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GPS Spoofing कैसे बन गया वैश्विक खतरा? जानिए दुनिया भर के देश कैसे कर रहे हैं इसका मुकाबला

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GPS Spoofing: आज की डिजिटल दुनिया जिन सिस्टम पर चलती है, उनमें से ज्यादातर ऐसी तकनीकों पर आधारित हैं जिनके बारे में हम सोचते भी नहीं. वर्षों से GPS सिग्नल स्थिर और भरोसेमंद रहे लेकिन पिछले एक साल में इसमें खतरनाक तरह की गड़बड़ियाँ सामने आने लगी हैं. दिल्ली, ब्लैक सी और बाल्टिक क्षेत्र के ऊपर उड़ रहे विमानों में अचानक नेविगेशन सिस्टम का वास्तविक लोकेशन से सैकड़ों किलोमीटर दूर दिखना यह सब GPS जामिंग और स्पूफिंग की वजह से हो रहा है. हजारों घटनाएं साबित कर चुकी हैं कि दुनिया का बड़ा हिस्सा इस अदृश्य तकनीक पर गंभीर रूप से निर्भर है.

GPS क्या है और क्यों पूरी दुनिया इसका इस्तेमाल करती है?

GPS यानी Global Positioning System, अमेरिका द्वारा संचालित 24 से अधिक सैटेलाइट्स का समूह है जो लगातार समय और लोकेशन का सटीक डेटा भेजते हैं. फोन, विमान, जहाज़, इंटरनेट टावर सभी इन सैटेलाइट्स से प्राप्त सिग्नल के आधार पर अपनी लोकेशन और समय निर्धारित करते हैं.

1970 के दशक में सैन्य इस्तेमाल के लिए शुरू हुआ GPS 1995 में पूरी तरह ऑपरेशनल हुआ. आज यह दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण नेविगेशन तकनीक बन चुका है जिसका वार्षिक संचालन खर्च अरबों डॉलर है.

आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर GPS के बिना क्यों नहीं चल सकता?

GPS अकेला सिस्टम नहीं. रूस का GLONASS, यूरोप का Galileo और चीन का BeiDou मिलकर पूरे GNSS नेटवर्क का हिस्सा हैं. इनका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है टाइमिंग.

  • टेलीकॉम नेटवर्क
  • बैंकिंग और स्टॉक एक्सचेंज
  • पावर ग्रिड
  • डेटा सेंटर

ये सभी माइक्रोसेकंड स्तर की सिंक्रोनाइज़ेशन पर चलते हैं जो GPS देता है. एविएशन, शिपिंग, कृषि, लॉजिस्टिक्स और वैज्ञानिक रिसर्च हर क्षेत्र में GPS की रीढ़ जैसी भूमिका है.

युद्ध क्षेत्रों में GPS स्पूफिंग का असर

GPS मूल रूप से सैन्य जरूरतों के लिए बनाया गया था. यूक्रेन-रूस युद्ध ने दिखा दिया है कि GPS कितना उपयोगी और साथ ही कितना कमजोर भी है. दोनों देशों ने बड़ी मात्रा में जामिंग और स्पूफिंग का इस्तेमाल किया जिससे ड्रोन की दिशा भटक गई, मिसाइलों की गाइडेंस प्रभावित हुई, संचार सिस्टम बाधित हुए.

IATA के अनुसार, 2024 में ऐसे 4.3 लाख से ज्यादा मामले सामने आए 2023 के मुकाबले 62% की वृद्धि. भारत भी इससे अछूता नहीं रहा. दिल्ली एयरपोर्ट और जम्मू रूट पर GPS स्पूफिंग की घटनाओं ने DGCA को सख्त रिपोर्टिंग नियम लागू करने पर मजबूर किया.

दुनिया GPS को सुरक्षित कैसे बना रही है?

