मिलावट वाले भुने चने खा रहे हैं तो हो जाएं सावधान, बढ़ सकता है कैंसर का खतरा 

[ad_1]


सर्दियों में ज्यादातर लोगों को भुने चने खाना पसंद होता है. लेकिन हाल ही में हुए एक खुलासे ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. राजधानी दिल्ली के कई बाजारों में मिलने वाले भुने चनों में औरामाइन ओ नामक खतरनाक इंडस्ट्रियल डाई की मिलावट की पुष्टि हुई है. यह वही रसायन है जिसका इस्तेमाल कपड़ों और लेदर को रंगने के लिए किया जाता है. खाने में इसका उपयोग सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है.

लाजपत नगर सहित कई बिजी मार्केट से लिए गए नमूनों में इसकी मौजूदगी पाई गई. शुरुआती जांच में 40 फीसदी नमूनों में औरामाइन ओ मिला, जिसके बाद FSSI और खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की है. इसे लेकर अब तक 15 एफआईआर दर्ज की गई है और करीब 50 विक्रेताओं के लाइसेंस भी निलंबित किया जा चुके हैं. इसके अलावा कई लोगों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अगर आप भी मिलावटी भुने चने खा रहे हैं तो तो आपको सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि इससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. 

क्या है औरामाइन ओ और यह कितना खतरनाक?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, औरामाइन ओ एक सिंथेटिक पीला पिगमेंट है जिसे किसी भी खाद्य पदार्थ में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. यह पानी में घुलकर चनाें को चमकदार पीला बनता है और उन्हें ज्यादा कुरकुरा दिखता है, लेकिन यह वही केमिकल है जिसे डब्ल्यूएचओ (WHO) की इंटरनेशनल कैंसर रिसर्च एजेंसी ने संभावित कार्सिनोजेन यानी कैंसर पैदा करने वाला पदार्थ घोषित किया हुआ है. यह रसायन शरीर में जाकर सबसे पहले किडनी, फिर लीवर और बाद में ब्लेंडर को नुकसान पहुंचता है. लंबे समय तक इसका सेवन नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे चक्कर आना, थकान, सिर दर्द और उल्टी जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं. वहीं बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह मिलावट और भी खतरनाक मानी गई है. 

एक्सपर्ट्स ने क्या बताया नुकसान और पहचान के तरीके?

कई एक्सपर्ट ने भुने चनों को गंभीर खतरा बताते हुए बताया है कि औरामाइन ओ से मिलावटी चने लंबे समय में शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. एक्सपर्ट यह भी बताते है कि लोग घर पर ही कैसे असली और नकली चने की पहचान कर सकते हैं. चने या दाल को कुछ मिनट पानी में भिगोकर देखा जा सकता है. अगर पानी पीला हो जाए या दाल रंग छोड़ दें तो समझ लेना चाहिए कि उसमें रंग मिला हुआ है. असली दाल पानी में धीरे-धीरे नीचे जाती है जबकि नकली दाल तुरंत नीचे चली जाती है और रंग छोड़ती है. 

कैसे करें बचाव?

  • नकली चनों से बचाव करने के लिए बहुत चमकदार, अत्यधिक पीले या अनियमित रूप से कुरकुरे दिखने वाले चने न खरीदें. 
  • चनों को पानी में भिगोकर रंग छोड़ने की जांच करें. 
  • वहीं भरोसेमंद दुकानों और ब्रांडेड पैकेट उत्पादों को ही खरीदें. 
  • चनों में किसी भी तरह का रासायनिक स्वाद या रंग दिखाई दें तो तुरंत ऐसे चनों का सेवन बंद कर दें.

ये भी पढ़ें-हड्डियों को दें अंदर से ताकत, डाइट और लाइफस्टाइल में लाएं ये बदलाव, जाने आसान तरीके

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

[ad_2]

FD पर 8.30 परसेंट तक ब्याज कमाने का मौका! जानें कौन सा बैंक दे रहा जमा राशि पर तगड़ा इंटरेस्ट

[ad_1]


Bank FD Interest Rate: अपने भविष्य को संवारने और फ्यूचर को सिक्योर रखने के लिए बैंक FD निवेश का एक बढ़िया तरीका है. बैंक एफडी पर इंटरेस्ट से आप मोटी कमाई कर सकते हैं. हालांकि, इसके लिए यह पता होना जरूरी है कि कौन सा बैंक सा FD पर बेहतर इंटरेस्ट प्रोवाइड कर रहा है. बैंक समय-समय पर रेट साइकिल और लिक्विडिटी के हिसाब से इंटरेस्ट रेट बदलते रहते हैं इसलिए इसकी सही जानकारी होना जरूरी है. इस साल पब्लिक सेक्टर, प्राइवेट सेक्टर और स्मॉल फाइनेंस बैंक काफी अलग-अलग इंटरेस्ट स्लैब दे रहे हैं, जिस पर आइए एक नजर डालते हैं ताकि अगर आप भी एफडी कराने का सोच रहे हैं, तो इससे आपको अच्छा रिटर्न पाने में मदद मिल सके. 

