‘ईथा’ के सेट पर लगी चोट के बाद कैसी है श्रद्धा कपूर की तबीयत? एक्ट्रेस ने दिया हेल्थ अपडेट

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बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर को उनकी अपकमिंग फिल्म ‘ईथा’ की शूटिंग के दौरान चोट लग गई थी. वहीं एक्ट्रेस  ने रविवार (23 नवंबर) को इंस्टाग्राम पर फैंस से बातचीत के दौपान अपना हेल्थ अपडेट शेयर किया है. इस दौरान उन्होने कहा कि वे ‘टर्मिनेटर’ की तरह घूम रही हैं.

कैसी है श्रद्धा कपूर की तबीयत?
इंस्टाग्राम पर रविवार को श्रद्धा कपूर ने फैंस से बातचीत की. इस दौरान अपनी चोट के बारे में पूछे जाने पर, अभिनेत्री ने कहा, “टर्मिनेटर की तरह घूम रही हं. मसल्स में खिंचाव है. ठीक हो जाएगाय बस थोड़ा आराम करना है, लेकिन मैं बिल्कुल ठीक हो जाऊंगी.” एक्ट्रेस ने इस दौरान अपने पैर में लगी चोट भी दिखाई और उनके पैर पर प्लास्टर बंधा था.

 


श्रद्धा कपूर को कैसे लगी थी चोट
बता दें कि इस महीने की शुरुआत में श्रद्धा कपूर ने नासिक के पास औंधेवाड़ी में ‘ईथा’ की शूटिंग शुरू की थी. हालांकि, लावणी सीक्वेंस के दौरान अभिनेत्री घायल हो गईं, जिससे उनके बाएं पैर में फ्रैक्चर हो गया था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक्ट्रेस को ये चोट लावणी करते समय लगी थी. लावणी म्यूजिक अपनी तेज धुनों और तेज लय के लिए जाना जाता है, इसलिए श्रद्धा, जो चटक नौवारी साड़ी, भारी जूलरी और कमरपट्टा पहने हुए अजय-अतुल के म्यूजिक पर  एनर्जेटिक डांस कर रही थीं इसी दौरान उन्होंने गलती से अपना सारा वजन अपने बाएं पैर पर डाल दिया और अपना बैलेंस खो बैठी थी. 

इस घटना के फौरन बाद, निर्देशक लक्ष्मण उटेकर ने ईथा का नासिक शेड्यूल कैंसिल कर दिया था. हालाँकि, श्रद्धा कथित तौर पर शूटिंग के दिनों को बर्बाद नहीं करना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने सुझाव दिया कि टीम शेड्यूल में बदलाव करे और उनके क्लोज़-अप सीन फिल्माए जाएं. 

श्रद्धा कपूर वर्क फ्रंट
बता दें कि श्रद्धा कपूर आखिरी बार 2024 में आई फिल्म स्त्री 2: सरकटे का आतंक में नज़र आई थीं. ईथा में वह लावणी की दिग्गज कलाकार विथाबाई भाऊ मांग नारायणगांवकर की भूमिका में नज़र आएंगी. 

 



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पाकिस्तान के पेशावर में दो जोरदार धमाके, तहरीक-ए-तालिबान ने ली हमले की जिम्मेदारी, 3 आतंकी ढेर

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पाकिस्तान के पेशावर में सोमवार सुबह अर्धसैनिक बल (FC) के मुख्यालय पर कुछ बंदूकधारियों ने हमला कर दिया. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे ही फायरिंग की आवाज आई, पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंच गए और इलाके को घेर लिया. वहीं, पेशावर के कई लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उन्होंने FC मुख्यालय की तरफ से बम धमाके जैसी तेज आवाज सुनाई दी. तहरीक-ए-तालिबान ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है.

सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर हुआ हमला

जियो टीवी के मुताबिक, पेशावर में फेडरल कॉन्स्टेबलरी (FC) मुख्यालय पर सोमवार सुबह 8:10 बजे हमला हुआ. घटना के बाद सुनहरी मस्जिद रोड को बंद कर दिया गया और पूरे इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया. सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार हमले में दो धमाके हुए और हमलावरों ने गोलियां चलाई, जिसके बाद अफरातफरी मच गई.

पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके को तुरंत कोर्डन ऑफ कर दिया. हमले में तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया. सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि मुख्यालय के गेट पर एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा दिया. सोशल मीडिया पर भी कई यूजर्स ने इस घटना का दावा किया है.

खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में बढ़ोतरी

पाकिस्तान में खासकर खैबर पख्तूनख्वा (KP) और बलूचिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है. इससे पहले नवंबर 2022 में TTP ने सरकार के साथ शांति समझौता खत्म कर दिया था और सुरक्षा बलों, पुलिस और अन्य अधिकारियों पर हमले की जिम्मेदारी ली थी. वहीं, सितंबर में खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में FC मुख्यालय पर हुए हमले को सुरक्षा बलों ने नाकाम किया, जिसमें छह सैनिक शहीद और पांच आतंकवादी ढेर हुए थे.

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मिस यूनिवर्स 2025 बनने के बाद मेक्सिको की फातिमा बोश के नाम ने खींचा सबका ध्यान, जाने इस्लाम मे

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Fatima Name Meaning: 21 नवंबर 2025 को 74वें मिस यूनिवर्स कॉम्पिटिशन का विनर दुनिया को मिल चुका है. मेक्सिको की फातिमा बोश ने मिस यूनिवर्स 2025 का यह खिताब अपने नाम किया. यह खिताब फातिमा बोश को 2024 की मिस यूनिवर्स  विक्टोरिया केजर थेलविग ने ताज पहना कर दिया.

इस खिताब को जीतने की बाद फातिमा की चर्चा तो हो ही रही है, मगर उतनी ही चर्चा उनके नाम की हो रही है. क्योंकि फातिमा एक मुस्लिम नाम है, जिसको लेकर लोग उन्हें मुस्लिम समझ रहे हैं मगर वे मुस्लिम नहीं कैथोलिक हैं.

इसके बाद भी लोगों के मन में सवाल है कि फातिमा नाम का मतलब क्या है. आइए जानते है इसका मतलब. 

क्या है फातिमा का मतलब?

फातिमा एक अरबी नाम है, जिसका मूल शब्द ‘फातमा‘ होता है. इसका मतलब परहेज करना या अलग करना होता है. वहीं फातिमा का मतलब मनमोहक, चमकदार या परहेज करने वाली होता है. यह इसलाम में एक अहम नाम है, जो पैगंबर मुहम्मद की बेटी का नाम था.

उत्पत्ति: यह नाम मूल रूप से अरबी भाषा के शब्द “फ़ातमा” या “फ़ातिमा” से उत्पन्न हुआ है.

अर्थ: इसका अर्थ माना जाता है “दूर रहना”, “स्वयं को रोकना” या “पवित्रता का पालन करना.”

धार्मिक महत्व: यह नाम इस्लामी इतिहास में बेहद सम्मानित है, क्योंकि यह पैगंबर हज़रत मुहम्मद की बेटी फ़ातिमा अल-ज़हरा का नाम था. मुस्लिम जगत में उन्हें आदर्श, विनम्रता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है.

इस्लाम में फ़ातिमा नाम का महत्व

इस्लामिक इतिहास में बीबी फ़ातिमा का स्थान बहुत ऊंचा है. वे पैगंबर मुहम्मद और उनकी पहली पत्नी हज़रत ख़दीजा की बेटी थीं. इनका सुन्नी और शिया दोनों समुदायों में सम्मान किया जाता है, हालांकि शिया मुस्लिमों में उनकी भूमिका और भी विशेष मानी जाती है.

शिया समुदाय में, वे इमामत की जननी और अहले-बैत यानी पैगंबर के पवित्र परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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लापरवाही की हद है! हाईवे पर रेस लगा रहे थे बस ड्राइवर, वायरल वीडियो देख खौल उठेगा खून

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एक पल में जिंदगी और मौत के बीच का फासला मिट जाता है. जब कोई यात्री भरोसे के साथ किसी बस में सवार होता है, तो वह यह मानकर चलता है कि उसके जीवन की डोर एक जिम्मेदार हाथों में है. लेकिन, जब वही हाथ स्टीयरिंग पर किसी खिलाड़ी की तरह, मौत का खेल खेलने लगें, तो सोचिए यात्रियों के दिल पर क्या गुज़रेगी. जी हां, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें हाईवे पर बस चालक एक दूसरे से रेस लगाते दिखाई दे रहे हैं.

