टाटा का स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड लॉन्च, जानें कितने से कर सकते हैं शुरुआत

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Tata Asset Management: टाटा एसेट मैनेजमेंट की ओर से टाइटेनियम स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) की शुरुआत की गई है. जिसे टाटा म्यूचुअल फंड के तहत बाजार में लाया गया है. एसआईएफ एक हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट निवेश प्लान हैं. जिसके तहत इक्विटी, डेब्ट और डेरिवेटिव एक्सपोजर्स में निवेश किया जाता है.

एसआईएफ में निवेशकों को बेहतर रिस्क एडजेस्टड रिटर्न देने की कोशिश की जाती हैं. निवेशक अभी इस पर दांव लगा सकते हैं. यह निवेश के लिए 8 दिसंबर तक खुला रहेगा. इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, यह फंड उच्च जोखिम उठाने वाले निवेशकों के लिए है. निवेशकों को कम से कम 10 लाख रुपए निवेश करना होगा. 

निवेशकों को बाजार मुताबिक मिलता हैं लाभ

टाइटेनियम स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड लॉन्ग और शॉर्ट पोजिशन्स को मैनेज करता है. फंड बढ़ते और गिरते दोनों तरह के शेयरों का इस्तेमाल लाभ कमाने के लिए करता है. साथ ही वोलेटाइल मार्केट की जोखिम को कम करता है. फंड इक्विटी डेरिवेटिव्स का यूज करके अपनी राय बनाता है.

आनंद वर्दराजन ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि, फंड करीब 65 फीसदी समय ऊपर जाता है और 35 प्रतिशत समय नीचे रहता है. निवेशक बाजार में उछाल का इंतजार करते हैं, पर एसआईएफ निवेशकों को गिरते बाजार से भी लाभ कमाने का अवसर देती हैं.  

फंड मॉडल और इसका प्लान

टाइटेनियम स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट श्रेणी के अंतर्गत आता है. इस निवेश में कम से कम 25 फीसदी इक्विटी और डेब्ट अलोकेशन और ज्यादा से ज्यादा 25 फीसदी अनहेज्ड शॉर्ट एक्सपोजर को रखा जाता है.

ऐसा करने के कारण यह फंड लॉन्ग पोजिशन्स के माध्यम से मार्केट के उभरते रुझानों में हिस्सा लेता हैं, वहीं आर्बिट्रेज  योजना रिस्क को कम करता है. साथ ही यह फंड REITs और InvITs में भी निवेश करता है. 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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अब पकड़ में आएंगे फेक फोटो! Gemini की मदद से 1 सेकंड में हो जाएगी पहचान

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Google Gemini AI Photo: इंटरनेट पर स्क्रॉल करते हुए अब अक्सर यह सवाल उठने लगता है कि जो तस्वीर हम देख रहे हैं वह असली है या किसी AI टूल से बनाई गई है. दोस्त द्वारा भेजी गई कोई फोटो हो सोशल मीडिया पोस्ट हो या फिर ऑनलाइन दिखने वाली कोई रैंडम इमेज संदेह होना आम हो गया है. पहले AI इमेज में गड़बड़ियां आसानी से दिख जाती थीं लेकिन अब तस्वीरें इतनी रियलिस्टिक हो चुकी हैं कि असली-नकली में फर्क करना मुश्किल होता जा रहा है. इसी समस्या का हल अब Google ने खुद देना शुरू किया है.

Gemini में आया इन-बिल्ट इमेज वेरिफिकेशन फीचर

Google ने पुष्टि की है कि उसके Gemini ऐप में अब एक नया इमेज वेरिफिकेशन टूल मौजूद है जो यह बता सकता है कि कोई तस्वीर Google के AI मॉडल से बनी है या नहीं. कंपनी ने यह फीचर अपने नए Gemini 3-पावर्ड Nano Banana Pro मॉडल के साथ पेश किया है ताकि यूज़र्स आसानी से AI-जनरेटेड कंटेंट की पहचान कर सकें.

