दुल्हन के सामने स्टेज पर सरक गया दूल्हे राजा का पजामा, वीडियो देख नहीं रुकेगी हंसी

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शादी का दिन. हर दूल्हा-दुल्हन के लिए यह सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि परफेक्शन का प्रतीक होता है. हर चीज परफेक्ट होनी चाहिए. वेन्यू, लाइटिंग, मेहमान, और सबसे जरूरी दूल्हे का आउटफिट! दूल्हा एक हीरो की तरह अपनी दुल्हन का इंतजार करता है, आंखों में प्रेम, दिल में धड़कनें और पूरे शरीर पर एक महंगा, शानदार सूट और शेरवानी. और फिर आता है वह पल जब दुल्हन की एंट्री होती है, म्यूजिक धीमा हो जाता है, और दूल्हा अपनी ‘क्वीन’ को लेने के लिए स्टेज से नीचे उतरता है.

दूल्हे के रंग में पड़ गया भंग

यह दृश्य पूरी तरह से फिल्मी, रोमांटिक और इमोशनल होता है. लेकिन कभी-कभी, इस पूरे रोमांटिक ड्रामा के बीच, नियति को एक छोटा-सा कॉमेडी सीन क्रिएट करने का मन कर जाता है. और इस बार, नियति ने अपना निशाना साधा दूल्हे के पजामे पर! भाई साहब, सब कुछ ठीक था. दूल्हा अपने पूरे स्वैग में खड़ा था. जैसे ही दुल्हन स्टेज के नजदीक पहुंची, दूल्हा पूरी हीरोपंती के साथ आगे बढ़ा, मानो अभी हाथ थामकर कह देगा, “आओ मेरी रानी, स्टेज तुम्हारा इंतजार कर रहा है.”

स्टेज पर दुल्हन के सामने उतर गया पजामा

मगर, होनी को कुछ और मंजूर था. कहते हैं न कि अति उत्साह हमेशा भारी पड़ता है. दुल्हन के पास पहुंचने के उत्साह में, या शायद पजामे के ढीले नाड़े की साजिश के चलते, बेचारे दूल्हे का पजामा नीचे सरक गया! कल्पना कीजिए उस पल को. एक तरफ प्यार की इंतहा लिए खड़ी दुल्हन, और दूसरी तरफ इज्जत बचाने की जद्दोजहद में लगा दूल्हा, जिसका ध्यान दुल्हन के हाथ से ज्यादा अपनी कमर पर टिका था. वह समझ नहीं पा रहा था कि वह प्यार का हाथ थामे या पजामा ऊपर खींचे! यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि उन सभी दूल्हों के लिए एक मजेदार चेतावनी है जो शादी के दिन अपने आउटफिट को हल्के में लेते हैं. यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर हंसी का तूफान लेकर आया है और साबित करता है कि रोमांस और रेडीनेस में से किसी एक की भी कमी, आपकी ग्रैंड एंट्री को ग्रासरूट्स कॉमेडी में बदल सकती है. 

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यूजर्स लेने लगे मजे

वीडियो को @Digital_khan01 नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…इससे बड़ी कोई बेइज्जती नहीं हो सकती. एक और यूजर ने लिखा…ये तो बहुत भारी मिस्टेक हो गया भाई. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…दुल्हन में इतना खो गया कि पजामा उतार बैठा.

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PAK में कानून संशोधन के बाद ‘तानाशाह’ बना मुनीर! बेलगाम हुई सत्ता, UN ने दी सख्त चेतावनी

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पाकिस्तान में हाल ही में किए गए संवैधानिक संशोधनों ने सत्ता संतुलन को पूरी तरह बदल दिया है. नए बदलावों के बाद सेना, खासकर मौजूदा आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर, बेहद प्रभावशाली हो गए हैं. इसके उलट न्यायपालिका की शक्तियों में स्पष्ट रूप से कटौती दिखाई देती है. इस फैसले ने कई संस्थाओं के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र को भी चिंतित कर दिया है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रमुख वोल्कर टर्क ने शुक्रवार को जारी बयान में चेतावनी दी कि पाकिस्तान में जल्दबाजी में किए गए ये संशोधन न्यायपालिका की स्वतंत्रता को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं. उनके अनुसार, इस कदम से सेना का दखल बढ़ने और नागरिक सरकार की भूमिका कमजोर होने की आशंका मजबूत होती है, जो कानून के शासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

UN ने कही ये बड़ी बात

टर्क ने कहा कि यह संशोधन बिना किसी सार्वजनिक चर्चा, कानूनी समुदाय से सलाह या व्यापक बहस के लागू कर दिया गया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विपरीत है. उनके मुताबिक, यह बदलाव उन संस्थाओं के खिलाफ जाते हैं जो पाकिस्तान में मानवाधिकारों और कानून के शासन की रक्षा करती हैं. विशेष रूप से, न्यायाधीशों की स्वतंत्रता पर इन संशोधनों के असर को लेकर गहरी चिंता जताई गई है.

