RBI के इस गोल्ड बॉन्ड ने किया करोड़ों का फायदा, जानें क्या होता है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड

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Sovereign Gold Bond: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2017-18 सीरीज-VII में निवेश करने वाले निवेशकों को तगड़ा मुनाफा हुआ था. यह बॉन्ड 13 नवंबर, 2025 को मैच्योर हुई थी. मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, निवेशकों को इस बॉन्ड पर करीब 321 प्रतिशत का शानदार रिटर्न मिला था.

फाइनल रिडेम्पशन प्राइस की घोषणा के अनुसार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने 12,350 रुपये प्रति ग्राम फाइनल रिडेम्पशन प्राइस तय की थी.  निवेशकों ने करीब  2,934 रुपये प्रति ग्राम पर निवेश किया था. 

क्या होता है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड ?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी किया जाने वाला एक निवेश प्रमाणपत्र हैं. इसके तहत सोने में फिजिकली निवेश नहीं करना होता. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में आप सोना सरकार के द्वारा प्रमाणपत्र के माध्यम से खरीदते हैं. जिससे यह एक सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प बन जाता है.

बाजार की उछाल के साथ आपके सोने की कीमत भी बढ़ती रहती है. इसलिए निवेशक इसे स्थिर और लाभदायक निवेश के तौर पर देखते हैं. साथ ही भारत सरकार से मान्यता मिली होने के कारण इसकी विश्वसनीयता और सुरक्षा कई गुना बढ़ जाती है.

निवेश पर मिलने वाले अतिरिक्त ब्याज के कारण निवेशक फिजिकल गोल्ड की जगह पर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर अपना भरोसा जताते है. फिजिकल गोल्ड निवेश पर आपको ब्याज नहीं मिलता है. आरबीआई के द्वारा नियमित अंतराल पर ब्याज राशि निवेशकों को दी जाती हैं. 

लॉक इन अविध और ब्याज दर
 
गोल्ड बॉन्ड निवेश की लॉक इन अवधि 8 साल की होती है. हालांकि, आप 5 साल बाद जल्दी रिटर्न विकल्प का चयन कर सकते हैं, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में ही. साथ ही निश्चित ब्याज दर मिलने के कारण बहुत से निवेशक गोल्ड बॉन्ड में निवेश करना पसंद नहीं करते हैं. साथ ही सोने की कीमत बाजार पर भी निर्भर करती है. जिससे इसमें उतार-चढ़ाव आने की उम्मीद बनी रहती है. 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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