तेनु लेके मैं जावांगा… स्मृति मंधाना और पलाश ने जमकर किया डांस, दूल्हा-दुल्हन का डांस वीडियो

[ad_1]


भारतीय महिला क्रिकेटर स्मृति मंधाना और म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छल की आज शादी है. शनिवार को संगीत समारोह में जेमिमा, रेणुका आदि महिला खिलाड़ियों ने दुल्हन स्मृति और दूल्हे पलाश के लिए एक डांस प्रस्तुति दी. एक वीडियो स्मृति और पलाश का भी वायरल हो रहा है, दोनों बॉलीवुड गाने (तेनु लेके मैं जावंगा) पर डांस कर रहे हैं.

स्मृति मंधाना और पलाश मुच्छल की शादी पिछले काफी दिनों से सुर्खियां बनी हुई है. शादी आज, 23 नवंबर को है. गुरुवार को हल्दी सेरेमनी हुई, शुक्रवार को मेहंदी सेरेमनी हुई. इनके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए, सभी महिला खिलाड़ी शादी को खूब एन्जॉय कर रही हैं. शनिवार को संगीत समारोह था, जिसमें स्मृति और पलाश के परिवार, और दोस्तों ने डांस किया. दूल्हा-दुल्हन के डांस ने भी सभी का दिल जीत लिया.

स्मृति मंधाना और पलाश मुच्छल का डांस वायरल

वायरल वीडियो में स्मृति मंधाना माला लेकर स्टेज पर चढ़ती हैं और पलाश को पहना देती है. ये ‘तेनु ले के मैं जावंगा’ गाने पर हो रहा था, फिर दोनों ने दिल खोलकर डांस किया. स्मृति ने भी फूलों की माला पहनी हुई थी, जो शायद पलाश ने ही उन्हें गाने के पहले हिस्से में पहनाई थी.


महिला साथी खिलाड़ियों ने भी किया डांस

श्रेयंका पाटिल ने यास्तिका भाटिया के साथ इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया, जिसमें वह और अन्य महिला खिलाड़ी स्टेज पर बॉलीवुड गानों पर डांस कर रही हैं. उन्होंने लिखा, “अभी सिर्फ टीजर है, पूरा वीडियो बाद में शेयर करूंगी.”


स्मृति मंधाना और पलाश मुच्छल की शादी आज है. रिपोर्ट के मुताबिक दोनों 2019 से एक दूसरे को जानते हैं. ओडीआई वर्ल्ड कप के दौरान ये खबर आई थी कि मंधाना पलाश संग शादी करने जा रही हैं. पलाश इंदौर के रहने वाले हैं.



[ad_2]

‘यूक्रेन पूरी ताकत के साथ लड़ाई जारी रख सकता है’, ट्रंप का चौंकाने वाला बयान

[ad_1]


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान साफ कहा कि अमेरिका ने जो शांति मसौदा कीव को भेजा है, वह उनकी अंतिम पेशकश नहीं है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर यूक्रेन चाहता है तो वह पूरी ताकत के साथ लड़ाई जारी रख सकता है. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका इस संघर्ष को किसी भी स्थिति में खत्म करवाएगा और यूक्रेन से 27 नवंबर तक जवाब देने की अपेक्षा की गई है. इसी बातचीत में ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर 2022 में वे राष्ट्रपति होते तो रूस–यूक्रेन युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता.

अमेरिकी राजनीति में एक बड़ी हलचल तब हुई, जब रिपब्लिकन सीनेटर माइक राउंड्स ने बताया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सीनेटरों को यह जानकारी दी कि अमेरिका की ओर से तैयार की गई 28-बिंदुओं वाली शांति योजना वास्तव में रूस से मिले कंटेंट पर आधारित है. हालांकि अमेरिकी विदेश विभाग ने इस दावे पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की. इसी बीच अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और यूक्रेन के प्रतिनिधि जिनेवा में इस मसौदे की समीक्षा और संशोधन पर चर्चा करने वाले हैं.