लगातार बढ़ती स्पूफिंग के बाद कई देश बैकअप सिस्टम बना रहे हैं अमेरिका eLoran, LEO सैटेलाइट और फाइबर-आधारित टाइमिंग नेटवर्क पर भारी निवेश

ब्रिटेन — राष्ट्रीय eLoran नेटवर्क के लिए 200+ मिलियन डॉलर

ऑस्ट्रेलिया — जाम-प्रतिरोधी क्वांटम सेंसर और सेल्स्टियल नेविगेशन

यूरोप व एशिया — LEO PNT कॉन्स्टेलेशन और उन्नत इनर्शियल सिस्टम

चीन और रूस भी अपने मल्टी-लेयर PNT नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं.

क्या GPS का युग खत्म हो रहा है?

बिल्कुल नहीं. GPS आज भी 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा की वैश्विक अर्थव्यवस्था का आधार है. लेकिन दुनिया अब एकल सिस्टम पर निर्भर रहने के बजाय लेयर्ड, मल्टी-सिस्टम नेविगेशन अपना रही है ताकि किसी एक तकनीक में गड़बड़ी आने पर पूरी दुनिया न रुक जाए.

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चीन पर निर्भरता घटाने की तैयारी, मोदी कैबिनेट ने 7,280 करोड़ रुपये की योजना को दी मंजूरी

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Rare Earth Permanent Magnets Scheme India: पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की मीटिंग में बुधवार, 26 नवंबर को रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स की मैन्युफैक्चरिंग को लेकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया हैं. इसके तहत सरकार ने रेयर अर्थ के मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए 7,280 करोड़ रुपये की एक नई स्कीम को मंजूरी देने का फैसला लिया हैं.

भारत में शुरू हो रही यह अपने तरह की पहली योजना है. सरकार का उद्देश्य देश में  6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष की इंटीग्रेटेड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना करना है. इस संबंध में पिछले कुछ दिनों से बातचीत जारी थी. 

6,000 मीट्रिक टन होगा उत्पादन

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस स्कीम को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि, ‘सिन्टर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम’ की शुरुआत देश में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए की गई हैं.

इस पहल के तहत हर साल 6,000 मीट्रिक टन क्षमता तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. जिससे भारत इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सके. इस योजना के तहत एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड REPM मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की योजना है. 

चीन है रेअर अर्थ का किंग

पूरी दुनिया में मौजूद रेयर अर्थ का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा चीन के नियंत्रण में आता है. भारत समेत दुनिया के कई देश रेयर अर्थ के लिए बहुत हद तक चीन पर निर्भर हैं. पिछले दिनों चीन ने रेयर अर्थ को लेकर प्रतिबंध की घोषणा की थी और निर्यात पर रोक लगा दिया था.

आंकड़ों की बात करें तो, वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत ने चीन से 870 टन रेयर अर्थ मैग्नेट्स आयात किया है. हालांकि, भारत सरकार के आज के इस कदम से पूरी उम्मीद की जा रही है कि, आने वाले समय में भारत की निर्भरता चीन पर कम होगी. साथ ही भारत इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सकेगा. 

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‘ये तो शक्तियों का गलत इस्तेमाल है’ हाईवे पर लगे स्पीड मीटर से दौड़कर रफ्तार मापते दिखे बच्चे

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कुछ बच्चे हाईवे पर लगे स्पीड वाले मीटर का जिस तरीके से उपयोग कर रहे हैं उसे देखकर किसी की भी हंसी निकल जाएगी. इंटरनेट इन दिनों हाईवे के इस वीडियो को देखकर काफी गुदगुदा रहा है. हाईवे पर न तो कोई रील बनाई जा रही है और न ही गाड़ियों से रफ्तार भरी जा रही है. जी नहीं, कोई हाईवे पर खड़ा होकर जोक भी नहीं सुना रहा है. दरअसल, गांव के बच्चे किनारे से निकल रहे हाईवे पर लगे स्पीड वाले मीटर से अपनी रफ्तार मापते दिखाई दे रहे हैं वो भी दौड़कर.

