भीषण भूकंप से कांपी धरती, रिक्टर स्केल पर 6.4 तीव्रता दर्ज, घरों से निकलकर भागे लोग

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इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में गुरुवार को 6.4 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया. भूकंप के झटके आचे प्रांत के पास महसूस किए गए. इंडोनेशियाई मौसम, जलवायु और भूभौतिकी एजेंसी (BMKG) के अनुसार भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी. भूकंप के झटके आसपास के कई इलाकों में महसूस किए गए, लेकिन राहत की बात यह है कि अधिकारियों ने कहा है कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है.

भूकंप का झटका न सिर्फ प्रभावित क्षेत्र बल्कि आसपास के इलाकों में भी महसूस हुआ. झटके इतने तेज थे कि घर और इमारतें हिल गईं. लोग डर के कारण घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों में जमा हो गए.

बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहा इंडोनेशिया
इंडोनेशिया इन दिनों प्राकृतिक आपदाओं से गंभीर रूप से जूझ रहा है. भूकंप से ठीक एक दिन पहले उत्तरी सुमात्रा प्रांत में मूसलाधार बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन में 24 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. लगातार बारिश से नदियों के तटबंध टूट गए और पहाड़ी इलाकों में कीचड़ भर जाने के कारण राहत-बचाव टीमें 11 प्रभावित शहरों तक नहीं पहुंच पा रहीं.

‘रिंग ऑफ फायर’ की वजह से लगातार खतरा
इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जो दुनिया के सबसे अधिक भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट वाले क्षेत्रों में से एक माना जाता है. इसी वजह से यहां प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है.

कुछ दिन पहले भी आया था बड़ा भूकंप
इससे पहले 5 नवंबर 2025 को इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था. हालांकि उस घटना में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं थी. यह हाल के दिनों में दूसरा बड़ा भूकंप है जिसने लोगों में डर बढ़ा दिया है. 



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रोजाना ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर में क्या खाता है अंबानी परिवार? एक क्लिक में नोट कर लें हर डिश

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Ambani Family Diet Plan: जब लोग एशिया के सबसे अमीर शख्स में से एक या दुनिया का दूसरा सबसे महंगा घर सुनते हैं, तो दिमाग में शैम्पेन, कैवियार और प्लेट पर कलाकृतियों जैसे दिखने वाले फैंसी डिनर की तस्वीर बनती है. लेकिन यहीं मुकेश अंबानी और नीता अंबानी उस कल्पना को तोड़ देते हैं. 27 मंजिला एंटीलिया, हेलिपैड, और 600 स्टाफ वाली जिंदगी के बीच भी उनका खान-पान हैरानी भरा तौर पर बेहद घरेलू और साधारण है  हाई-फाई नहीं, पूरी तरह कम्फर्ट-स्टाइल.

मुकेश अंबानी खाने में आज भी अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं. उन्होंने बिना भारी-भरकम एक्सरसाइज किए लगभग 15 किलो वजन कम किया, लेकिन इसके बाद भी उनकी डाइट बेहद सिंपल और घरेलू ही रही. वहीं नीता अंबानी भी उतनी ही अनुशासित हैं  वे हल्के, वेजिटेरियन खाने की शौकीन हैं और कभी-कभार स्ट्रीट फूड का मजा लेने से भी नहीं चूकतीं. चलिए आपको बताते हैं कि मुकेश अंबानी के घर क्या बनता है. 

संडे का इडली-सांभर

ब्रेकफास्ट की बात आते ही मुकेश अंबानी का झुकाव साउथ इंडियन फ्लेवर की तरफ जाता है. हर संडे उनके घर में इडली-सांभर का स्पेशल नाश्ता बनता है. एक ऐसी परंपरा जो उन्हें कॉलेज के दिनों की याद दिलाती है. दिलचस्प बात यह है कि घर से बाहर जिस जगह की इडली-सांभर उन्हें सबसे पसंद है, वह है मुंबई के माटुंगा का कैफे मैसूर. उनके कॉलेज ICT के पास स्थित यह जगह आज भी उनका फेवरिट है. 

