सेबी का बड़ा प्रस्ताव, निवेशकों के लिए दस्तावेज प्रक्रिया सरल बनाने की कही बात

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SEBI Proposal: सेबी ने प्रतिभूतियों की प्रतिलिपि जारी करने के लिए आवश्यक सरलीकृत दस्तावेज की मौद्रिक सीमा को मौजूदा पांच लाख रुपये से दोगुना करके 10 लाख रुपये करने का प्रस्ताव दिया है. इसका मकसद निवेशकों के लिए अनुपालन को आसान बनाना और दस्तावेजों में विसंगतियों को दूर करना है. 

सेबी का बयान 

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा, ‘‘दस्तावेजों के गैर-मानकीकरण और पंजीयक हस्तांतरण एजेंट (आरटीए) सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा अपनाए गए अलग-अलग तरीकों के कारण, निवेशकों को विभिन्न सूचीबद्ध कंपनियों के लिए अलग-अलग दस्तावेज तैयार करवाने में परेशानी होती है.’’

नियामक ने यह भी कहा कि सरलीकृत दस्तावेज का लाभ उठाने के लिए मौजूदा पांच लाख रुपये की सीमा कई साल पहले निर्धारित की गई थी. तब से, देश का प्रतिभूति बाजार पूंजीकरण, निवेशक भागीदारी और औसत निवेश आकार के मामले में काफी आगे बढ़ गया है.

सरलीकृत होंगे दस्तावेज

सरलीकृत दस्तावेज व्यवस्था के तहत, निवेशकों को एफआईआर, पुलिस शिकायत, अदालती आदेश या अखबारों में विज्ञापन की प्रतियां दाखिल करने से छूट दी गई है. इस पर गौर करते हुए सेबी ने कहा कि व्यक्तिगत प्रतिभूति होल्डिंग्स का मूल्य काफी बढ़ गया है. परिणामस्वरूप, पहले की सीमा को बनाए रखना अब वर्तमान बाजार की वास्तविकताओं के अनुरूप नहीं है और निवेशकों के लिए प्रक्रिया संबंधी बाधाएं पैदा करता है. 

सेबी ने अपने परामर्श पत्र में कहा, ‘‘उपरोक्त बातों को ध्यान में रखते हुए और निवेशकों को निवेश में आसानी और प्रक्रियात्मक सुविधा प्रदान करने के लिए, डुप्लिकेट यानी प्रतिलिपि प्रतिभूतियों के जारी करने के लिए सरलीकृत दस्तावेज व्यवस्था की सीमा पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है.’’ 

इस प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए, नियामक ने एक सामान्य हलफनामा-सह-क्षतिपूर्ति फॉर्म शुरू करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे प्रतिलिपि प्रतिभूतियां प्राप्त करने की लागत भी कम होगी. इसके अतिरिक्त, यह प्रस्ताव किया गया है कि निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण निधि प्राधिकरण द्वारा अपनाई गई गतिविधियों के अनुरूप, स्टाम्प शुल्क निवेशक के निवास राज्य के आधार पर लगाया जाए.

वर्तमान में, प्रतिलिपि प्रतिभूतियां जारी करने के लिए, निवेशकों को कई दस्तावेज देने की जरूरत होती है. इसमें प्रतिभूति और प्रमाणपत्र संख्या का विवरण देने वाली एफआईआर या पुलिस शिकायत की प्रतियां, समाचार पत्रों में विज्ञापन और गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर निष्पादित अलग-अलग हलफनामे और क्षतिपूर्ति बॉन्ड शामिल हैं.

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“आहिस्ता चला भाई” चीखता रह गया दोस्त, लड़के ने मिनी ट्रक में भिड़ा दी तेज रफ्तार बाइक- वीडियो वायरल

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सड़क पर जब जब गाड़ियां रफ्तार भरते हुए अनियंत्रित होती हैं तब तब भयानक हादसा होता है. सोशल मीडिया ऐसे कई सारे वीडियो से भरा पड़ा है जिनमें तेज रफ्तार ने कई लोगों की जान ले ली. लेकिन बावजूद इसके कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें तेज रफ्तार का सुलेमानी कीड़ा इतना जोर से काटता है कि उनसे रहा नहीं जाता. कुछ ऐसा ही हुआ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में. जहां लड़के ने जब बाइक को रफ्तार से दौड़ाया तो उसका बाइक पर काबू नहीं रहा और हो गया कांड.

