महत्वपूर्ण सेवाएं कुछ बड़े प्लेटफॉर्म पर ही निर्भर रहती हैं. यही वजह है कि हर आउटेज इस सिस्टम की असली कमजोरी उजागर कर देता है.

इस पूरे ढांचे में Cloudflare की भूमिका काफी अहम है. आम यूजर को लगता है कि वह किसी वेबसाइट तक सीधे पहुंचता है जबकि हकीकत में Cloudflare बीच में एक सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट गेटकीपर की तरह काम करता है. यह दुनिया भर में फैले अपने डेटा सेंटर्स पर वेबसाइटों की कॉपी रखता है ताकि यूजर को उसके नजदीकी सर्वर से डेटा मिले और स्पीड बढ़े. इसके अलावा यह बड़े पैमाने पर होने वाले DDoS हमलों से भी बचाव करता है. इसलिए इसे इंटरनेट का ट्रैफिक कंट्रोलर और सिक्योरिटी गार्ड दोनों कहा जाता है.

इस पूरे ढांचे में Cloudflare की भूमिका काफी अहम है. आम यूजर को लगता है कि वह किसी वेबसाइट तक सीधे पहुंचता है जबकि हकीकत में Cloudflare बीच में एक सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट गेटकीपर की तरह काम करता है. यह दुनिया भर में फैले अपने डेटा सेंटर्स पर वेबसाइटों की कॉपी रखता है ताकि यूजर को उसके नजदीकी सर्वर से डेटा मिले और स्पीड बढ़े. इसके अलावा यह बड़े पैमाने पर होने वाले DDoS हमलों से भी बचाव करता है. इसलिए इसे इंटरनेट का ट्रैफिक कंट्रोलर और सिक्योरिटी गार्ड दोनों कहा जाता है.

समस्या तब पैदा होती है जब Cloudflare खुद किसी गड़बड़ी का शिकार हो जाए. कभी किसी अपडेट के दौरान फाइल करप्ट हो जाती है कभी Bot Management सिस्टम में कोई बग सक्रिय हो उठता है या किसी एक सर्वर पर अतिरक्त लोड पड़ जाता है. ऐसे में सर्वर खुद को संभाल नहीं पाता और आउटेज शुरू हो जाता है. यह साइबर हमला नहीं बल्कि तकनीकी आधारभूत ढांचे की अपनी कमजोरी है जिसे लोग अक्सर गलत समझ बैठते हैं.

समस्या तब पैदा होती है जब Cloudflare खुद किसी गड़बड़ी का शिकार हो जाए. कभी किसी अपडेट के दौरान फाइल करप्ट हो जाती है कभी Bot Management सिस्टम में कोई बग सक्रिय हो उठता है या किसी एक सर्वर पर अतिरक्त लोड पड़ जाता है. ऐसे में सर्वर खुद को संभाल नहीं पाता और आउटेज शुरू हो जाता है. यह साइबर हमला नहीं बल्कि तकनीकी आधारभूत ढांचे की अपनी कमजोरी है जिसे लोग अक्सर गलत समझ बैठते हैं.

सबसे बड़ी चिंता यह है कि इंटरनेट की रीढ़ अब कुछ चुनिंदा कंपनियों के हाथ में है AWS, Google Cloud, Azure और Cloudflare. इसे सिंगल पॉइंट ऑफ फेलियर कहा जाता है. इनमें से कोई एक भी बंद हो जाए तो असर पूरे विश्व में महसूस होता है. भारत के लिए यह जोखिम और भी बड़ा है क्योंकि अब पेमेंट्स, ई-कॉमर्स, स्टॉक ट्रेडिंग, बैंकिंग और सरकारी सेवाएं पूरी तरह क्लाउड आधारित हैं.

सबसे बड़ी चिंता यह है कि इंटरनेट की रीढ़ अब कुछ चुनिंदा कंपनियों के हाथ में है AWS, Google Cloud, Azure और Cloudflare. इसे सिंगल पॉइंट ऑफ फेलियर कहा जाता है. इनमें से कोई एक भी बंद हो जाए तो असर पूरे विश्व में महसूस होता है. भारत के लिए यह जोखिम और भी बड़ा है क्योंकि अब पेमेंट्स, ई-कॉमर्स, स्टॉक ट्रेडिंग, बैंकिंग और सरकारी सेवाएं पूरी तरह क्लाउड आधारित हैं.