जजों की नियुक्ति और तबादले से जुड़े प्रावधानों में बदलाव

बयान में कहा गया है कि जजों की नियुक्ति और तबादले से जुड़े नए प्रावधान न्यायपालिका की संरचनात्मक स्वतंत्रता को कमजोर कर सकते हैं. इससे राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ने और कार्यपालिका के नियंत्रण में न्यायपालिका आने का खतरा है. वोल्कर टर्क ने जोर देकर कहा कि अदालतों को अपने फैसलों में किसी भी राजनीतिक दबाव से पूरी तरह मुक्त रहना चाहिए.

उन्होंने 27वें संशोधन पर विशेष आपत्ति जताते हुए कहा कि यह राष्ट्रपति और फील्ड मार्शल को आजीवन आपराधिक मुकदमों और गिरफ्तारी से सुरक्षा देता है. उनके अनुसार, यह कदम मानवाधिकार सिद्धांतों और लोकतांत्रिक नियंत्रण के ढांचे के खिलाफ है और पाकिस्तान के लोकतांत्रिक भविष्य पर दूरगामी असर डाल सकता है.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने लिया बड़ा फैसला

गौरतलब है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने आसिफ अली जरदारी ने 13 नवंबर को 27वें संवैधानिक संशोधन पर हस्ताक्षर कर उसे कानून का रूप दे दिया. इस संशोधन के बाद आर्मी चीफ आसिम मुनीर की शक्ति अभूतपूर्व रूप से बढ़ गई है, जिससे वह देश के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति बनकर उभरे हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पास अब प्रधानमंत्री से भी अधिक अधिकार हैं.

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अपना क्रेडिट कार्ड कैसे बंद करें? RBI के नए नियम और इसे करने का सही तरीका। छिपे हुए चार्ज से बचें। पैसा लाइव

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बहुत से लोगों के पास ऐसे क्रेडिट कार्ड होते हैं जिनका वे उपयोग नहीं करते, लेकिन उनकी annual fees हर साल कटती रहती है। इस वीडियो में बताया गया है कि कैसे आप किसी भी credit card को सही और सुरक्षित तरीके से बंद कर सकते हैं और RBI के नए नियम आपके लिए कितने फायदेमंद साबित हो सकते हैं। RBI के अनुसार यदि आप अपने बैंक को क्रेडिट कार्ड बंद करने की रिक्वेस्ट देते हैं, तो बैंक को इसे सात दिनों के भीतर बंद करना आवश्यक है। यदि बैंक देरी करता है तो प्रति दिन 500 रुपये की पेनल्टी आपको देनी होगी। यह तभी लागू होता है जब कार्ड पर कोई बकाया राशि नहीं होती। वीडियो में यह भी समझाया गया है कि कार्ड बंद करने से पहले outstanding amount चुकाना, reward points redeem करना, standing instructions हटाना और customer care से सही तरीके से संपर्क करना क्यों जरूरी है। कुछ बैंक कार्ड की कटी हुई फोटो भी मांगते हैं, जो उनकी verification प्रक्रिया का हिस्सा होती है। कार्ड को हमेशा चिप वाले हिस्से से काटकर ही नष्ट करें ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी की संभावना न रहे। अगर कोई कार्ड उपयोग में नहीं है और उसकी annual fees आपकी जेब पर अतिरिक्त भार डाल रही है, तो उसे बंद करना आपकी financial health के लिए सबसे सही निर्णय हो सकता है। यह वीडियो क्रेडिट कार्ड क्लोजर के हर महत्वपूर्ण चरण को विस्तार से समझाता है।

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Hindu Funeral Rituals: किन लोगों को नहीं जाना चाहिए श्मशान घाट? इन्हें क्यों रहना चाहिए

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Hindu Funeral Rituals: इस दुनिया में आने के बाद हर व्यक्ति की मृत्यु तो अपने-अपने समय पर निश्चित है. मृत्यु के बाद व्यक्ति के शरीर को श्मशान ले जाकर आग दी जाती है और सभी परंपराओं का पालन किया जाता है. यह हिंदू धर्म में 16 संस्कारों में से एक है.

मगर शास्त्रों के मुताबिक कुछ लोगों का श्मशान घाट जाना बिल्कुल वर्जित माना गया है. क्योंकि इससे उनके शारीरिक और मानसिक स्थिति पर असर पड़ सकता है. आइए जानते किन लोगों को अंतिम संस्कार में नहीं जाना चाहिए और क्या है इसके पीछे का धार्मिक कारण.  