स्पीड डिटेक्टर से अपनी रफ्तार मापते दिखे गांव के बच्चे

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कुछ बच्चे अपने गांव के बाहर से निकल रहे हाईवे पर दौड़ते दिखाई दे रहे हैं. लेकिन ये न तो पुलिस की तैयारी कर रहे हैं और न ही फौज में भर्ती होने की. बल्कि इन बच्चों को हाईवे पर लगा स्पीड डिटेक्टर खिलौना लग गया है जिसे देखकर उनकी उत्सुक्ता का ठिकाना नहीं रहा है. बच्चों ने गाड़ियों की स्पीड को मीटर में देखा होगा तो फैसला अपनी स्पीड मापने का भी कर लिया.


स्पीड डिटेक्टर ने भी दिखाई रियल टाइम रफ्तार

वीडियो में दिख रहा एक बच्चा स्पीड डिटेक्टर के नीचे से पूरी रफ्तार से दौड़कर निकलता है जिसे उसके पीछे खड़ा एक साथी अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर रहा है. मीटर भी बकायदा दौड़ते बच्चों की स्पीड बताता है जो कि 23 किमी प्रति घंटा होती है. अब वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह फैल चुका है जिसे देखने के बाद यूजर्स तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. 

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यूजर्स बोले, ये तो शक्तियों का गलत इस्तेमाल हो रहा है

वीडियो को riteshripass नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई ये चालान कटवाकर मानेगा आज. एक और यूजर ने लिखा…और पाकिस्तान को इन लोगों से कश्मीर चाहिए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…स्पीड मीटर भी कह रहा होगा कि मां मेरी शक्तियों का गलत इस्तेमाल हो रहा है.

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बास्केटबॉल के पोल से लटका खिलाड़ी फिर हो गया खौफनाक हादसा, मौके पर तोड़ा दम, वीडियो वायरल

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रोहतक में राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉस खिलाड़ी हार्दिक राठी की दर्दनाक तरीके से मौत हो गई. जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें हार्दिक जैसे ही बास्केटबॉल के पिलर पर झूलने के लिए लटकते हैं वैसे ही पिलर गिरता है और उसका लोहा हार्दिक के पेट में घुस जाता है. वीडियो देखकर आप भी हैरान और परेशान हो जाएंगे.

बास्केटबॉल का पोल गिरने से 16 साल के खिलाड़ी की मौत!

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि कैसे हार्दिक बास्केटबॉल के पिलर को पकड़कर लटकते हुए दिखाई दे रहे हैं.  बताया जा रहा है कि सुबह करीब 10:30 बजे, हार्दिक कोर्ट पर अभ्यास कर रहे थे. घटना के सीसीटीवी फुटेज में उन्हें कूदते और बास्केट को छूते हुए दिखाया गया है. इसी दौरान एक बार उन्होंने बास्केट का किनारा पकड़ लिया और पोल उनके ऊपर गिर गया. उनके दोस्त और खेलने वाले साथी, जो शायद आराम कर रहे थे, दौड़कर कोर्ट पहुचे. उन्होंने पोल उठाया और हार्दिक को बचाया, लेकिन तब तक हार्दिक को बहुत नुकसान पहुंच चुका था.

वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें

जंग लगे पोल को लेकर खेल प्रशासन पर उठ रहे सवाल

अब जंग लगे खंभों की हालत पर सोशल मीडिया यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि कैसे राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की जान को जोखिम में डाला जा रहा है. वीडियो देखकर ही समझ आ रहा है कि पोल कितना कमजोर था और केवल 16 साल के खिलाड़ी का बोझ भी वो नहीं उठा सका. इस घटना से हार्दिक का पूरा परिवार सदमे में है. वीडियो को लेकर यूजर्स तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.