तभी जरूरी है कि कंपनियां केवल स्पीड पर निर्भर न रहें, बल्कि मजबूत बैकअप व्यवस्था भी तैयार करें. Multi-CDN और Multi-Cloud स्ट्रैटेजी अपनाकर ट्रैफिक को जरूरी समय पर दूसरे रास्तों से भेजा जा सकता है ताकि Cloudflare जैसे किसी एक प्लेटफॉर्म के डाउन होने पर पूरा सिस्टम ठप न पड़े. डिजिटल युग में यही एकमात्र रास्ता है जिससे भविष्य के आउटेज के झटकों से बचा जा सके.

तभी जरूरी है कि कंपनियां केवल स्पीड पर निर्भर न रहें, बल्कि मजबूत बैकअप व्यवस्था भी तैयार करें. Multi-CDN और Multi-Cloud स्ट्रैटेजी अपनाकर ट्रैफिक को जरूरी समय पर दूसरे रास्तों से भेजा जा सकता है ताकि Cloudflare जैसे किसी एक प्लेटफॉर्म के डाउन होने पर पूरा सिस्टम ठप न पड़े. डिजिटल युग में यही एकमात्र रास्ता है जिससे भविष्य के आउटेज के झटकों से बचा जा सके.

Published at : 29 Nov 2025 09:31 AM (IST)

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ट्रंप का बड़ा फैसला, इस देश के एयरस्पेस को बंद कर दिया घोषित; क्या जंग में उतरेगा अमेरिका?

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वेनेजुएला से बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने जो कहा वो चेतावनी से कम आंका नहीं जा सकता. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार (29 नवंबर, 2025) को कहा कि वेनेजुएला के ऊपर और आसपास के एयरस्पेस को पूरी तरह से बंद माना जाना चाहिए.

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर शेयर किए एक पोस्ट में कहा, “सभी एयरलाइंस, पायलट, ड्रग और मानव तस्कर, कृपया वेनेजुएला के ऊपर और आसपास के एयरस्पेस को पूरी तरह से बंद मानें.” दोनों देशों के बीच बढ़ती तल्खी और ट्रंप का ये बयान वेनेजुएला के लिए धमकी से कम नहीं है.

पेंटागन ने ड्रग जहाजों पर किए 20 से ज्यादा हमले

चीनी न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने कहा कि सितंबर की शुरुआत से पेंटागन ने कैरिबियन और पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में कथित ड्रग जहाजों पर 20 से ज्यादा हमले किए हैं, जिनमें 80 से ज्यादा लोग मारे गए. मध्य नवंबर में कैरिबियन इलाके में अमेरिकी सेना की मौजूदगी और मजबूत हुई, जब एक बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर USS गेराल्ड R. फोर्ड को उस लेवल पर तैनात किया गया, पिछले तीन दशकों में पहले कभी नहीं देखे गए.

अमेरिकी सैनिकों के लिए गुरुवार (27 नवंबर, 2025) की रात आयोजित थैंक्सगिविंग समारोह में ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका बहुत जल्द वेनेजुएला में ड्रग ट्रैफिकिंग नेटवर्क के खिलाफ जमीनी कार्रवाई कर सकता है.

ट्रंप की धमकी के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति ने आरोप से किया इनकार

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने ड्रग तस्करी में किसी भी तरह से शामिल होने से इनकार किया है और वॉशिंगटन पर वेनेजुएला में सरकार बदलने के लिए बहाना बनाने का आरोप लगाया है. न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) ने इस मामले से जुड़े लोगों का हवाला देते हुए शुक्रवार (28 नवंबर, 2025) को कहा कि ट्रंप ने पिछले हफ्ते वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति से फोन पर बात की थी.

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं ने आमने-सामने मिलने की संभावना पर चर्चा की, हालांकि अभी तक कोई इंतजाम नहीं किया गया है. इसमें यह भी बताया गया कि व्हाइट हाउस और वेनेजुएला सरकार दोनों ने इस बातचीत पर टिप्पणी करने से मना कर दिया.

US ने ऑफिशियली कार्टेल डे लॉस सोल्सको विदेशी आतंकवादी संगठन किया घोषित

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने 24 नवंबर को ‘ऑफिशियली कार्टेल डे लॉस सोल्स’ को एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया और उस ग्रुप पर बैन लगाए, जिसके बारे में दावा किया गया कि इसके नेता मादुरो हैं. वेनेजुएला की तरफ से एक बयान में कहा गया कि वह इस तरह के कदम का विरोध करता है और इसे अपने अंदरूनी मामलों में गैर-कानूनी तरीके से दखल देने के मकसद से किया गया एक बेतुका झूठ बताया.