काल बनकर दौड़ी बाइक, समझाता रहा दोस्त

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स बाइक को पूरी रफ्तार से दौड़ाता नजर आ रहा है. जैसे ही शख्स बाइक का एक्सीलेटर खींचता है तो पीछे बैठा उसका दोस्त डर में चीखकर बोलता है कि भाई आहिस्ता चला, हम लोगों ने हेलमेट भी नहीं पहना है. लेकिन बाइक राइडर को रफ्चतार के सुलेमानी कीड़े ने काटा हुआ होता है और वो एक्सीलेटर से हाथ हटाता ही नहीं है.


मिनी ट्रक में भिड़ी और हो गया खेल

इसके बाद भी दोस्त लगातार कहता है कि आहिस्ता चला आहिस्ता चला. लेकिन राइडर बाइक को लेकर ट्रैफिक में धर्राटे काटता हुआ और हवा को चीरता हुआ आगे बढ़ता है. जैसे ही आगे बाइक जाती है वैसे ही सामने वाले कट से एक मिनी ट्रक निकल कर आता है और बाइक उसी से भिड़ जाती है. इसके बाद तो मानों सब तहस नहस हो जाता है. कैमरा भी कहां उछलकर गिरता है किसी को कुछ मालूम नहीं और कुछ देर अंधेरे के बाद वीडिटो वहीं कट हो जाता है.

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यूजर्स ने यूं किया रिएक्ट

वीडियो को its_spiderpom_ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने मजे लेते हुए लिखा…भाई जिंदा बचा है तो मेरी कमेंट का रिप्लाई कर देना. एक और यूजर ने लिखा… भाई इसलिए कहते हैं कि रफ्तार और मौत एक दूसरे के समान होती है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…और लगा लो रेस.

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नौकरी नहीं छीनेगा AI, लेकिन आपकी अगली जॉब करेगा तय! चौंकाने वाला दावा हुआ वायरल

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Artificial Intelligence: आज के समय में सबसे बड़ी चिंता यही है कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानों की नौकरियां खत्म कर देगा. लोग डरते हैं कि मशीनें इंसानों की जगह ले लेंगी. OPPO की Find X9 सीरीज़ के लॉन्च के दौरान, कंपनी के हेड ऑफ प्रोडक्ट स्ट्रैटजी पीटर दोह्युंग ली और हेड ऑफ ब्रांड कम्युनिकेशन गोल्डी पात्राइक ने इसी सवाल का दिलचस्प जवाब दिया.

AI कोई खतरा नहीं बल्कि एक मज़बूत औजार

पीटर के मुताबिक, AI इंसान का विकल्प नहीं बल्कि एक शक्तिशाली टूल है जो किसी भी काम को आसान और तेज़ बना देता है. उनका कहना है कि जो लोग AI को सीख लेंगे, वे किसी भी क्षेत्र में खुद को बेहतर बना पाएंगे. चाहे आप फोटोग्राफर बनना चाहें, शेफ, डेवलपर या करियर बदलना चाहें AI आपका सबसे बड़ा सहायक बन सकता है. वे कहते हैं कि असली चुनौती AI से मुकाबला करना नहीं, बल्कि नई तकनीक को सीखने की गति है.

उनका साफ संदेश “जो सीखेंगे, वही आगे बढ़ेंगे. जो सीखने से बचेंगे, वे पीछे रह जाएंगे.” रोटी, कपड़ा, मकान…मोबाइल के बाद अब AI जीवन की जरूरत. गोल्डी पात्राइक ने AI की जरूरत को बिल्कुल आसान भाषा में समझाया. उन्होंने कहा कि जैसे मोबाइल हमारी बेसिक ज़रूरतों में शामिल हो चुका है, वैसे ही अब AI भी जीवन की पांचवीं आवश्यकता बन जाएगा.