यह पूरा सिस्टम Google की SynthID तकनीक पर काम करता है एक डिजिटल वॉटरमार्किंग टेक्नोलॉजी जो Google के AI टूल से बनाई गई तस्वीरों में अदृश्य मार्कर जोड़ देती है. ये मार्कर तस्वीर को बदलते नहीं, न ही आंखों से दिखाई देते हैं लेकिन Gemini इन्हें स्कैन करके बता सकता है कि इमेज Google AI से बनी है या नहीं.

इस फीचर की एक सीमा भी है Gemini सिर्फ उन्हीं तस्वीरों को पहचान सकता है जिन पर Google के SynthID वॉटरमार्क मौजूद हों. यानी अगर इमेज किसी दूसरे AI मॉडल से बनाई गई है तो Gemini उसे ट्रैक नहीं कर पाएगा. बावजूद इसके, यह फीचर बेहद उपयोगी है क्योंकि 2023 से अब तक Google 20 अरब से ज्यादा AI-जनरेटेड तस्वीरों पर SynthID लगा चुका है.

कैसे करें किसी भी इमेज की जांच?

यूजर इसका इस्तेमाल बहुत आसानी से कर सकते हैं. जिस इमेज पर संदेह हो, उसे Gemini में अपलोड करें और पूछें “क्या यह Google AI से बनी है?” “क्या यह फोटो AI-generated है?” Gemini इमेज के अंदर मौजूद SynthID मार्कर को ढूंढकर साफ और सटीक जवाब देता है.

क्यों जरूरी है यह फीचर?

जैसे-जैसे AI इमेज का प्रसार बढ़ रहा है असली और नकली कंटेंट की पहचान करना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है. Google का नया टूल भले ही हर प्लेटफॉर्म की तस्वीरें न पहचान पाए लेकिन यह एक ऐसा भरोसेमंद सुरक्षा फीचर है जिसे देखकर यूज़र इंटरनेट पर दिखने वाली विजुअल जानकारी का बेहतर मूल्यांकन कर पाएंगे.

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हीरो होंडा गाने पर हरियाणनी भाभी ने किया जोरदार डांस! ठुमकों से दहल उठा इंटरनेट- वीडियो वायरल

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सोशल मीडिया पर हर दिन कोई न कोई वीडियो वायरल होता है, लेकिन इस बार जिस क्लिप ने इंटरनेट पर आग लगा दी है, उसमें एक हरियाणवी भाभी अपने देसी ठाठ में धमाकेदार डांस करती हुई नजर आ रही हैं. लाल और पीले रंग के खूबसूरत लहंगे में सजी भाभी जैसे ही मशहूर हीरो होंडा गाने पर थिरकना शुरू करती हैं, वहां मौजूद पूरा माहौल तालियों और शोर से भर जाता है. भाभी की स्माइल, एक्सप्रेशन और ग्रेसफुल मूव्स देखकर भीड़ भी मंत्रमुग्ध रह जाती है.

हरियाणवी गाने पर देसी भाभी के डांस ने उड़ाया गर्दा

वीडियो में दिखाई देता है कि गांव की महिलाएं और युवतियां भाभी को घेरकर उनके डांस का मजा ले रही हैं. पीछे खड़ी महिलाएं कभी मुस्कुरा रही हैं, तो कभी ताली बजाते हुए भाभी को और जोश से नाचने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं. भाभी भी पूरे आत्मविश्वास के साथ स्टेप्स करती दिख रही हैं और उनका डांस इतना एनर्जेटिक है कि देखने वालों के पैरों में खुद-ब-खुद थिरकन शुरू हो जाती है.