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यूजर्स हुए आग बबूला

वीडियो को @gharkekalesh नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…इस मौत के लिए खेल प्रशासन जिम्मेदार है. एक और यूजर ने लिखा…16 साल का खिलाड़ी चला गया जंग लगे पोल की वजह से. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…आमतौर पर खिलाड़ी खेलते हुए पोल से झूल जाते हैं, इसमें सावधानी बरतनी चाहिए.

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राम मंदिर पर फहराई धर्म ध्वजा तो पाकिस्तान के सीने में लगी आग, UN जा पहुंचा

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अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज की स्थापना के बाद पाकिस्तान बौखला गया है. अपने यहां अल्पसंख्यकों के शोषण, बलात्कार और हत्याओं पर चुप्पी साध लेने वाले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसे भारत के अल्पसंख्यक और मुस्लिम सांस्कृतिक विरासत को खतरा बताया है.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने हमेशा की तरह एक बार फिर झूठ बोलते हुए कहा कि यह भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर दबाव के एक बड़े पैटर्न और हिंदुत्व की सोच के असर में मुस्लिम सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को जानबूझकर खत्म करने की कोशिशों को दिखाता है.

पाकिस्तान का एक और झूठ
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद पर राम मंदिर के निर्माण और ध्वजारोहण को पाकिस्तान ने चिंता और गंभीरता के साथ लिया है. भारत के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में न रखते हुए पाकिस्तान के विदेश विभाग ने कहा है कि बाबरी मस्जिद सदियों पुरानी एक ऐतिहासिक इबादतगाह थी. इसके बाद पाकिस्तान ने 6 दिसंबर 1992 की घटना का जिक्र किया. 

पाकिस्तान ने वाहियात प्रोपगैंडा फैलाते हुए कहा है कि भारत का सिस्टम अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव करता है. जिस पाकिस्तान में हिन्दुओं के ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहर धूल खा रहे हैं, वहां की सरकार ने कहा कि भारत में हिन्दुत्व की विचारधारा के तहत मुस्लिम विरासत को मिटाने की कोशिश की जा रही है.

हिंदुओं के मंदिर की दुर्दशा
जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान में स्थित शारदा पीठ मंदिर, कराची का 150 साल पुराना जाग नाथ मंदिर, रावलपिंडी स्थित 1930 में बना मोहन मंदिर जैसे हिन्दुओं के धार्मिक विरासत विलुप्त होने के कगार पर हैं. इन पर वहां की सरकार और उनके लोगों का कब्जा है. इन सब पर एक शब्द न बोलने वाला पाकिस्तान कहता है कि भारत में कई मस्जिदों पर खतरा है और उसे नष्ट किया जा रहा है.

UN को भी घसीटा
पाकिस्तान ने बेशर्मी की हदें पार करते हुए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे भारत में कथित रूप से बढ़ते इस्लामोफोबिया, हेट स्पीच और नफरत की बुनियाद पर हो रहे कथित हमलों की ओर ध्यान दें. पाकिस्तान ने यूएन और दूसरी संस्थाओं से भारत में इस्लामिक विरासत को सुरक्षित रखने में अपनी भूमिका निभाएं और सभी अल्पसंख्यकों के धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है.

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Oil Heater Vs Fan Heater: इस ठंड में कौन बचाएगा ज्यादा बिजली? जानिए किसे खरीदने में है समझदारी

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Oil Heater Vs Fan Heater: सर्दियों में कमरा गर्म रखने के लिए लोग सबसे पहले हीटर खरीदने का सोचते हैं लेकिन मार्केट में दो सबसे पॉपुलर विकल्प होते हैं Oil Heater और Fan Heater. दोनों ही घर को गर्म तो करते हैं लेकिन इनके काम करने का तरीका, बिजली खपत, सेफ्टी और कीमत में बड़ा अंतर होता है. अगर आप भी इस सर्दी नया हीटर खरीदने की सोच रहे हैं तो यह तुलना आपके लिए बेहद जरूरी है.

Oil Heater कैसे काम करता है?