 रोजाना की गुजराती दाल

अगर अंबानी परिवार के खाने में कोई चीज नॉन-नेगोशिएबल है तो वह है दाल. खासकर गुजराती स्टाइल में बनी मीठी-नमकीन दाल. DNA की रिपोर्ट के मुताबिक मुकेश अंबानी अपने दिन का अंत एक कटोरी दाल के बिना नहीं करते. दुनिया का कोई भी लग्जरी खाना उन्हें उतना सुकून नहीं देता जितना रोज़ की यह घरेलू दाल.

रोटी-राजमा

अंबानी परिवार में अक्सर राजमा और रोटी परोसा जाता है. लेन्टिल्स, चावल और सिंपल ब्रेड. ये सब उनकी रोज़मर्रा की डाइट का हिस्सा हैं. इतनी चर्चा में रहने वाले परिवार का इतना सरल भोजन दिखाता है कि असली आराम कभी-कभी सबसे साधारण चीजों में मिलता है.

दही-बटाटा पूरी

स्ट्रीट फूड भी अंबानी परिवार की थाली में अपनी जगह रखता है, जिसका खुलासा खुद नीता अंबानी ने एक इंटरव्यू में किया था. उन्होंने बताया कि कुछ मौकों पर मुकेश देर रात कॉफी या दिन में स्नैक खाने बाहर जाने का सुझाव देते हैं. उनका पसंदीदा स्नैक एक नामी फूड चेन की दही-बटाटा पूरी है.

भेल

अगर आप सोचते थे कि दही पूरी एक अपवाद है, तो नहीं. मुकेश अंबानी को भेल भी बेहद पसंद है वही हल्की, खट्टी-मीठी, चटपटे स्वाद वाली साधारण सी भेल. एक नामी फूड चेन की भेल उनकी फेवरेट है, जो उनके बिजी शेड्यूल में एक जल्दी खा लेने वाला स्नैक बन जाती है.

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Video: शरारत कर रहा था बच्चा, दादा जी की कुर्सी के नीचे दबा, वीडियो देख दंग रह जाएंगे आप!

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Shocking Viral Video: छोटे बच्चों की मासूम भरी हरकत कभी-कभी बड़ों और उनके खुद के लिए खतरनाक साबित हो जाती है. कुछ ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर देखने को मिला है, जिसमें एक छोटे से बच्चे ने अपने दादी जी की कुर्सी को अचानक खींच लिया. बच्चे के दादी जी, जो कुर्सी पर आराम कर रहे थे. इसी दौरान बच्चे ने उनके साथ यह हरकत की, जिसके चलते वह खुद ही मामूली घायल हो गया.

बच्चा कुर्सी के नीचे दब गया

वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्चे के दादी जी कुर्सी पर बैठते हैं और वह आंख बंद करके आराम करने लगते हैं, तभी बच्चा उनके पास आता है और उनकी कुर्सी को जोर से खींचने लगता है, जिसके बाद उसका बैलेंस बिगड़ जाता है और कुर्सी पीछे की ओर बच्चे के ऊपर गिर जाती है.  

बच्चे के दादा जी बुरी तरह जमीन पर गिर जाते हैं और बच्चा भी कुर्सी के नीचे दब जाता है. इस दौरान एक महिला दौड़कर आती है, जो शायद बच्चे की मां होती है. वह बच्चे और उसके दादी जी दोनों को उठाती है. बच्चा जोर-जोर से रो रहा होता है, क्योंकि उसके ऊपरी होंठ थोड़े सूज जाते हैं.

यूजर्स ने दादी जी के लिए चिंता जताई 

हालांकि, बच्चे और दादी जी किसी को भी गंभीर चोट नहीं आती है. वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों के कई कमेंट्स सामने आ रहे हैं. कुछ लोगों ने दादी जी के लिए चिंता जताई तो वहीं कुछ ने कहा कि लाड़-प्यार का असर है तो वहीं कुछ ने कहा कि बच्चे ने अनजाने में किया है.