देश सबसे मुश्किल फैसले के सामने-जेलेंस्की

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी प्रस्ताव पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि कीव इस समय अपने इतिहास के सबसे कठिन दौर में है. उन्होंने कहा कि अमेरिका से आने वाला ये मसौदा रूस के हितों के करीब दिखाई दे रहा है और यूक्रेन पर इसे मानने का दबाव भी बढ़ रहा है. ज़ेलेंस्की का कहना है कि उन्हें तय करना होगा कि देश अपनी गरिमा को बचाए या फिर एक बड़े सहयोगी को खोने का जोखिम उठाए. उन्होंने अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखने की बात कही और अपने चीफ ऑफ स्टाफ एंड्री यरमक को वार्ता की पूरी जिम्मेदारी सौंपी है.

मसौदे पर यूरोप की आपत्ति

G20 में शामिल यूरोपीय देशों ने अमेरिका की योजना पर अपनी चिंता दर्ज की. उनके बयान में कहा गया कि यह मसौदा आपसी बातचीत के लिए आधार तो बन सकता है, लेकिन इसमें कई प्रमुख बिंदुओं को बदलने की जरूरत है. यूरोपीय देशों ने दोहराया कि किसी भी देश की सीमाएं बलपूर्वक नहीं बदली जानी चाहिए और यदि यूक्रेन अपनी वर्तमान स्थिति को छोड़ देता है तो वह भविष्य के लिए असुरक्षित हो जाएगा. लीक हुए अमेरिकी मसौदे में यूक्रेन से पूर्वी डोनेट्स्क के कुछ हिस्से छोड़ने, रूस के नियंत्रण वाले क्षेत्रों को मान्यता देने और खेरसॉन व ज़ापोरिज्जिया में युद्ध रेखा को स्थिर करने जैसे सुझाव शामिल बताए गए हैं.

इसके साथ यूक्रेन की सेना की संख्या सीमित करने और उसके पड़ोसी पोलैंड में यूरोपीय लड़ाकू विमानों की तैनाती का प्रस्ताव भी सामने आया है. दूसरी तरफ रूस को धीरे-धीरे आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने और संभवतः भविष्य में G7 में वापसी का रास्ता खोलने की बात भी इस मसौदे में शामिल है.

ब्रिटेन का विरोध

G20 के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ट्रंप और ज़ेलेंस्की दोनों से मुलाकात की. स्टार्मर ने स्पष्ट कहा कि यूक्रेन की सैन्य क्षमता को सीमित करने वाला कोई भी प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं है और युद्ध विराम के बाद भी कीव को अपनी रक्षा करने की पर्याप्त क्षमता बनाए रखने की जरूरत है. उनका कहना है कि सुरक्षा गारंटी ऐसे नहीं दी जा सकतीं कि यूक्रेन भविष्य में खुद को सुरक्षित न रख पाए.

योजना आधार बन सकती है-पुतिन

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी इस मसौदे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी. उनका कहना है कि अमेरिका की ओर से भेजी गई योजना बातचीत का आधार बन सकती है, लेकिन मॉस्को युद्ध जारी रखने के लिए भी पूरी तरह तैयार है. पश्चिमी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बीते महीनों में रूस ने दक्षिण–पूर्वी मोर्चे पर धीरे-धीरे अपनी पकड़ और मजबूत की है.

ये भी पढ़ें: Hamas Terror Network: ‘यूरोप में हमले की साजिश, हमास तैयार कर रहा ऑपरेशनल नेटवर्क’, मोसाद के दावे से मचा हड़कंप

[ad_2]

केदारनाथ में तबाही मचाने वाली चट्टानें बनीं आस्था का केंद्र, 31 आकृतियों ने बढ़ाई श्रद्धा और रहस्य!