देसी स्टाइल और लहंगे के कायल हुए लोग

वीडियो को खास बनाने वाली बात है भाभी का आत्मविश्वास और उनका देसी अंदाज. ना कोई भारी-भरकम स्टेज, ना कोई लाइटिंग… बस गांव की चौपाल जैसा माहौल, आस-पास बैठी महिलाएं और बीच में भाभी का जबरदस्त डांस. यही सादगी और देसीपन इस वीडियो को लोगों से जोड़ देता है. भाभी के मूव्स बिल्कुल फिल्मी स्टाइल में होते हैं और उनका हर स्टेप गाने की बीट के साथ मेल खाता है.

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यूजर्स ने बांधे तारीफों के पुल

सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया है. लोग कमेंट सेक्शन में जमकर तारीफ कर रहे हैं. किसी ने लिखा, “हरियाणवी भाभी ने तो आज दिल जीत लिया.” वहीं एक यूजर ने मजाक में कहा, “हीरो होंडा गाना + देसी भाभी = इंटरनेट का नया धमाका.” कई लोग इस वीडियो को बार-बार देखकर शेयर कर रहे हैं और इसके व्यूज़ लगातार बढ़ते जा रहे हैं. वीडियो को @alfaaj_adhure नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है.

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इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ओवर में 6 छक्के लगाने वाले 5 बल्लेबाज कौन, यहां देखिए फुल लिस्ट

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Batsmen Who Hit 6 Sixes In An Over In International Cricket: इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत 148 साल पहले यानी 1877 में हुई थी. इतना पुराना क्रिकेट का इतिहास होने के बावजूद इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ओवर में 6 छक्के लगाने का कारनामा अब तक सिर्फ पांच बल्लेबाजों ने किया है, जिसमें पूर्व भारतीय स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह का भी नाम शामिल हैं. युवराज के अलावा, हर्शल गिब्स, कीरोन पोलार्ड, जसकरण मल्होत्रा और दीपेंद्र सिंह ऐरी ने भी ये  उपलब्धि हासिल की है. सबसे पहले ये कारनामा वनडे क्रिकेट में हुआ था. जब साउथ अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज हर्शल गिब्स ने 6 गेंदों पर 6 छक्के जड़ दिया था.

इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ओवर में 6 छक्के लगाने वाले 5 बल्लेबाज

1. हर्शल गिब्स (दक्षिण अफ्रीका)

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व ओपनर हर्शल गिब्स इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ओवर में 6 छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं. गिब्स ने साल 2007 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान नीदरलैंड के खिलाफ डान वैन बुंगे की गेंद पर एक ओवर में 6 छक्के जड़े थे.

2. युवराज सिंह (भारत) 

टी20 इंटरनेशनल के इतिहास में पूर्व भारतीय स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने वाले पहले और इंटरनेशनल क्रिकेट में दूसरे बल्लेबाज हैं. युवराज ने साल 2007 में टी20 वर्ल्ड कप के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ स्टूअर्ट ब्रॉड की गेंद पर एक ओवर में 6 छक्के लगाए थे.

3. कीरोन पोलार्ड (वेस्टइंडीज)

वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान कीरोन पोलार्ड टी20 इंटरनेशनल के इतिहास में 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने वाले दूसरे और इंटरनेशनल क्रिकेट में तीसरे बल्लेबाज हैं. पोलार्ड ने साल 2021 में श्रीलंका के खिलाफ टी20 मैच में स्पिनर अकिला धनंजया की गेंद पर एक ओवर में 6 गेंदों पर 6 छक्के जड़ दिया था.

4. जसकरण मल्होत्रा (अमेरिका)

अमेरिका के बल्लेबाज जसकरण मल्होत्रा इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ओवर में 6 छक्के लगाने वाले चौथे और वनडे क्रिकेट में दूसरे बल्लेबाज हैं. जसकरण ने साल 2021 में पीएनजी के खिलाफ एक वनडे मैच के दौरान गौड़ी टौका की गेंद पर एक ओवर में 6 छक्के लगाए थे.

