Gem Astrology: काला हकीक कौन कर सकता है धारण, जानें धारण करने से पहले नियम और लाभ!

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मानव जीवन में कई तरह के बदलाव होते हैं, वहीं कभी-कभी ये बदलाव हमें खोखला कर देते हैं . इन परेशानियों से बचने के लिए कुंडली के अनुसार रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है, तो ऐसे में आइए जानते हैं काला हकीक रत्न धारण करने के लाभ.

मानव जीवन में कई तरह के बदलाव होते हैं, वहीं कभी-कभी ये बदलाव हमें खोखला कर देते हैं . इन परेशानियों से बचने के लिए कुंडली के अनुसार रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है, तो ऐसे में आइए जानते हैं काला हकीक रत्न धारण करने के लाभ.

काला हकीक एक अर्ध-कीमती रत्न है जिसे धारण करने से शनि, राहु और केतु के अशुभ प्रभावों से बचाव होता है, साथ ही यह बुरी नजर और जादू-टोने के प्रभावों से बचाव करता है.

काला हकीक एक अर्ध-कीमती रत्न है जिसे धारण करने से शनि, राहु और केतु के अशुभ प्रभावों से बचाव होता है, साथ ही यह बुरी नजर और जादू-टोने के प्रभावों से बचाव करता है.

यह मानसिक तनाव, डर और मनोदशा को दूर करता है, आत्मविश्वास, धैर्य और मानसिक शांति को बढ़ाता है. इतना ही नहीं काला हकीक आर्थिक मामलों में वृद्धि लाने और व्यापार में सफलता दिलाने में सहायक हो सकता है.

यह मानसिक तनाव, डर और मनोदशा को दूर करता है, आत्मविश्वास, धैर्य और मानसिक शांति को बढ़ाता है. इतना ही नहीं काला हकीक आर्थिक मामलों में वृद्धि लाने और व्यापार में सफलता दिलाने में सहायक हो सकता है.

काला हकीक वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि के लोग धारण कर सकते हैं, खासकर यदि उनकी कुंडली में शनि या राहु सकारात्मक हों. यह रत्न उन लोगों के लिए भी लाभकारी है जिन पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, क्योंकि यह शनि के अशुभ प्रभावों को कम करता है.

काला हकीक वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि के लोग धारण कर सकते हैं, खासकर यदि उनकी कुंडली में शनि या राहु सकारात्मक हों. यह रत्न उन लोगों के लिए भी लाभकारी है जिन पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, क्योंकि यह शनि के अशुभ प्रभावों को कम करता है.

काला हकीक धारण करने से पहले, इसे दूध और गंगाजल से शुद्ध करें, और शनिवार या मंगलवार की शाम को शनि के बीज मंत्र (ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः) का 108 बार जाप करके धारण करें.

काला हकीक धारण करने से पहले, इसे दूध और गंगाजल से शुद्ध करें, और शनिवार या मंगलवार की शाम को शनि के बीज मंत्र (ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः) का 108 बार जाप करके धारण करें.

यह रत्न लॉकेट या चांदी, पंचधातु या लोहे की अंगूठी में धारण किया जा सकता है, और अंगूठी को दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली में पहनना सबसे अच्छा माना जाता है.

यह रत्न लॉकेट या चांदी, पंचधातु या लोहे की अंगूठी में धारण किया जा सकता है, और अंगूठी को दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली में पहनना सबसे अच्छा माना जाता है.

