भाई बहन के अटूट बंधन का प्रतीक है मिथिलांचल का लोकपर्व सामा-चकेवा, जानें इसके बारे में

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Sama Chakeva Festival: सामा चकेवा मिथिलांचल का प्रमुख लोकपर्व है. यह भाई-बहन के अटूट प्यार का प्रतीक है. यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक चलता है. नौ दिवसीय लोकपर्व सामा-चकेवा मिथिलांचल की संस्कृति से जुड़ा हुआ है. इस पर्व में भाई-बहन के स्नेह की पवित्रता देखने को मिलती है.

मिथिला की परंपराओं में सामा चकेवा घर-घर की पहचान है. यह त्योहार उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. छठ महापर्व के ठीक बाद यह पर्व शुरू हो जाता है. छठ पूजा के ठीक बाद सामा चकेवा के मुधर गीत सुनाई देने लगते हैं. अभी यह पर्व पूरे मिथिलांचल में पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. इसमें  आंगन में मिट्टी की मूर्तियाँ सजती हैं.  

कार्तिक पूर्णिमा के दिन इस पर्व का समापन होता है. समापन के समय भाइयों द्वारा सामा-चकेवा की मूर्तियों को घुटने से तोड़ा जाता है और फिर उन्हें खेतों, नदियों या तालाबों में विसर्जित किया जाता है. पंचकोसी मिथिला में इन्हें जुते हुए खेतों में विसर्जित करने की परंपरा है. 

बिहार और नेपाल में मनाया जाता है यह पर्व

सामा-चकेवा का मुख्य उद्देश्य भाई-बहन के अटूट प्रेम और संरक्षण से जुड़ा है. इस पर्व में बहनें अपने भाइयों की दीर्घायु, सुख और समृद्धि की कामना करती हैं. वे  समूहों में सामा-चकेवा खेलने निकलती हैं. शाम के समय चौक-चौराहों या खेतों में बांस के बने रंगीन डाले में सामा, चकेवा, चुगला, और अन्य प्रतीकात्मक मूर्तियों को सजाती हैं.

इन मूर्तियों की पूजा की जाती है. फिर महिलाएं पारंपरिक गीत गाती हैं. बिहार में यह पर्व सहरसा, दरभंगा, मधुबनी और सुपौल जैसे क्षेत्रों में त्योहार विशेष उत्साह से मनाया जाता है. सामा-चकेवा हिमालय की तलहटी से लेकर गंगा के तटों तक, चंपारण से लेकर दीनाजपुर तक पूरे उत्तर बिहार और नेपाल तराई के क्षेत्रों में बड़े उत्साह से मनाया जाता है. यह मिथिलांचल की सामूहिक सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है.

भगवान कृष्ण से जुड़ा है यह पर्व

सामा-चकेवा की कथा का संबंध भगवान कृष्ण की पुत्री श्यामा (सामा) और पुत्र शाम्भ से माना जाता है. लोककथा के अनुसार, किसी चुगलखोर व्यक्ति की वजह से गलतफहमी उत्पन्न हुई थी, जिससे दोनों को दुख सहना पड़ा.

बाद में सत्य साबित होने पर भाई-बहन का प्रेम पुनः स्थापित हुआ. इसी कथा के आधार पर त्योहार में एक नकारात्मक पात्र ‘चुगला’ की मूर्ति भी बनाई जाती है, जिसे अंतिम दिन जलाया जाता है. यह परंपरा समाज में चुगलखोरी, झूठ और बुराई के अंत का प्रतीक है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

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CLAT 2026 रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख बढ़ी, अब 7 नवंबर तक कर सकते हैं आवेदन

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CLAT 2026: कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट CLAT 2026 के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ गई है. नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कंसोर्टियम ने रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन अब 7 नवंबर 2025 रात 12 बजे तक बढ़ा दी है. ऐसे में उम्मीदवार अब 7 नवंबर तक कंसोर्टियम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. कंसोर्टियम की तरफ से जारी नोटिस में बताया गया है कि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कंसोर्टियम के कार्यकारी परिषद CLAT 2026 ऑनलाइन आवेदन जमा करने की लास्ट डेट आगे बढ़ाने की घोषणा करते हुए प्रसन्न है.