5. दीपेंद्र सिंह ऐरी (नेपाल) 

टी20 इंटरनेशनल के इतिहास में नेपाल के बल्लेबाज दीपेंद्र सिंह ऐरी 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने वाले तीसरे और इंटरनेशनल क्रिकेट में पांचवें बल्लेबाज हैं. दीपेंद्र ने साल 2024 में एक टी20 मैच के दौरान कतर के खिलाफ कामरान खान की गेंद पर एक ओवर में 6 छक्के जड़े थे.

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मां भद्रकाली मंदिर में एक दिन के लिए होती है पुरुषों की एंट्री बंद, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में

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Attukal Bhagavathy Mandir: हमारे देश में कई ऐसे मंदिर जहां स्थानीय त्योहारों को बड़े उत्साह और भव्य रूप से मनाया जाता है. यह मंदिर अपनी दिव्यता और पवित्रता के लिए प्रसिद्ध होते हैं.

तिरुवनंतपुरम का अट्टुकल भगवती मंदिर ऐसा ही दिव्य मंदिर जहां मां भगवती, देवी भद्रकाली के रूप में गर्भगृह में स्थित हैं. यह देवी भक्तों को सुख-समृद्धि और मोक्ष का आशीर्वाद देती हैं. मगर पूरे वर्ष में एक दिन ऐसा होता है जब इस मंदिर में पुरुषों का आना बंद मना रहता है.

उस दिन मंदिर में सिर्फ महिलाएं ही पूजा-पाठ कर सकती हैं. चलिए जानते है इस मंदिर के बारे में. 

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है मंदिर का नाम

केरल के तिरुवनंतपुरम शहर में मौजूद अट्टुकल भगवती मंदिर में मां भद्रकाली मुख्य देवी के रूप में विराजमान हैं. इस मंदिर की खास बात यह है कि साल में एक दिन के लिए मंदिर में पुरुषों की एंट्री बंद रहती है.

क्योंकि अट्टुकल पोंगाला नामक एक त्योहार में सिर्फ महिलाएं ही मंदिर में प्रवेश कर पूजा कर सकती हैं. यह उत्सव 10 दिनों तक चलता है, जिसमें लाखों महिलाएं शामिल होती हैं. बाकी के दिन पुरुष और महिलाएं दोनों साथ में मंदिर में जा सकते हैं. यह  त्यौहार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है.

तमिल संस्कृति से हुआ सराबोर मंदिर का निर्माण

भक्तों का मानना है कि मां भद्रकाली के इस मंदिर में जो भी मुरादें मांगी जाती हैं वे सब पूरी होतीं हैं. इसलिए इन्हें समृद्धि और मोक्ष की देवी माना जाता हैं. जब भी किसी भक्त की मुराद पूरी होती है तो उसे विशेष अनुष्ठान करना पड़ता है.

पोंगल उत्सव के दौरान भी महिलाएं मां भद्रकाली के लिए खास अनुष्ठान करती हैं. वहीं इस मंदिर का निर्माण तमिल और केरल की पारंपरिक शैलियों के मिश्रण से किया गया है. मंदिर के सभी स्तंभों पर देवी काली, श्री पार्वती, भगवान शिव और भगवान विष्णु के दस अवतारों की सुंदर आकृतियां बनी हुई हैं. जो मंदिर की सुंदरता में चार चांद लगाती हैं. 

क्या है मंदिर का इतिहास?

पौराणिक मान्यता के अनुसार, एक दिन शाम के समय एक व्यक्ति नदी पार कर रहा था. तभी एक छोटी कन्या ने उससे विनती की कि वह भी उसे नदी के उस पार ले जाए. उस कन्या के चेहरे की दिव्यता देखकर वह व्यक्ति प्रभावित हो गया और बड़े प्यार से उसे अपने घर आने का निमंत्रण दे दिया.