एक्सियोस ने सोमवार (24 नवंबर, 2025) को एक अनजान सोर्स का हवाला देते हुए कहा कि ट्रंप ने मादुरो से सीधे बात करने का मन बना लिया है. कहा गया कि बातचीत के बारे में ज्यादा बातें हो रही हैं और बमबारी के बारे में कम. एक्सियोस ने इस मामले से वाकिफ एक अधिकारी के हवाले से कहा, “अभी कोई भी अंदर जाकर उन्हें गोली मारने या उन्हें (मादुरो) पद से हटाने का प्लान नहीं बना रहा है. मैं यह नहीं कहूंगा कि ऐसा कभी नहीं होगा, लेकिन अभी यह प्लान नहीं है.”

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप का यह फैसला गनबोट डिप्लोमेसी (धमकी भरी कूटनीति) में एक अहम पड़ाव है और यह इशारा दे सकता है कि अमेरिका की ओर से मिसाइल हमले या सीधी मिलिट्री कार्रवाई अभी होने वाली नहीं है.

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शेयर मार्केट में हलचल! अगले सप्ताह इन दो कंपनियों का स्टॉक स्प्लिट तय, जानें रिकॉर्ड डेट

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Stock Split News: भारतीय शेयर बाजार में 1 दिसंबर से शुरू हो रहे कारोबारी सप्ताह में दो कंपनियों के शेयरों का स्टॉक स्प्लिट होने वाला हैं. कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज (CAMS) और मिनी डायमंड्स इंडिया (Mini Diamonds India) के कंपनी के शेयरों का स्टॉक स्प्लिट होगा.

दोनों ही कंपनियों ने स्टॉक स्प्लिट के लिए रिकॉर्ड डेट अगले सप्ताह तय किया है. आइए जानते हैं, इस स्टॉक स्प्लिट से संबंधित रिकॉर्ड डेट और अन्य जानकारी के बारे में….

1. मिनी डायमंड्स इंडिया

मिनी डायमंड्स इंडिया कंपनी ने 10 रुपये के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर को 2 रुपये के फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में बांटने की तैयारी की है. यानी कि 1 शेयर 5 शेयरों में बंट जाएगा. कंपनी ने स्टॉक स्प्लिट के लिए रिकॉर्ड डेट 2 दिसंबर, 2025 तय किया है.

कंपनी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 13 नवंबर, 2025 के बैठक में स्टॉक स्प्लिट को लेकर फैसला लिया था. सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 28 नवंबर को एनएसई पर कंपनी के शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली थी. कंपनी शेयर 0.85 प्रतिशत की गिरावट के साथ 140 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुए थे.   

2.  कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज 

कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज कंपनी भी अपने शेयरों को 1:5 के अनुपात में बांटने जा रही है. यानी कि 1 शेयर को 5 शेयरों में बांट दिया जाएगा. कंपनी ने स्टॉक स्प्लिट के लिए 5 दिसंबर, 2025 की तारीख तय की है.

शेयर बाजार में कंपनी शेयरों के बात करें तो, 28 नवंबर को एनएसई पर कंपनी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई थी. कंपनी शेयर 0.49 फीसदी फिसलकर 3,875.40 रुपये के भाव पर ट्रेड करते हुए बंद हुए थे.

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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बाबर-अफरीदी के दमदार प्रदर्शन से जीता पाकिस्तान, फाइनल में श्रीलंका को 6 विकेट से रौंदा

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पाकिस्तान ने ट्राई सीरीज के फाइनल में श्रीलंका को 6 विकेट से हरा दिया है. पाक टीम ने पहले श्रीलंका को 114 के स्कोर पर समेटा, उसके बाद बल्लेबाजों ने 8 गेंद शेष रहते 6 विकेट से मुकाबला अपने नाम किया. बाबर आजम 37 रन बनाकर नाबाद रहे. वहीं सैम अय्यूब ने 36 रनों की पारी खेली. इसी के साथ पाकिस्तान ने लीग मैच में श्रीलंका के हाथों मिली हार का बदला भी पूरा कर लिया.