7 दिसंबर को होगी परीक्षाएं 

CLAT 2026 की परीक्षा 7 दिसंबर 2025 को एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी. परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक रहेगा. यह राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा देशभर की 25 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में अंडरग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट लो प्रोग्राम्स में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है. वहीं रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन बढ़ने से उन उम्मीदवारों को राहत मिली है जो अब तक का आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे. उन्हें अब जरूरी डॉक्यूमेंट तैयार करने और बिना किसी गलती के आवेदन सबमिट करने के लिए एक्स्ट्रा समय मिल गया है. 

कैसे करें आवेदन?

  • CLAT 2026 के लिए आवेदन करने के लिए आप सबसे पहले  consortiumofnlus.ac.in वेबसाइट पर जाएं.  
  • इसके बाद होम पेज पर CLAT 2026 Registration लिंक पर क्लिक करें.
  • अब मांगी गई जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें. 
  •  रजिस्ट्रेशन पूरा करने के बाद लॉगिन कर आवेदन फार्म और जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें. 
  • अब निर्धारित फीस जमा करें. 
  • फीस जमा होने के बाद आवेदन सबमिट करके कंफर्मेशन पेज डाउनलोड करके रख लें.

क्या है CLAT 2026 के लिए योग्यता? 

यूजी कोर्स के लिए 

  • किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं में जनरल और ओबीसी कैटेगरी के उम्मीदवारों के कम से कम 45 प्रतिशत अंक जरूरी है. वहीं एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए 40 प्रतिशत के साथ 12वीं पास होना जरूरी है. 
  • इसके अलावा मार्च से अप्रैल 2026 में 12वीं कक्षा की परीक्षा देने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं. 

पीजी कोर्स के लिए 

  • एलएलबी में जनरल और ओबीसी कैटेगरी के उम्मीदवारों के कम से कम 50 अंक जरूरी है. वहीं एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए 45 प्रतिशत अंक के साथ पास होना जरूरी है. 
  • मार्च या अप्रैल 2026 में परीक्षा देने वाले उम्मीदवार भी आवेदन के पात्र है, हालांकि इन उम्मीदवारों को एडमिशन के समय पास होने का प्रमाण पत्र जमा कराना होगा.

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ट्रैफिक में फंसी थी विदेशी महिला! ड्राइवर ने पेश की इंसानियत की मिसाल- निभाया अतिथि देवो भव का

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सोशल मीडिया पर कभी-कभी ऐसी कहानियां सामने आ जाती हैं जो दिल को छू जाती हैं और इंसानियत पर भरोसा बढ़ा देती हैं. इन दिनों मुंबई से एक ऐसी ही कहानी सामने आई है जिसमें एक ऑस्ट्रेलियाई महिला ने अपने भारतीय उबर ड्राइवर की दयालुता की तारीफ करते हुए कहा कि वह इंसान नहीं, फरिश्ता था. महिला ने अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए बताया कि कैसे ड्राइवर ने लंबा ट्रैफिक जाम होने के बावजूद उनका पूरा ख्याल रखा, उन्हें पानी और खाना लाकर दिया, और पैसे लेने से साफ मना कर दिया. यह कहानी लोगों को याद दिलाती है कि भारत सिर्फ त्योहारों और भीड़ का देश नहीं, बल्कि यहां के लोगों के दिल भी उतने ही बड़े हैं जितनी उनकी मेहमाननवाजी.

छठ पूजा के चलते लंबे ट्रैफिक जाम में फंसी विदेशी महिला

मुंबई में रहने वाली ऑस्ट्रेलियाई महिला ब्री स्टील (Bree Steel) ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भारत में अपने एक उबर ड्राइवर के साथ हुए अनुभव को शेयर किया. उन्होंने लिखा कि यह घटना उनके जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक थी. ब्री ने अपने वीडियो की शुरुआत करते हुए कहा “भारतीय उबर ड्राइवर वाकई अगले स्तर के आइकॉन हैं.” उन्होंने बताया कि उस दिन वह अपने घर लौट रही थीं जब उन्होंने एक उबर बुक की. रास्ते में छठ पूजा के कारण मुंबई की सड़कों पर जबरदस्त ट्रैफिक जाम था. जो सफर सिर्फ 15 मिनट का होना चाहिए था, वह करीब दो घंटे लंबा हो गया. उन्होंने मजाक में कहा “काश किसी ने मुझे बताया होता कि आज त्योहार है, तो मैं निकलती ही नहीं.”