State Bank of India

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अभी सामान्य ग्राहकों को एफडी कराने पर लगभग 3.05 परसेंट से 6.60 परसेंट सालाना इंटरेस्ट रेट दे रहा है. बैंक सीनियर सिटिजन को लगभग 0.50 परसेंट ज्यादा इंटरेस्ट दे रहा है. कुछ खास बकेट पर सबसे ज्यादा रेट 7.10 परसेंट के आसपास है. एक साल के फिक्स्ड डिपॉजिट पर  सामान्य ग्राहकों को 6.25 परसेंट और सीनियर सिटिजन को 6.75 परसेंट की दर से इंटरेस्ट मिल रहा है. 

Punjab National Bank (PNB)

पंजाब नेशनल बैंक आम लोगों के लिए FD पर 3.00 परसेंट से 6.60 परसेंट तक का इंटरेस्ट रेट दे रहा है, जिसमें सीनियर सिटिजन को कुछ समय के लिए 6.90 परसेंट तक का इंटरेस्ट मिलता है. एक साल के FD पर रेगुलर डिपॉजिटर्स को 6.25 परसेंट और सीनियर सिटिजन्स को 6.75 परसेंट की दर से इंटरेस्ट मिल रहा है. 

Kotak Mahindra Bank

कोटक महिंद्रा बैंक सामान्य ग्राहकों को FD कराने पर 2.75 परसेंट से 6.70 परसेंट तक इंटरेस्ट दे रहा है. वहीं, सीनियर सिटिजन के लिए रेट लगभग 7.10 परसेंट तक जा रहा है. अमूमन एक साल की FD पर रेगुलर डिपॉजिटर्स को 6.25 परसेंट और सीनियर सिटिजन को 6.75 परसेंट इंटरेस्ट दिया जा रहा है.

RBL Bank

RBL बैंक में सामान्य ग्राहकों के लिए FD पर इंटरेस्ट रेट 3.50-7.80 परसेंट तक है. वहीं, सीनियर सिटिजन के लिए यह और भी बढ़कर 4-8.30 परसेंट तक जा रहा है. 

Bank of Baroda

बैंक ऑफ बड़ौदा अभी आम लोगों के लिए लगभग 3.50 परसेंट से 6.60 परसेंट सालाना और सीनियर सिटिजन के लिए 4.00 परसेंट से 7.10 परसेंट सालाना FD रेट दे रहा है. एक साल के स्टैंडर्ड डिपॉजिट पर रेगुलर इन्वेस्टर के लिए रेट 6.25 परसेंट और सीनियर सिटिजन के लिए 6.75 परसेंट है.

HDFC Bank

HDFC बैंक में रेगुलर कस्टमर्स के लिए FD पर इंटरेस्ट रेट 2.75 परसेंट से 6.60 परसेंट के बीच है, जबकि सीनियर सिटिजन कुछ खास समय पर लगभग 7.10 परसेंट तक कमा सकते हैं. एक साल की मैच्योरिटी के लिए रेगुलर डिपॉजिटर्स को आमतौर पर 6.25 परसेंट और सीनियर सिटिजन को 6.75 परसेंट इंटरेस्ट मिल रहा है. 

ICICI Bank

ICICI बैंक में सामान्य ग्राहकों के लिए FD पर इंटरेस्ट रेट्स 2.75 परसेंट से 6.60 परसेंट सालाना है और सीनियर सिटिजन के लिए यह 3.25 परसेंट से 7.10 परसेंट के बीच है. 1 साल से 18 महीने से कम समय के लिए रेगुलर डिपॉजिटर्स के लिए FD रेट 6.25 परसेंट और सीनियर सिटिजन्स के लिए 6.75 परसेंट है.

DCB Bank

DCB बैंक सामान्य ग्राहकों को एफडी कराने पर 3.75 परसेंट से लगभग 7.20 परसेंट की दर से इंटरेस्ट दे रहा है. वहीं, सीनियर सिटिजन के लिए यह रेट सालाना 4.00 परसेंट से लगभग 7.70 परसेंट है. लगभग एक साल के समय के लिए रेगुलर कस्टमर के लिए रेट आमतौर पर लगभग 6.90 परसेंट–7.00 परसेंट और सीनियर सिटिजन के लिए 7.15 परसेंट-7.50 परसेंट के बीच होते हैं.

 

ये भी पढ़ें:

18 दिन नहीं खुलेगा बैंक… दिसंबर में छुट्टियों की लंबी है लिस्ट, जानें आपके शहर में कब-कब ब्रांच रहेंगे बंद 

[ad_2]

पहले वनडे में रोहित शर्मा बनाएंगे नया वर्ल्ड रिकॉर्ड! शाहिद अफरीदी को पछाड़ बनेंगे सिक्सर किंग

[ad_1]


भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला कल यानी रविवार, 30 नवंबर को रांची में खेला जाना है. इस मैच में पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना सकते हैं. दरअसल, रोहित शर्मा अगर पहले वनडे में तीन छक्के लगा देते हैं तो वह इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे. 