कहा जाता है कि व्यक्ति अपने घर पहुंचकर उस कन्या के स्वागत की तैयारी करने लगा, तभी वे अचानक गायब हो गई. उसी रात वह कन्या उसके सपने में आई और उसे एक स्थान का संकेत दिया की जहां पहाड़ी पर तीन स्पष्ट रेखाएं दिखाई दें उसी स्थान पर मां का मंदिर बनवाया जाए.

अगली सुबह व्यक्ति ने उस जगह की खोज की और ठीक वही तीन रेखाएं उसे दिखाई दिए. जैसे ही यह बात गांव में फैली, लोग इसे दिव्य संकेत मानकर एकजुट हो गए और कुछ दिनों बाद, उसी पवित्र स्थान पर चार भुजाओं वाली मां भद्रकाली की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई और तब से यह स्थान भक्तों की आस्था और चमत्कारों का केंद्र बन गया.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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यूक्रेन पर ट्रंप की आखिरी चेतावनी! शांति प्रस्ताव ठुकराया तो खत्म हो जाएगी अमेरिकी सपोर्ट?

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रूस और यूक्रेन के बीच लगभग तीन साल से जारी युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका ने जो नया शांति प्रस्ताव तैयार किया है, उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी हलचल मचा दी है. अमेरिका, यूक्रेन और यूरोप के कई देशों में इस प्रस्ताव को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को यह साफ किया कि यह उनका फाइनल ऑफर नहीं है, लेकिन इसकी समयसीमा 27 नवंबर ही रहेगी. ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की इस प्रस्ताव को मंजूर नहीं करते तो यूक्रेन को युद्ध जारी रखने के लिए तैयार रहना होगा. इसके बावजूद उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका हर हाल में इस संघर्ष का समाधान ढूंढना चाहता है.

विवाद का कारण बना ये प्रस्ताव

अमेरिका के भीतर भी यह प्रस्ताव विवाद का कारण बन गया है. रिपब्लिकन सीनेटर माइक राउंड्स ने दावा किया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कुछ सीनेटरों को बताया है कि यह 28-बिंदुओं वाला मसौदा रूसी-सोर्ड दस्तावेज जैसा दिखता है. यह आरोप संकेत देता है कि प्रस्ताव में रूस के हित अधिक झलक सकते हैं. हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, जिससे स्थिति और अस्पष्ट बनी हुई है.

ड्राफ्ट के लीक हुए हिस्सों से क्या चला पता?

ड्राफ्ट के लीक हुए हिस्सों से पता चलता है कि इस प्रस्ताव में यूक्रेन से डोनेत्स्क के कुछ हिस्सों से पीछे हटने की मांग की गई है. साथ ही यह मसौदा रूस के नियंत्रण वाले डोनेत्स्क, लुहान्स्क और क्रीमिया को अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार करने जैसा प्रतीत होता है. इसके अतिरिक्त खेरसॉन और जापोरिज्झिया के मौजूदा मोर्चों को स्थिर रखने की सलाह दी गई है. प्रस्ताव का एक बड़ा विवादित बिंदु यह भी है कि यूक्रेन की सेना की अधिकतम क्षमता 6 लाख सैनिकों तक सीमित किए जाने की बात कही गई है. यूरोपीय देशों का तर्क है कि यह सीमा भविष्य में रूस के लिए हमला करने का रास्ता आसान कर सकती है.

G20 देशों ने क्या कहा?

G20 देशों में शामिल कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान, ब्रिटेन और अन्य देशों ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि अमेरिकी ड्राफ्ट एक आधार तो जरूर है, लेकिन इसमें बड़े सुधार किए जाने की जरूरत है. उनका कहना है कि किसी भी देश की सीमाओं को बलपूर्वक नहीं बदला जा सकता और किसी भी समझौते में यूक्रेन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कही ये बड़ी बात

इन सब घटनाक्रमों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भावुक संदेश जारी करते हुए कहा कि देश अपने इतिहास के सबसे कठिन दौर में खड़ा है. उन्होंने चेताया कि यूक्रेन को जल्द ही इज्जत बचाने या एक महत्वपूर्ण साझेदार खोने जैसे मुश्किल विकल्पों के बीच फैसला करना पड़ सकता है. इसके साथ ही उन्होंने अपने चीफ ऑफ स्टाफ आंद्रिय यरमाक को शांति वार्ता टीम का प्रमुख नियुक्त किया और कहा कि यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल देश की गरिमा और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है.