ड्राइवर ने खूब की मेहमान नवाजी

लगभग 30 मिनट तक एक ही जगह पर फंसे रहने के बाद उनका ड्राइवर कार से उतरा और थोड़ी देर बाद दो बोतल पानी लेकर लौटा. जब ब्री ने पैसे देने की कोशिश की, तो ड्राइवर मुस्कुराया और बोला “आप हमारे मेहमान हैं.” ब्री ने कहा कि इससे वह बहुत प्रभावित हुईं. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. कुछ देर बाद जब ट्रैफिक और भी बढ़ गया, तो वही ड्राइवर फिर से बाहर गया और कबाब और पेय पदार्थ लेकर लौटा ताकि वह भूखी न रहें. वह बार-बार यही कहता रहा कि “मेहमानों की सेवा करना हमारा धर्म है.”

महिला बोली, ड्राइवर ने मेरा दिल जीत लिया

ब्री ने अपने पोस्ट में लिखा “मैंने दुनिया के कई देशों में सफर किया है, लेकिन ऐसा अनुभव सिर्फ भारत में ही मिल सकता है.” उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें किसी भारतीय उबर ड्राइवर से इतना अच्छा अनुभव मिला हो. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि “मुझे समझ नहीं आता कि मेरी हर बेहतरीन कहानी में उबर ड्राइवर ही क्यों होता है. एक ने मुझे बाढ़ में फंसे होने के बाद हवाई अड्डे तक पहुंचाया था. एक ने मेरा जूता उठाया जो चलते समय ऑटो से गिर गया था. और अब, इस शख्स ने मेरा दिल जीत लिया.”

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यूजर्स ने यूं किया रिएक्ट

ब्री का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. लोग इस भारतीय ड्राइवर की तारीफ करते नहीं थक रहे. कोई लिख रहा है “यही है असली भारत.” तो कोई कह रहा है “हमारे देश की पहचान सिर्फ संस्कृति नहीं, बल्कि इंसानियत भी है.” इस वायरल पोस्ट ने यह साबित कर दिया कि भारत में सिर्फ सड़कें और शहर नहीं, बल्कि दिल भी विशाल हैं. एक छोटी सी मदद, एक बोतल पानी या मुस्कान भी किसी के दिन को यादगार बना सकती है.

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अरबपति होकर कैब चला रहा 86 साल का बुजुर्ग, वायरल वीडियो की सच्चाई कर देगी हैरान

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कंधे पर अगर जिम्मेदारियां हो, तो इंसान न उम्र देखता है और न सीमाएं. बस अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करता जाता है. लेकिन आज हम आपको जिस शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, वह अरबपति बिजनेसमैन होने के बावजूद कैब चलाता है. नव शाह नाम के एक यूजर ने जैसे ही सोशल मीडिया पर 86 साल के इस बुजुर्ग की कहानी शेयर की, पोस्ट तेजी से वायरल हो गया. 

करोड़ों का मालिक है कैब ड्राइवर

फिजी में उबर की सवारी के दौरान नव शाह को यह बात चली कि उनका कैब ड्राइवर खुद करोड़ों की कंपनी का मालिक है. सफर के दौरान दोनों के बीच हुई बातचीत के दौरान कैब ड्राइवर ने नव को बताया कि उनका अपना 17.5 करोड़ डॉलर का कारोबार है. उबर चलाकर उनकी जितनी भी कमाई होती है, वह सारा पैसा लड़कियों की शिक्षा पर खर्च कर देते हैं. नव के साथ बात करते हुए उन्होंने कहा, “मेरी तीन बेटियां हैं. मैंने उन्हें अच्छी शिक्षा दी है. अब वह जिंदगी में अच्छा कर रही हैं इसलिए मैंने सोचा, अगर मैं दूसरी लड़कियों को उनके सपने पूरे करने में मदद कर सकता हूं, तो क्यों न करूं?”


एक नहीं, कई बिजनेस है खुद के नाम 

86 साल के इस बुजुर्ग ने बताया, हमारे पास 13 जूलरी की दुकानें, छह रेस्टोरेंट, एक लोकल न्यूजपेपर और चार सुपरमार्केट हैं.” अपने सफर के बारे में बताते हुए उन्होंने यह भी बताया कि 1929 में उनके पिता ने महज पांच पाउंड से इसकी शुरुआत की थी. इस वीडियो को नव शाह ने एक लंबे कैप्शन के साथ अपलोड किया. उन्होंने लिखा, एक ऐसा शख्स जिसने दौलत, बिजनेस, विरासत सबकुछ देख रखा है. फिर भी वह जमीन से जुड़ा हुआ, दयालु और दृढ़ संकल्पी है. उन्होंने मुझे याद दिलाया: सच्ची सफलता यह नहीं है कि आप कितनी ऊंचाई पर चढ़ते हैं, बल्कि यह है कि आप रास्ते में कितने लोगों को ऊपर उठाते हैं.