छोटों बच्चों को प्रकिया से रखें दूर

श्मशान घाट जैसी जगहों पर छोटे बच्चों को ले जाना चाहिए और न ही उन्हें अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में शामिल करना चाहिए. ऐसा करने से वे मानसिक रूप से प्रभावित हो सकते हैं. जिससे उनके मन में डर, असुरक्षा जैसी चीजें बैठ सकती हैं. इसलिए हिंदू शास्त्र में बच्चों को श्मशान ले जाना मना किया गया है. 

सूतक लगे इंसान को नहीं जाना चाहिए श्मशान 

अगर किसी के घर में हाल ही में मृत्यु हुई हो और उसका सूतक लगा हो तो, ऐसे में किसी ओर के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार मरणाशौच के समय में व्यक्ति धार्मिक रूप से अपवित्र होता है.

जिससे दोनों आत्माओं की शांति में बाधाएं आ सकती है. जिस वजह से व्यक्ति को श्मशान जाने से बचना चाहिए. 

अस्वस्थ व्यक्ति ना हो शामिल  

जो इंसान मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार है उसे अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होना चाहिए. क्योंकि माना जाता है कि श्मशान का माहौल भीड़-भाड़ और धुआं वाला होता है, जो बीमार व्यक्ति के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. जो उसके लिए नुकसानदेह साबित होगा. 

गर्भवती महिलाएं नहीं जा सकती श्मशान

गर्भवती महिलाओं को पारंपरिक रूप से श्मशान घाट या अंतिम संस्कार में शामिल होने से रोका जाता है. मान्यता है कि ऐसे स्थानों का वातावरण नकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है, जिसका प्रभाव मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों पर पड़ सकता है.

कहा जाता है कि इस तरह का माहौल शिशु की मानसिक और भावनात्मक स्थिति पर भी असर डाल सकता है. इसी कारण कई यह सलाह दी जाती है कि गर्भवती महिलाएं अंतिम संस्कार से दूर रहें, ताकि उनके और बच्चे के स्वास्थ्य पर कोई बुरा प्रभाव न पड़े.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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भारत-दक्षिण अफ्रीका पहले वनडे में बारिश बनेगी विलेन? जानें मैच के दौरान कैसा रहेगा मौसम

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दक्षिण अफ्रीका टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम को 2-0 से हराकर आ रही है. अब बारी है तीन मैचों की ODI सीरीज की, जो 30 नवंबर से शुरू हो रही है. कल भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहला वनडे मैच रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मैदान पर भारत और दक्षिण अफ्रीका अब तक सिर्फ एक बार वनडे मैचों में आमने-सामने आए हैं, उस मुकाबले में भारतीय टीम 7 विकेट से विजयी रही थी. खैर हार-जीत खेल का हिस्सा हैं, इसी बीच जान लीजिए कि कल पहले वनडे मैच के दौरान रांची का मौसम कैसा रहने वाला है.

कैसा रहेगा मौसम का हाल?

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका पहले वनडे मैच के दौरान मौसम खुशनुमा रह सकता है. 30 नवंबर को रांची का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है. मैच के दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे. हालांकि मैच के दौरान बारिश ना आने के आसार हैं. 9 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल सकती हैं. चूंकि मैच डे-नाइट होगा, इसलिए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है, क्योंकि दूसरी पारी में ड्यू एक्स फैक्टर साबित हो सकती है, जिससे बाद में गेंदबाजी करना कठिन हो जाएगा.

कैसी रहेगी पिच?

रांची के मैदान में नई गेंद तेज गेंदबाजों के लिए मददगार रहती है. मगर जैसे-जैसे पिच और गेंद पुरानी होती है, वैसे-वैसे स्पिनर्स को मदद मिलने लगती है. वहीं रात के समय खेल परिस्थितियों पर निर्भर करता है. रात के समय ड्यू नहीं पड़ती है, तो स्पिन गेंदबाज हावी होने लगते हैं, लेकिन पहले वनडे मैच के दौरान ड्यू आने की पूरी संभावना है. ऐसे में चेज करते समय शॉट्स लगाने में आसानी होती है.

भारतीय पिचों पर आज तक भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 32 ODI मैच खेले गए हैं, जिनमें 18 बार टीम इंडिया और 14 बार दक्षिण अफ्रीका ने बाजी मारी है.

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खूबसूरती में बहन दीपिका पादुकोण को टक्कर देती हैं अनीशा पादुकोण, जानें क्या करती हैं

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अनीशा पादुकोण अपनी बहन दीपिका पादुकोण से पांच साल छोटी हैं. वो एक्टिंग की दुनिया और लाइमलाइट से कोसों दूर रहती हैं.