अफरीदी-नवाज ने रखी जीत की नींव

फाइनल मैच में पाकिस्तान की जीत की नींव शाहीन अफरीदी और मोहम्मद नवाज ने रखी. दोनों ने तीन-तीन विकेट लिए और कसी हुई गेंदबाजी करते हुए श्रीलंका को बड़ा स्कोर बनाने से रोका. अफरीदी ने 3 ओवरों में 18 रन देकर 3 विकेट लिए, दूसरी ओर मोहम्मद नवाज ने 4 ओवर में 17 रन देकर तीन बल्लेबाजों को आउट किया.

श्रीलंका के लिए कामिल मिशारा ने 59 रनों की पारी खेली, लेकिन उनके अलावा कोई अन्य बल्लेबाज नहीं चल पाया. एक समय श्रीलंका एक विकेट के नुकसान पर 84 रन बना चुकी थी, लेकिन उसके बाद पाक गेंदबाजों ने ऐसा कहर बरपाया कि अगले 30 रनों के भीतर श्रीलंका ने बचे सभी 9 बल्लेबाजों को आउट कर दिया. पाकिस्तान के लिए अबरार अहमद ने दो विकेट, वहीं सैम अय्यूब और सलमान मिर्जा ने एक-एक विकेट लिया.

बाबर आजम ने दिखाया दम

श्रीलंकाई टीम 114 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई थी. पाकिस्तान टीम ने भी लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए, लेकिन सैम अय्यूब के 36 रन और बाबर आजम की 37 रनों की पारी की बदौलत पाकिस्तान ने खिताबी जीत दर्ज की. साहिबजादा फरहान ने भी 23 रनों का योगदान दिया. श्रीलंका के लिए सबसे ज्यादा विकेट पवन रत्नायके ने लिए. उन्होंने 2 बल्लेबाजों को आउट किया. इस ट्राई सीरीज में जिम्बाब्वे भी खेल रही थी, लेकिन वो पूरी सीरीज में सिर्फ एक ही जीत दर्ज कर सकी.

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इन कोर्स के सामने फीका पड़ा MBA, लगातार बढ़ रही डिमांड, चौंकाने वाली रिपोर्ट में हुआ खुलासा

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आज के समय में अगर युवाओं से पूछा जाए कि अच्छी नौकरी के लिए कौन-सी डिग्री सबसे बेहतर मानी जाती है, तो ज्यादातर लोग तुरंत जवाब MBA देते हैं. सालों से यह माना जाता रहा है कि MBA करने के बाद करियर के रास्ते तेजी से खुलते हैं, सैलरी भी बढ़िया मिलती है और नौकरी की संभावनाएं भी ज्यादा रहती हैं. लेकिन इस साल की इंडिया स्किल्स रिपोर्ट 2026 ने सबको चौंका दिया है. 

इस रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि भारत में नौकरी देने वाली डिग्रियों की तस्वीर अब बदल रही है. जो MBA कई सालों तक टॉप पर रहा, वह अब पीछे खिसक गया है. उसकी जगह अब एक अलग ही फील्ड ने कब्जा जमा लिया है. यह फील्ड कंप्यूटर साइंस और आईटी है. यह रिपोर्ट ETएस (Educational Testing Service), CII, AICTE, Association of Indian Universities और Taggd जैसे बड़े संगठनों ने मिलकर जारी की है. ऐसे में रिपोर्ट की विश्वसनीयता और भी बढ़ जाती है. 
 
भारत में तेजी से बढ़ते रोजगार के नए अवसर

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में युवाओं के लिए नौकरी के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं, खासकर ऐसे सेक्टर्स में जिनका सीधा संबंध टेक्नोलॉजी और डिजिटल स्किल्स से है. आज AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, डाटा एनालिटिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारी निवेश हो रहा है. कंपनियां चाहती हैं कि उनके पास ऐसे कर्मचारी हों जो नई टेक्नोलॉजी को समझते हों और बदलते समय के साथ खुद को अपडेट रख सकें. 
 
कंप्यूटर साइंस और IT ग्रेजुएट्स की डिमांड क्यों बढ़ी?

रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा नौकरी कंप्यूटर साइंस और IT वाले युवाओं को मिल रही है.  इसका कारण कंपनियों में AI और ऑटोमेशन का तेजी से बढ़ता यूज, डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार, डेटा की बढ़ती जरूरत, साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने पर जोर है. कंपनियां ऐसे युवाओं को चाहती हैं जो सिर्फ कोडिंग ही नहीं बल्कि इंजीनियरिंग और डेटा हैंडलिंग दोनों में अच्छे हों यानी आज की दुनिया में टेक्निकल और एनालिटिकल स्किल रखने वालों की डिमांड सबसे ज्यादा है. 