 

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गलत दिशा में रखी डेस्क रोक रही है तरक्की? वास्तु से जानिए सही करियर ग्रोथ का राज

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जो लोग नौकरी करते हैं, उनके जीवन में घर के साथ-साथ ऑफिस का भी अहम प्रभाव पड़ता है. जिस तरह घर का सही वास्तु व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव का कारण बनता है, ठीक उसी तरह ऑफिस में आपके बैठने की सही दिशा भी करियर में आ रही रुकावटों को दूर करती है.

जो लोग नौकरी करते हैं, उनके जीवन में घर के साथ-साथ ऑफिस का भी अहम प्रभाव पड़ता है. जिस तरह घर का सही वास्तु व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव का कारण बनता है, ठीक उसी तरह ऑफिस में आपके बैठने की सही दिशा भी करियर में आ रही रुकावटों को दूर करती है.

वास्तु शास्त्र में दिशाओं की अहम भूमिका होती है. विशेषकर उस स्थान के लिए जहां आप दिन का अधिकतर समय बिताते हो. ऑफिस में सही दिशा में बैठकर काम करने से एकाग्रता बढ़ने के साथ काम की गुणवत्ता में अच्छे बदलाव आते हैं.

वास्तु शास्त्र में दिशाओं की अहम भूमिका होती है. विशेषकर उस स्थान के लिए जहां आप दिन का अधिकतर समय बिताते हो. ऑफिस में सही दिशा में बैठकर काम करने से एकाग्रता बढ़ने के साथ काम की गुणवत्ता में अच्छे बदलाव आते हैं.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऑफिस में मुंह पूर्व (East) या उत्तर (North) दिशा की ओर करके बैठना शुभ माना जाता है. कोशिश करें कि उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा की ओर मुख करके बैठना भी लाभदायक माना जाता है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऑफिस में मुंह पूर्व (East) या उत्तर (North) दिशा की ओर करके बैठना शुभ माना जाता है. कोशिश करें कि उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा की ओर मुख करके बैठना भी लाभदायक माना जाता है.

इन दोनों ही दिशाओं में बैठकर काम करने से सोचने समझने की क्षमता बढ़ने के साथ निर्णय लेने की शक्ति में सुधार आता है. इसके अलावा लाइफ में जॉब से जुड़ी कई अपॉर्च्युनिटी आती है.

इन दोनों ही दिशाओं में बैठकर काम करने से सोचने समझने की क्षमता बढ़ने के साथ निर्णय लेने की शक्ति में सुधार आता है. इसके अलावा लाइफ में जॉब से जुड़ी कई अपॉर्च्युनिटी आती है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऑफिस में कभी भी आपका मुंह दक्षिण (South) या दक्षिण-पूर्व (South-East) दिशा की ओर नहीं होना चाहिए. ये दोनों ही दिशा अशुभ मानी जाती है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऑफिस में कभी भी आपका मुंह दक्षिण (South) या दक्षिण-पूर्व (South-East) दिशा की ओर नहीं होना चाहिए. ये दोनों ही दिशा अशुभ मानी जाती है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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Published at : 01 Nov 2025 07:22 PM (IST)

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ये हैं दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रोन, ऐसी टेक्नोलॉजी जिससे छूट जाते हैं दुश्मन के पसीने

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Most Dangerous Drones: 21वीं सदी की सबसे घातक और स्मार्ट सैन्य तकनीकों में ड्रोन यानी मानव रहित हवाई वाहन (UAV) का नाम सबसे ऊपर आता है. आधुनिक युद्धों में ड्रोन अब सैनिकों की जगह नहीं, बल्कि उनके साथ खड़े होकर दुश्मन को मात देने का काम कर रहे हैं. इनकी खासियत है बिना पायलट के दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करना. आज दुनिया के कई देशों ने ऐसे खतरनाक ड्रोन विकसित कर लिए हैं जो न केवल दुश्मन की सीमा में घुस सकते हैं बल्कि मिनटों में पूरे बेस को तबाह करने की ताकत रखते हैं. आइए जानते हैं दुनिया के कुछ सबसे खतरनाक और एडवांस्ड ड्रोन के बारे में जिनसे दुश्मनों के पसीने छूट जाते हैं.