Published at : 24 Nov 2025 01:47 PM (IST)

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धर्मेंद्र का निधन, बॉलीवुड के ही-मैन की मौत से सोशल मीडिया भी सदमे में- यूजर्स ने यूं जताया दुख

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बॉलीवुड के ही-मैन कहे जाने वाले अभिनेता धर्मेंद्र केवल कृष्ण देओल का 24 नवंबर को निधन हो गया. धर्मेंद्र पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और हाल ही में अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौटे थे. लेकिन सोमवार सुबह फिर से तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया और वहां उनकी मौत हो गई. धर्मेंद्र की मौत से पूरा बॉलीवुड और देश सदमे में है. लेकिन बात केवल बॉलीवुड की ही नहीं है, धर्मेंद्र के चले जाने से पूरा इंटरनेट भी शोक में डूबा हुआ है और यूजर्स अपने फेवरेट अभिनेता को अपने अपने तरीके से श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

89 साल की उम्र में धर्मेंद्र का निधन, सोशल मीडिया सदमे में

सोमवार को जैसे ही धर्मेंद्र की मौत की खबर लोगों ने सुनी तो हर कोई शॉक्ड रह गया. लोगों को यकीन ही नहीं हुआ कि कुछ दिन पहले ही अस्पताल से डिस्चार्ज होकर आया शख्स अचानक हमें छोड़कर कैसे चला गया. सोशल मीडिया पर जैसे ही ये बात कंफर्म हुई कि अब बॉलीवुड के ही-मैन इस दुनिया में नहीं रहे तो इंटरनेट यूजर्स भी माथे पर सिलवटे डाले जहां थे वहीं थम गए. इंटरनेट ने अलग अलग तरीके से अपने पसंदीदा कलाकार को श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना जताई.


अलग अलग तरह से दी यूजर्स ने श्रद्धांजलि

सोशल मीडिया पर अलग अलग प्लेटफॉर्म पर जब धर्मेंद्र का शोक संदेश वायरल हुआ तो यूजर्स प्रतिक्रियाएं देने लगे. कुछ ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा…धर्मेंद्र हम सभी को रुला गए, बॉलीवुड में उनका योगदान हमेशा हमेशा याद रखा जाएगा. वहीं बॉलीवुड की दिग्गज शख्सियत करण जौहर ने कहा कि धर्मेंद्र हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे. इसके अलावा कई सारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि देते हुए लोग कह रहे थे कि धर्मेंद्र हमें रुला गए.


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पंचतत्व में हुए विलीन, बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि

आपको बता दें कि धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार विले पार्ले स्थित श्मशान घाट पर हो चुका है. उनके बड़े बेटे सनी देओल ने धर्मेंद्र को मुखाग्नि दी है. आमिर खान से लेकर ईशा देओल तक कई बड़े सुपरस्टार धर्मेंद्र के अंतिम संस्कार में शामिल हुए. ही-मैन का जन्म 1935 में पंजाब के लुधियाना में हुआ था. फूल और पत्थर उनके करियर की पहली हिट फिल्म रही थी. धर्मेंद्र का एक दौर था जिसमें उन्होंने पूरे बॉलीवुड पर राज किया था.

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जस्टिस सूर्यकांत बने देश के मुख्य न्यायाधीश, 8वें पे कमीशन के बाद कितनी बढ़ेगी CJI की सैलरी?

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देश की न्याय व्यवस्था में आज एक बड़ा दिन रहा. जस्टिस सूर्यकांत ने भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह महत्वपूर्ण पद संभालने की शपथ दिलाई. इसके साथ ही उनका 15 महीने का कार्यकाल भी शुरू हो गया है.

CJI भूषण आर. गवई ने संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत जस्टिस सूर्यकांत का नाम अगले मुख्य न्यायाधीश के रूप में सुझाया था और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उन्हें आधिकारिक तौर पर यह जिम्मेदारी मिल गई.

अब जब नए CJI ने कार्यभार संभाल लिया है, तो लोगों के मन में एक सवाल जरूर उठता है आखिर भारत के मुख्य न्यायाधीश को वेतन कितना मिलता है? साथ ही जब 8वां वेतन आयोग लागू होगा तो उनकी सैलरी कितनी बढ़ जाएगी? आइए जानते हैं…

बड़ी जिम्मेदारी, सुविधाएं शानदार

भारत के मुख्य न्यायाधीश देश की पूरी न्याय प्रणाली की कमान संभालते हैं. सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और पूरे न्याय तंत्र पर उनकी निगरानी रहती है. देश के कानून और संविधान से जुड़े कई बड़े फैसले CJI के मार्गदर्शन में लिए जाते हैं. ऐसे में यह पद सिर्फ सम्मान का ही नहीं बल्कि बड़ी जिम्मेदारी का भी होता है. यही कारण है कि CJI को न सिर्फ अच्छी सैलरी मिलती है, बल्कि कई सरकारी सुविधाएं भी दी जाती हैं.