कुछ लोगों ने वीडियो को गंभीरता से लेते हुए मां-बाप पर सवाल किए और कहा कि बच्चे को इस तरह की हरकत करने के लिए रोकना चाहिए. वहीं कुछ ने वीडियो दादा जी की हालत के बारे में सवाल किए. वीडियो पर लगातार लोगों के कमेंट्स सामने आ रहे हैं. 


एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर खतरा! बैंकिंग डीटेल चुरा और एनक्रिप्डेट मैसेज पढ़ सकता है यह मालवेयर

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हाल ही में एक नए मालवेयर का पता चला है, जो एंड्रॉयड स्मार्टफोन के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है. यह न सिर्फ यूजर की बैंकिंग डीटेल्स चुरा सकता है बल्कि एनक्रिप्टेड मैसेज को भी कैप्चर कर सकता है और यूजर को इसका पता भी नहीं चलता. यानी व्हाट्सऐप और सिग्नल जैसी ऐप्स पर आने वाले मैसेज भी इस मालवेयर से सुरक्षित नहीं है. आइए जानते हैं कि यह मालवेयर कितना खतरनाक है और इससे बचने के लिए क्या करने की जरूरत है.

डिवाइस टेकओवर भी कर सकता है यह मालवेयर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नए मालवेयर का नाम स्टर्नस है और यह डिवाइस टेकओवर भी कर सकता है. यानी यह यूजर के स्मार्टफोन को पूरी तरह एक्सेस कर सकता है और यूजर का इस पर कोई कंट्रोल नहीं रहेगा. मालवेयर इंस्टॉल करने के बाद हैकर आपके डिवाइस में आपकी सारी एक्टिविटी देख सकते हैं और जब उन्हें कोई ट्रांजेक्शन करनी होगी तो आपके लिए स्क्रीन को ब्लैक आउट कर देंगे. यह मालवेयर मैसेज एनक्रिप्शन को बायपास कर सकता है. ऐसा करने के लिए यह स्क्रीनशॉट लेता रहता है. 

इसलिए खतरनाक है स्टर्नस मालवेयर

स्टर्नस इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि यह बैंकिंग ऐप्स के क्रेडेंशियल चुरा सकता है. इसके लिए यह यूजर को असली लगने वाली फर्जी लॉग-इन विंडो दिखाता है. जैसे ही यूजर इस पर अपना आईडी पासवर्ड डालता है, ये मालवेयर को कंट्रोल करने वाले हैकर के पास पहुंच जाते हैं. इस तरह यूजर को लगता है कि उसे सुरक्षित तरीके से लॉग-इन किया है, लेकिन अनजाने में उसकी पूरी डिटेल हैकर के पास चली जाती है और वह अपनी मर्जी से ट्रांजैक्शन कर सकता है.

ऐसे मालवेयर से कैसे बचें?

  • हमेशा गूगल प्ले स्टोर या ऐप्पल ऐप स्टोर से ही ऐप्स डाउनलोड करें.
  • अपने फोन को नियमित तौर पर चेक करते रहें. अगर इसमें कोई संदिग्ध फाइल, ऐप या नोटिफिकेसन मिलता है तो इसे तुरंत डिलीट कर दें.
  • बैंकिंग ऐप्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का यूज करें. 

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क्या है IPS अधिकारी बनने का पूरा क्राइटेरिया? एक क्लिक में जान लें पूरी डिटेल्स

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अगर आप भी IPS बनने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है. भारतीय पुलिस सेवा यानी IPS देश की सबसे जिम्मेदार और प्रतिष्ठित सेवाओं में से एक है. हर साल लाखों युवा UPSC परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन IPS की कुर्सी सिर्फ उन्हीं को मिलती है जो पूरी तैयारी के साथ आते हैं.