MQ-9 Reaper (अमेरिका)

अमेरिका का MQ-9 Reaper दुनिया का सबसे प्रसिद्ध और घातक कॉम्बैट ड्रोन माना जाता है. इसे डेथ फ्रॉम एबव यानी ‘आसमान से मौत’ भी कहा जाता है. यह ड्रोन 50,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है और इसकी रेंज लगभग 1,800 किलोमीटर तक है. इसमें लेजर-गाइडेड बम, हेलफायर मिसाइल और स्मार्ट बम लगाए जा सकते हैं. MQ-9 Reaper की मदद से अमेरिका ने कई आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं.

Bayraktar TB2 (तुर्की)

तुर्की का Bayraktar TB2 ड्रोन हाल के वर्षों में चर्चा में रहा है खासकर रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान. यह मीडियम अल्टीट्यूड और लॉन्ग एंड्योरेंस वाला ड्रोन है जो 27 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है. इसमें हाई-डेफिनिशन कैमरा और स्मार्ट माइक्रो मिसाइल्स लगी होती हैं जो लक्ष्य को कुछ सेकंड में खत्म कर देती हैं. इसकी खासियत है कि यह बेहद सस्ता और ऑपरेशन में आसान है जिससे छोटे देश भी इसे खरीद सकते हैं.

Wing Loong II (चीन)

चीन का Wing Loong II ड्रोन तकनीकी रूप से अमेरिका के Reaper जैसा ही है. यह ड्रोन निगरानी और हमला दोनों के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसकी रेंज 4,000 किलोमीटर से अधिक है और यह 12 तक मिसाइलें ले जा सकता है. चीन इसे न केवल अपने लिए बल्कि कई एशियाई और अफ्रीकी देशों को भी बेच चुका है जिससे यह वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हो गया है.

Heron TP (इजराइल)

इजराइल का Heron TP ड्रोन निगरानी और जासूसी मिशनों में माहिर है. यह ड्रोन 36 घंटे तक लगातार उड़ सकता है और 1 टन से ज्यादा हथियार ले जा सकता है. इसमें अत्याधुनिक सेंसर और रडार सिस्टम लगे हैं जो इसे दुश्मन की हर हलचल पर नजर रखने में सक्षम बनाते हैं. भारतीय वायुसेना भी इस ड्रोन का इस्तेमाल करती है.

KUB-BLA (रूस)

रूस का KUB-BLA सुसाइड ड्रोन कहलाता है. यह खुद को विस्फोटक बनाकर लक्ष्य पर गिरा देता है और भारी तबाही मचा देता है. इसका साइज छोटा होता है जिससे इसे रडार पर पकड़ना मुश्किल होता है. रूस ने इस ड्रोन का इस्तेमाल कई बार युद्ध क्षेत्रों में किया है जिससे यह “फ्लाइंग बम” के नाम से भी जाना जाता है.

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‘कोई अकेला नहीं रहेगा…’, अमेरिका बोला- झगड़ालू चीन से निपटने के लिए सहयोगियों को तकनीक देने क

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दक्षिण चीन सागर में बढ़ती तनातनी के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों को ऐसी तकनीकें और उपकरण उपलब्ध कराएगा, जिनकी मदद से वे चीन की ‘आक्रामक गतिविधियों’ का मिलकर मुकाबला कर सकें. कुआलालंपुर में आयोजित बहुपक्षीय बैठकों में उन्होंने चीन पर दक्षिण चीन सागर में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि वॉशिंगटन अपने साझेदारों को अकेला नहीं छोड़ेगा.

दक्षिण चीन सागर में चीन की कार्रवाई पर अमेरिका ने साधा निशाना
हेगसेथ ने आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों के सामने कहा कि चीन ने पड़ोसी देशों की संप्रभुता का सम्मान नहीं किया है और उसकी नीतियां क्षेत्र की स्थिरता को चुनौती दे रही हैं. उन्होंने कहा, ‘दक्षिण चीन सागर और अन्य क्षेत्रों में चीन की आक्रामकता के खतरों को आप रोजाना महसूस करते हैं. हमें अपनी संयुक्त क्षमताएं बढ़ानी होंगी और समुद्री गतिविधियों की बेहतर निगरानी के लिए तकनीकी सहयोग विकसित करना होगा, ताकि कोई भी देश अकेला न रहे.’ उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इनोवेशन और तकनीक को तेजी से बढ़ाने में सक्षम है और वह इन्हें अपने साझेदारों के साथ साझा करना चाहता है.