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में रोहित शर्मा के पास पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी को पछाड़ने का मौका है. रोहित अगर रांची में खेले जाने वाले पहले वनडे में में 3 छक्के लगाते हैं तो वह शाहिद अफरीदी को पछाड़कर ‘सिक्सर किंग’ बन जाएंगे. 

शाहिद अफरीदी के नाम है वनडे में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड

रोहित शर्मा ने साल 2007 से अब तक 276 वनडे मुकाबलों में 349 छक्के लगाए हैं. इस दौरान रोहित ने 49.22 की औसत के साथ 11,370 रन बनाए. रोहित के बल्ले से 33 शतक और 59 अर्धशतक निकले हैं. वहीं पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी ने 398 वनडे मैचों में 351 छक्के लगाए हैं. इस पाकिस्तानी खिलाड़ी ने 23.57 की औसत के साथ 8,064 रन भी बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 6 शतक और 39 अर्धशतक निकले. 

इस प्रकार है वनडे सीरीज का शेड्यूल

टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 30 नवंबर से 6 दिसंबर के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी. इस सीरीज का पहला मैच रांची में खेला जाएगा, जिसके बाद 3 दिसंबर को रायपुर में सीरीज का दूसरा मुकाबला होगा. वहीं सीरीज का तीसरा मुकाबला विशाखापत्तनम में 6 दिसंबर को खेला जाएगा. नियमित कप्तान शुभमन गिल गर्दन की चोट की वजह से इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं. उनकी जगह विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल को कप्तानी सौंपी गई है.

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम- रोहित शर्मा, विराट कोहली, यशस्वी जायसवाल, तिलक वर्मा, केएल राहुल (कप्तान और विकेटकीपर), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, नितीश कुमार रेड्डी, ऋतुराज गायकवाड़, हर्षित राणा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह.

[ad_2]

अमेरिका की सबसे घातक मिसाइल मिनटमैन 3 को बनाने में कितना आता है खर्च? जानें इसकी ताकत

[ad_1]


अमेरिका के परमाणु हथियार कार्यक्रम में मिनटमैन-3 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल आज भी सबसे महत्वपूर्ण और घातक हथियार मानी जाती है. यह मिसाइल अमेरिका की सामरिक शक्ति का आधार है, जिसकी पहुंच, गति और वारहेड क्षमता इसे किसी भी आधुनिक देश के लिए गंभीर खतरा बना देती है. मिनटमैन 3 मिसाइल की मूल निर्माण लागत (यूनिट लागत) लगभग 70 लाख डॉलर (लगभग 58 करोड़ रुपये) है.

मिनटमैन-3 एक जमीन आधारित ICBM है, जिसे Boeing Defense ने विकसित किया था. इस मिसाइल को अमेरिकी रणनीतिक बलों के लिए ऐसी रीढ़ माना जाता है, जो किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट में अमेरिका को तुरंत जवाब देने की क्षमता देती है. इसे भूमिगत साइलो से लॉन्च किया जाता है और यह कुछ ही मिनट में उड़ान भर सकती है.

10,000 किलोमीटर से अधिक मारक दूरी

इस मिसाइल की सबसे बड़ी ताकत इसकी लंबी रेंज है. यह बिना रोके हजारों किलोमीटर उड़कर ऐसे देशों तक पहुंच सकती है, जो अमेरिका से बिल्कुल विपरीत दिशा में स्थित हैं. इसी क्षमता के कारण यह रूस, चीन, मध्य-पूर्व और एशिया तक पहुंच रखने वाली प्रमुख रणनीतिक मिसाइल मानी जाती है.

रफ्तार इतनी तेज कि रोकना लगभग नामुमकिन

मिनटमैन-3 की स्पीड लगभग Mach 20 बताई जाती है, जो 24,000 किमी प्रति घंटे के आसपास बैठती है. जब मिसाइल एक बार उड़ान भर लेती है तो वर्तमान तकनीक वाले एयर-डिफेंस सिस्टम के लिए इसे बीच में रोक पाना लगभग असंभव हो जाता है. यही कारण है कि इसे दुनिया की सबसे तेज़ और घातक ICBM में गिना जाता है.

एक मिसाइल, तीन परमाणु हमले – MIRV तकनीक

मिनटमैन-3 की असली शक्ति उसके मल्टी-वारहेड सिस्टम में छिपी है. यह मिसाइल MIRV तकनीक से लैस है, जिसके कारण एक ही मिसाइल में तीन परमाणु वारहेड लगाए जा सकते हैं. उड़ान के दौरान ये तीनों वारहेड अलग-अलग दिशाओं में जाकर लक्ष्य को नष्ट कर सकते हैं. इससे इसकी विनाश क्षमता कई गुना बढ़ जाती है.