उनके मुताबिक, AI एक परिवार के नए सदस्य जैसा है उसे अपनाइए, समझिए और इस्तेमाल कीजिए, तभी वह आपकी ताकत बनेगा. गोल्डी का मानना है कि AI इंसान को बदलेगा नहीं, बल्कि और ज्यादा स्मार्ट बनाएगा. भावनाओं को समझना अभी भी इंसानों का काम है, इसलिए AI और इंसान साथ मिलकर एक बेहतर टीम बन सकते हैं.

क्या है AI

AI असल में कंप्यूटर सिस्टम का एक ऐसा रूप है जो बहुत बड़े डाटा को तेजी से प्रोसेस कर के पैटर्न पहचानता है और उसी आधार पर फैसले लेता है. यह इंसानों की तरह सोच या महसूस नहीं कर सकता लेकिन ऐसे काम कर सकता है जिनके लिए सामान्य तौर पर इंसानी दिमाग की जरूरत होती है.

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चाची तो खिलाड़ी निकली, तेज रफ्तार ट्रेन से उसैन बोल्ट की तरह कूद पड़ी आंटी- यूजर्स रह गए हैरान

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सोशल मीडिया की दुनिया में कब कौन-सा वीडियो तूफान बनकर छा जाए, कोई कह नहीं सकता. कभी किसी नाचते हुए बच्चे का क्लिप वायरल हो जाता है, तो कभी किसी सड़क किनारे के कलाकार का हुनर दिल जीत लेता है. लेकिन इस बार जिस वीडियो ने इंटरनेट पर धूम मचा दी है, उसमें न तो कोई हाई-टेक स्टंट है और न ही कोई मशहूर चेहरा. बल्कि एक साधारण सी आंटी हैं, जो रोजमर्रा की जिंदगी में ट्रेन में चने बेचती हैं. लेकिन जैसे ही ट्रेन रुकने वाली होती है, वैसे ही फुर्तीले अंदाज में वो नीचे उतरती हैं कि देखने वाला भी दंग रह जाए. मानो किसी ओलंपिक रेस में उसैन बोल्ट को टक्कर देने निकली हों.

ट्रेन से उसैन बोल्ट के अंदाज में उतरी आंटी

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है. वीडियो में एक आंटी दिखाई दे रही हैं जो रोजमर्रा की तरह ट्रेन में चने बेचती हैं. लेकिन वायरल होने की वजह है उनका ट्रेन से उतरने का अंदाज. जैसे ही ट्रेन एक स्टेशन पर धीमी होती है, आंटी बिजली जैसी तेजी से डिब्बे के दरवाजे की ओर बढ़ती हैं और एक झटके में नीचे उतरकर ऐसी दौड़ लगाती हैं कि देखने वाले हैरान रह जाते हैं. वीडियो में लोग मजाक में कह रहे हैं कि “दौड़ने की रेस हो तो ये आंटी सीधा गोल्ड मेडल लेकर लौटेंगी.”

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यूजर्स रह गए हैरान

वीडियो को @gharkekalesh नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…ये तो उसैन बोल्ट की चाची है. एक और यूजर ने लिखा…भारत नौसिखिया लोगों के लिए नहीं है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…चाची को औलंपिक भेजो भाई.

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Activa सबसे आगे, पर Jupiter, Chetak और iQube की तेज रफ्तार ने बढ़ाई टक्कर, जानें टॉप 10 स्कूटर्

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भारतीय टू-व्हीलर बाजार में स्कूटर हमेशा से बेहद पॉपुलर रहे हैं. बिना क्लच और गियर के आसानी से चलने वाले इन स्कूटर्स को युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी पसंद करते हैं. अक्टूबर 2025 की सेल्स रिपोर्ट सामने आ चुकी है और इस बार भी स्कूटर मार्केट में जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला. आइए देखते हैं किस स्कूटर की कितनी बिक्री हुई और कौन-सा मॉडल जनता की पहली पसंद रहै है.