हाईवे पर रेस लगाने लगे लापरवाह बस ड्राइवर

इंटरनेट की दुनिया में इस समय एक ऐसा ही रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो आग की तरह फैल रहा है. यह वीडियो सिर्फ एक लापरवाही नहीं, बल्कि सैकड़ों जिंदगियों को दांव पर लगाने वाला अक्षम्य अपराध है. इन ड्राइवरों की नजरों में न तो कानून का डर है, न ही इंसानी जान की कीमत. हाईवे पर ये बसें किसी जंगल के राजा की तरह नहीं, बल्कि यमदूतों की तरह दौड़ रही हैं, जो एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में कभी सड़क के इस किनारे लहराती हैं, तो कभी तेज रफ्तार में खतरनाक ढंग से एक-दूसरे को ‘कट’ मारती हैं. ऐसा लगता है जैसे ये ड्राइवर अपनी रोजी-रोटी नहीं, बल्कि अपनी जान की बाजी लगा रहे हैं.

जानलेवा करतूत पर हर ओर फैल रहा गुस्सा!

सोशल मीडिया पर इस बर्बर और जानलेवा करतूत को देखकर जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है. यह मामला अब सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं रहा, बल्कि यह हमारे ट्रांसपोर्ट सिस्टम की चरमराती व्यवस्था और लापरवाह अधिकारियों के मुंह पर एक जोरदार तमाचा है. यह समय है कि इस पर न सिर्फ सख्त कार्रवाई हो, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मूलभूत सुधार भी किए जाएं. हालांकि वीडियो कहां का है इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.

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यूजर्स हुए गुस्से से लाल

वीडियो को @KreatelyMedia नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…ये लोग यमराज की ओर बढ़ रहे हैं. एक और यूजर ने लिखा..इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा… ये तो एक तरह की हत्या योजना है भाई.

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अब X करेगा पर्दाफाश! नया फीचर बताएगा आप कहां के हैं, यूजर्स में मचा हड़कंप

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X New Feature: टेक दुनिया में एक बार फिर एलन मस्क की कंपनी X चर्चा में है क्योंकि प्लेटफॉर्म ने एक ऐसा फीचर लॉन्च करना शुरू किया है जो यूजर्स की प्रोफाइल पर कई अहम जानकारी अपने आप उजागर करेगा. यह नया टूल About This Account नाम से जारी किया गया है जिसका उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर बढ़ते फर्जी अकाउंट्स, बॉट्स और एआई-आधारित गतिविधियों को पहचानने में मदद करना है. इस सेक्शन में यूजर के अकाउंट की लोकेशन, प्रोफाइल कब बनाई गई थी, यूजरनेम कितनी बार बदला गया है और ऐप कहां से डाउनलोड किया गया था जैसी जानकारी दिखाई जाएगी ताकि लोग यह समझ सकें कि अकाउंट असली है या संदिग्ध.

फीचर क्यों लाया गया?

X ने इस फीचर की झलक सबसे पहले अक्टूबर में दी थी जब कंपनी के हेड ऑफ प्रोडक्ट निकिता बियर ने बताया कि इसे कर्मचारियों की प्रोफाइल्स पर टेस्ट किया जाएगा. मकसद स्पष्ट था लोगों को इतना डेटा देना कि वे खुद तय कर सकें कि सामने वाला अकाउंट भरोसेमंद है या गलत जानकारी फैलाने का प्रयास कर रहा है. उदाहरण के तौर पर, कोई अकाउंट खुद को अमेरिका का बता रहा हो लेकिन उसकी लोकेशन किसी दूसरे देश की दिखे तो यह उसके इरादों पर सवाल खड़ा कर देता है.

कैसे दिखेगा नया पैनल?