सॉलिड फ्यूल तकनीक से तुरंत लॉन्च की क्षमता

इस मिसाइल में तीन स्तर वाले सॉलिड-फ्यूल रॉकेट मोटर लगे हैं. इस तकनीक का फायदा यह है कि मिसाइल को बिना किसी देरी के तुरंत लॉन्च किया जा सकता है. सॉलिड फ्यूल मिसाइल को स्थिर उड़ान और अधिक गति भी प्रदान करता है, जिससे यह लंबी दूरी पर भी सही निशाना साधती है.

मिसाइल की कीमत और अमेरिका का स्टॉक

एक मिनटमैन-3 मिसाइल की अनुमानित कीमत 7 मिलियन डॉलर के करीब मानी जाती है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 58 करोड़ रुपये बैठती है. वर्तमान समय में अमेरिका के पास लगभग 530 सक्रिय यूनिट मौजूद हैं, जिन्हें विभिन्न मिसाइल साइलो में सुरक्षित रखा गया है.

क्यों कहा जाता है इसे Doomsday Missile?

मिनटमैन-3 को इतना ख़तरनाक इसलिए माना जाता है क्योंकि इसकी गति, रेंज, सटीकता और मल्टी-वारहेड क्षमता किसी भी देश की सुरक्षा प्रणाली को चुनौती दे सकती है. यह मिनटों में महाद्वीप पार कर सकती है और एक साथ कई बड़े शहरों को निशाने पर ले सकती है. यही कारण है कि विशेषज्ञ इसे अक्सर “Doomsday Missile” यानी सर्वनाश करने वाली मिसाइल भी कहते हैं.

ये भी पढ़ें: छह साल पहले का वो विवाद, जिसकी वजह से जेल की सजा काट रहे इमरान खान और सत्ता के टॉप पर बैठे आसिम मुनीर!

[ad_2]

बेहद दयालु थे धर्मेंद्र, बिना फीस लिए रात में पंजाबी फिल्मों की करते थे शूटिंग

[ad_1]


बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र, का 24 नवंबर को 89 साल की उम्र में निधन हो गया था. वे न केवल बॉलीवुड के हीमैन थे  बल्कि वे कैमरे के पीछे भी एक सच्चे हीरो थे. अपने चार्म, गर्मजोशी और याददार प्रेजेंस लिए जाने जाने वाले धर्मेंद्र ने तमाम फिल्म मेकर्स और अभिनेताओं की चुपचाप मदद की थी. देओल परिवार के करीबी दोस्त, निर्देशक अनिल शर्मा ने हाल ही में बताया कि कैसे धर्मेंद्र की दयालुता और उदारता ने फिल्म इंडस्ट्री पर एक अमिट छाप छोड़ी थी.

धर्मेंद्र अक्सर देर रात पंजाबी फिल्मों की शूटिंग करते थे.
विक्की लालवानी से बात करते हुए, अनिल शर्मा ने कहा, “धरम जी ने हर व्यक्ति के साथ एक फिल्म की है, और उन्होंने हर तरह की फिल्में की हैं. उन्होंने बहुत से लोगों की मदद की है. लोग उनसे अपनी पंजाबी फिल्मों के सीन रात 9 बजे के बाद शूट करने के लिए कहते थे, जब उनका शेड्यूल खत्म हो जाता था.”

कई फिल्म निर्माताओं को किया था सपोर्ट
अनिल शर्मा ने याद करते हुए कहा, “वे कहते थे, ‘पाजी, मेरा घर चल जाएगा, मेरी पिक्चर बिक जाएगी.’ धरम जी वे सभी फिल्में मुफ्त में करते थे, और वह उनसे कहते थे कि जहां भी उनकी शूटिंग हो, वहां आएं और उनके साथ कुछ घंटे काम करें।”

निर्देशक ने घर पर धर्मेंद्र के आखिरी दिनों को याद किया
अनिल शर्मा ने धर्मेंद्र के आखिरी पलों को भी याद करते हुए कहा, “मैं उनके घर गया था. वह ठीक हो गए थे. वह अपनी आंखें खोलते थे और अपने हाथ भी हिलाते थे. वह ठीक हो रहे थे, और डॉक्टर कह रहे थे कि धरम जी बहुत मजबूत आदमी हैं.” उन्होंने आगे कहा, “डॉक्टरों ने हमें भरोसा दिया था कि वह ठीक हो जाएंगे, और अस्पताल में भी, ऐसा लग रहा था कि वह ठीक हो जाएंगे. लेकिन उम्र अपने साइन दिखाती है, और आप इससे लड़ नहीं सकते. सभी को उम्मीद थी और हम सभी ने सोचा था कि हम 8 दिसंबर को उनका जन्मदिन मनाएंगे.”

धर्मेंद्र की प्रार्थना सभा के बारे में

धर्मेंद्र की प्रार्थना सभा 27 नवंबर को हुई थी. परिवार द्वारा जारी एक पोस्टर में, इस इवेंट को ‘सेलिब्रेशन ऑफ लाइफ’ कहा गया था और इसमें धर्मेंद्र की यंग एज की एक तस्वीर थी. इस प्रेयर मीट दिवंगत अभिनेता को कई जनरेशन की हस्तियां श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंची थीं. रेखा, ऐश्वर्या राय, माधुरी दीक्षित, विद्या बालन, सलमान खान, शाहरुख खान, शबाना आज़मी, जैकी श्रॉफ, सिद्धार्थ मल्होत्रा, सुनील शेट्टी, अमीषा पटेल, फरदीन खान, निमरत कौर, सोनू सूद, अनु मलिक, सुभाष घई, अब्बास-मस्तान और अनिल शर्मा जैसे सितारे देओल परिवार को सपोर्ट करने क लिए प्रेयर मीट मे पहुंचे थे.