[ad_1]

2013 में केदारनाथ घाटी पर हुए भीषण आपदा ने सब को झकझोर के रख दिया था. जिसमें पहाड़ों के टूटने के बाद चट्टानों ने मंदिर को घेर लिया था. मगर उन चट्टानों को लेकर एक नया चमत्कार सामने आ रहा है, जहां उन चट्टानों पर भगवान शिव के अद्भुत स्वरूप दिखाई देने लगे हैं.

2013 में केदारनाथ घाटी पर हुए भीषण आपदा ने सब को झकझोर के रख दिया था. जिसमें पहाड़ों के टूटने के बाद चट्टानों ने मंदिर को घेर लिया था. मगर उन चट्टानों को लेकर एक नया चमत्कार सामने आ रहा है, जहां उन चट्टानों पर भगवान शिव के अद्भुत स्वरूप दिखाई देने लगे हैं.

वहां के स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों ने बताया कि इन चट्टानों पर करीब 31 अलग-अलग आकृतियां दिखाई दे रही हैं. जिसमें से कई चट्टानों पर भगवान शिव की आकृतियों मानी जा रही है. दूर से देखने पर ये मानवीय रूप नहीं लगते, लेकिन पास पहुंचने पर आकृतियों का आकार साफ नज़र आता है.

वहां के स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों ने बताया कि इन चट्टानों पर करीब 31 अलग-अलग आकृतियां दिखाई दे रही हैं. जिसमें से कई चट्टानों पर भगवान शिव की आकृतियों मानी जा रही है. दूर से देखने पर ये मानवीय रूप नहीं लगते, लेकिन पास पहुंचने पर आकृतियों का आकार साफ नज़र आता है.

इन चट्टानों को देखकर ऐसा लगता है कि यह एक विशाल मूर्ति परिसर में बदल गई है. इन चट्टानों पर शिव के वाहन नंदी का आकार दिखाई देता है, वहीं अन्य जगहों पर साधुओं और भक्तों जैसी आकृतियां उभरी नजर आती हैं.

इन चट्टानों को देखकर ऐसा लगता है कि यह एक विशाल मूर्ति परिसर में बदल गई है. इन चट्टानों पर शिव के वाहन नंदी का आकार दिखाई देता है, वहीं अन्य जगहों पर साधुओं और भक्तों जैसी आकृतियां उभरी नजर आती हैं.

अभी तक इनका कोई भी वैज्ञानिक जवाब नहीं मिला है कि इतने बड़े आकार की आकृतियां कैसे बन गई हैं.कुछ लोग तो इसे प्रकृति की कला मानते हैं और कुछ इसे दिव्य संकेत मानकर श्रद्धा से जोड़ते हैं.

अभी तक इनका कोई भी वैज्ञानिक जवाब नहीं मिला है कि इतने बड़े आकार की आकृतियां कैसे बन गई हैं.कुछ लोग तो इसे प्रकृति की कला मानते हैं और कुछ इसे दिव्य संकेत मानकर श्रद्धा से जोड़ते हैं.

अब केदारनाथ की यह घटना तीर्थयात्रियों के लिए एक नया रहस्य और आस्था का अनुभव बन चुकी है. जिसके लिए लोग केदारनाथ पहुंच रहें हैं. कई लोगों का कहना है कि यह शिव की उपस्थिति का प्रमाण है.

अब केदारनाथ की यह घटना तीर्थयात्रियों के लिए एक नया रहस्य और आस्था का अनुभव बन चुकी है. जिसके लिए लोग केदारनाथ पहुंच रहें हैं. कई लोगों का कहना है कि यह शिव की उपस्थिति का प्रमाण है.

ये आकृतियां सिर्फ पत्थर नहीं बल्कि आस्था, इतिहास और प्रकृति की एक अद्भुत कहानी बन चुकी हैं. चाहे यह संयोग हो या चमत्कार, केदारनाथ की ये चट्टानें अब हर गुजरते दिन के साथ और ज्यादा चर्चा में आ रही हैं.