Activa और Jupiter का दबदबा

  • होंडा एक्टिवा ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा और अक्टूबर 2025 में सबसे ज्यादा बिकने वाला स्कूटर साबित हुआ. इस महीने 3,26,551 यूनिट्स बिकीं, जो पिछले साल के मुकाबले 22.39% बढ़त है. कुल स्कूटर बिक्री में इसकी हिस्सेदारी 44.29% रही. दूसरे नंबर पर TVS Jupiter रहा, जिसकी 1,18,888 यूनिट्स की बिक्री हुई. यह पिछले साल की तुलना में 8.37% अधिक है और मार्केट शेयर 16.13% रहा.

Access की सेल्स घटी

  • Suzuki Access तीसरे नंबर पर तो रहा, लेकिन इसकी बिक्री में गिरावट आई. इसकी अक्टूबर 2025 में 70,327 यूनिट्स बिकीं, जबकि पिछले साल 74,813 यूनिट्स बिकी थीं. यानी 6% की गिरावट. वहीं TVS Ntorq ने अच्छी परफॉर्मेंस दी और 41,718 यूनिट्स की बिक्री के साथ चौथे स्थान पर रहा. इसकी बिक्री में 4.13% का इजाफा हुआ. Honda Dio ने भी तेजी दिखाई और 36,340 यूनिट्स बिकने के साथ पांचवा स्थान हासिल किया. इसकी बिक्री 9.53% बढ़ी.

Chetak और iQube

  • बजाज चेतक की सेल्स अक्टूबर में काफी मजबूत रही. इसकी 34,900 यूनिट्स बिकीं, जो पिछले साल के मुकाबले 13.89% बढ़ाई. वहीं, TVS iQube भी पीछे नहीं रहा और इसकी 31,989 यूनिट्स बिकीं. यह 10.60% की बढ़त को दिखाता है. EV सेगमेंट में दोनों स्कूटर्स ने जोरदार पकड़ बनाई.

Burgman, Destini 125 और RayZR की शानदार बढ़त

  • Suzuki Burgman ने 27,058 यूनिट्स की बिक्री के साथ आठवां स्थान हासिल किया और इसकी बिक्री में 32.13% की बड़ी बढ़त देखने को मिली. नौवें नंबर पर Hero Destini 125 रहा, जिसकी सेल्स 83.93% की रिकॉर्ड बढ़त के साथ 26,754 यूनिट्स तक पहुंच गई. Yamaha RayZR ने भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए 22,738 यूनिट्स बेचीं और पिछले साल की तुलना में 23.23% ग्रोथ हासिल की.

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रेलवे ग्रुप-डी भर्ती परीक्षा कल से होगी शुरू, जान लें जरूरी नियम और दिशा-निर्देश

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ऐसे में जिन उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा में बैठने से पहले सभी निर्देशों और नियमों को ध्यान से पढ़ लें ताकि परीक्षा में किसी प्रकार की परेशानी न हो.

ऐसे में जिन उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा में बैठने से पहले सभी निर्देशों और नियमों को ध्यान से पढ़ लें ताकि परीक्षा में किसी प्रकार की परेशानी न हो.

परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों को अपने आधार कार्ड को साथ लाना अनिवार्य है. यह बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए जरूरी है और UIDAI सिस्टम में सक्रिय होना चाहिए. इसके अलावा परीक्षा में शामिल होने के लिए ई-प्रवेश पत्र यानी एडमिट कार्ड भी जरूरी है. उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड पर दिए गए रिपोर्टिंग समय पर परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा.

परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों को अपने आधार कार्ड को साथ लाना अनिवार्य है. यह बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए जरूरी है और UIDAI सिस्टम में सक्रिय होना चाहिए. इसके अलावा परीक्षा में शामिल होने के लिए ई-प्रवेश पत्र यानी एडमिट कार्ड भी जरूरी है. उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड पर दिए गए रिपोर्टिंग समय पर परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा.

परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का उपयोग सख्त वर्जित है. इसमें मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, पेन ड्राइव, लैपटॉप, कैलकुलेटर, कलाई घड़ी, धातु की वस्तुएं जैसे आभूषण, बेल्ट, जूते, पर्स और पेन-पेंसिल भी शामिल हैं. यदि कोई अभ्यर्थी इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसे सभी आरआरबी और आरआरसी परीक्षाओं से आजीवन वंचित किया जा सकता है.

परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का उपयोग सख्त वर्जित है. इसमें मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, पेन ड्राइव, लैपटॉप, कैलकुलेटर, कलाई घड़ी, धातु की वस्तुएं जैसे आभूषण, बेल्ट, जूते, पर्स और पेन-पेंसिल भी शामिल हैं. यदि कोई अभ्यर्थी इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसे सभी आरआरबी और आरआरसी परीक्षाओं से आजीवन वंचित किया जा सकता है.

परीक्षा पैटर्न की बात करें तो ग्रुप-डी सीबीटी परीक्षा कुल 90 मिनट की होगी और इसमें 100 प्रश्न पूछे जाएंगे. हर सही उत्तर के लिए एक अंक मिलेगा, जबकि हर गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक घटाए जाएंगे.

परीक्षा पैटर्न की बात करें तो ग्रुप-डी सीबीटी परीक्षा कुल 90 मिनट की होगी और इसमें 100 प्रश्न पूछे जाएंगे. हर सही उत्तर के लिए एक अंक मिलेगा, जबकि हर गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक घटाए जाएंगे.

न्यूनतम योग्यता अंकों के अनुसार अनारक्षित (UR) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 40 प्रतिशत अंक, ओबीसी (Non-Creamy Layer) के लिए 30 प्रतिशत और एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए 30 प्रतिशत अंक आवश्यक होंगे.

न्यूनतम योग्यता अंकों के अनुसार अनारक्षित (UR) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 40 प्रतिशत अंक, ओबीसी (Non-Creamy Layer) के लिए 30 प्रतिशत और एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए 30 प्रतिशत अंक आवश्यक होंगे.

परीक्षा में उम्मीदवारों की उपयुक्तता को परखने के लिए विषयों का चयन किया गया है. इसमें गणित, सामान्य बुद्धि और तर्क, सामान्य विज्ञान, सामान्य जागरूकता और समसामयिक मामलों के प्रश्न शामिल होंगे. ग्रुप-डी भर्ती ट्रैक मेंटेनर ग्रेड-IV, सहायक पॉइंट्समैन, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिग्नल और दूरसंचार जैसे विभिन्न तकनीकी विभागों के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा.

परीक्षा में उम्मीदवारों की उपयुक्तता को परखने के लिए विषयों का चयन किया गया है. इसमें गणित, सामान्य बुद्धि और तर्क, सामान्य विज्ञान, सामान्य जागरूकता और समसामयिक मामलों के प्रश्न शामिल होंगे. ग्रुप-डी भर्ती ट्रैक मेंटेनर ग्रेड-IV, सहायक पॉइंट्समैन, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिग्नल और दूरसंचार जैसे विभिन्न तकनीकी विभागों के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा.

Published at : 26 Nov 2025 05:48 PM (IST)

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कैंसर के इलाज में बड़ी छलांग, भारत में बना AI अब बताएगा ट्यूमर का असली खेल

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कैंसर के इलाज को ज्यादा पर्सनलाइज्ड बनाने की दिशा में भारतीय वैज्ञानिकों ने बड़ी सफलता हासिल की है. भारत में एक नई रिसर्च में ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फ्रेमवर्क डिवेलप किया गया है, जो कैंसर की कोशिकाओं के भीतर होने वाली जटिल गतिविधियों को पढ़कर बता सकता है कि ट्यूमर किस वजह से बढ़ रहा है और मरीज के शरीर में कौन-सी खतरनाक प्रक्रियाएं एक्टिव हैं?

कैंसर को समझने का पुराना तरीका अब काफी नहीं!