कई देशों के सुरक्षा सलाहकार करेंगे बैठक

इस प्रस्ताव में सुधार के लिए रविवार को जिनेवा में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और यूक्रेन के शीर्ष सुरक्षा सलाहकार बैठक करेंगे. इस बैठक को युद्ध खत्म करने के संभावित रास्ते की दिशा में अहम माना जा रहा है. इधर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बयान दिया है कि अमेरिकी प्रस्ताव बातचीत का आधार बन सकता है, लेकिन रूस सैन्य कार्रवाई जारी रखने के लिए भी तैयार है. इसी बीच अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के डिप्टी प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा है कि यह प्लान अमेरिका द्वारा तैयार किया गया है और इसमें रूस और यूक्रेन दोनों के इनपुट शामिल हैं.

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Dharmendra Death News, Bollywood Legend के वो किससे जो हैं अनोखे! | Dharmendra Ji Passes Away

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Dharmendra का जन्म 8 दिसंबर 1935 को  Punjabके Ludhiana जिले के नसराली गांव में माता Satwant Kaurऔर पिता Kewal Kishan Singh Deol के यहां हुआ वे छह बच्चों में से एक थे बाद में उन्हें सबसे Handsome actor कहा गया, लेकिन उनकी मां अक्सर उन्हें चिढ़ातीं कि उनका बड़ा भाई उनसे अधिक सुंदर है।उनके पिता, एक सख्त headmaster, अनुशासन पर जोर देते थे; बचपन की कहानियां Dharmendra  के आज्ञाकारी और शरारती स्वभाव को दर्शाती हैं।प्रारंभिक अनुभवों में दयालुता भी थी, जैसे कि एक बछड़े को बचाना, जो उनकी Sensitive प्रकृति को दिखाता है।परिवार में दुखद घटनाएँ, जैसे कि उनकी बड़ी बहन का typhoid से निधन, उनके जीवन पर गहरा प्रभाव छोड़ गई।Dilip Kumar से प्रेरित होकर, उन्होंने अभिनेता बनने का सपना देखा।1958 में, उन्हें filmfare के एक  Advertisement के माध्यम से पहला अवसर मिला; एक local photographer ने उनकी फोटो Mumbai भेजने में मदद की।शुरू में वे चिंतित और nervous थे, लेकिन अंतत  Mumbai  गए और 1960 में ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से debut  किया।वे बाद में एक महान actor बन गए, 300 से अधिक films में acting किया, और अपने Attraction , versatility और  film समर्पण के लिए जाने गए।

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यूरेनियम कॉर्पोरेशन में बड़ी भर्ती, 10वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका; 31 दिसंबर तक करें आवेद

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यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UICL) ने नौकरी चाहने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है. कंपनी ने माइनिंग मेट, वाइंडिंग इंजन ड्राइवर और बॉयलर कम कंप्रेसर ऑपरेटर के कई पदों पर भर्ती निकाली है. इसके लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 दिसंबर से शुरू होने जा रही है.

जो उम्मीदवार लंबे समय से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए यह एक अच्छा मौका है. आवेदन की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2025 तय की गई है, यानी उम्मीदवारों के पास पूरे एक महीने का समय है फॉर्म भरने के लिए. इस भर्ती अभियान के तहत कुल 107 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा.

कितनी मिलेगी सैलरी?