अभी CJI को कितनी सैलरी मिलती है?

भारत सरकार के नियमों के अनुसार, वर्तमान में CJI को प्रतिमाह 2.80 लाख रुपये सैलरी दी जाती है. यह वेतन सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट जज वेतन अधिनियम के तहत तय होता है. इसमें सिर्फ बेसिक पे शामिल होता है.

CJI को मिलने वाली सुविधाएं

  • दिल्ली में शानदार सरकारी बंगला
  • मोबाइल और लैंडलाइन की मुफ्त सुविधा
  • देश-विदेश में सरकारी खर्च पर यात्रा
  • बिजली-पानी लगभग मुफ्त
  • मुफ्त मेडिकल सुविधा
  • निजी ड्राइवर और सहायक
  • सुरक्षा कवर
  • रिटायरमेंट के बाद पेंशन और सुरक्षा सुविधाएं

8वें वेतन आयोग के बाद CJI की सैलरी कितनी बढ़ेगी?

8वें पे कमीशन में फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच रह सकता है. फिटमेंट फैक्टर बढ़ता है, तो बेसिक पे अपने आप बढ़ जाता है और इसके साथ ही DA, HRA, TA जैसी सुविधाएं भी बढ़ती हैं. अगर फिटमेंट फैक्टर 1.83 होता है तो उनकी सैलरी 5 लाख रुपये के आसपास हो सकती है.

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परिवार को Thank You बोलने का दिन, अमेरिका में क्यों और कब से मनाया जा रहा ‘थैंक्सगिविंग डे’

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Thanksgiving Day 2025: दुनियाभर में हर साल नवंबर के चौथे गुरुवार को थैंक्सगिविंग डे मनाया जाता है, ऐसे में इस बार 27 नवंबर को थैंक्सगिविंग डे मनाया जाएगा. खासकर अमेरिका में नवंबर का महीना आते ही त्योहारों की शुरुआत हो जाती है, लेकिन सबसे ज्यादा एक्साइटमेंट थैंक्सगिविंग डे को लेकर रहती है. थैंक्सगिविंग डे यहां सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि अमेरिकन कल्चर की सबसे मजबूत परंपराओं में से एक माना जाता है.

अमेरिका में थैंक्सगिविंग डे पर पूरा परिवार एक साथ बैठकर खाना खाते हैं, पुरानी परंपराओं को याद करते हैं और पिछले सालों के लिए एक दूसरे को थैंक यू कहते हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि थैंक्सगिविंग डे का मतलब क्या होता है, इसका इतिहास क्या है और अमेरिका में इसे लेकर क्या परंपराएं है.

क्या है थैंक्सगिविंग डे?

थैंक्सगिविंग डे अमेरिका और कनाडा में मनाया जाने वाला नेशनल फेस्टिवल है जो थैंकफूलनेस, फैमिली और साथ रहने की भावना पर आधारित है. अमेरिका में इसे हर साल नवंबर के चौथे गुरुवार को मनाया जाता है. माना जाता है कि इसकी परंपरा 1621 तक जाती है जब प्लिमथ में बसे पिलग्रिम्स ने वैंपानोआग जनजाति के साथ अच्छी फसल होने के लिए धन्यवाद देते हुए एक डिनर रखा थी. हालांकि इतिहासकारों के अनुसार इस घटना को सालों तक आदर्श के रूप में दिखाया गया, लेकिन थैंक्सगिविंग डे को लेकर सच इससे काफी अलग था. बताया जाता है कि 1789 में जॉर्ज वाशिंगटन ने पहली नेशनल थैंक्सगिविंग की घोषणा की थी. वहीं इसे आधिकारिक दर्जा 1863 में राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने दिया था. अब्राहम लिंकन ने गृह युद्ध के दौर में एकता की भावना बढ़ाने के लिए इसे नेशनल हॉलिडे घोषित किया था. बाद में 1941 में इसे नवंबर के चौथे गुरुवार का फेडरल हॉलीडे तय किया गया.