अनीशा पादुकोण अपनी बहन दीपिका पादुकोण से पांच साल छोटी हैं. वो एक्टिंग की दुनिया और लाइमलाइट से कोसों दूर रहती हैं.

दीपिका जहां पॉपुलर एक्ट्रेस हैं. वहीं अनीशा एक फेमस गोल्फ प्लेयर हैं. जो इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं.

दीपिका जहां पॉपुलर एक्ट्रेस हैं. वहीं अनीशा एक फेमस गोल्फ प्लेयर हैं. जो इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं.

अनीशा सिर्फ गोल्फ ही नहीं खेलती बल्कि उनकी रूचि क्रिकेट, हॉकी, टेनिस और बैडमिंटन में भी खासी है..

अनीशा सिर्फ गोल्फ ही नहीं खेलती बल्कि उनकी रूचि क्रिकेट, हॉकी, टेनिस और बैडमिंटन में भी खासी है..

अनीशा एक गोल्फर होने के साथ मेंटल हेल्थ फील्ड में एक्टिव हैं. वो 'द लिव लव लाफ फाउंडेशन' की सीईओ हैं, जिसकी स्थापना दीपिका ने 2015 में की थी.

अनीशा एक गोल्फर होने के साथ मेंटल हेल्थ फील्ड में एक्टिव हैं. वो ‘द लिव लव लाफ फाउंडेशन’ की सीईओ हैं, जिसकी स्थापना दीपिका ने 2015 में की थी.

बता दें कि अनीशा पढ़ाई में भी हमेशा अव्वल रही हैं. उन्होंने मनोविज्ञान, समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है. अनीशा की पढ़ाई हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से हुई है.

बता दें कि अनीशा पढ़ाई में भी हमेशा अव्वल रही हैं. उन्होंने मनोविज्ञान, समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है. अनीशा की पढ़ाई हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से हुई है.

बात करें अनीशा पादुकोण के होने वाले पति की तो वो सनी देओल के बेटे करण देओल की वाइफ दृशा आचार्य के भाई रोहन आचार्या हैं. जो दुबई में रहते हैं.

बात करें अनीशा पादुकोण के होने वाले पति की तो वो सनी देओल के बेटे करण देओल की वाइफ दृशा आचार्य के भाई रोहन आचार्या हैं. जो दुबई में रहते हैं.

खबरों के अनुसार अनीशा और रोहन कई सालों से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं. अब दोनों अपने रिश्ते को शादी में बदलना चाहते हैं.

खबरों के अनुसार अनीशा और रोहन कई सालों से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं. अब दोनों अपने रिश्ते को शादी में बदलना चाहते हैं.

Published at : 29 Nov 2025 05:26 PM (IST)

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TECH EXPLAINED: क्या होता है VPN? जानिए कैसे करता है काम और क्यों इसे ट्रैक करना होता है मुश्कि

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What is VPN: कभी आपने सोचा है कि इंटरनेट पर आपकी हर गतिविधि कोई न कोई देख रहा होता है चाहे आपका इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP) हो, कोई वेबसाइट हो या फिर कोई हैकर? ऐसे में अपनी ऑनलाइन प्राइवेसी और सुरक्षा को बचाने के लिए लोग जिस तकनीक पर सबसे ज़्यादा भरोसा करते हैं वह है VPN (Virtual Private Network). आज हम बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि VPN क्या है, कैसे काम करता है और इसे ट्रैक करना इतना मुश्किल क्यों होता है.

VPN क्या होता है?

VPN यानी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क एक ऐसी तकनीक है जो आपके इंटरनेट कनेक्शन को सुरक्षित बनाती है और आपकी पहचान यानी IP Address को छिपा देती है. यह आपके डिवाइस और इंटरनेट के बीच एक सुरक्षित सुरंग (Encrypted Tunnel) तैयार करता है जिसके अंदर आपकी सभी ऑनलाइन गतिविधियां छिपी रहती हैं.

इसे ऐसे समझिए जैसे कोई कांच की ट्यूब हो जिसके अंदर से आपकी सारी ऑनलाइन जानकारी गुजर रही हो और बाहर से कोई भी यह नहीं देख सकता कि अंदर क्या चल रहा है.

VPN कैसे काम करता है? इसके पीछे की असली प्रक्रिया

जब आप बिना VPN इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तो आपका डेटा सीधे आपके इंटरनेट प्रोवाइडर से होकर वेबसाइट तक पहुँचता है. इस दौरान कई लोग आपकी जानकारी देख सकते हैं. लेकिन जब आप VPN ऑन करते हैं तो कनेक्शन का पूरा रास्ता बदल जाता है. इसकी प्रक्रिया कुछ इस तरह होती है.