अब तक डॉक्टर कैंसर का मूल्यांकन उसके आकार, फैलाव और स्टेज के आधार पर करते रहे हैं, लेकिन एक ही स्टेज वाले दो मरीजों का रिजल्ट कई बार अलग निकलता है, क्योंकि ट्यूमर के भीतर चलने वाली मॉलिक्यूलर प्रक्रियाओं को ये स्टेजिंग सिस्टम पहचान नहीं पाते. नई AI तकनीक इसी कमी को पूरा करती है. यह कैंसर को उसकी ‘मॉलिक्यूलर पर्सनैलिटी’ के आधार पर समझती है, न कि सिर्फ उसके आकार या फैलाव से.

कैंसर के सिग्नल्स को पढ़ने वाला पहला AI फ्रेमवर्क

SN Bose National Centre for Basic Sciences और Ashoka University की टीम ने मिलकर OncoMark नाम का AI फ्रेमवर्क बनाया है. यह पहली ऐसी तकनीक है, जो कैंसर के हॉलमार्क्स जैसे मेटास्टेसिस, इम्यून सिस्टम से बच निकलना, जीन अस्थिरता और थैरेपी रेसिस्टेंस को सटीक रूप से पहचान सकती है. इस रिसर्च टीम का नेतृत्व डॉ. शुभाशिस हलदार और डॉ. देबयान गुप्ता ने किया.

14 तरह के कैंसर पर की गई रिसर्च

शोधकर्ताओं ने 14 प्रकार के कैंसर से ली गई 31 लाख कोशिकाओं का डेटा AI में डाला. AI ने इन पर काम करके ‘प्सूडो-बायोप्सी’ तैयार कीं, जिनसे यह समझ आया कि कौन-सा ट्यूमर किन बायोलॉजिकल प्रक्रियाओं से संचालित हो रहा है. यह पहली बार है, जब वैज्ञानिक मॉलिक्यूलर लेवल पर देख पाए हैं कि कैंसर स्टेज बढ़ने के साथ हॉलमार्क एक्टिविटीज कैसे बढ़ती जाती हैं.

कैसा रहा रिजल्ट?

OncoMark ने इंटरनल टेस्टिंग में 99% से ज्यादा सटीकता हासिल की. 5 स्वतंत्र समूहों में भी इसकी सटीकता 96% से ऊपर रही. 20,000 असली मरीजों के नमूनों पर वैलिडेशन के बाद शोधकर्ताओं ने इसे व्यापक रूप से उपयोग योग्य बताया है.

नई तकनीक से होंगे ये फायदे

  • पता चलेगा कि मरीज में कौन-सा हॉलमार्क सक्रिय है. इससे कैंसर की असली वजह पर सीधे निशाना साधने वाली दवा या थैरेपी चुनी जा सकेगी.
  • ऐसे ट्यूमर की पहचान होगी, जो दिखने में कम खतरनाक लेकिन अंदर से तेजी से बढ़ रहे हों. ऐसे मामलों में पहले से इंटरवेशन करके मरीज की जान बचाई जा सकती है.

क्या होगा फायदा?

विशेषज्ञों की मानें तो यह सिस्टम उन मरीजों की भी मदद करेगा, जिनका कैंसर पारंपरिक स्टेजिंग सिस्टम में हल्का दिखता है, लेकिन असल में कहीं ज्यादा आक्रामक होता है. यह रिसर्च Communications Biology (Nature Publishing Group) में प्रकाशित हुई है. भारत की इस उपलब्धि को कैंसर रिसर्च में बड़ा कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में टार्गेटेड थैरेपी और पर्सनलाइज़्ड मेडिसिन को नई दिशा दे सकता है.

इसे भी पढ़ें: डॉक्टर के सामने अचानक क्यों बढ़ जाता है मरीज या सही सलामत इंसान का ब्लड प्रेशर? जान लें वजह

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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Video: प्रेमानंद महाराज को ऊपर से दिया प्रसाद, माला भी दूर से पहनाई, मंदिर के पंडित जी का वीडिय

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Premananda Maharaj Viral Video: उत्तर प्रदेश के वृंदावन के जाने माने संत प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह वृंदावन के किसी मंदिर में मौजूद दिखाई दे रहे हैं, मंदिर के गर्भगृह से पंडित ने प्रेमानंद महाराज को ऊपर से प्रसाद दिया. यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और साथ ही लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है.