पिछले कुछ दिनों में कई यूजर्स ने बताया कि उनके अकाउंट पर यह फीचर दिखाई देना शुरू हो गया है. बियर ने यह भी आश्वासन दिया था कि बेहतर पारदर्शिता की मांग पर 72 घंटे के भीतर यह अपडेट लागू कर दिया जाएगा. वेब और मोबाइल ऐप दोनों पर यूजर के Joined तारीख पर टैप या क्लिक करने से एक नया पेज खुलता है जिसमें अकाउंट की जॉइन डेट, लोकेशन, यूज़रनेम चेंज हिस्ट्री और ऐप कहां से डाउनलोड हुआ था जैसे विवरण मौजूद होते हैं.

फिलहाल सीमित रोलआउट

हालांकि यह फीचर अभी सभी प्रोफाइल्स पर नहीं दिख रहा है. TechCrunch की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल यूजर्स केवल अपनी ही जानकारी देख पा रहे हैं लेकिन दूसरों की प्रोफाइल पर यह पैनल अभी उपलब्ध नहीं है. ऐसा माना जा रहा है कि X पहले यूजर्स को मौका दे रहा है कि वे अपने डेटा की जांच कर सकें और प्राइवेसी सेटिंग्स में बदलाव कर सकें.

यूजर्स के पास यह विकल्प भी है कि वे अपनी लोकेशन को देश के स्तर पर दिखाएं या किसी व्यापक रीजन के रूप में सेट करें. Instagram पहले ही ऐसा पारदर्शिता फीचर प्रदान करता है और अब X भी उसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए खुद को ट्रांसपेरेंट प्लेटफॉर्म साबित करने की कोशिश कर रहा है.

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क्रेडिट कार्ड यूज करते हैं? इन गलतियों से बचें, वरना हो सकता है भारी नुकसान

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Credit Card Usage Mistakes: क्रेडिट कार्ड आज लोगों की जरूरत बनती जा रही है. खासकर नौकरीपेशा युवा तो क्रेडिट कार्ड का जमकर इस्तेमाल करते हैं. शॉपिंग से लेकर अलग-अलग बिक चुकाने के लिए लोग क्रेडिट कार्ड यूज कर रहे हैं. हालांकि, अगर आपको क्रेडिट कार्ड से संबंधित कुछ जानकारी न हो तो, कई बार यह आपको मुसीबत में भी डाल सकता है. क्योंकि यह एक तरह का कर्ज होता हैं, इसलिए आपको परेशानी हो सकती हैं.

वहीं कुछ लोग क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल करके डिस्काउंट, रिवॉर्ड प्वाइंट और विभिन्न तरह के ऑफरों का लाभ उठाते हैं. ऑनलाइन शॉपिंग करते समय तो, क्रेडिट कार्ड यूजरों को कई बार अलग से छूट भी मिलती है. यही कारण है कि, आज क्रेडिट कार्ड इतना लोकप्रिय हो गया है. अगर आप भी क्रेडिट कार्ड का यूज करते हैं तो, आपको पता होना चाहिए कि इसका इस्तेमाल कब नहीं करना हैं. ताकि आपको किसी भी तरह का आर्थिक नुकसान न हो…

क्रेडिट कार्ड से कभी कैश ना निकाले

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कभी भी कैश पैसे निकालने के लिए नहीं करना चाहिए. क्रेडिट कार्ड से कैश पैसे निकालने पर पहले ही दिन से भारी-भरकम ब्याज लगना शुरु हो जाता है. साथ ही अलग से भी कई एकस्ट्रा चार्ज लगा दिए जाते हैं. इसलिए क्रेडिट कार्ड से कैश निकालने से दूरी बनानी चाहिए. 

लिमिट से ज्यादा खर्च ना करें

हर क्रेडिट कार्ड की खर्च करने की एक लिमिट होती है. क्रेडिट कार्ड के लिमिट से ऊपर खर्च करने से बचना चाहिए. उदाहरण के लिए, अगर आपके क्रेडिट कार्ड का लिमिट 30,000 रुपए है तो, आपको इससे कम खर्च करना चाहिए. क्रेडिट कार्ड लिमिट से ज्यादा खर्च आपके क्रेडिट स्कोर को खराब कर सकता हैं. 