ऑयल हीटर में खास थर्मल ऑयल भरा होता है जो गर्म होकर पूरे पैनल में हीट फैलाता है. ये हीट धीरे-धीरे कमरे में फैलती है और तापमान लंबे समय तक बना रहता है. इसका सबसे बड़ा फायदा है कि यह साइलेंट चलता है और कमरे की हवा को सूखा नहीं करता. बच्चों और बुजुर्गों वाले घर में यह एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है क्योंकि इसकी बॉडी जल्दी गर्म नहीं होती.

Fan Heater क्या करता है?

फैन हीटर इलेक्ट्रिक कॉइल को गर्म करता है और सामने लगे फैन की मदद से गर्म हवा सीधे बाहर फेंकता है. यह कमरे को बहुत तेज गर्म करता है लेकिन समस्या यह है कि यह हवा को सुखा देता है और लंबे समय तक चलाने पर गले में dryness महसूस हो सकती है. इसके अलावा इसका फैन लगातार आवाज करता है जिसकी वजह से यह इतना शांत विकल्प नहीं माना जाता.

कौन सा Heater बचाता है ज्यादा बिजली?

अगर बिजली बचत की बात आए तो यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितना और कैसे इस्तेमाल कर रहे हैं. Fan Heater कम समय में ज्यादा गर्मी देता है इसलिए छोटे रूम में यह ज़्यादा किफायती पड़ सकता है. Oil Heater ज्यादा वॉट लेता है लेकिन यह कमरे को लंबे समय तक गर्म रखता है जिससे बार-बार चालू–बंद करने की जरूरत नहीं होती. इसलिए लंबी अवधि में ऑयल हीटर बेहतर पावर एफिशिएंसी दे सकता है.

कौन सा हीटर है स्मार्ट और सुरक्षित?

ऑयल हीटर कई तरह के स्मार्ट फीचर्स के साथ आता है:

  • थर्मोस्टैट कंट्रोल
  • ओवरहीट प्रोटेक्शन
  • टिप-ओवर सेफ्टी
  • नॉन-नॉइज़ ऑपरेशन

वहीं फैन हीटर में बेसिक सेफ्टी फीचर्स होते हैं लेकिन उसका कॉइल जल्दी गर्म हो जाता है जिससे सावधानी जरूरी है.

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IIT दिल्ली ने लॉन्च किया छह महीने का ऑनलाइन ब्रांड मैनेजमेंट प्रोग्राम , जानें कौन कर सकता है र

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IIT दिल्ली ने उन युवाओं और कामकाजी लोगों के लिए एक नया मौका दिया है जो ब्रांड मैनेजमेंट और मार्केटिंग का सही ज्ञान हासिल करना चाहते हैं यह पूरा प्रोग्राम ऑनलाइन है और छह महीने में ब्रांडिंग की असली दुनिया को आसान भाषा में समझाया जाएगा कोई भी ग्रेजुएट इसे घर बैठे आसानी से कर सकता है और अपनी स्किल बढ़ाकर करियर में आगे बढ़ सकता है.

 क्यों लॉन्च किया गया यह कोर्स ?

IIT दिल्ली ने यह प्रोग्राम इसलिए शुरू किया है ताकि मार्केट में बढ़ती ब्रांडिंग की जरूरत को समझते हुए लोगों को व्यावहारिक ज्ञान दिया जा सके आज के समय में हर कंपनी को ऐसे लोगों की जरूरत होती है जो ब्रांड को समझें उसकी पहचान बनाएं और सही तरीके से उसे लोगों तक पहुंचाएं इसी कारण यह छह महीने का कोर्स उन सबके लिए तैयार किया गया है जो ब्रांड स्ट्रैटेजी विज्ञापन सोशल मीडिया प्रमोशन और मार्केटिंग के दूसरे पहलुओं को समझना चाहते हैं.