इस दिन बैंक, सरकारी दफ्तर और पोस्ट ऑफिस बंद रहते हैं. ज्यादातर लोगों को इस समय 4 दिन की लंबी छुट्टी मिलती है जो क्रिसमस शॉपिंग सीजन की शुरुआत भी मानी जाती है. वहीं आज यह फेस्टिवल फैमिली के एक साथ आने, टर्की डिनर, परेड और फुटबॉल मैचों की परंपरा से जुड़ गया है. इसके अलावा इस दिन का मतलब लोगों को जीवन की छोटी-छोटी खुशियों के लिए धन्यवाद करना भी सीखाना है.

अमेरिका में कैसे मनाया जाता है थैंक्सगिविंग डे?

अमेरिका में थैंक्सगिविंग डे पर घरों में खास डिनर तैयार किया जाता है. इस डिनर में रोस्टेड टर्की, स्टफिंग, मैश्ड पोटैटो, क्रैनबेरी सॉस, स्वीट पोटैटो, ग्रीन बिन कैसरोल, पंपकिन, पेकन या एप्पल पाई होते हैं. इसके अलावा परेड, फुटबॉल गेम और परिवारों के साथ समय बिताना भी इस दिन का अहम हिस्सा होता है. वहीं अमेरिका में कई लोग इस दिन जरूरतमंदों के लिए खाना बांटने या चैरिटी के कामों में भी हिस्सा लेते हैं. 

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चार्जिंग से हटाते ही डिस्चार्ज हो जाती है फोन की बैटरी? ये हो सकते हैं कारण, ऐसे करें समाधान

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लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद स्मार्टफोन की बैटरी पुरानी हो जाती है और इसे बार-बार चार्ज करना पड़ता है. हालांकि, कई बार नए स्मार्टफोन में भी ऐसी दिक्कत आने लगती है. इससे फोन को यूज करना काफी मुश्किल हो जाता है और घर से बाहर जाने पर पावर बैंक जैसी एक्सेसरीज की जरूरत पड़ती है. अगर आपके नए फोन के साथ भी ऐसा हो रहा है तो इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं. आज हम आपको उन वजहों और उनके समाधान के बारे में बताने जा रहे हैं

बैकग्राउंड ऐप्स

कई बार फोन में एक साथ कई ऐप्स ओपन रह जाती हैं और वो बैकग्राउंड में एक्टिव रहती हैं. ये लगातार रिफ्रेश होने के लिए मोबाइल डेटा का यूज करती हैं. इस वजह से ज्यादा बैटरी की खपत होती है. इसे फिक्स करने के लिए बैकग्राउंड में ओपन ऐप्स को बंद कर दें. साथ ही बैकग्राउंड एक्टिविटी के लिए ज्यादा बैटरी की खपत करने वाली ऐप्स को सेटिंग में जाकर डिसेबल कर दें.

स्क्रीन ब्राइटनेस

आजकल स्मार्टफोन में बड़ी स्क्रीन मिलती है, जो ऑलवेज-ऑन डिस्प्ले जैसे फीचर्स के साथ आती हैं. इसके लिए ज्यादा पावर की जरूरत पड़ती है. इसके अलावा कई लोग फुल ब्राइटनेस में कंटेट देखना पसंद करते है, जिससे बैटरी पर ज्यादा लोड पड़ता है. लंबी बैटरी लाइफ के लिए ऑटो-ब्राइटनेस को टर्न ऑन कर लें. इससे जरूरत के हिसाब से ब्राइटनेस एडजस्ट हो जाती है और बैटरी ज्यादा चलती है.