[ad_2]

Disha Shool: किस दिन, कौन-सी दिशाओं में यात्रा करना होता है अशुभ? जानिए दिशा शूल क्या है?

[ad_1]


Disha Shool kya hota hai: ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में दिशाओं का काफी महत्व होता है. सही दिशा में यात्रा करने से आपके काम बनते हैं, जबकि गलत दिशा में यात्रा करने से नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. दिशाओं का शुभ और अशुभ प्रभाव भी हमारे काम की सिद्धि पर निर्भर करता है.

गलत दिशा में यात्रा करने या फिर गलत दिशा में बैठकर काम करने से अशुभ फल की प्राप्ति होती है. 

ज्योतिष शास्त्र में दिशा शूल के माध्यम से चारों दिशाओं के शुभ और अशुभ प्रभावों के बारे में जाना जा सकता है. आइए जानते हैं दिशा शूल क्या है और किस दिन कौन-सी दिशा में शूल लगता है?

दिशा शूल क्या है?

ज्योतिष शास्त्र में दिशा शूल एक ऐसा अशुभ योग है, जो उससे जुड़ी दिशाओं में यात्रा करने पर बाधाओं की स्थिति उत्पन्न कर सकता है. जिस दिशा में आप यात्रा करने जा रहे हैं, अगर उस दिशा में शूल है तो आपका काम खराब होने के साथ कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

इसीलिए ज्योतिष शास्त्र में इस बात की सलाह दी जाती है कि, घर से बाहर यात्रा पर निकलते समय पहले दिशा शूल को देख लें. 

सप्ताह के किस दिन कौन-सी दिशा में शूल?

सप्ताह के सातों दिन अलग-अलग दिशाओं में शूल लगता है. आइए जानते हैं कौन से दिन किस दिशा में शूल लगता है?

सोमवार और शनिवार के दिन पूर्व दिशा में शूल लगता है, यानी इन दिनों में पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. अगर इन दोनों ही दिनों में किसी भी दिन यात्रा करना जरूरी है तो सोमवार के दिन शीशा देखकर यात्रा पर निकलें, जबकि शनिवार को अदरक या उड़द की दाल खाकर यात्रा पर जाएं.

मंगलवार और बुधवार के दिन उत्तर दिशा में शूल होता है. इन दिनों में इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. मंगलवार के दिन उत्तर-पश्चिम कोण दिशा में भी शूल होता है, फिर भी अगर आप मंगलवार के दिन इस दिशा में यात्रा करते हैं तो घर से गुड़ खाकर बाहर निकलें. वहीं बुधवार के दिन तिल और धनिया खाकर निकलें. 

बुधवार और शनिवार को उत्तर-पूर्व दिशा में शूल माना जाता है.

गुरुवार को दक्षिण दिशा में शूल माना जाता है. इसलिए गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. फिर भी अगर आप जाते हैं तो अशुभ प्रभावों से बचने के लिए दही खाकर बाहर निकलें.

शुक्रवार और रविवार के दिन पश्चिम दिशा में शूल माना जाता है. उपाय के तौर पर आप इस दिन जौ खाकर यात्रा के लिए प्रस्थान करें. रविवार को दलिया खाकर बाहर जाना शुभ होता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

[ad_2]

Android यूजर्स सावधान! WhatsApp, Signal और Telegram की एन्क्रिप्शन भी नहीं बचा पाएगी आपका पैसा,

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Android Users: एक नया एंड्रॉइड बैंकिंग ट्रोजन सामने आया है जो WhatsApp, Signal और Telegram जैसी सुरक्षित मैसेजिंग ऐप्स की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को दरकिनार कर आपके बैंकिंग डिटेल्स चुरा सकता है. सिक्योरिटी फर्म ThreatFabric के शोधकर्ताओं के मुताबिक यह मालवेयर Sturnus नाम से जाना जा रहा है और अभी टेस्टिंग स्टेज में होते हुए भी बेहद खतरनाक क्षमताओं से लैस है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि Sturnus पहले से ही दक्षिणी और मध्य यूरोप की कई फाइनेंशियल संस्थाओं को टारगेट करने के लिए सेट किया गया है जिससे साफ है कि इसे बड़े स्तर पर फैलाने की तैयारी चल रही है. यह मौजूदा बैंकिंग मालवेयर की तुलना में ज्यादा एडवांस माना जा रहा है और इसका कम्युनिकेशन सिस्टम भी काफी जटिल है. इस ट्रोजन का नाम Sturnus vulgaris नामक एक यूरोपीय पक्षी पर रखा गया है जिसके बदलते और अनियमित स्वर पैटर्न की तरह यह मालवेयर भी सरल और जटिल मैसेजिंग प्रोटोकॉल के बीच लगातार स्विच करता है.