चीनी कोस्ट गार्ड की तैनाती पर बढ़ी चिंता
हेगसेथ की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिलीपींस और अमेरिका की सेनाओं ने दक्षिण चीन सागर में संयुक्त अभ्यास किया. चीन ने इस कार्रवाई को ‘क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के खिलाफ’ बताया. चीन दक्षिण चीन सागर के लगभग पूरे क्षेत्र पर दावा करता है, जो ब्रुनेई, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के विशेष आर्थिक क्षेत्रों से टकराता है. चीन ने तट रक्षक जहाजों का एक विशाल बेड़ा समुद्र में तैनात किया है, जिसकी कई बार फिलीपींस, मलेशिया और वियतनाम के जहाजों से झड़प हो चुकी है.

हालांकि चीन का कहना है कि उसकी कार्रवाई रक्षात्मक है और उसके तट रक्षक पेशेवर तरीके से काम कर रहे हैं. चीनी रक्षा मंत्री डोंग जुन ने शुक्रवार को कहा था कि चीन और आसियान को ‘पूर्वी ताकत को एकजुट’ करते हुए दक्षिण चीन सागर में शांति और स्थिरता को बनाए रखना चाहिए.

ट्रंप की परमाणु परीक्षण टिप्पणी के बाद बढ़ा तनाव
हेगसेथ की यह यात्रा ऐसे समय हुई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने अमेरिकी सेना को ‘हमारे परमाणु हथियारों का परीक्षण शुरू करने’ का निर्देश दिया है. यह निर्देश 33 साल बाद परमाणु परीक्षण के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप का मतलब परमाणु विस्फोट परीक्षण से है या फिर परमाणु-सक्षम मिसाइलों के परीक्षण से. जब हेगसेथ से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि रक्षा विभाग जल्द स्पष्टीकरण देगा, लेकिन ‘सक्षम परमाणु ताकत का परीक्षण करना समझदारी है.’

इंडो-पैसिफिक में गठबंधन मजबूत करने का संकेत
हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका शांति का समर्थक है लेकिन चीन की गतिविधियों पर करीबी नजर रखी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक ऐसी सेना बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे वैश्विक स्तर पर कोई मुकाबला न कर सके. उन्होंने आगे कहा कि चीन के साथ संवाद महत्वपूर्ण है और अपने चीनी समकक्ष से हुई बातचीत उपयोगी रही, लेकिन यह भी चेतावनी दी कि बीजिंग की गतिविधियों पर लगातार नजर रखनी होगी. आसियान रक्षा मंत्रियों से उन्होंने कहा, ‘हम संघर्ष नहीं चाहते, हम शांति चाहते हैं. लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि चीन न तो आप पर और न ही किसी और पर अपना वर्चस्व स्थापित कर सके.’

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विवेक ओबेरॉय बॉक्स ऑफिस पर काटेंगे बवाल, ‘रामायण’ समेत इन 4 फिल्मों में निभाएंगे गजब के किरदार

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बॉलीवुड एक्टर विवेक ओबेरॉय एक बार फिर बड़े पर्दे पर एक्टिव हो गए हैं. एक्टर को आखिरी बार इसी साल मई में रिलीज हुई फिल्म ‘केसरी वीर’ में देखा गया था. वहीं अब विवेक ओबेरॉय के पास आगे एक से बढ़कर एक फिल्मों का लाइनअप हैं. इन मूवीज में एक्टर का सबसे हटकर किरदार देखने को मिलने वाला है. विवेक के वर्कफ्रंट में इस समय बॉलीवुड से लेकर साउथ फिल्में तक शामिल हैं.

मस्ती 4

  • कॉमेडी फ्रेंचाइजी ‘मस्ती 4’ का दर्शक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. अब फिल्म 21 नंवबर को रिलीज होने के लिए तैयार है.
  • ‘मस्ती 4’ में विवेक ओबेरॉय के साथ रितेश देशमुख और आफताब शिवदासानी लीड रोल में नजर आएंगे. 
  • मिलाप जवेरी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में एल्नाज नौरोजी, श्रेया शर्मा और रूही सिंह भी दिखाई देंगी.