कमजोर नेटवर्क

ज्यादातर लोग यह नहीं जानते, लेकिन कमजोर मोबाइल नेटवर्क होने की स्थिति में फोन की बैटरी की खपत ज्यादा होती है. नेटवर्क न होने की स्थिति में फोन कनेक्टिविटी के लिए सिग्नल पावर बढ़ा देते हैं, जिससे बैटरी पर लोड पड़ता है. ऐसी स्थिति में बैटरी बचाने के लिए एयरप्लेन मोड इनेबल किया जा सकता है. 

सॉफ्टवेयर का अपडेट न होना

फोन में सॉफ्टवेयर और ऐप्स को अपडेटेड रखना जरूरी है. आउटडेटेड सॉफ्टवेयर और ऐप्स ठीक से परफॉर्म नहीं कर पाते और ज्यादा बैटरी पीते हैं. इसलिए फोन सॉफ्टवेयर और ऐप्स को अपडेट कर लें.

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पाकिस्‍तान के इस प्रांत में रहते हैं लाखों हिंदू, एक भारत में हो जाएगा शामिल! जानें क्यों चर्चा

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भारत के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बयान में कहा कि भविष्य में पाकिस्तान का सिंध इलाका भारत का हिस्सा बन सकता है. राजनाथ सिंह के इस बयान से अचानक भारत–पाक रिश्तों में नई चर्चा छेड़ दी है. पाकिस्तान ने इसे हिंदुत्व की राजनीति और विस्तारवादी सोच करार दिया. यह वह इलाका है, जिसका रिश्ता भारत की सांस्कृतिक विरासत और सिंधु सभ्यता से जुड़ा है. सबसे बड़ी तथ्यात्मक बात यह है कि पाकिस्तान के कुल हिंदू समुदाय का 95% हिस्सा अकेले सिंध में रहता है. 2023 की जनगणना बताती है कि पाकिस्तान में लगभग 52 लाख हिंदू रहते हैं, जिनमें से 49 लाख सिंध में बसे हुए हैं. यानी पाकिस्तान का हिंदू समाज लगभग पूरी तरह इसी प्रांत में केंद्रित है.

2023 की जनगणना के अनुसार सिंध की कुल आबादी लगभग 5.57 करोड़ है. इसमें हिंदू आबादी करीब 8.8% है, जबकि ग्रामीण हिस्सों में यह संख्या 13.3% तक पहुंच जाती है, जो पाकिस्तान के किसी भी प्रांत में सबसे अधिक है. हिंदुओं का सबसे बड़ा बसेरा चार जिलों में है ,जो इस प्रकार है:

उमरकोट (Umerkot)
थारपारकर (Tharparkar)
मीरपुरखास (Mirpurkhas)
संगहार (Sanghar)

इन चार जिलों में करीब 25 लाख हिंदू रहते हैं. सबसे महत्वपूर्ण फैक्ट यह है कि उमरकोट पाकिस्तान का एकमात्र जिला है, जहां हिंदू मुस्लिमों से अधिक संख्या में हैं. यहां हिंदू आबादी लगभग 55 फीसदी है. उमरकोट भारत की राजस्थान सीमा से मात्र 60 किमी दूर है और इसका पुराना नाम अमरकोट था, जिसकी पहचान एक हिंदू राजा के नाम से जुड़ी थी.

विभाजन से पहले कैसा था सिंध?