डेटा का एन्क्रिप्शन (Encryption)

VPN आपकी सभी ऑनलाइन जानकारी को कोडेड फॉर्म में बदल देता है. यह कोड इतना जटिल होता है कि कोई हैकर या थर्ड पार्टी इसे समझ नहीं सकती. ये एन्क्रिप्शन इतना मजबूत होता है कि इसे तोड़ने में सुपरकंप्यूटर को भी लाखों साल लग सकते हैं.

VPN सर्वर से कनेक्शन

आपका असली IP Address छिप जाता है और उसकी जगह VPN सर्वर का IP दिखने लगता है. मान लीजिए आप इंडिया में बैठे हैं लेकिन VPN का सर्वर USA चुन लेते हैं तो इंटरनेट को लगेगा कि आप अमेरिका से ऑनलाइन हैं. यही कारण है कि लोग कई बार जियो-रिस्ट्रिक्टेड कंटेंट देखने के लिए VPN का इस्तेमाल करते हैं.

सुरक्षित टनलिंग (Tunneling)

VPN एक ऐसी वर्चुअल टनल बनाता है जिससे होकर आपका डेटा गुजरता है. बाहर से कोई भी उस टनल में झांक नहीं सकता. यह प्रक्रिया आपके इंटरनेट को और भी सुरक्षित बनाती है खासकर पब्लिक वाई-फाई पर.

VPN के इस्तेमाल से मिलने वाले बड़े फायदे

  • VPN आपका लोकेशन, IP और इंटरनेट हिस्ट्री छिपा देता है. ऐसे में कोई भी आपकी वास्तविक डिजिटल पहचान तक नहीं पहुंच पाता.
  • कैफे, एयरपोर्ट या मॉल में मौजूद पब्लिक वाई-फाई सबसे बड़ा खतरा होता है. लेकिन VPN आपके डेटा को एन्क्रिप्ट करके हैकरों से बचाता है.
  • कई बार कुछ वेबसाइटें या कंटेंट आपके देश में ब्लॉक होते हैं. VPN लोकेशन बदलकर उन्हें एक्सेस करने में मदद करता है.
  • आपका इंटरनेट प्रोवाइडर यह नहीं देख पाता कि आप कौन-सी वेबसाइट्स खोल रहे हैं या क्या डाउनलोड कर रहे हैं.

VPN को ट्रैक करना मुश्किल क्यों होता है?

यह सवाल हर किसी के मन में आता है कि जब सबकुछ इंटरनेट पर ट्रैक किया जा सकता है तो VPN को पकड़ना इतना कठिन क्यों है?

मजबूत एन्क्रिप्शन तकनीक

VPN डेटा को ऐसी भाषा में बदल देता है जिसे ना ISP पढ़ सकता है ना हैकर्स और ना ही कोई सरकारी एजेंसी बिना कानूनी अनुमति के. यह एन्क्रिप्टेड डेटा सिर्फ VPN सर्वर ही डिक्रिप्ट कर सकता है.

Shared IP Address

बहुत से VPN एक ही IP कई यूजर्स को देते हैं. इससे यह पता लगाना लगभग असंभव हो जाता है कि असल में कोई खास गतिविधि किस यूजर ने की है.

लॉग न रखने वाली पॉलिसी (No-Log Policy)

प्रतिष्ठित VPN कंपनियां आपकी पहचान या आपकी गतिविधियों का रिकॉर्ड नहीं रखतीं. ऐसे में अगर कोई ट्रैक भी करना चाहे तो डेटा उनके पास होता ही नहीं.

ट्रैफिक ऑब्फुस्केशन

कुछ VPN अपने ट्रैफिक को साधारण इंटरनेट ट्रैफिक जैसा दिखाते हैं. इससे यह पहचानना ही मुश्किल हो जाता है कि यूजर VPN इस्तेमाल कर रहा है या नहीं.

क्या VPN पूरी तरह सुरक्षित है?

VPN आपकी सुरक्षा काफी हद तक बढ़ाता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह 100% फुलप्रूफ है. अगर आप किसी फ्री VPN का इस्तेमाल करते हैं तो कई बार वे आपकी जानकारी बेच सकते हैं या आपका डेटा लीक कर सकते हैं. इसलिए हमेशा किसी भरोसेमंद, प्रीमियम और अच्छी रिव्यू वाले VPN का चयन करना चाहिए.

VPN का गलत इस्तेमाल और कानूनी पहलू

भारत में VPN का इस्तेमाल पूरी तरह कानूनी है लेकिन अगर कोई इसका इस्तेमाल अपराध छिपाने या गलत काम के लिए करता है तो VPN भी उसे बचा नहीं सकता. सरकार और एजेंसियां ज़रूरत पड़ने पर VPN कंपनियों से डेटा मांग सकती हैं खासकर उन कंपनियों से जो भारत के डेटा नियमों के तहत कार्य करती हैं.