मिनिमम ड्यू 

अगर आपके क्रेडिट कार्ड का बिल बकाया है और आप मिनिमम ड्यू का भुगतान करते हैं, तो आपको ऐसा करने से बचना चाहिए. अगर आप क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं भर पा रहे हैं तो, ऐसे में कोशिश करनी चाहिए कि, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल न किया जाए.  

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शख्स ने बना डाला लौकी का भर्ता! बैंगन-आलू पर शुरू हो गई बहस- यूजर्स बोले जिंदाबाद था और रहेगा

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स तंदूर में पूरी लौकी को डालकर उसे अंगारों पर पकाता है और फिर उसका भर्ता तैयार करता है, बिल्कुल वैसे ही जैसे अक्सर आलू और बैंगन का भर्ता बनाया जाता है. वीडियो में तंदूर से निकली लौकी को मसाले, मिर्च, धनिया और तेल के साथ मिक्स करते हुए दिखाया गया है, लेकिन इस अनोखे कुकिंग स्टाइल से इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है.

लौकी के भर्ते पर इंटरनेट पर छिड़ा संग्राम!

वीडियो की शुरुआत में शख्स एक बड़ी लौकी को तंदूर के मुंह पर रखकर उसे धीरे-धीरे अंदर स्लाइड करता है. तंदूर की आग और अंगारों की तपिश में लौकी का छिलका कुछ ही मिनटों में काला पड़ने लगता है. कैमरा क्लोज-अप में दिखाता है कि लौकी अंदर से नरम हो चुकी है और भूनने की खुशबू फैल रही है. इसके बाद वह चिमटे से लौकी को निकालता है और एक बड़े बर्तन में डालकर उसका जला हुआ छिलका उतार देता है. अंदर से मुलायम लौकी को वह चम्मच से मैश करता है. फिर कढ़ाई गर्म करके उसमें तेल डालता है.


आलू और बैंगन वाले अंदाज में पकाई लौकी, लेकिन नहीं आया मजा!

इसके बाद शख्स कढ़ाई में टमाटर प्याज और लहसुन का पानी डालकर लौकी को वही आलू और बैंगन वाले अंदाज में पकाता है लेकिन फिर भी लौकी के भर्ते में वो चमक नहीं आ पाती जो अक्सर आलू और बैंगन के भर्ते में आती है. अब सोशल मीडिया पर लौकी बनाम आलू का युद्ध छिड़ गया है और लोग इसे लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.

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यूजर्स बोले, आलू जिंदाबाद था है और रहेगा

वीडियो को foodiebybirth21 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा….घिया तो घिया ही रहेगा. आलू का कोई मुकाबला नहीं कर सकता. एक और यूजर ने लिखा…आलू जिंदाबाद था है और रहेगा. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…लौकी को लौकी रहने दो, इसका भर्ता बनाकर फूड लवर का दिल मत तोड़ो.

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बिहार में सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका, 14,921 पदों पर भर्ती, 24 नवंबर तक करें आवेदन

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अगर आप बिहार में सरकारी नौकरी की तलाश में हैं, तो आपके लिए एक सुनहरा अवसर आया है. बिहार स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने लोअर डिवीजन क्लर्क के कुल 14,921 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. यह भर्ती उन सभी उम्मीदवारों के लिए है जिन्होंने 12वीं पास की है और जिनमें कंप्यूटर और टाइपिंग या हिंदी स्टेनोग्राफी की जानकारी है. अगर आप इस भर्ती में शामिल होना चाहते हैं तो आवेदन की आखिरी तारीख 24 नवंबर है. इसलिए समय रहते आवेदन करना बेहद जरूरी है.

इस भर्ती के माध्यम से सफल उम्मीदवारों को बिहार सरकार में स्थायी नौकरी के रूप में 25,500 से 81,100 रुपये प्रतिमाह की सैलरी मिलेगी. यह मौका खास तौर पर उन युवाओं के लिए जरूरी है जो सरकारी नौकरी में स्थिरता, सम्मान और अच्छा वेतन चाहते हैं. 

किन लोगों के लिए निकली भर्ती?