आज के सिंध को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि 1947 से पहले इसकी सामाजिक बनावट बिल्कुल उलट थी. 1941 की जनगणना के मुताबिक कराची, सुक्कुर, लरकाना, शिकारपुर और खैरपुर इन सभी शहरों में हिंदुओं की जनसंख्या अत्यधिक थी. कई जगह 80–90% तक था. सिंध विभाजन से पहले व्यापार, शिक्षा, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का बड़ा केंद्र था. कराची के अधिकांश व्यापारी, बैंक मालिक, उद्योगपति और शिक्षित वर्ग हिंदू समुदाय से आते थे, लेकिन 1947 के बाद सांप्रदायिक हिंसा, कट्टरपंथ और असुरक्षा के कारण लाखों हिंदू भारत की ओर पलायन कर गए. उमरकोट  में 1947 के आसपास 80 फीसदी आबादी हिंदू थी, आज यह घटकर लगभग 55 फीसदी रह गई है. यहां बचे हुए हिंदुओं में करीब 90 फीसदी अनुसूचित जाति हैं.

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क्रिप्टो में रिकॉर्ड गिरावट, बिटकॉइन भी फिसली, क्या अब है निवेश का सही समय?

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Crypto Market Crash: क्रिप्टो बाजार में पिछले कुछ दिनों से भूचाल आया हुआ है. क्रिप्टोकरेंसी में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. जिससे निवेशकों को तगड़ा नुकसान हुआ हैं. बिटकॉइन की कीमत तो अपने ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड से करीब 30 फीसदी तक टूट गई है.

पिछले दिनों बिटकॉइन अपने 7 महीने की रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 90,000 डॉलर की कीमत से नीचे आ गया था. इसके बाद बिटकॉइन लगातार फिसल रहा है. साथ ही दूसरे क्रिप्टोकरेंसी का हाल भी कुछ ऐसा ही है. एक ओर तो मार्केट गिरने से निवेशकों को झटका लगा हैं, वहीं कुछ निवेशक जो कीमतें गिरने की राह देख रहे थे, उनके लिए यह एक निवेश मौका भी हो सकता हैं…

क्या क्रिप्टो में निवेश का है सही वक्त?

क्रिप्टो की कीमतों में बहुत तेजी से उतार-चढ़ाव आता है. हालांकि, अभी भाव गिरे हुए है. ऐसे में वे निवेशक जो कीमत कम होने का इंतजार कर रहे थे. वे निवेश करने की योजना बना सकते हैं. हालांकि, किसी भी तरह के निवेश फैसले से पहले अपने आर्थिक सलाहकार से राय जरूर लेनी चाहिए. 

बिटकॉइन समेत अन्य क्रिप्टो की गिरी कीमत

coinmarketcap के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे बिटकॉइन 86,865 डॉलर पर कारोबार कर रही थी. बिटकॉइन में पिछले सात दिनों में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट है. एथेरियम 2,823 डॉलर पर ट्रेड कर रही थी. इसमें भी करीब 1 फीसदी की गिरावट थी. वहीं टीथर में हल्की तेजी दिख रही थी. बीएनबी और सोलाना करीब 8 प्रतिशत तक फिसल गए थे.  

क्रिप्टो बाजार में गिरावट की वजह

अमेरिकी फेड के द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने, वैश्विक स्तर पर जारी उतार-चढ़ाव, बड़े और पुराने निवेशकों की बिकवाली और अन्य कारण क्रिप्टो बाजार में गिरावट की वजह हो सकते हैं.  

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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Video: दुकान पर खड़े-खड़े शख्स की हार्ट अटैक से मौत, वीडियो देख बोले लोग- मौत का OTP नहीं आता

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Mandya News: कर्नाटक के मांड्या जिले के हलागुर टाउन में ऐसा ही दिल दहला देने वाला पल सामने आया, जहां एक शख्स खरीदारी करने पेंट की दुकान पर गया और देखते ही देखते अचानक जमीन पर गिर पड़ा. दुकान में मौजूद लोग कुछ समझ पाते इससे पहले ही उसकी सांसें थम चुकी थीं. यह पूरा हादसा दुकान में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुआ.