स्पिरिट

  • विवेक ओबेरॉय प्रभास और तृप्ति डिमरी की अपकमिंग फिल्म ‘स्पिरिट’ का भी हिस्सा हैं.
  • संदीप रेड्डी वांगा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में विवेक खास किरदार अदा करने वाले हैं.
  • विवेक ने ‘स्पिरिट’ का टीजर शेयर करते हुए एक्स पर लिखा था- ‘संदीप रेड्डी वांगा के बेजोड़ जादू से इस एक्शन को जिंदा करने को लेकर बेहद एक्साइटेड हूं.’
  • फिलहाल ‘स्पिरिट’ की रिलीज डेट से पर्दा नहीं उठा है.

रामायण

  • विवेक ओबेरॉय नितेश तिवारी की मेगा बजट फिल्म ‘रामायण’ में भी दिखाई देंगे.
  • वो इस माइथोलॉजिकल फिल्म में विभीषण का किरदार अदा करने वाले हैं.
  • हाल ही में हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में विवेक ने बताया था कि उन्होंने अपनी ‘रामायण’ की फीस दान कर दी है.
  • बता दें कि ‘रामायण- पार्ट 1’ दिवाली 2026 में रिलीज होगी. वहीं ‘रामायण- पार्ट 2’ दिवाली 2027 में पर्दे पर आएगी.


द प्राइड ऑफ भारत: छत्रपति शिवाजी महाराज

  • विवेक ओबेरॉय साउथ स्टार ऋषभ शेट्टी के साथ भी स्क्रीन शेयर करने के लिए तैयार हैं. 
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक एक्टर ‘द प्राइड ऑफ भारत: छत्रपति शिवाजी महाराज’ में नजर आएंगे.
  • इस फिल्म में विवेक ओबेरॉय ऑरंगजेब का किरदार अदा कर सकते हैं.
  • ‘द प्राइड ऑफ भारत: छत्रपति शिवाजी महाराज’ 21 जनवरी 2027 को 40 से ज्यादा देशों में रिलीज होगी.



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भारत-दक्षिण अफ्रीका फाइनल का टिकट भी 100 रुपये का है? वर्ल्ड कप फाइनल का हैरान करने वाला अपडेट

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नवी मुंबई में रविवार को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल खेला जाएगा. दक्षिण अफ्रीकी टीम पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची है, वहीं टीम इंडिया तीसरी बार खिताबी मैच खेलेगी. दोनों ही टीमें अब तक वर्ल्ड कप का खिताब नहीं जीती हैं. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम वनडे विश्व कप में इतिहास रचने से एक जीत दूर है और ऐसे में प्रशंसकों के बीच इस मैच को लेकर जबरदस्त उत्साह है, लेकिन टिकट नहीं मिलने से उन्हें निराशा का सामना करना पड़ रहा है. 

सेमीफाइनल में भारतीय टीम के प्रदर्शन के बाद फाइनल के लिए डी वाई पाटिल स्टेडियम के बाहर टिकट के लिए फैंस की भीड़ देखी जा सकती है. स्टेडियम में दर्शकों को आकर्षित करने के लिए टिकट की कीमत महज 100 रुपये से शुरू थी, लेकिन शनिवार दोपहर तक स्टेडियम में दर्शकों के लिए टिकट उपलब्ध नहीं थे. 

ठाणे जिले के पंडियन परिमल ने बताया कि वह सुबह ही स्टेडियम आ गये थे लेकिन यहां किसी को टिकट नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा, “मैं सुबह 9 बजे से ही यहां आया हूं, लेकिन यहां काफी भीड़ है और किसी को टिकट नहीं मिल रहा है. ऑनलाइन माध्यम से भी टिकट नहीं मिल पा रहा है. यहां बड़ी संख्या में लोग आये हैं.”

वहीं एक अन्य प्रशंसक शिफ्तैन इफ्तार ने कहा कि वह दो दिनों से टिकट के लिए यहां आ रहे हैं, लेकिन यहां कोई भी जवाब नहीं मिला. हमें कल (शुक्रवार) बताया गया था कि आज दोपहर 12 बजे से टिकट मिलने शुरू हो जायेंगे, लेकिन यहां सुबह से पहुंचने के बाद दोपहर हो गया, लेकिन टिकट के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है. 