किस सेक्टर में मिल रही है सबसे ज्यादा नौकरियां?

सबसे ज्यादा नौकरी IT सेक्टर दे रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक 35 प्रतिशत फ्रेशर्स को IT क्षेत्र में नौकरी मिल रही है. यह आंकड़ा दिखाता है कि भारत में टेक्नोलॉजी से जुड़े करियर आने वाले कई सालों तक मजबूत बने रहेंगे. 

इस रिपोर्ट ने सबसे बड़ा झटका MBA ग्रेजुएट्स को दिया है. जहां पिछले साल MBA वालों का रोजगार प्रतिशत 78 प्रतिशत था, वहीं इस साल यह घटकर 72.76 प्रतिशत रह गया यानी MBA की मांग कम हुई है, और कंपनियों की पहली पसंद अब सिर्फ मैनेजमेंट नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और एनालिटिकल स्किल्स हैं. 

कॉमर्स ग्रेजुएट्स के लिए भी बड़ा मौका 

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कॉमर्स अब सिर्फ एक सामान्य डिग्री नहीं, बल्कि नौकरी का एक मजबूत ऑप्शन बन चुका है. कंपनियों में बिजनेस एनालिटिक्स, फाइनेंस और ऑपरेशन मैनेजमेंट से जुड़े युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है. रिपोर्ट में एक बहुत दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला. ITI ग्रेजुएट्स का रोजगार 45.95 प्रतिशत है.

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा वालों का रोजगार 32.92 प्रतिशत है यानी अब सिर्फ बड़ी डिग्री ही नहीं, बल्कि स्किल बेस्ड एजुकेशन वाले युवाओं के लिए भी नौकरी के ढेरों अवसर खुल रहे हैं. 

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मीन साप्ताहिक राशिफल 30 नवंबर – 6 दिसंबर 2025: इस हफ्ते बढ़ेगी जिम्मेदारियां, काम का बढ़ेगा तना

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Meen Saptahik Rashifal 30 November to 6 December 2025: यह सप्ताह तुम्हारे लिए परिणाम, अवसर और सामाजिक सम्मान तीनों स्तर पर मजबूत है. लेकिन एक बात साफ़ समझ लो: व्यस्तता बढ़ेगी और जिम्मेदारियां भी. तुम्हें हर मौके का उपयोग तभी मिलेगा जब तुम खुद को संतुलित और सक्रिय रखोगे.

लोगों की प्रशंसा अच्छी लगेगी, पर तुम्हें खुद को साबित करते रहना होगा वरना चमक जल्द फीकी हो जाएगी.

मीन साप्ताहिक परिवार राशिफल

घर-परिवार में माहौल बेहद अनुकूल रहेगा. स्वजनों के साथ समय हंसी-खुशी बीतेगा और पारिवारिक रिश्तों में निकटता बढ़ेगी. तुम दूसरों की जरूरतों और भावनाओं को लेकर ज़रूरत से ज़्यादा संवेदनशील रहोगे यह अच्छा है, लेकिन इस चक्कर में खुद पर लोड मत ले लेना. परिवार से जुड़े किसी महत्वपूर्ण काम में भी तुम्हारी भूमिका अहम रहेगी.

मीन साप्ताहिक लव राशिफल

लव लाइफ सहज और मजबूत रहेगी. तुम रिश्ते को प्राथमिकता दोगे और पार्टनर भी उसी भाव से जवाब देंगे. शादीशुदा लोगों के लिए यह समय संतुलित और सहयोगी रहेगा. तुम रिश्ते के छोटे-छोटे पहलुओं पर ध्यान दोगे, जिससे बंधन और मजबूत होगा. बस एक बात ओवर-इमोशनल होकर गैर-जरूरी वादे मत कर देना.

मीन साप्ताहिक बिजनेस राशिफल

व्यसायियों के लिए सप्ताह अनुकूल है, लेकिन उत्तरार्ध में काम का दबाव बढ़ेगा. भागदौड़ बढ़ेगी और कई फैसले तुरंत लेने पड़ेंगे. भूमि, भवन, पैतृक संपत्ति या किसी बड़े सौदे से जुड़े निर्णय के योग हैं लेकिन सिर्फ उत्साह में कदम मत उठाना, हर दस्तावेज़ और हर शर्त को ठंडे दिमाग से देखना जरूरी है. सही समय पर किया गया फैसला बड़ा लाभ दे सकता है.