क्या आपको VPN इस्तेमाल करना चाहिए?

आज के समय में जब हर कदम ट्रैक किया जा रहा है, साइबर ठगी बढ़ रही है और ऑनलाइन खतरे तेज़ी से बढ़ रहे हैं, VPN आपके लिए एक सुरक्षा ढाल है.

यह आपकी पहचान छिपाता है, डेटा सुरक्षित रखता है और इंटरनेट को प्राइवेट बनाता है. अगर आप अपनी ऑनलाइन प्राइवेसी को लेकर गंभीर हैं तो VPN आपके लिए सिर्फ एक ऐप नहीं बल्कि डिजिटल सुरक्षा का सबसे मजबूत हथियार है.

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CBSE ने किया 6 से 8 तक ‘कौशल शिक्षा’ को अनिवार्य, बच्चे सीखेंगे असल जीवन के काम

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सीबीएसई ने नई शिक्षा नीति के अनुरूप बड़ा निर्णय लेते हुए कक्षा 6 से 8 तक के सभी विद्यार्थियों के लिए कौशल शिक्षा को अनिवार्य कर दिया है. अब स्कूलों में पढ़ाई सिर्फ किताबें और परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बच्चे पौधों की देखभाल, मशीनों की समझ और सेवा कार्यों जैसी वास्तविक जीवन से जुड़ी गतिविधियां भी सीखेंगे. जिसका उद्देश्य है ‘करके सीखना’, न कि केवल ‘पढ़कर याद करना’.

सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे कौशल आधारित शिक्षा को वैकल्पिक नहीं, बल्कि मुख्य विषय के रूप में लागू करें. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत एनसीईआरटी की “कौशल बोध श्रृंखला” की नई किताबें इस सत्र (2025–26) से हर स्कूल में अपनाई जाएंगी. ये पुस्तकें डिजिटल और प्रिंट दोनों रूपों में उपलब्ध रहेंगी.

तीन श्रेणियों में बंटे होंगे कौशल – जीवित प्राणियों, मशीनों और सेवाओं से जुड़े काम

नए ढांचे के अनुसार, विद्यार्थियों को तीन प्रकार के कौशल कार्यों से जोड़ा जाएगा. जिनमें, जीवित प्राणियों के साथ कार्य-  जैसे, पौधों एवं पालतू जानवरों की देखभाल, मशीनों और सामग्री से जुड़ा काम- जैसे, उपकरणों, साधनों और तकनीक की बुनियादी समझ और मानवीय सेवाएं- जैसे, सामाजिक सहयोग व सेवा-भाव से जुड़े काम, शामिल हैं.

हर साल करने होंगे तीन प्रोजेक्ट, कुल 270 घंटे वास्तविक कार्य का लक्ष्य

छठी से आठवीं तक तीन वर्षों में विद्यार्थियों को नौ प्रोजेक्ट पूरे करने होंगे. हर साल तीन प्रोजेक्ट में बच्चे लगभग 90 घंटे यानी कुल 270 घंटे व्यावहारिक कार्य करेंगे. उद्देश्य यह है कि वे सिर्फ ‘क्या पढ़ा’ नहीं, बल्कि ‘क्या किया’ और ‘कैसे सीखा’—इस आधार पर आगे बढ़ें.

स्कूलों की दिनचर्या भी बदलेगी, टाइम-टेबल में तय होंगे कौशल शिक्षा के पीरियड

  • स्कूलों को अपने समयसारणी में बड़े बदलाव करने होंगे.
  • हर साल 110 घंटे (लगभग 160 पीरियड) सिर्फ कौशल शिक्षा के लिए निर्धारित होंगे.
  • सप्ताह में दो दिन लगातार दो पीरियड इसी विषय के लिए रखे जाएंगे.
  • किताब में मौजूद छह प्रोजेक्ट में से स्कूल स्थानीय जरूरत और संसाधनों के अनुसार तीन प्रोजेक्ट चुन सकेंगे.

अगले सत्र से लागू होगी नई व्यवस्था

सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि कौशल शिक्षा का यह नया ढांचा इसी सत्र से अनिवार्य रूप से लागू होगा. स्कूलों को आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षित शिक्षक और प्रोजेक्ट आधारित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी. कौशल शिक्षा को सफल बनाने के लिए सीबीएसई, एनसीईआरटी और PSSIVE मिलकर व्यापक शिक्षक प्रशिक्षण अभियान चलाएंगे. प्रशिक्षण के बाद शिक्षक प्रोजेक्ट आधारित अध्ययन, गतिविधि निर्माण और मूल्यांकन की नई पद्धति को अपनाएंगे.