IPS अधिकारी की ताकत और जिम्मेदारी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि किसी जिले में एसपी यानी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस वही होता है. कानून-व्यवस्था से जुड़ा उनका हर फैसला पूरे जिले को प्रभावित करता है.

कब हुई थी शुरुआत?

दिलचस्प बात यह है कि IPS सेवा की शुरुआत आजादी के बाद नहीं, बल्कि ब्रिटिश दौर में हुई थी. तब इसे इंपीरियल पुलिस कहा जाता था और 1948 में इसका नाम बदलकर Indian Police Service कर दिया गया. आज IPS, IAS की तरह देश की ऑल इंडिया सर्विस का हिस्सा है.

जरूरी योग्यता

IPS बनने के लिए कुछ बुनियादी योग्यता जरूरी है. उम्मीदवार भारतीय नागरिक होना चाहिए, उम्र 21 से 32 साल के बीच होनी चाहिए, ग्रेजुएशन पास होना जरूरी है और UPSC के नियमों के अनुसार प्रयासों की सीमा लागू होती है. शारीरिक फिटनेस भी इस सर्विस का अहम हिस्सा है—पुरुष उम्मीदवारों की न्यूनतम लंबाई 165 सेमी और महिला उम्मीदवारों की 150 सेमी तय है.

देनी पड़ती है ये परीक्षा

IPS बनने का रास्ता UPSC की सिविल सेवा परीक्षा से होकर गुजरता है. फॉर्म भरते समय उम्मीदवार IAS और IPS में अपनी पसंद बताते हैं. रैंक और वरीयता के आधार पर सर्विस अलॉट की जाती है. चयन के बाद पहले IAS और IPS दोनों को तीन महीने की संयुक्त ट्रेनिंग मसूरी की लाल बहादुर शास्त्री अकादमी में मिलती है. इसके बाद IPS अधिकारियों की सख़्त ट्रेनिंग हैदराबाद की सरदार वल्लभभाई पटेल पुलिस अकादमी में लगभग एक साल तक चलती है.

कहां होती है तैनाती

करियर ग्रोथ भी IPS की सबसे बड़ी ताकत है. राज्य में IPS अधिकारी DGP तक पहुंच सकता है, जबकि केंद्र में CBI, IB और RAW के प्रमुख भी IPS अधिकारी ही बनते हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जैसी अहम पोस्ट भी IPS के लिए खुली रहती है.

सैलरी कितनी?

वेतन की बात करें तो IPS अधिकारी को 7वें वेतन आयोग के अनुसार 56,100 रुपये से 2,25,000 रुपये तक सैलरी मिलती है. रैंक बढ़ने पर वेतन, सुविधाएं और ताकत तीनों बढ़ते जाते हैं. सरकारी घर, गाड़ी, सुरक्षा, स्टाफ और कई अन्य लाभ भी मिलते हैं.

पहली पोस्टिंग

IPS अधिकारी की पहली पोस्ट आमतौर पर DSP के रूप में होती है. शुरुआत से ही अधिकारी पर जिले की कानून-व्यवस्था की बड़ी जिम्मेदारी होती है. दंगे नियंत्रण से लेकर बड़े अपराधों की जांच तक सब कुछ IPS अधिकारी की निगरानी में होता है. ड्रेस कोड की बात करें तो IPS की खाकी वर्दी देश भर में सम्मान और अधिकार दोनों की पहचान मानी जाती है. वहीं कुछ श्रेणियों को ऊंचाई में 5 सेमी की छूट दी जाती है.

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टीम इंडिया की करारी हार पर फूट पड़ा दिनेश कार्तिक का गुस्सा, वीडियो शेयर कर किसे सुनाई खरी-खोटी

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IND vs SA: टीम इंडिया के लिए साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज किसी बुरे सपने से कम नही रही. दो मैचों की इस घरेलू सीरीज में भारत को 2-0 से क्लीन स्वीप झेलना पड़ा. गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टेस्ट में भारत को 408 रन से शर्मनाक हार मिली, जो टेस्ट इतिहास में रनों के हिसाब से टीम इंडिया की सबसे बड़ी हार है. इससे पहले भारत कभी भी 350 से ज्यादा के रन अंतर से नही हारा था, लेकिन इस बार रिकॉर्ड भी टूटा और फैंस का दिल भी.