इस भर्ती में हर पद के अनुसार अलग-अलग वेतनमान तय किया गया है. माइनिंग मेट को 29,190 रुपये से लेकर 45,480 रुपये प्रति माह तक सैलरी दी जाएगी. जबकि वाइंडिंग इंजन ड्राइवर को 28,790 रुपये से 44,850 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा और बॉयलर कम कंप्रेसर ऑपरेटर को 28,390 रुपये से 44,230 रुपये प्रति माह सैलरी मिलेगी.

जरूरी शैक्षणिक योग्यता

शैक्षणिक योग्यता के तौर पर उम्मीदवार के पास कक्षा 10वीं का प्रमाण-पत्र और संबंधित क्षेत्र का अनुभव प्रमाण-पत्र होना जरूरी है. यानी केवल 10वीं पास होना काफी नहीं, संबंधित काम का अनुभव भी आवश्यक है.

उम्र सीमा

उम्र सीमा की बात करें तो भर्ती अभियान के तहत माइनिंग मेट के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 40 वर्ष है. वाइंडिंग इंजन ड्राइवर के लिए अधिकतम आयु 32 वर्ष और
बॉयलर कम कंप्रेसर ऑपरेटर के लिए अधिकतम उम्र 30 वर्ष तय की गई है. साथ ही आरक्षित वर्गों को उम्र में छूट मिलेगी. SC/ST उम्मीदवारों को 5 साल, OBC उम्मीदवारों को 3 साल और दिव्यांग उम्मीदवारों को 10 साल की छूट दी जाएगी.

कैसे होगा चयन?

चयन प्रक्रिया कई चरणों में होगी. सबसे पहले लिखित परीक्षा होगी. इसके बाद ट्रेड टेस्ट, ग्रुप एक्सरसाइज और फिर इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा.  इन सभी चरणों में प्रदर्शन के आधार पर अंतिम मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी.

कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी?

  • कक्षा 10वीं का प्रमाण-पत्र
  • जाति प्रमाण-पत्र (अगर आरक्षण ले रहे हों)
  • कार्य अनुभव प्रमाण-पत्र
  • इन दस्तावेजों के बिना आवेदन अधूरा माना जाएगा.

आवेदन शुल्क कितना है?

कैंडिडेट्स को आवेदन शुल्क जमा करना होगा. सामान्य, OBC और EWS उम्मीदवार के लिए शुल्क 500 रुपये है. SC/ST, दिव्यांग और सभी महिला उम्मीदवार को शुल्क में छूट दी गई है.

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फोन की स्क्रीन टूट गई तो न करें ये काम, बड़ा हो जाएगा नुकसान, खर्चा भी बढ़ेगा

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अगर गलती से फोन हाथ से फिसल जाए तो सबसे ज्यादा खतरा स्क्रीन टूटने का रहता है. स्क्रीन फोन का सबसे नाजुक हिस्सा होती है और इसे रिपेयर करवाना भी काफी महंगा होता है. स्क्रीन टूटने पर फोन को यूज करना काफी मुश्किल हो जाता है. इसलिए कई लोग घर पर ही इसे ठीक करने की कोशिश करते हैं, जो महंगा पड़ सकता है. इससे नुकसान बड़ा हो सकता है और आपको रिपेयर के लिए ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि स्क्रीन टूटने पर क्या काम नहीं करने चाहिए.

टूटी हुई स्क्रीन से छेड़छाड़

अगर आप टूटी हुई स्क्रीन से छेड़छाड़ करते हैं तो इससे डिस्प्ले पैनल खराब हो सकता है, जो आपका ज्यादा खर्चा करवा देगा. इसलिए टूटी हुई स्क्रीन से छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए. इसके अलावा टूटी हुई स्क्रीन से कांच के टुकड़े होते हैं. ये आपके हाथों में चुभकर आपको चोटिल कर सकते है.