वार्षिक कौशल मेला भी होगा आयोजन

प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष के अंत में स्कूलों में “कौशल मेला” आयोजित किया जाएगा, जहां विद्यार्थी अपने प्रोजेक्ट, मॉडल और अनुभव प्रदर्शित करेंगे. इससे अभिभावकों को भी यह समझने में मदद मिलेगी कि बच्चे किताबों से बाहर क्या सीख रहे हैं. कौशल शिक्षा की आकलन प्रक्रिया भी बदलेगी. इसमें 10% अंक लिखित परीक्षा. 30% मौखिक परीक्षा, 30% गतिविधि पुस्तक, 10% पोर्टफोलियो और 20% शिक्षक मूल्यांकन के 20 अंक जुड़ेंगे.

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Video: “पैसा नहीं है तो हमसे ले जाएं” दूल्हे ने शादी में आए मेहमानों को चेताया- इंटरनेट पर आग बबूला हुए यूजर्स

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आजकल की शादियां केवल सात फेरों तक सीमित नहीं रहीं. वे एक भव्य फिल्म सेट बन गई हैं, जहां हर पल को परफेक्ट लाइटिंग और टॉप-क्लास सिनेमैटोग्राफी के साथ अमर किया जाता है. दूल्हा-दुल्हन अपनी जिंदगी के सबसे बड़े दिन को ड्रीम वेडिंग बनाने के लिए लाखों खर्च करते हैं, खास तौर पर अपने प्री-वेडिंग या पोस्ट-वेडिंग फोटोशूट पर. लेकिन, हर कहानी में एक विलेन होता है. और भारतीय शादियों में, अक्सर ये विलेन होते हैं अनायास ही कैमरे के सामने आ जाने वाले ‘शादी के शैतान’ बच्चे!

शादी में आए मेहमानों को दूल्हे ने दी चेतावनी

ये वो नन्हे मेहमान होते हैं जो अपने माता-पिता की नजरों से बचकर, स्टेज पर लगे महंगे फूलों के बीच, या दूल्हा-दुल्हन के रोमांटिक पोज के ठीक सामने, अपना ही ‘टॉम एंड जैरी’ खेल रहे होते हैं. ऐसा ही कुछ हुआ एक हाई-प्रोफाइल वेडिंग में, जब दूल्हा-दुल्हन अपने ‘करेंसी शावर’ वाले आइकॉनिक शॉट के लिए तैयार थे. नोटों की बारिश हो रही थी, कैमरा रोल हो रहा था, और तभी, कुछ बच्चे उन ‘ नोटों’ को लूटने के लिए सेट पर ऐसे धावा बोलते हैं जैसे कोई दुनिया भर का खजाना मिल गया हो! बस फिर क्या था. दूल्हे का सब्र का बांध टूट गया.


पैसा नहीं है तो मुझसे ले जाएं, शूट खराब न करें

दूल्हा अपना सपना बिखरता हुआ दिखा और उसने तुरंत माइक संभाला. जो चेतावनी उसने दी, वह सीधे माता-पिता के पैरेंटिंग स्टाइल पर एक करारा तमाचा थी. यह घटना सिर्फ एक वीडियो क्लिप नहीं, बल्कि आज की शादियों की बदलती प्राथमिकताएं और मेहमानों के व्यवहार पर एक जोरदार बहस छेड़ गई है. दूल्हे ने माइक पर कहा कि “अगर आपके पास पैसे नहीं हैं तो आप हमसे ले जाइए लेकिन अपने बच्चों को संभालकर रखिए, हमारा शूट मत खराब कीजिए.” इससे पहले दूल्हे ने बच्चों को तमाचा मारकर भी स्टेज से भगा दिया था.

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यूजर्स ने यूं दी प्रतिक्रियाएं

वीडियो को The nukkad Talks नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई ये काम एक दम जबरदस्त वाला किया है. एक और यूजर ने लिखा…रिश्तेदारों को नीचा दिखाता मॉडर्न दूल्हा. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…ये ड्रामा करने वाले लोन लेकर ऐसी हरकतें करते हैं, मेहमानों को जलील करना इंसानियत नहीं है.

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रेत के टीले हों या फिर पहाड़, कहीं भी चढ़ जाते हैं दुनिया के ये तीन सबसे खतरनाक टैंक

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आधुनिक युद्ध चाहे बर्फीले पहाड़ों में हो या रेगिस्तान की धूल में टैंकों की ताकत आज भी किसी भी सेना की रीढ़ मानी जाती है. रूस–यूक्रेन युद्ध, गाजा–इजरायल संघर्ष और पश्चिम एशिया में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि टैंक ही वह हथियार हैं, जो जमीनी जंग का पूरा नक्शा बदल देते हैं. 2025 में दुनिया के कई देशों ने अपने टैंकों को नई तकनीक, जबरदस्त सुरक्षा और खतरनाक फायर-पावर से लैस किया है.