ये आकृतियां सिर्फ पत्थर नहीं बल्कि आस्था, इतिहास और प्रकृति की एक अद्भुत कहानी बन चुकी हैं. चाहे यह संयोग हो या चमत्कार, केदारनाथ की ये चट्टानें अब हर गुजरते दिन के साथ और ज्यादा चर्चा में आ रही हैं.

Published at : 23 Nov 2025 12:28 PM (IST)

धर्म फोटो गैलरी

[ad_2]

जेब में रख लें पैसे, इस सप्ताह मार्केट में आ रहे हैं 3 IPO, जानें GMP समेत पूरी डिटेल

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

New IPO India: भारतीय शेयर मार्केट में पिछले कुछ दिनों में बहुत सी कंपनियों के आईपीओ बाजार में आ चुके हैं. 24 नवंबर से शुरु हो रहे कारोबारी सप्ताह में भी तीन आईपीओ बाजार में आने को तैयार है. निवेशकों को एक बार फिर दांव लगाने का अवसर मिलने वाला है. आइए जानते हैं, इन कंपनियों के बारे में…. 

1. एसएसएमडी एग्रोटेक इंडिया आईपीओ

एसएसएमडी एग्रोटेक इंडिया का आईपीओ 25 नवंबर को खुल रहा है. निवेशकों के पास 27 नवंबर तक दांव लगाने का अवसर होगा. कंपनी ने आईपीओ के जरिए 34.09 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बनाई है. आईपीओ के तहत 28 लाख फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे.

कंपनी ने शेयर प्राइस बैंड 114 रुपए से 121 रुपए प्रति शेयर फिक्स किया है. कंपनी ने रिटेल निवेशकों के लिए 2,000 शेयरों का एक लॉट बनाया है. यानी कि निवेशकों को एकमुश्त करीब 2,42,000 रुपए खर्च करने होंगे.

2. मदर न्यूट्री फूड्स आईपीओ

मदर न्यूट्री फूड्स एसएमई सेगमेंट के तहत अपना आईपीओ ला रही है. कंपनी का आईपीओ 26 नवंबर को ओपन हो रहा है, जो 28 नवंबर तक खुला रहेगा. कंपनी आईपीओ के जरिए 39.59 करोड़ रुपए जुटाएगी. कंपनी ने शेयर प्राइस बैंड 111 रुपये से 117 रुपए के बीच तय किया है.

कंपनी आईपीओ के माध्यम से 27 लाख फ्रेश शेयर जारी करने वाली है. कंपनी की ओर से 1200 शेयरों का एक लॉट बनाया गया है.  

3. के के सिल्क मिल्स आईपीओ

के के सिल्क मिल्स का आईपीओ 26 नवंबर से 28 नवंबर के बीच खुला रहेगा. आईपीओ साइज 28.50 करोड़ रुपए का है. कंपनी ने शेयर प्राइस बैंड 36 रुपए से 38 रुपए के बीच प्रति शेयर तय किया है. आईपीओ के जरिए कंपनी 75 लाख शेयर जारी करने वाली है.  

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

यह भी पढ़ें: फिक्स्ड या स्टेप-अप SIP? जानें कौन से विकल्प में जल्दी बनेगा करोड़ों रुपए का कॉर्पस

[ad_2]

क्या है Nano Banana 2? जिसने इंटरनेट पर मचा दिया तहलका, जानिए पूरी जानकारी

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Google Gemini Nano Banana 2: AI की दुनिया में एक बार फिर हलचल मच चुकी है और इसकी वजह है Google DeepMind का नया इमेज-जनरेशन मॉडल Nano Banana 2 जिसे कई लोग Nano Banana Pro भी कह रहे हैं. पहले वर्ज़न की वायरल सफलता के बाद Google ने इसका और भी दमदार, प्रोफेशनल और एडवांस अपडेट लॉन्च किया है जो Gemini 3 Pro आर्किटेक्चर पर आधारित है. इस बार यह मॉडल न सिर्फ पहले से ज्यादा पावरफुल है बल्कि स्टूडियो-क्वालिटी इमेज, मल्टीलिंगुअल टेक्स्ट और Google Search आधारित वास्तविक जानकारी भी तैयार कर सकता है.