Sturnus कैसे करता है हमला?

यह ट्रोजन सीधे एन्क्रिप्शन को नहीं तोड़ता बल्कि Android की Accessibility Services सुविधा का दुरुपयोग करता है. फोन जब आपके मैसेज डिक्रिप्ट करता है Sturnus उन्हें सीधे स्क्रीन से पढ़ लेता है. यानी आपके आने-जाने वाले मैसेज, कॉन्टैक्ट लिस्ट और पूरी चैट तक इसकी पहुंच हो जाती है.

शोधकर्ताओं के अनुसार, यह मालवेयर जैसे ही यूज़र WhatsApp, Signal या Telegram खोलता है तुरंत ऐप के UI-ट्री को स्कैन करने लगता है ताकि पूरी बातचीत को लाइव मॉनिटर किया जा सके. इसके अलावा, यह खुद को Google Chrome या Preemix Box जैसे भरोसेमंद ऐप्स का नाम देकर इंस्टॉल होने की कोशिश करता है.

कैसे करता है आपका पैसा गायब?

Sturnus का मुख्य लक्ष्य वित्तीय धोखाधड़ी है और यह दो बड़े तरीकों से बैंकिंग डाटा चुराता है.

नकली लॉगिन स्क्रीन

यह आपके असली बैंकिंग ऐप के ऊपर एक फेक स्क्रीन दिखाता है. आपको लगता है कि आप अपने बैंक में लॉगिन कर रहे हैं लेकिन असल में आपके यूज़रनेम और पासवर्ड सीधे हैकर तक पहुंच जाते हैं.

ब्लैक स्क्रीन हमला

जब हैकर आपके फोन को रिमोटली कंट्रोल करना चाहते हैं, वे स्क्रीन पर एक काला ओवरले लगा देते हैं. फोन बंद जैसा लगता है लेकिन उसी दौरान हैकर बैकग्राउंड में लेन-देन कर पैसे निकाल लेते हैं और आपको पता भी नहीं चलता.

हटाना भी मुश्किल, खुद की सुरक्षा भी करता है

Sturnus इतना चालाक है कि खुद को फोन से हटाने नहीं देता. यह डिवाइस एडमिनिस्ट्रेटर एक्सेस लेकर अनइंस्टॉल होने से बचता है. यह लगातार बैटरी, नेटवर्क और सेंसर एक्टिविटी को मॉनिटर करता है ताकि पता लगा सके कि कहीं उसे किसी सिक्योरिटी रिसर्चर द्वारा ट्रैक तो नहीं किया जा रहा. अगर आप इसकी परमिशन बंद करने या इसे हटाने की कोशिश करते हैं तो यह खुद ही back बटन क्लिक कर देता है या सेटिंग्स बंद कर देता है. शोधकर्ताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यह ट्रोजन अपने सर्वाइवल के लिए डिवाइस में हर स्थिति पर नज़र रखता है और लंबे समय तक सक्रिय रहने के लिए कई तरह की तकनीकें अपनाता है.

यह भी पढ़ें:

Oil Heater Vs Fan Heater: इस ठंड में कौन बचाएगा ज्यादा बिजली? जानिए किसे खरीदने में है समझदारी

[ad_2]

इसे कहते हैं संस्कार… नन्ही-सी बच्ची ने डमी के छू लिए पैर, वीडियो देख आप भी हो जाएंगे इमोशनल

[ad_1]


सोशल मीडिया आजकल ऐसी जगह बन गया है, जहां कुछ भी, कभी भी वायरल हो सकता है. कभी कोई मजेदार जुगाड़ लोगों को हंसा देता है, तो कभी किसी की मासूम हरकत सीधे दिल तक पहुंच जाती है. हर दिन हम सैकड़ों वीडियो देखते हैं, पर कुछ वीडियो ऐसे होते हैं जो दिल में बस जाते हैं. ऐसा ही एक प्यारा-सा वीडियो इन दिनों इंस्टाग्राम पर खूब वायरल हो रहा है. यह वीडियो एक छोटी-सी बच्ची का है, जिसकी मासूमियत देखकर हर कोई कह रहा है कि यही होते हैं संस्कार. 

इस वीडियो को इंस्टाग्राम अकाउंट @divu_and_mom पर शेयर किया गया है और कुछ ही समय में यह कई लोगों की टाइमलाइन पर छा गया. लोग इसे बार-बार देखकर भी थक नहीं रहे हैं, क्योंकि बच्ची की हरकत जैसे एक मीठी मुस्कान छोड़ जाती है. 

वीडियो में क्या खास दिखा?

वीडियो में एक कपल अपनी छोटी बेटी के साथ मॉल में शॉपिंग करने पहुंचता है. जैसे ही वे एक दुकान में अंदर जाते हैं, वहां कई डमी खड़े दिखाई देते हैं. बच्ची उन डमी को असली इंसान समझ लेती है और जैसे बड़े-बुजुर्गों के पैर छूकर प्रणाम किया जाता है, वैसे ही वह एक-एक करके हर डमी के पैर छूने लगती है. 