दिनेश कार्तिक ने जताई नाराजगी

टीम इंडिया की इस हार ने सिर्फ फैंस ही नही, बल्कि पूर्व क्रिकेटर्स को भी गहरा झटका दिया है. इसी सिलसिले में पूर्व विकेटकीपर और कमेंटेटर दिनेश कार्तिक ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर अपनी नाराजगी और दर्द खुले तौर पर जाहिर किया.


कार्तिक ने कहा कि अब वह दौर खत्म हो गया है जब टीमें भारत में टेस्ट खेलने से डरती थी. उन्होंने कहा, “अब विदेशी टीमें भारत आने के लिए उत्साहित होंगी. 12 महीने में दूसरा व्हाइटवॉश… पिछले तीन घरेलू टेस्ट सीरीज में दो बार क्लीन स्वीप हुआ है. यह भारत के टेस्ट क्रिकेट के लिए बड़ा संकट है.” उनके शब्दों से साफ झलक रहा था कि यह हार सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट गलत दिशा में जा रहा है.

टीम कॉम्बिनेशन पर भी उठाए सवाल

दिनेश कार्तिक ने टीम चयन और कॉम्बिनेशन पर भी बड़े सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि भारत ने इस सीरीज में “बहुत ज्यादा ऑलराउंडर्स” खिलाए, जिससे टीम का बैलेंस पूरी तरह बिगड़ गया. उदाहरण के तौर पर उन्होंने नीतीश रेड्डी का जिक्र किया, जो घरेलू सीजन में सिर्फ 14 ओवर डालकर आए हैं, फिर भी उन्हें टेस्ट में पेस ऑलराउंडर की भूमिका दी गई.

कार्तिक ने आलोचना करते हुए कहा, “इस सीरीज में भारत के सिर्फ दो खिलाड़ियों ने फिफ्टी लगाई, जबकि दक्षिण अफ्रीका के सात प्लेयर्स अर्धशतक बना गए. यह बताता है कि हम कितने पीछे हैं.”

नंबर-3 की जुगलबंदी बनी चिंता

कार्तिक ने सबसे बड़ा मुद्दा भारतीय टीम के नंबर-3 बल्लेबाज को लेकर उठाया. उन्होंने कहा कि पिछले पूरे टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में भारत का नंबर-3 सबसे अस्थिर रहा है और उसका औसत सिर्फ 26 का है. उन्होंने तंज भरे अंदाज में पूछा, “आखिर हमारा पक्का नंबर-3 कौन है? कभी सुदर्शन नंबर 3 पर खेलते हैं, कभी वॉशिंगटन सुंदर. हर मैच में बदलाव करने से स्थिरता कैसे आएगी?”

अगला टेस्ट 7 महीने बाद

दिनेश कार्तिक ने यह कहकर बात खत्म की कि टीम इंडिया का अगला टेस्ट अगले साल जून में है, यानी अभी सात महीने का लंबा अंतर है. उन्होंने सवाल पूछा, “क्या हम इस हार को भूल जाएंगे, या इसे सुधार की शुरुआत बनाएंगे?”



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रैपिडो चलाकर एक करोड़ के फ्लैट की ईएमआई भर रहा शख्स, वीडियो शेयर कर दोस्त ने किया खुलासा

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आज के समय में नौकरी ढूंढना पहले जितना आसान नहीं रह गया है. खासकर टेक सेक्टर में काम करने वालों के लिए स्थिति और भी कठिन होती जा रही है. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो इसी सच्चाई को सामने लाया है. इसमें एक आईटी इंजीनियर की कहानी दिखाई गई है जो दो महीने से नौकरी नहीं मिलने की वजह से अपने खर्च पूरे करने में संघर्ष कर रहा है. किसी समय दफ्तर में काम करने वाला यह इंजीनियर अब अपनी ईएमआई और रोजमर्रा के खर्चों को संभालने के लिए रैपिडो पर पार्ट-टाइम राइड्स दे रहा है. इस वीडियो ने हजारों लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि नौकरी का बाजार कितना अनिश्चित हो चुका है.