हाथ जोड़े खड़े नजर आ रहे हैं प्रेमानंद

वीडियो में देखा जा सकता है कि मंदिर में राधा-कृष्णा की सुंदर प्रतिमा दिखाई दे रही है, वहीं पास में प्रेमानंद महाराज हाथ जोड़े खड़े नजर आ रहे हैं. इस दौरान मंदिर के पंडित प्रेमानंद महाराज को गर्भगृह के अंदर से प्रसाद लाकर देते हैं, लेकिन वह प्रसाद प्रेमानंद महाराज को ऊपर से पकड़वाते हैं और फिर उसके बाद पंडित प्रेमानंद महाराज को माला भी बहुत दूर से फेंकते हुए पहनाते हैं.

अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर इस कदर वायरल होने लगा कि लोगों के बीच बहस छिड़ गई. कुछ लोगों ने मंदिर के पंडित के व्यवहार पर आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह फेंकते हुए माला पहनाना और दूर से प्रसाद देना गलत है, लेकिन इसके पीछे कुछ ओर ही कारण है.

पंडित जी ने प्रेमानंज महाराज के साथ ऐसा क्यों किया?

कई लोग सोच रहे होंगे कि मंदिर के पंडित जी ने ऐसा क्यों किया. मंदिर के कुछ नियम है, जैसे कोई भी बाहरी व्यक्ति गर्भगृह के अंदर नहीं जा सकता है और न ही नीचे बैठ सकता है. यह मर्यादा सिर्फ पवित्रता बनाए रखने के लिए है. गर्भगृह के अंदर बैठे पंडित को बाहर से आए किसी भी व्यक्ति को छूना मना होता है, जिसके चलते मंदिर के पंडित ने प्रेमानंद महाराज को भी दूर से प्रसाद दिया. वृन्दावन के कई मंदिरों में यहीं परंपरा है.


हॉन्ग कॉन्ग कई इमारतों में आग का तांडव, अब तक 13 लोगों की मौत; कइयों के फंसे होने की आशंका

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हॉन्ग कॉन्ग के ताई पो स्थित कुछ बहुमंजिला इमारतों में बुधवार (26 नवंबर, 2025) दोपहर आग लग गई. स्थानीय मीडिया ने फायर सर्विसेज डिपार्टमेंट (एफएसडी) के हवाले से बताया है कि, भीषण आग में कई लोग फंसे हुए हैं. मौके पर दमकल की कई गाड़ियां आग बुझाने की कोशिश में जुटी हुई हैं. आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से देखी जा सकती हैं. 

मरने वालों में एक फायरफाइटर भी शामिल
हॉन्ग कॉन्ग के अधिकारियोंं के हवाले से बीबीसी की एक रिपोर्ट में बताया गया कि इस घटना में जान गंवाने वालों की संख्या 4 से बढ़कर 13 हो गई है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि हादसे में 28 लोग घायल हैं और मरने वालों में एक फायरफाइटर भी शामिल है. अग्निशमन विभाग ने बताया कि उस फायरफाइटर से संपर्क स्थानीय समयानुसार करीब साढ़े तीन बजे टूट गया था. बाद में चार बजे जब वह मिले तो तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी
घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में धुएं का घना गुबार, तेज लपटें, आग बुझाने की कोशिश में जुटे फायरफाइटर्स और अफरा-तफरी में भागते लोग साफ नजर आ रहे हैं. एफएसडी ने कहा कि उन्हें बुधवार दोपहर 2.51बजे आग लगने की रिपोर्ट मिली और उन्होंने दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब आग को नंबर 4 अलार्म फायर (हॉन्ग कॉन्ग में दूसरा सबसे बड़ा अलार्म) बताया. आग बुझाने का ऑपरेशन चल रहा है.