वह जिस दिशा में डमी खड़े होते, वहीं भागकर जाती और झुक कर उनके पैर छू लेती है. उसकी यह सीधी-सादी हरकत देखकर उसके माता-पिता भी हैरान रह जाते हैं और इस प्यारे पल को तुरंत कैमरे में कैद कर लेते हैं. बच्ची की मासूमियत देखने में जितनी सुंदर लगती है, उतनी ही दिल को छूने वाली भी है. 


लोगों के रिएक्शन प्यार, हंसी और ढेर सारे कमेंट्स

जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, लोगों ने कमेंट्स की बौछार कर दी. किसी ने लिखा बच्ची के संस्कार कमाल के हैं, इतनी छोटी उम्र में इतनी प्यारी समझ. तो किसी ने मुस्कुराते हुए कहा डमी को भी आज आशीर्वाद मिल गया, कितना क्यूट सीन है. कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में लिखा अब डमी भी सोच रहे होंगे, हमें भी इतना सम्मान मिल गया. कई यूजर्स ने तो यह भी कहा कि आजकल की भागदौड़ वाली दुनिया में ऐसा मासूम और दिल छू लेने वाला सीन बहुत कम देखने को मिलता है.

यह भी पढ़ें Video: नशे में धुत झूमता दिखा पेट्रोल पंप कर्मी, ठुमके लगाते हुए भरी टंकी, लोग बोले- एथेनॉल पी लिया


डीएम और पुलिस कमिश्नर में कौन होता है ज्यादा पावरफुल, जान लीजिए दोनों के अधिकार और शक्तियां

[ad_1]


देश में प्रशासनिक पदों को लेकर आम लोगों के बीच अक्सर भ्रम की स्थिति बनती है. खासकर डीएम (District Magistrate) और पुलिस कमिश्नर (Police Commissioner) जैसे बड़े पदों को लेकर कई सवाल उठते हैं. लोग जानना चाहते हैं कि इन दोनों में से कौन ज्यादा पावरफुल होता है, किसकी जिम्मेदारी क्या होती है और इनके वेतन और सुविधाएं कितनी हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं दोनों पदों के कामकाज, अधिकार और सैलरी.

डीएम

डीएम यानी जिला मजिस्ट्रेट IAS अधिकारी होते हैं और किसी जिले का मुखिया होता है. इसे जिले की सुपरवाइजर कुर्सी कहा जा सकता है. डीएम जिले में लॉ एंड ऑर्डर, राजस्व प्रशासन, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, विकास कार्यों की निगरानी और आपदा प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियां संभालते हैं.

डीएम बनने के लिए IAS अधिकारी के रूप में आमतौर पर 5-6 साल का अनुभव जरूरी होता है. डीएम जिले में अंतिम फैसलों का अधिकार रखते हैं. किसी भी जिले में धारा 144 लागू करना, सरकारी नीतियों को जमीन पर क्रियान्वित कराना और विकास कार्यों की देखरेख करना डीएम की जिम्मेदारी होती है. डीएम को जिले में प्रशासनिक शक्ति की वजह से बहुत पॉवरफुल माना जाता है. वे राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में भी काम करते हैं.

पुलिस कमिश्नर

पुलिस कमिश्नर का पद महानगरों में लागू होता है, जहां जनसंख्या और अपराध की संख्या ज्यादा होती है. जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरू, कोलकाता. कमिश्नरेट सिस्टम में पुलिस कमिश्नर को सबसे बड़ा अधिकारी माना जाता है.

पुलिस कमिश्नर IPS अधिकारी होते हैं. उनके पास एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट का अधिकार होता है. वे कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीधे निर्णय ले सकते हैं. कमिश्नर सिस्टम वाले शहरों में, SP और अन्य पुलिस अधिकारी कमिश्नर को रिपोर्ट करते हैं. कमिश्नर का रैंक राज्यों के नियम पर निर्भर करता है. जैसे दिल्ली में कमिश्नर DGP रैंक के अधिकारी होते हैं, जबकि अन्य शहरों में IGP रैंक के अधिकारी भी कमिश्नर बन सकते हैं.

कैसे बनते हैं डीएम और पुलिस कमिश्नर

डीएम बनने के लिए UPSC सिविल सेवा परीक्षा क्लियर करनी होती है. IAS अधिकारी बनकर कई साल अनुभव के बाद उन्हें जिले का DM नियुक्त किया जाता है. पुलिस कमिश्नर बनने के लिए पहले IPS अधिकारी बनना जरूरी है. इसके लिए UPSC सिविल सेवा परीक्षा के तहत प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू क्लियर करना होता है. IPS अधिकारी के रूप में ASP, DSP या SP रैंक पर काम करने के बाद अनुभव के आधार पर कमिश्नर बनाया जाता है.