तबीयत बिगड़ते ही फर्श पर गिरा शख्स

वीडियो की शुरुआत में देखा जा सकता है कि 58 साल के एरण्णैया पेंट की दुकान पर कुछ सामान खरीदने के लिए पहुंचे थे. वह पूरी तरह सामान्य तरीके से दुकानदार से बात कर रहे थे और बिल बनवाने का इंतजार कर रहे थे. लेकिन अचानक कुछ ही सेकंड में उनकी तबीयत बिगड़ी और वह सीधे फर्श पर गिर पड़े.


पास खड़े लोग पहले कुछ पल तक समझ ही नहीं पाए कि क्या हुआ, लेकिन जैसे ही उन्हें एहसास हुआ कि एरण्णैया की हालत गंभीर है. सभी घबरा गए और मदद के लिए दौड़े. दुकानदार और आसपास मौजूद लोग तुरंत उन्हें उठाने की कोशिश करते रहे और अस्पताल ले जाने की भी तैयारी की गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें हार्ट अटैक आया था और मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी.

यूजर्स ने वीडियो देखकर गहरा दुख व्यक्त किया 

कई यूजर्स ने वीडियो पर गहरा दुख व्यक्त किया और परिवार को सांत्वना दी. हलागुर टाउन में भी घटना के बाद शोक का माहौल है. लोग कह रहे हैं कि शख्स मिलनसार स्वभाव के थे और अक्सर बाजार में दिखाई देते थे. एक शख्स ने लिखा, ”मौत का कोई ओटीपी नहीं आता.” स्थानीय लोगों के अनुसार, शख्स अपने परिवार के लिए खरीदारी करने दुकान आए थे, लेकिन वापस घर नहीं जा सके. परिजनों को जब हादसे की खबर मिली तो घर में मातम फैल गया. 


एडन मार्क्रम का ‘फ्लाइंग’ कैच, 10 फीट की छलांग लगाकर पकड़ी गेंद! गुवाहाटी में छाया सन्नाटा

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एडन मार्क्रम ने गुवाहाटी टेस्ट के तीसरे दिन एक शानदार कैच पकड़कर नितीश कुमार रेड्डी की पारी को समाप्त किया. इस शानदार कैच से बेशक टीम इंडिया पर दबाव बढ़ गया, लेकिन इसे देखकर भारतीय फैंस भी उनकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए होंगे. नितीश के रूप में भारत का ये छठा विकेट सिर्फ 119 के स्कोर पर गिरा था, जबकि मेहमान टीम ने पहली पारी में 489 रन बनाए हैं.

एडन मार्क्रम का ‘सुपरमैन’ कैच

एडन मार्क्रम ने ये कैच भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन दूसरे सेशन में पकड़ा. 42वां ओवर मार्को यानसन ने डाला, इस ओवर की चौथी गेंद उन्होंने धीमे गति से बाउंसर डाली. गति से चकमा खाए नितीश कुमार रेड्डी के ग्लब्स पर गेंद लगकर ‘गली’ की दिशा में गई. गेंद हवा में थी, फोर्थ स्लिप की पोजीशन पर खड़े मार्क्रम ने तुरंत दौड़ लगा दी. गेंद फिर भी उनसे काफी दूर गिर रही थी, तब उन्होंने डाइव लगाकर एक हाथ से गेंद को पकड़ ही लिया. इस तरफ भारत का छठा विकेट गिरा.

यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने की थी अच्छी शुरुआत

दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 489 रनों का बड़ा स्कोर बनाया है. सेनुरन मुथुसामी ने शतक (109) और मार्को यानसन ने 93 रनों की तेज तर्रार पारी खेली थी. बल्लेबाजी के बाद यानसन ने गेंदबाजी में भी कहर बरपाया. इससे पहले यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई थी, दोनों ने पहले विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी की थी. लेकिन इस जोड़ी के टूटने के बाद टीम इंडिया की पारी बिखर गई.