महिला प्रशंसक भी स्टेडियम के बाहर टिकट खरीदने का इंतजार करती दिखीं. मुंबई से आयी प्रशंसक किशोरी धौलपुरिया ने टिकटों की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए कहा, हमें यहां कुछ भी जानकारी नहीं दी जा रही है. हम धूप और बारिश में यहां खड़े हैं, लेकिन तीन दिन से कोशिश के बावजूद टिकट का कुछ पता नहीं चल पा रहा है. 

स्थानीय प्रशंसक आंचल ने कहा कि हमें एक दिन पहले बताया गया था कि आज दोपहर 12 बजे से टिकट के लिए गेट खोल दिये जायेंगे, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी कुछ पता नहीं चला रहा है. उन्होंने कहा कि अगर टिकट खत्म हो गये हैं तो उनको बता देना चाहिये कि टिकट उपलब्ध नहीं हैं.

टिकटों की उपलब्धता की स्थिति जानने के लिए जब स्टेडियम के प्रबंधकों से बात करने कोशिश की गयी, लेकिन उन से भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला. कक्षा नौवीं की छात्र लावण्या ने भी इसी तरह की शिकायत करते हुए कहा कि वह टीम को ट्रॉफी जीतते देखना चाहती हैं, लेकिन टिकट नहीं मिल पा रहा है. (इस स्टोरी में इनपुट न्यूज एजेंसी पीटीआई से लिया गया है)

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‘श्यामा आन बसो वृंदावन में’ भजन पर लड़की ने किया गजब का डांस- वीडियो देख खड़े हो जाएंगे रोंगटे

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सोशल मीडिया की दुनिया में हर दिन कुछ न कुछ ऐसा सामने आ जाता है जो दिल को छू जाता है. कभी किसी के नृत्य से, तो कभी किसी की भक्ति से. इन दिनों इंटरनेट पर एक ऐसा ही वीडियो तहलका मचा रहा है जिसमें एक युवती भक्ति और भावनाओं के सागर में डूबी नजर आती है. बड़े से मंदिर के प्रांगण में, दिव्यता से घिरी वह लड़की कृष्ण भजन “श्यामा आन बसो वृंदावन में” की धुन पर इतनी तल्लीन होकर नाचती है कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. काले घेरदार लहंगे में सजी यह युवती जैसे-जैसे गोल गोल घूमती है, उसकी हर अदा में भक्ति, भाव और सौंदर्य एक साथ झलकता है. वीडियो देखने वाले कहते हैं कि यह सिर्फ एक डांस नहीं, बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति है.

प्रेम मंदिर में भजन पर झूमी खूबसूरत लड़की!

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो वृंदावन के प्रेम मंदिर का बताया जा रहा है. जिसमें एक लड़की कृष्ण भक्ति में डूबी दिखाई दे रही है. यह वीडियो किसी बड़े मंदिर के खुले प्रांगण में शूट किया गया है, जहां वातावरण में शुद्धता और भक्ति का भाव साफ महसूस किया जा सकता है. लड़की ने काला घेरदार लहंगा और सिल्वर ज्वेलरी पहन रखी है, और वह प्रसिद्ध भजन “श्यामा आन बसो वृंदावन में” पर झूमती, घूमती और अपने भावों से सबको मंत्रमुग्ध कर रही है. उसके चेहरे पर भक्ति की चमक और आंखों में समर्पण की गहराई दिखती है.

मधुर धुनों पर थिरकाए कदम

वीडियो की शुरुआत में जैसे ही भजन की मधुर धुन बजती है, युवती धीरे-धीरे अपने कदम थिरकाना शुरू करती है. कुछ ही पलों में वह पूरे लय और भाव में खो जाती है. गोल गोल घूमते हुए, वह जैसे किसी अदृश्य शक्ति से जुड़ जाती है. आसपास खड़े लोग भी इस दृश्य को देख हैरान रह जाते हैं. कैमरे पर कैद यह पल अब सोशल मीडिया पर लाखों बार देखा जा चुका है.

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यूजर्स ने की तारीफ तो किसी ने रखी अलग राय

वीडियो को @prasy088 नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…हालांकि मंदिर में रील नहीं बनानी चाहिए, लेकिन नृत्य बेहद खूबसूरत है. एक और यूजर ने लिखा…वाह क्या नृत्य है, मंत्रमुग्ध कर दिया. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…बेहद खूबसूरत नजारा, रोंगटे खड़े हो गए.

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