इस पद के लिए उम्मीदवार का 12वीं पास होना जरूरी है. इसके साथ ही हिंदी स्टेनोग्राफी, टाइपिंग और कंप्यूटर की जानकारी होनी चाहिए. इस भर्ती में आवेदन करने के लिए न्यूनतम आयु, 18 वर्ष, अधिकतम आयु, 37 वर्ष और आरक्षित वर्ग के लिए छूट, बिहार के BC, EBC, महिला 3 साल की छूट, SC, ST के लिए 5 साल की छूट और दिव्यांग उम्मीदवार के लिए 10 साल की छूट है. 

कितना है आवेदन शुल्क?

सभी वर्गों के उम्मीदवारों के लिए आवेदन फीस 100 रुपये रखा गया है. इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन कई चरणों के माध्यम से किया जाएगा. जिसमें प्रारंभिक परीक्षा , मुख्य परीक्षा, कौशल परीक्षा और कट-ऑफ मार्क्स शामिल है. हर वर्ग के लिए न्यूनतम योग्यता सामान्य वर्ग में 40 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 34 प्रतिशत, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति में 32 प्रतिशत और दिव्यांग उम्मीदवार के लिए 32 प्रतिशत शामिल हैं. 

आवेदन कैसे करें?

1. सबसे पहले BSSC की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं. 

2. भर्ती से संबंधित आवेदन लिंक पर क्लिक करें. 

3. होम पेज पर रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करके सभी जरूरी विवरण दर्ज करें. 

4. लॉगिन के माध्यम से अन्य विवरण भरें और फॉर्म पूरा करें. 

5. आवेदन फीस जमा करें और फॉर्म सब्मिट करें. 

6. आवेदन का प्रिंट आउट निकालकर अपने पास सुरक्षित रखें. 

7. यह अवसर खास तौर पर उन उम्मीदवारों के लिए है जो सरकारी नौकरी में करियर बनाना चाहते हैं और लंबे समय तक स्थिर नौकरी की तलाश में हैं. इसलिए देर न करें और 24 नवंबर से पहले आवेदन जरूर करें. 

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‘दोस्ताना मुलाकात’ के बावजूद नहीं बदले ममदानी के तेवर, ट्रंप को कह दिया फासिस्ट

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न्यूयॉर्क सिटी के मेयर (इलेक्ट) जोहरान ममदानी ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ ओवल ऑफिस में हुई दोस्ताना मुलाकात के बाद भी अपने पुराने तेवर बरकरार रखे हैं. ममदानी ने रविवार (23 नवंबर) को कहा कि ट्रंप के साथ बातचीत अच्छी रही, लेकिन उनकी राय नहीं बदली है. उन्होंने साफ कहा कि उन्हें आज भी लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप एक फासिस्ट हैं और लोकतंत्र के लिए खतरा बने हुए हैं.

‘मैंने ट्रंप के बारे में जो कहा था, उस पर आज भी कायम हूं’- ममदानी

NBC के Meet The Press शो में जब ममदानी से पूछा गया कि क्या वे अब भी ट्रंप को फासिस्ट मानते हैं तो उन्होंने बिना झिझक इसकी पुष्टि की. ममदानी ने कहा कि अपनी राजनीतिक असहमतियों से पीछे हटने की कोई वजह नहीं है और उन्होंने वही कहा जो हमेशा से कहते आए हैं.

चुनाव के दौरान तीखी बयानबाजी

मेयर चुनाव के समय ट्रंप और ममदानी के बीच कड़ी जुबानी जंग देखने को मिली थी. ट्रंप ने ममदानी को ‘पागल कम्युनिस्ट’ तक कह दिया था और दावा किया था कि वह किसी भी कीमत पर चुनाव नहीं जीत सकते. वहीं, ममदानी ने ट्रंप को ‘फासिस्ट और तानाशाह’ बताकर पलटवार किया था.

ऐसी रही व्हाइट हाउस वाली मुलाकात

हाल ही में मेयर चुनाव जीतने के बाद ममदानी ने व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात की. इस मुलाकात में माहौल पहले के मुकाबले काफी सकारात्मक दिखाई दिया. ट्रंप ने पत्रकारों के सामने ममदानी की तारीफ भी की, जिसने सभी को चौंका दिया क्योंकि यह दोनों के बीच पहले चल रही कड़ी बयानबाजी से बिल्कुल अलग था.