केएल राहुल (22) को केशव महाराज ने आउट किया. अर्धशतक लगाकर यशस्वी (58) साइमन हार्मर का शिकार बने. तीसरे नंबर पर आए साई सुदर्शन 15 रन बनाकर हार्मर की गेंद पर कैच आउट हुए. इसके बाद तो मार्को यानसन ने कहर बरपा दिया, उन्होंने ध्रुव जुरेल (0), ऋषभ पंत (7), रवींद्र जडेजा (6), नितीश कुमार रेड्डी जैसे बल्लेबाजों को सस्ते में निपटा दिया. खबर लिखे जाने तक भारत का स्कोर 147/7 है. दक्षिण अफ्रीका से टीम इंडिया 342 रन पीछे हैं.



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Dharmendra Death Updates: एक्टर धर्मेंद्र का निधन, तीनों बेटियां- हेमा मालिनी पहुंची घर

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दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र की तबीयत फिर से खराब हो गई है. वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे. धर्मेंद्र का कुछ दिन ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में ट्रीटमेंट चला था. इसके बाद उन्हें फिर घर ले जाया गया. घर से धर्मेंद्र का ट्रीटमेंट चल रहा था. लेकिन अब एक बार फिर से धर्मेंद्र की तबीयत खराब हो गई है. धर्मेंद्र के घर बाहर एंबुलेंस पहुंच गई है. उनके घर के बाहर बैरिकेडिंग की गई है. धर्मेंद्र की तीनों बेटियां ईशा-अजीता-विजेता उनसे हाल-चाल लेने उनके घर भी पहुंची हैं. धर्मेंद्र की पत्नी हेमा मालिनी भी उनसे मिलने के लिए पहुंचीं.

धर्मेंद्र से मिलने के लिए सेलिब्रिटीज भी उनके घर पहुंच रहे हैं.

लंबे समय से बीमार थे धर्मेंद्र

धर्मेंद्र काफी समय से बीमार थे. उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. हॉस्पिटल में धर्मेंद्र से मिलने के लिए कई एक्टर्स पहुंचे थे. सलमान खान, शाहरुख खान, गोविंदा, अमीषा पटेल जैसे एक्टर्स उनका हाल-चाल लेने पहुंचे थे. धर्मेंद्र को 31 अक्टूबर 2025 को रेगुलर चेकअप के लिए हॉस्पिटल ब्रीच कैंडी में एडमिट करवाया गया था. इसके बाद 10 नवंबर को उनकी तबीयत अचानक से खराब हुई थी. उनका लंबे समय तक हॉस्पिटल में ट्रीटमेंट हुआ और फिर उन्हें घर ले जाया गया. खबरें थीं कि धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश चाहती थीं कि धर्मेंद्र का इलाज घर पर ही हो. इसीलिए उनका घर से ही ट्रीटमेंट चल रहा था.

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इन फिल्मों में धर्मेंद्र ने किया काम

बता दें कि धर्मेंद्र ने 1960 में फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे से डेब्यू किया था. इसके बाद वो शोला और शबनम में नजर आए थे. धर्मेंद्र ने कई शानदार फिल्में की हैं. उनकी अनपढ़, बंदिनी, पूजा के फूल, हकीकत, फूल और पत्थर,अनुपमा, खामोशी, प्यार ही प्यार, तुम हसीन में जवां,सीता और गीता, लोफर, यादों की बारात,शोले जैसी कई शानदार फिल्में की हैं.

‘इक्कीस’ का पोस्टर रिलीज

धर्मेंद्र 89 की उम्र में लगातार काम कर रहे हैं. उन्हें पिछली बार फिल्म तेरी बातों में उलझा जिया में काम किया था. इस फिल्म में जय सिंह अग्निहोत्री के रोल में थे. अब वो फिल्म इक्कीस में नजर आएंगे. इक्कीस 25 दिसंबर को रिलीज होगी. इस फिल्म का पोस्टर सोमवार को रिलीज हो गया है. फिल्म को श्रीराम राघवन ने डायरेक्ट किया है. ये एक वॉर-ड्रामा फिल्म है. इसमें अगस्त्य नंदा लीड रोल में हैं.

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