किस मेथड से होगी पढ़ाई

यह पूरा कोर्स ऑनलाइन रहेगा इसलिए किसी को कहीं आने जाने की जरूरत नहीं होगी क्लास हर रविवार को सुबह से दोपहर तक चलेगी जिससे नौकरी करने वालों या पढ़ाई करने वालों को भी समय निकालने में आसानी होगी क्लासेस लाइव होंगी और IIT दिल्ली के प्रोफेसर तथा इंडस्ट्री में काम करने वाले विशेषज्ञ पढ़ाएंगे इसके अलावा असाइनमेंट और एक मुख्य प्रोजेक्ट भी देना होगा जिसमें स्टूडेंट्स खुद एक ब्रांड बनाकर उसकी रणनीति तैयार करेंगे ताकि असली काम का अनुभव मिल सके.

कौन कर सकता है यह कोर्स

यह प्रोग्राम हर उस व्यक्ति के लिए खुला है जिसने स्नातक की पढ़ाई पूरी कर ली है यानी बारहवीं के बाद तीन साल की डिग्री रखने वाला कोई भी व्यक्ति इस कोर्स में दाखिला ले सकता है चाहे वह किसी भी क्षेत्र से आया हो अगर कोई फील्ड बदलकर मार्केटिंग और ब्रांडिंग में करियर बनाना चाहता है तो यह प्रोग्राम उसके लिए खास तौर पर फायदेमंद हो सकता है.

पढ़ाई के दौरान क्या शर्तें होंगी

इस प्रोग्राम में अटेंडेंस का खास ख्याल रखा गया है और कहा गया है कि जिनकी उपस्थिति निर्धारित सीमा से कम होगी उन्हें पूरा सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा इसके साथ ही कैपस्टोन प्रोजेक्ट यानी मुख्य प्रोजेक्ट पूरा करना जरूरी है अगर कोई यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर पाता तो उसे केवल सहभागिता का सर्टिफिकेट मिलेगा हालांकि ज्यादातर विद्यार्थी इसे आसानी से पूरा कर लेते हैं क्योंकि यह प्रोजेक्ट व्यवहारिक और दिलचस्प बनाया गया है.

कितनी होगी फीस

इस कोर्स की कुल फीस एक लाख बीस हजार रुपये है और इसके ऊपर अठारह प्रतिशत जीएसटी भी लगेगा प्रोग्राम छह महीने का होगा और इसकी शुरुआत जनवरी दो हजार छब्बीस में की जाएगी इच्छुक उम्मीदवारों को निर्धारित तारीख से पहले आवेदन करना होगा सीटें सीमित हैं इसलिए पहले आओ पहले पाओ के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा.

किसके लिए फायदेमंद होगा यह कोर्स

अगर कोई व्यक्ति मार्केटिंग विज्ञापन सोशल मीडिया प्रमोशन ब्रांडिंग या किसी कंपनी के ब्रांड को संभालने वाले क्षेत्र में करियर बनाना चाहता है तो यह कोर्स उसके लिए काफी मददगार साबित हो सकता है आजकल हर छोटे और बड़े व्यवसाय में ब्रांड की पहचान बनाना बेहद जरूरी है ऐसे में यह प्रोग्राम लोगों को नए अवसर और बेहतर भविष्य दोनों दे सकता है.

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मैन रोड पर घुड़सवारी से धर्राटे काट रहा था शख्स, बाइक से टकराकर घोड़ा समेत गिरा- वीडियो वायरल

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घुड़ सवारी आमतौर पर खुले मैदान या फिर फार्म हाउस पर की जाती है. लेकिन कैसा हो कि कोई शख्स घोड़े पर बैठकर शहर की मैन सड़कों पर ही धर्राटे काटने लगे? ऐसा ही हुआ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में जहां एक शख्स काले घोड़े पर बैठकर खुद को बड़ा घुड़सवार समझने लगा, लेकिन उसके अगले ही पल जो हुआ वो इंटरनेट के इतिहास के पन्नों में कैद हो गया. वायरल वीडिये में ये शख्स घोड़े पर बैठकर शहर की सड़कों पर गर्दा उड़ा रहा है लेकिन इसका सबक भी उसे जल्द ही मिल गया.