एक करोड़ के फ्लैट की EMI भरने के लिए रैपिडो चला रहा शख्स

एक इंस्टाग्राम वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें एक आईटी इंजीनियर की मुश्किलों की कहानी दिखाई गई है. वो नोएडा में रहता है और दो महीने से उसकी कोई नौकरी नहीं है. पहले वो एक आईटी कंपनी में काम करता था, लेकिन उसने सोचा था कि नौकरी छोड़कर उसे जल्दी ही दूसरी बेहतर नौकरी मिल जाएगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. टेक कंपनियों में भर्ती बहुत कम हो रही है, इसलिए उसे नई नौकरी नहीं मिल पाई. अब वो मजबूर है रैपिडो बाइक टैक्सी चलाने के लिए क्योंकि उसे अपने एक करोड़ के फ्लैट की ईएमआई भरनी है. पूरी कहानी उस शख्स के दोस्त ने एक वीडियो के माध्यम से लोगों को बताई है.


नोएडा जैसे शहर में बहुत ज्यादा होता है किराया

नोएडा जैसे बड़े शहर में रहना अपने आप में एक चुनौती है. इस इलाके में फ्लैटों की कीमत 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये के बीच होती है और किराया अक्सर 30,000 से 35,000 रुपये तक पहुंच जाता है. जिन लोगों ने घर खरीद रखा है, उन्हें हर महीने भारी ईएमआई चुकानी पड़ती है. तेजू के दोस्त ने भी एक घर लिया हुआ था और उनकी ईएमआई हर महीने समय पर देनी जरूरी है. लेकिन नौकरी न होने के कारण उनकी बचत जल्दी खत्म होने लगी.

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यूजर्स बोले, फ्लैट बेच डाल

वीडियो को naughtyworld नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…नौकरी जानबूझकर छोड़ना बेवकूफी है. एक और यूजर ने लिखा…एक करोड़ का फ्लैट कौन बोला था लेने को भाई. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…भाई फ्लैट को बेच डाल, सब सॉल्व हो जाएगा.

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कौन है सेलिना जेटली के पति पीटर हाग? टूटने वाली है 15 साल की शादी

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एक्ट्रेस सेलिना जेटली ने पीटर हाग से साल 2011 में शादी की थी.

एक्ट्रेस सेलिना जेटली ने पीटर हाग से साल 2011 में शादी की थी.

बता दें दुबई में एक इवेंट में पीटर और सेलिना की मुलाकात हुई थी, वहीं से उनकी दोस्ती शुरू हुई, जो आगे चलकर प्यार में बदल गई.

बता दें दुबई में एक इवेंट में पीटर और सेलिना की मुलाकात हुई थी, वहीं से उनकी दोस्ती शुरू हुई, जो आगे चलकर प्यार में बदल गई.

शादी के बाद दोनों खुशहाल फैमिली की तरह रह रहे थे, दोनों ने साल 2012 में अपने जुड़वां बेटों का वेलकम किया. फिर 2017 में दोनों ने एक बार फिर अपने जुड़वां बच्चों का वेलकम किया, हालांकि उनमें से एक बेटे की हार्ट से जुड़ी बीमारी की वजह से मौत हो गई.

शादी के बाद दोनों खुशहाल फैमिली की तरह रह रहे थे, दोनों ने साल 2012 में अपने जुड़वां बेटों का वेलकम किया. फिर 2017 में दोनों ने एक बार फिर अपने जुड़वां बच्चों का वेलकम किया, हालांकि उनमें से एक बेटे की हार्ट से जुड़ी बीमारी की वजह से मौत हो गई.