मीटिंग को बताया ‘प्रोडक्टिव’

ममदानी ने भी ओवल ऑफिस मीटिंग को उपयोगी बताया. उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान बार-बार वही मुद्दे सामने आए जो उनके चुनाव अभियान का मुख्य फोकस थे. महंगी हाउसिंग, चाइल्ड केयर खर्च, ग्रॉसरी की बढ़ती कीमतें और यूटिलिटी बिलों का बोझ.

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मोहन भागवत ने गीता पर दिया ज्ञान, कहा- ‘जीवन में शांति और सफलता के लिए रोज पढ़ें गीता’

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Mohan Bhagwat Geeta Gyan: दिव्य गीता के कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परमपूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने उत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि, हमें गीता जीनी है गीता में 700 श्लोक हैं.

इसके लिए गीता पाठन का क्रम बनाना चाहिए रोज दो श्लोक पढ़े. उसे पर मनन करें. उसको अपने जीवन में लागू करेंगे और एक-एक कमी को सुधरेंगे. उनके माध्यम से जीवन में सीख लेंगे तो कल्याण हो जाएगा.

गीता के जरिए लोगों को सही दिशा दी जा सकती है- मोहन भागवत

आज दुनिया असमंजस की स्थिति में है. गीता के माध्यम से सही दिशा दी जा सकती है. यदि जीवन में शांति, संतोष नहीं होगा तो समस्या होगी. उन्होंने कहा कि जैसे हजार साल पहले युद्ध होता था आज भी वैसे ही युद्ध हो रहा है. जैसे हजार साल पहले लोग अपनी लालसा लालच के लिए गुंडई करते थे वैसे ही आज भी दुनिया की स्थिति है.

भारत ने प्रभाव के दिनों में पूरी दुनिया को सुख और शांति प्रदान की. जीवन में अर्थ की कोई कमी नहीं है फिर भी लोग धर्म के साथ चलकर मोक्ष की ओर अपने जीवन को अग्रसर कर रहे हैं. इस प्रकार का अपने देश का चित्र था. 

दुनिया जानती है कि भारत के पास यह ज्ञान है. युगो युगो से जो ज्ञान भारत में स्थिर हुआ है उस ज्ञान का सार है श्रीमद् भागवत गीता. भारत की परम्परा में धर्म के साथ शांति और सौहार्द की व्यवस्था है. भारत में सत्य के निकट बैठकर जो ज्ञान प्राप्त करने का निचोड़ भगवत गीता में है.

सर संघचालक ने गीता का दिया ज्ञान

सर संघचालक जी ने कहा कि अर्जुन के गंभीर प्रश्नों का उत्तर ही गीता है. हमें गीता पढ़ना चाहिए, समझना चाहिए और मनन करना चाहिए. इससे हमें सदा सर्वदा उपाय मिलते हैं. गीता हमें समस्या से भागने के बजाय फेस करने की प्रेरणा मिलती है.

धर्म के आधार पर हमें सफलता अवश्य मिलती है. उत्तम विचार चाहिए तो उत्तम अधिष्ठान होने आवश्यक है. यदि अपना पुरुषार्थ मजबूत है तो भाग्य भी साथ है. धर्म धारण करने वाला होना चाहिए. हमें धर्म रक्षा के लिए लड़ना है.

डॉ मोहन भागवत ने कहा कि छोटा कार्य जो निष्काम से किया गया हो वह धर्म है. आपने भक्तिपूर्वक कर्म करने का आव्हान किया. विश्व में शांति की स्थापना को गीता के माध्यम से ही किया जा सकता है. दुविधाओं से बाहर निकलकर राष्ट्र की सेवा करना ही हमारा परम कर्तव्य है जिसे गीता के माध्यम से जीवन में शामिल करना चाहिए. आज जियो गीता के माध्यम से हम यशस्वी भी होंगे, सार्थक होंगे. जिसके पथ पर ही चलकर भारत विश्वगुरु बन सकता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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