घोड़े को लेकर शख्स ने शहर की सड़कों पर भरी रफ्तार

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स काले घोड़े पर बैठकर शहर की सड़कों पर ऐसे धर्राटे काट रहा है कि लोग उसे देखकर हैरान हैं. घोड़े को पूरी जान लगाकर दौड़ाते हुए शहर की सड़कों को खुला मैदान समझ बैठा है. वीडियो में दिख रहा है कि बगैर किसी कॉशन के और बगैर किसी ब्रेक के शख्स घोड़े को भगाते हुए जैसे ही एक दोराहे पर पहुंचता है वहां इसका सामना तेज रफ्तार बाइक से हो जाता है.


फिर बाइक से जा भिड़ा, हुआ खतरनाक एक्सीडेंट!

तेज रफ्तार में दौड़ती बाइक को से शख्स अपने घोड़े से पीछे की ओर से टक्कर मार देता है जिससे बाइक सवार तो बेचारे गिरते ही हैं साथ में घोड़ा भी अपना संतुलन खो बैठता है और सड़क पर घिसते हुए जाता है. वीडियो देखकर लग रहा है कि घोड़ा और घुड़ सवार दोनों बुरी तरह घायल हो गए होंगे. अब सोशल मीडिया पर लोग केवल एक ही सवाल कर रहे हैं कि भाई घोड़ा तो सही सलामत है न?

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यूजर्स ने पूछा घोड़े का हाल

वीडियो को mr_carsho नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई मुझे बस घोड़े की टेंशन हो रही है. एक और यूजर ने लिखा…घोड़े को पाला है तो उसे प्यार और इज्जत दो. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…घोड़े के साथ सही नहीं हुआ, वो ठीक तो है न.

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मेष राशि 2026 करियर में बड़े बदलाव! नौकरी और व्यापार में धन लाभ के मिलेंगे मौके, जानें कैसे?

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मेष राशि के जातकों के लिए साल 2026 नए मौके और चुनौतियों से भरा रहने वाला है, जो आपकी सहन शक्ति की परीक्षा लेगा. आमतौर पर मेष राशि के जातकों का स्वभाव ऊर्जावान, जोश और निडरता से भरा होता है. अपनी पसंद की चीजें इ्न्हें करना काफी पसंद है. आज के लेख में हम जानेंगे साल 2026 करियर के लिहाज से मेष राशि के जातकों के लिए कैसा रहने वाला है?

मेष राशि के जातकों के लिए साल 2026 नए मौके और चुनौतियों से भरा रहने वाला है, जो आपकी सहन शक्ति की परीक्षा लेगा. आमतौर पर मेष राशि के जातकों का स्वभाव ऊर्जावान, जोश और निडरता से भरा होता है. अपनी पसंद की चीजें इ्न्हें करना काफी पसंद है. आज के लेख में हम जानेंगे साल 2026 करियर के लिहाज से मेष राशि के जातकों के लिए कैसा रहने वाला है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साल 2026, करियर के लिहाज से स्थिर भरा रहने वाला है. शुरुआत के 6 महीने नौकरीपेशा लोगों को काम में देरी और मतभेद की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आगे के छमाही में चीजें बेहतर होते चली जाएंगी.कार्यक्षेत्र पर प्रमोशन पाने के भरपूर अवसर प्राप्त होंगे.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साल 2026, करियर के लिहाज से स्थिर भरा रहने वाला है. शुरुआत के 6 महीने नौकरीपेशा लोगों को काम में देरी और मतभेद की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आगे के छमाही में चीजें बेहतर होते चली जाएंगी.कार्यक्षेत्र पर प्रमोशन पाने के भरपूर अवसर प्राप्त होंगे.