वहीं अब 15 साल बाद दोंनों की मैरिड लाइफ पर संकट मडंराया हुआ है.

वहीं अब 15 साल बाद दोंनों की मैरिड लाइफ पर संकट मडंराया हुआ है.

शादी के 15 साल बाद एक्ट्रेस सेलिनी जेटली पति पीटर हाग से तलाक लेने वाली हैं. उन्होंने पीटर पर मारपीट प्रॉपर्टी हड़पने, मानसिक शोषण और क्रूरता के आरोप लगाए हैं. मदद के लिए सेलिना ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

शादी के 15 साल बाद एक्ट्रेस सेलिनी जेटली पति पीटर हाग से तलाक लेने वाली हैं. उन्होंने पीटर पर मारपीट प्रॉपर्टी हड़पने, मानसिक शोषण और क्रूरता के आरोप लगाए हैं. मदद के लिए सेलिना ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

वहीं पीटर हाग की बात करें तो वो एक ऑस्ट्रियाई होटलियर और एंटरप्रेन्योर हैं. वो हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में एक जाना-माना नाम रहे हैं.

वहीं पीटर हाग की बात करें तो वो एक ऑस्ट्रियाई होटलियर और एंटरप्रेन्योर हैं. वो हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में एक जाना-माना नाम रहे हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीटर दुबई और सिंगापुर की कई बड़ी होटल चेन में सीनियर मार्केटिंग और मैनेजमेंट रोल्स में काम कर चुके हैं, जिनमें दुबई का मशहूर एम्मार हॉस्पिटैलिटी ग्रुप भी शामिल है. इसके अलावा वे एक ब्रांड-स्ट्रैटिजिस्ट के तौर पर भी कई प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीटर दुबई और सिंगापुर की कई बड़ी होटल चेन में सीनियर मार्केटिंग और मैनेजमेंट रोल्स में काम कर चुके हैं, जिनमें दुबई का मशहूर एम्मार हॉस्पिटैलिटी ग्रुप भी शामिल है. इसके अलावा वे एक ब्रांड-स्ट्रैटिजिस्ट के तौर पर भी कई प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे.

Published at : 27 Nov 2025 09:43 AM (IST)

बॉलीवुड फोटो गैलरी

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‘ये आतंकी हमला है’, व्हाइट हाउस के पास 2 नेशनल गार्ड को गोली मारने पर ट्रंप आगबबूला

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व्हाइट हाउस के निकट 2 नेशनल गार्ड को गोली मार दी गई, जिसके बाद दोनों की हालत गंभीर है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए इसे जघन्य हमला और आतंकवादी कृत्य करार दिया है. इसके अलावा ट्रंप ने पेंटागन को अमेरिकी राजधानी में 500 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती करने के निर्देश दिए हैं.

वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के इन सैनिकों पर बुधवार दोपहर को व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक की दूरी पर घात लगाकर हमला किया गया. हमले के बाद परिसर को तुरंत बंद कर दिया गया और कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​इलाके में जांच पड़ताल कर रही हैं. इस घटना के समय ट्रंप फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो क्लब में थे.

‘यह हमारे पूरे राष्ट्र के विरुद्ध अपराध है’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो संबोधन में कहा कि थैंक्सगिविंग अवकाश की पूर्व संध्या पर वाशिंगटन डीसी में सेवारत नेशनल गार्ड के दो सदस्यों को व्हाइट हाउस से कुछ ही कदम की दूरी पर भयानक घात लगाकर किए गए हमले में गोली मार दी गई. उन्होंने कहा कि यह हमारे पूरे राष्ट्र के विरुद्ध अपराध है और ये मानवता के विरुद्ध अपराध है.