मीन साप्ताहिक नौकरी राशिफल

जॉब वालों के लिए यह सप्ताह मजबूत है. लंबे समय से जिस ट्रांसफर, पोस्टिंग या पदोन्नति की कोशिश कर रहे थे, उसके पूरे होने की संभावना साफ़ है. लेकिन ध्यान रहे सीनियर की नजर तुम पर रहेगी, इसलिए ढिलाई बिल्कुल मत होने देना. जिम्मेदारियां मिलेंगी और अपेक्षा भी उसी अनुपात में बढ़ेगी.

मीन साप्ताहिक युवा व करियर राशिफल

युवाओं और छात्रों के लिए यह समय प्रगति देने वाला है. प्रतियोगी परीक्षाओं, इंटरव्यू या किसी विशेष प्रोजेक्ट में अच्छे परिणाम मिलेंगे. सोशल सर्कल और संपर्कों से भी मदद मिलेगी लेकिन भरोसा सिर्फ दूसरों पर नहीं डालना, असली काम तुम्हें ही करना है.

मीन साप्ताहिक धन राशिफल

आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी. संपत्ति से जुड़े मामलों में प्रगति के योग हैं, विशेषकर सप्ताह के उत्तरार्ध में. कोई बड़ा निवेश या खरीदारी संभव है. लेकिन हर चीज़ शुभ दिख रही है इसका मतलब यह नहीं कि जोखिम को नजरअंदाज कर दो फाइनेंशियल फैसलों में तर्क सबसे जरूरी है.

मीन साप्ताहिक स्वास्थ्य राशिफल

सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन व्यस्तता के कारण थकान और मानसिक दबाव बढ़ सकता है. खुद को ओवरलोड मत करो. नींद, पानी और रूटीन को हल्के में लोगे तो हफ्ते के अंत तक ऊर्जा गिर सकती है.

  • शुभ अंक: 9
  • शुभ रंग: पीला
  • उपाय: प्रतिदिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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अगले 10 सालों में 30 लाख नौकरियां खा जाएगी एआई, कहीं आपकी जॉब पर भी तो खतरा नहीं!

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यह बात किसी से छिपी नहीं है कि एआई के कारण नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है. अब इसे लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं, जिनमें बताया जा रहा है कि एआई के कारण कितनी नौकरियां जा सकती हैं. हाल ही में यूके के नेशनल फाउंडेशन फॉर एजुकेशनल रिसर्च (NFER) की रिपोर्ट आई है, जिसमें कहा गया है कि 2035 तक यूके में लो-स्किल वाली करीब 30 लाख नौकरियां खत्म हो जाएंगी. इन नौकरियों में अभी जो काम इंसान कर रहे हैं, वो एआई और ऑटोमेशन से होने लगेगा. 

इन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा

रिपोर्ट के मुताबिक, एआई और ऑटोमेशन से फैक्ट्री और मशीन ऑपरेटर, एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट, वेयरहाउस वर्क, कैशियर आदि की नौकरियों पर ज्यादा खतरा है. मशीनें और सॉफ्टवेयर अगले कुछ ही सालों में इनकी जगह ले लेंगे. इसी तरह प्लंबिंग, रूफिंग और बिजली से जुड़ा काम भी एआई और रोबोटिक्स से होने लगेगा.

इन नौकरियों में होंगे ज्यादा मौके

रिपोर्ट में खतरे वाले नौकरियों के साथ-साथ उन क्षेत्रों का भी जिक्र किया गया है, जहां नए मौके बनेंगे. रिपोर्ट के अनुसार, क्रिएटिविटी, इमोशनल इंटेलीजेंस और कॉम्प्लेक्स डिसीजन मेकिंग वाले काम करने वाले लोगों की जगह एआई नहीं ले पाएगी. ऐसे में कानून, मैनेजमेंट, एजुकेशन और साइकोलॉजी से जुड़े प्रोफेशनल की डिमांड बढ़ सकती है. हालांकि, इनका काम और काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा.

मौजूदा समय की 12 प्रतिशत नौकरियां खा सकती हैं एआई

यूके की तरह अमेरिका में भी एआई के कारण नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है. MIT की एक हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका की करीब 12 प्रतिशत नौकरियों की जगह एआई ले सकती है. यानी अब इन नौकरियों को करने के लिए इंसानों की जरूरत नहीं है और एआई उनका काम कर सकती है. इससे सबसे ज्यादा प्रभावित फाइनेंस, हेल्थकेयर और प्रोफेशनल सर्विस जैसे सेक्टर हुए हैं. 

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