फोन को लगातार यूज करना

आजकल फोन हर काम के लिए जरूरी हो गया है, लेकिन अगर स्क्रीन टूट जाती है तो इसे यूज न करना बेहतर रहेगा. अगर आप स्क्रीन टूटने के बाद भी इसे यूज करते हैं तो इससे नुकसान ज्यादा हो सकता है और फोन के दूसरे पार्ट्स भी खराब हो सकते हैं.

घर पर ठीक करने की कोशिश करना

कई लोग टूटी हुई स्क्रीन को घर पर ठीक करने की कोशिश करते हैं. अगर आप टेक्निशियन नहीं हैं तो यूट्यूब वीडियो देखकर स्क्रीन को फिक्स करना आसान काम नहीं हैं. फोन की रिपेयर के लिए एक्सपर्टीज के साथ एक्सपीरियंस की भी जरूरत होती है. ऐसे  में आप फोन को रिपेयर करने की जगह ज्यादा डैमेज कर सकते हैं.

फोन चार्ज करने से बचें

फोन गिरने से स्क्रीन के साथ-साथ फोन के दूसरे कंपोनेंट को भी नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए अगर आपका फोन स्क्रीन टूटने के बाद भी काम कर रहा है तो भी सावधानी बरतते हुए इसे चार्ज करने से बचें. कुछ समय तक इसे यूज करके देखें और तुरंत चार्ज करने से बचें.

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Dharmendra Passes Away At 89: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेन्द्र अब इस दुनिया में नहीं रहे. सोमवार को आई उनके निधन की खबर ने पूरे फिल्म उद्योग को गहरे शोक में डाल दिया. लंबे समय से बीमार चल रहे धर्मेन्द्र का शानदार फिल्मी सफर, व्यवसाय और जीवन की उपलब्धियां आज भी लोगों के बीच मिसाल बनी रहेंगी. वे अपने अभिनय से लोगों के दिलों पर लंबे वक्त तक राज करते रहे.

लगभग 300 से अधिक फिल्मों में दमदार भूमिकाएँ निभाकर उन्होंने दर्शकों के दिलों पर एक अमिट छाप छोड़ी. अभिनय के साथ-साथ उन्होंने हॉस्पिटैलिटी, रियल एस्टेट और ब्रांड एंडोर्समेंट में भी मजबूत पहचान बनाई.

ढाबे से बड़े रेस्टोरेंट तक का सफर

धर्मेन्द्र का हॉस्पिटैलिटी कारोबार भी काफी सफल रहा. ही-मैन रेस्टोरेंट — 2020 में हरियाणा के करनाल में शुरू किया गया. गरम-धरम ढाबा — 2015 में लॉन्च हुआ, जिसका पहला आउटलेट दिल्ली के कनॉट प्लेस में खुला. इन रेस्टोरेंट्स की देशभर में कई शाखाएँ हैं और यह उनके ब्रांड के विस्तार का बड़ा हिस्सा रहा.

प्रोडक्शन हाउस और रियल एस्टेट

1983 में धर्मेन्द्र ने विजयता फिल्म्स नाम से अपना प्रोडक्शन हाउस शुरू किया था. यही वह प्रोडक्शन हाउस है जिसने उनके बेटे सनी देओल को फिल्म इंडस्ट्री में लॉन्च किया. मुंबई में उनके कई फ्लैट्स, बंगले और अन्य संपत्तियाँ हैं, जिनसे उनकी मजबूत आर्थिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. इसके अलावा विज्ञापनों और ब्रांड एंडोर्समेंट से भी वे करोड़ों कमाते थे.

धर्मेन्द्र की कुल संपत्ति

धर्मेन्द्र ने 1960 में दिल भी तेरा, हम भी तेरे फिल्म से डेब्यू किया था, जिसके लिए उन्हें मात्र 51 रुपये मिले थे. इसके बाद धर्मवीर, शोले, प्रतिज्ञा, सीता और गीता जैसी सुपरहिट फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड का “ही-मैन” बना दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, निधन के समय उनकी कुल संपत्ति लगभग 500 करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है.

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