अफगान नागरिकों की होगी कड़ी जांच
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के राज में अफगानिस्तान से अमेरिका में घुसे हर एक एलियन की फिर से जांच की जाएगी. नेशनल गार्ड मेंबर्स पर गोलीबारी पर ट्रंप ने कहा कि DHS को यकीन है कि संदिग्ध 2021 में अफ़गानिस्तान से अमेरिका में घुसा था. ट्रंप के इस ऐलान से अब अमेरिका में रह रहे अफगान नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी, क्योंकि उन्हें अब सख्त जांच से गुजरना होगा.

एक संदिग्ध हिरासत में
29 वर्षीय रहमानुल्लाह लकनवाल नाम के एक संदिग्ध को गोलीबारी में घायल होने के बाद हिरासत में ले लिया गया है. अफ़ग़ान नागरिक लकनवाल कथित तौर पर 2021 में अमेरिका आया था. न्याय विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गोलीबारी की जांच आतंकवादी कृत्य मानकर की जा रही है.

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CCTV कैमरों से भी ज्यादा खतरनाक है वाई-फाई राउटर! कर सकता है आपकी जासूसी

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आपके घर, ऑफिस या मनपसंद कैफे में लगा वाई-फाई राउटर आपकी जासूसी के लिए भी यूज हो सकता है. यह एक CCTV की तरह काम करते हुए आपके पॉश्चर, प्रेजेंस और मूवमेंट का सटीकता से पता लगा सकता है. यानी वाई-फाई राउटर से कोई यह देख सकता है कि किसी कमरे में कितने लोग मौजूद हैं, वो खड़े या बैठे हैं और वो कैसे चल-फिर रहे हैं. यह सब तब भी हो सकता है, जब कमरे में मौजूद लोगों के पास मोबाइल या लैपटॉप जैसा कोई भी कनेक्टेड डिवाइस मौजूद नहीं है.

नई स्टडी में हुआ यह चौंकाने वाला खुलासा

कुछ हफ्ते पहले जर्मनी के Karlsruhe इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (KIT) के रिसर्चर ने एक स्टडी पब्लिश की थी. इसमें सामने आया कि वाई-फाई राउटर से रियल-टाइम में लोगों को पहचाना जा सकता है, भले ही उनके पास कोई भी कनेक्टेड डिवाइस न हो. स्टडी करने वाले प्रोफेसर थॉर्स्टन स्ट्रूफ ने बताया कि जब लोग रेडियो वेव्ज के बीच से गुजरते हैं तो इनमें बदलाव होता है और इससे लोगों की इमेज क्रिएट की जा सकती है. CCTV में जहां साफ फोटो नजर आती है, वहीं राउटर की मदद से रेडियो वेव्ज का इस्तेमाल कर लोगों का पता लगाया जा सकता है.

कैसे लगता है लोगों का पता?

मॉडर्न वाई-फाई राउटर में बीमफॉर्मिंग फीडबैक इंफोर्मेशन (BFI) होती है ताकि सिग्नल बेहतर तरीके से काम कर सके. KIT की टीम ने पाया कि इस डेटा को यूज लोगों की मौजूदगी और मूवमेंट का पता लगाया जा सकता है. इसे देखते हुए प्रोफेसर स्ट्रूफ ने इसे लाइट वेव्ज की जगह रेडियो वेव्ज से चलने वाला कैमरा बताया है.

क्यों है यह खतरनाक?

रिसर्च करने वाली टीम के एक रिसर्चर ने बताया कि इसका फायदा उठाकर वाई-फाई राउटर को सर्विलांस के लिए यूज किया जा सकता है. उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति रोजाना किसी वाई-फाई नेटवर्क वाले कैफे के आगे से गुजरता है तो उसकी जानकारी के बिना उसकी मौजूदगी और मूवमेंट को रिकॉर्ड किया जा सकता है, जिसे सरकारें और कंपनियां इस्तेमाल कर सकती हैं. आजकल हर कहीं वाई-फाई राउटर की मौजूदगी है, जिससे यह एक बड़ा सर्विलांस इंफ्रास्ट्रक्चर बन जाता है. इस वजह से लोगों की प्राइवेसी को बड़ा खतरा है.

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