शहर के ताई पो में आठ ब्लॉक वाले हाउसिंग कॉम्प्लेक्स वांग फुक कोर्ट में फायरफाइटर्स की टीमें आग बुझाने की कोशिश कर रही हैं. लाइव फुटेज में तीन इमारतों से धुएं का गुबार निकलता देखा जा सकता है. पब्लिक ब्रॉडकास्टर आरटीएचके ने पुलिस के हवाले से कहा है कि कई लोग अंदर फंसे हुए हैं. शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कहा था कि आठ लोग घायल हुए थे इनमें से तीन बेहोश हैं.

कैसे फैली आग?
हॉन्ग कॉन्ग की मीडिया ने कहा कि कुछ लोग बुरी तरह जल गए हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के ताई पो जिले में कॉम्प्लेक्स के बाहर बांस की मचान पर आग फैल गई. ताई पो, हॉन्ग कॉन्ग के उत्तरी हिस्से का एक इलाका है और ये मुख्य चीनी शहर शेनझेन के बॉर्डर के पास है. आग की भयावहता को देखते हुए यातायात विभाग ने ताई पो हाईवे का पूरा हिस्सा बंद कर दिया है और बसों का रास्ता बदला जा रहा है.

(आईएएनएस इनपुट्स के साथ)

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श्रीलंकाई कप्तान पर एक्शन? पाकिस्तान में ट्राई सीरीज से हटने की वजह छिनेगी कप्तानी? जानें

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पिछले कई दिनों से श्रीलंका के कप्तान चरिथ असालंका पर एक्शन की खबरें चर्चा में हैं. कई रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान में ट्राई सीरीज हटने की वजह से उन पर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड एक्शन ले सकता है और उनकी कप्तानी छिन सकती है. इस बीच श्रीलंका क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर उपुल थरंगा ने सबकुछ साफ कर दिया है. 

उपुल थरंगा के मुताबिक, चरिथ असालंका के खराब प्रदर्शन और पाकिस्तान में जारी ट्राई-सीरीज से उनके जल्दी हटने के बावजूद ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है, जिससे उनके भविष्य को लेकर अफवाहें उड़ रही हैं. थरंगा ने बताया कि बीते हफ्ते पाकिस्तान से ट्राई सीरीज के बीच असालंका के वापस लौटने के बाद नए कप्तान को लेकर चर्चा शुरू नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि श्रीलंका के पूर्व व्हाइट-बॉल कप्तान दासुन शनाका को दौरे का उपकप्तान जानबूझकर नियुक्त किया गया था, ताकि टीम को एक और विकल्प मिल सके. 

उपुल थरंगा ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो से बातचीत में कहा, “हमें इस सीरीज के बाद अपने सबसे अच्छे विकल्प पर सोचना होगा. वर्ल्ड कप इतना करीब होने के कारण हम बहुत बड़े बदलाव नहीं कर सकते हैं. सेलेक्टर्स को कोच से बात करने के बाद यह फैसला करना होगा कि टीम के लिए सबसे अच्छा क्या है.”

उन्होंने आगे कहा, “चरिथ एक बहुत टैलेंटेड क्रिकेटर हैं, जिनके पास काफी अनुभव है. मुझे यकीन है कि वह टी20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी होंगे. हमने देखा है कि वह मिडिल ऑर्डर में क्या कर सकते है, जहां कभी-कभी उन्होंने अकेले ही मैच जिताए हैं. वह हमारे वर्ल्ड कप प्लान में हैं.”

चीफ सिलेक्टर ने आगे कहा, “चरिथ अभी भी हमारे कप्तान हैं. चरिथ की बीमारी की वजह से हमने दासुन को अपना स्टैंड-इन कैप्टन बनाया है. चरिथ अभी भी हमारे प्लान में कैप्टन हैं. हमने उन्हें बदलने का कोई फैसला नहीं किया है. हमने शुरू से ही इस वर्ल्ड कप में चरिथ को कप्तान बनाने का प्लान बनाया है. देखते हैं आगे क्या होता है. हमने अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं किया है. चरिथ टी20 में रन नहीं बना पाए हैं और बदकिस्मती से बीमारी की वजह से उन्हें घर लौटना पड़ा.”

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