यह भी पढ़ें – हिमाचल बोर्ड ने जारी किया 10वीं-12वीं का एग्जाम शेड्यूल, 3 मार्च से शुरू होंगी परीक्षाएं, 30 अप्रैल तक आएंगे नतीजे

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

[ad_2]

क्रेडिट कार्ड फ्रॉड में गंवा दिया है पैसा? घबराएं बिना तुरंत करें ये काम; नहीं होगा कोई नुकसान

[ad_1]


Credit Card Fraud: डिजिटल पेमेंट बढ़ने, जल्दी ऑनलाइन अप्रूवल मिलने और रोजमर्रा के खर्च के लिए कार्ड पर जैसे-जैसे लोगों की निर्भरता बढ़ती जा रही है, डिजिटल फ्रॉड के मामले भी उतनी ही तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में अगर आप भी धोखेबाजों के चंगुल में फंस गए हैं या आपको अपने साथ फ्रॉड होने का डर सता रहा है, तो घबराएं नहीं. अगर आपने सही वक्त पर सटीक कदम उठाया, तो आपके पैसे बच सकते हैं.

RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) कहता है कि क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी से कस्टमर को पूरी सुरक्षा मिल सकती है, लेकिन सिर्फ तभी जब वे समय पर फ्रॉड की रिपोर्ट करें और जरूरी शर्तें पूरी करें. आपकी मदद के लिए यहां एक आसान गाइड दी जा रही है, जिसे फॉलो कर आप क्रेडिट कार्ड फ्रॉर्ड का शिकार होने पर अपने पैसे को सिक्योर रख सकते हैं. 

ब्लॉक कर दें अपना कार्ड 

आपका पहला कदम होगा किसी भी तरह के नुकसान को होने से रोकना. जैसे ही कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे, बिना देर किए फटाफट अपना कार्ड ब्लॉक कराएं. यह काम आप मोबाइल ऐप, नेट बैंकिंग पेज या 24×7 कस्टमर केयर नंबर से आसानी से करा सकते हैं. इससे राहत तो मिलेगी ही, साथ में ज्यादा अनऑथराइज्ड चार्जलगने से भी बचा जा सकेगा. ऐसे में क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट समय-समय पर चेक करते रहना जरूरी है. 

बैंक को दें जानकारी

अगर कोई संदिग्ध लेनदेन दिखे, तो इस बारे में अपने बैंक को सूचित करना न भूलें. ज्यादातर मामलों में बैंक आपसे एक डिस्प्यूट फॉर्म भरने के लिए कहेंगे. इस फॉर्म में आमतौर पर ट्रांजैक्शन अमाउंट, तारीख, ID और एक लिखित स्टेटमेंट जैसी डिटेल्स भरनी होती, जिसमें यह कन्फर्म किया गया हो कि आपने पेमेंट को मंजूरी नहीं दी है. इन्वेस्टिगेशन शुरू करने के लिए यह स्टेप जरूरी है.

अपने केस को और मजबूत बनाने के लिए सभी ऑफिशियल चैनल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं जैसे कि बैंक का कस्टमर केयर, RBI का कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम. इसके अलावा, आप अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में एक फॉर्मल FIR भी करा सकते हैं. 

सेव करें रिकॉर्ड 

फ्रॉड से जुड़ी हर जानकारी सेव करें. इसमें टेक्स्ट अलर्ट, FIR कॉपी, ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट और बैंक के साथ एक्सचेंज किए गए ईमेल शामिल हैं. ये रिकॉर्ड आपके क्लेम को सपोर्ट करने और बैंक की शर्तों और RBI के नियमों के आधार पर आपके पैसे रिकवर करने में आपकी मदद कर सकते हैं. 

फॉलोअप लेना जरूरी 

सारे डॉक्यूमेंट्स जमा करने के बाद बैंक से फॉलो-अप करें. चार्जबैक टाइमलाइन पर नजर रखें, चेक करें कि अमाउंट रिवर्स हुआ है या नहीं और अपने आगे के स्टेटमेंट्स को ध्यान से पढ़ें. अलर्ट रहने से यह पक्का होता है कि कोई भी नई समस्या सामने नहीं आए. आमतौर पर बैंक शिकायत दर्ज करने के बाद 7 से 45 दिनों के अंदर जांच करता है.

जरूरी नहीं है कि शिकायत दर्ज कराने से आपको अपना रिफंड गारंटी मिल जाए, लेकिन सही वक्त पर कदम उठाने से पॉजिटिव रिजल्ट मिलने की संभावना रहती है. क्रेडिट कार्ड फ्रॉड किसी के साथ कभी भी हो सकता है. इसके लिए अवेयरनेस और एक्शन दोनों जरूरी है. इससे बचने के लिए स्कैम्स के बारे में अपडेटेड रहने और बेसिक सिक्योरिटी प्रैक्टिस फॉलो करने की जरूरत है. 

 

ये भी पढ़ें:

बाजार में कहर ढा रहा है यह शेयर, पांच सेशन में से चार में लगा अपर सर्किट; कीमत 10 रुपये से भी कम

[ad_2]