अमेरिका का M1A2 Abrams

अमेरिका का M1A2 Abrams उन कुछ टैंकों में शामिल है जिन्हें दुनिया में सबसे सुरक्षित माना जाता है. इसका आर्मर इतना मजबूत है कि भारी बमबारी भी इसे आसानी से तोड़ नहीं सकती. इसमें लगी 120 मिमी XM256 स्मूथ बोर गन बेहद सटीक मार करती है और इसका डिजिटल युद्ध-प्रणाली सिस्टम हर मौसम में इसे युद्ध के लिए तैयार रखता है.

रूस का T-14 Armata

रूसी T-14 Armata आधुनिक तकनीक का नमूना माना जाता है. इसका टॉवर रिमोट कंट्रोल से चलता है, यानी चालक दल को सीधा खतरा कम हो जाता है. 125 मिमी की नई पीढ़ी की गन और एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम इसे किसी भी आधुनिक मिसाइल या टैंक शेल से बचाने में सक्षम बनाते हैं. इसके अलावा टी-90 रूसी मुख्य युद्धक टैंक है, जो दुनिया के सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले टैंकों में से एक है. रूस ने इसे भारत को भी बेचा है, जिसे टी-90 भीष्म के नाम से जानते हैं.

दक्षिण कोरिया का K2 Black Panther

दक्षिण कोरिया का K2 Black Panther अपनी फुर्ती और फायर रेट के कारण दुनिया के सबसे तकनीकी टैंकों में गिना जाता है. इसका सस्पेंशन सिस्टम किसी भी ऊबड़-खाबड़ इलाके में इसे हाई-स्पीड मूवमेंट देता है. इसकी 120 मिमी गन प्रति मिनट कई राउंड दाग सकती है.

जर्मनी का Leopard 2A7

Leopard 2A7 युद्ध के मैदान में भरोसे का प्रतीक है. जर्मनी ने इसे मजबूत आर्मर, तेज गति और अद्भुत फायर कंट्रोल सिस्टम के साथ तैयार किया है. यही कारण है कि NATO में इसे सबसे विश्वसनीय टैंकों में सबसे ऊपर रखा जाता है.

ब्रिटेन का Challenger 2

Challenger 2 अपनी प्रसिद्ध L30A1 राइफल गन के लिए जाना जाता है, जो दुनिया की सबसे सटीक टैंक गनों में से एक मानी जाती है. इसके भारी कवच और मजबूत संरचना ने इसे कई युद्धों में बेहतरीन प्रदर्शन देते देखा है.

इजरायल का Merkava Mark IV

इजरायल ने अपने क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए Merkava IV को खास तौर पर सुरक्षा-केंद्रित बनाया है. इसका डिजाइन ऐसा है कि चालक दल पर हमले का खतरा काफी कम हो जाता है. इसमें लगी 120 मिमी गन और LAHAT मिसाइल इसे और भी खतरनाक बनाती हैं.

फ्रांस का Leclerc

Leclerc टैंक तेज गति, स्मार्ट तकनीक और बेहतरीन हथियारों के संयोजन के साथ आता है. यह बाकी भारी टैंकों की तुलना में हल्का है और युद्ध के मैदान में तेजी से पोजीशन बदलने की क्षमता रखता है.

चीन का VT-4 – दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाला आधुनिक टैंक

VT-4 चीन का निर्यात वाला प्रमुख टैंक है, जिसे पाकिस्तान समेत कई देशों ने अपनी सेना में शामिल किया है. इसका थर्ड जनरेशन फायर कंट्रोल सिस्टम और 125 मिमी स्मूथबोर गन इसे अत्यधिक खतरनाक बनाते हैं. इसके साथ एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम इसे आधुनिक मिसाइलों से सुरक्षित रखता है. ये वाला टैंक चीन ने पाकिस्तान को भी दिया है. 

दुनिया का नंबर 1 टैंक कौन?

अगर सभी पहलुओं फायर-पावर, सुरक्षा, तकनीक, युद्ध प्रदर्शन और विश्वसनीयता को एक साथ देखा जाए तो 2025 में M1A2 Abrams, T-14 Armata, और Leopard 2A7 को दुनिया के सबसे बेहतरीन और प्रभावशाली टैंकों की शीर्ष श्रेणी में रखा जाता है. ये टैंक न केवल युद्ध का तरीका बदल रहे हैं, बल्कि बड़ी सेनाओं की राजनीति को भी नए रूप में ढाल रहे हैं.

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