व्यापार करने वाले जातकों के लिए वर्ष 2026 शुभ परिणामों से भरा रहने वाला है. बिजनेस को विस्तार करने के लिए नई प्लानिंग कर सकते हैं. सरकारी मदद के लिए बिना परेशानी के लोगों का साथ मिल सकता है. साझेदारी में व्यापार कर रहे लोगों को सूझ-बूझ के साथ काम करना चाहिए.

व्यापार करने वाले जातकों के लिए वर्ष 2026 शुभ परिणामों से भरा रहने वाला है. बिजनेस को विस्तार करने के लिए नई प्लानिंग कर सकते हैं. सरकारी मदद के लिए बिना परेशानी के लोगों का साथ मिल सकता है. साझेदारी में व्यापार कर रहे लोगों को सूझ-बूझ के साथ काम करना चाहिए.

साल 2026 का मार्च महीना मेष राशि के जातकों के लिए नए अवसर लेकर आएगा. इस दौरान सूर्य, मंगल और बुध आपकी कुंडली में लाभ भाव में विराजमान रहेंगे, जहां पहले से ही राहु स्थित है. ग्रहों के इस अद्भुत मिलन के कारण अचानक धन लाभ होने के साथ व्यापार और नौकरी में सफलता की प्रबल संभावना बन रही है.

साल 2026 का मार्च महीना मेष राशि के जातकों के लिए नए अवसर लेकर आएगा. इस दौरान सूर्य, मंगल और बुध आपकी कुंडली में लाभ भाव में विराजमान रहेंगे, जहां पहले से ही राहु स्थित है. ग्रहों के इस अद्भुत मिलन के कारण अचानक धन लाभ होने के साथ व्यापार और नौकरी में सफलता की प्रबल संभावना बन रही है.

मेष राशि वालों की कुंडली में राहु पूरे वर्ष ग्यारहवें भाव में रहने वाला है, जिससे धन और मान-सम्मान प्राप्त होगा. इस दौरान आपकी मेहनत से आपको धन लाभ कमाने का पर्याप्त मौका मिलेगा. निरंतर मेहनत और अच्छे कर्म करने के कारण राहु के प्रभाव से करियर में सफलता मिलती चली जाएगी.

मेष राशि वालों की कुंडली में राहु पूरे वर्ष ग्यारहवें भाव में रहने वाला है, जिससे धन और मान-सम्मान प्राप्त होगा. इस दौरान आपकी मेहनत से आपको धन लाभ कमाने का पर्याप्त मौका मिलेगा. निरंतर मेहनत और अच्छे कर्म करने के कारण राहु के प्रभाव से करियर में सफलता मिलती चली जाएगी.

साल का मध्य भाग यानी जून का महीना मेष राशि के जातकों के लिए शुभ परिणामों से भरा रहने वाला है. 2 जून, 2026 बृहस्पति आपकी राशि में चतुर्थ भाव में विराजमान करेंगे. शेयर मार्केट से लाभ कमाने का मौका भी मिलेगा. कुल मिलाकर साल 2026 मेष राशि के जातकों के लिए नए अवसरों से भरा रहने वाला है. मेहनत करें, सफलता मिलनी सुनिश्चित है. इसके अलावा किसी भी तरह के शॉर्ट कट से मिश्रित परिणामों की पूर्ति होगी.

साल का मध्य भाग यानी जून का महीना मेष राशि के जातकों के लिए शुभ परिणामों से भरा रहने वाला है. 2 जून, 2026 बृहस्पति आपकी राशि में चतुर्थ भाव में विराजमान करेंगे. शेयर मार्केट से लाभ कमाने का मौका भी मिलेगा. कुल मिलाकर साल 2026 मेष राशि के जातकों के लिए नए अवसरों से भरा रहने वाला है. मेहनत करें, सफलता मिलनी सुनिश्चित है. इसके अलावा किसी भी तरह के शॉर्ट कट से मिश्रित परिणामों की पूर्ति होगी.

Published at : 26 Nov 2025 03:30 PM (IST)

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