Nano Banana 2 क्या है?

Nano Banana 2 असल में एक अगली पीढ़ी का इमेज जनरेशन और एडिटिंग मॉडल है. यह 2K और 4K रेज़ोल्यूशन में बेहद हाई-क्वालिटी विज़ुअल तैयार कर सकता है. साथ ही इसमें एडवांस्ड एडिटिंग कंट्रोल भी दिए गए हैं जैसे लाइटिंग एडजस्टमेंट, फोकस कंट्रोल, कलर ग्रेडिंग और रियलिस्टिक डेप्थ. इसका सबसे बड़ा फीचर यह है कि यह इमेज के अंदर बिल्कुल साफ़ और सटीक टेक्स्ट लिख सकता है वो भी किसी भी भाषा में.

इसका मतलब है कि आप इसे किसी भी विषय पर इन्फ़ोग्राफ़िक बनाने के लिए कहें, और यह वास्तविक जानकारी, मल्टी-स्टेप विज़ुअल और बहुभाषी टेक्स्ट के साथ पूरा डिज़ाइन तैयार कर देगा. क्योंकि यह Google Search से निकली वास्तविक जानकारी का उपयोग करता है, इसलिए यह मौसम, स्पोर्ट्स या किसी भी रियल-टाइम डेटा को भी इमेज में शामिल कर सकता है.

Google इसे Gemini ऐप, Google Ads, Workspace और एंटरप्राइज़ API जैसी कई सेवाओं में रोल आउट कर रहा है. सभी इमेजेज़ में SynthID वॉटरमार्क भी होंगे ताकि यह पहचानना आसान हो सके कि यह AI-जनरेटेड है.

Nano Banana 1 और Nano Banana 2 में क्या अंतर है?

पहला Nano Banana मॉडल अपनी मज़ेदार इमेजेस और तेज एडिटिंग क्षमताओं की वजह से तेजी से वायरल हुआ था लेकिन इसका टेक्स्ट आउटपुट और रियल-टाइम जानकारी सीमित थी. नई पीढ़ी Nano Banana 2 काफी अधिक पेशेवर और सटीक बन गई है. इसमें 4K रेज़ोल्यूशन का सपोर्ट, बेहतर लाइटिंग, बेहतर कंपोज़िशन और असली कैमरा जैसी इमेज-क्वालिटी मिलती है.

पहले वर्जन में इमेज में लिखा टेक्स्ट अक्सर गलत, बिगड़ा हुआ या अजीब लगता था जबकि Nano Banana 2 मल्टीलिंगुअल टाइपोग्राफी को प्रोफेशनल स्टाइल में प्रस्तुत करता है. यह मॉडल Google Search को सीधे इमेज जनरेशन में जोड़ता है जिससे यह वास्तविक और अपडेटेड डेटा के साथ विज़ुअल बना सकता है जो Nano Banana 1 में संभव नहीं था. इसके अलावा, यह 14 तक रेफरेंस इमेज इनपुट लेकर ब्रांडिंग से लेकर प्रोफेशनल कंटेंट क्रिएशन तक के लिए बेहतर स्टाइल कंट्रोल प्रदान करता है.

यह भी पढ़ें:

YouTube के नए AI टूल्स भारत की क्रिएटिव और नॉलेज इंडस्ट्री को देने जा रहा है नई उड़ान, जानिए कैसे करेगा काम

[ad_2]

उदयपुर की ग्रैंड वेडिंग में माधुरी दीक्षित ने डोला रे डोला पर किया डांस, यूजर्स बोले- ऐश्वर्या

[ad_1]


बिजनेसमैन रामा राजू मंटेना की बेटी नेत्रा मंटेना की शादी चर्चा में बनी है. शादी टेक एंटरप्रेन्योर वामसी गदिराजू संग हो रही है. उनकी शादी चर्चा में बनी है. बड़े-बड़े सेलेब्स इस शादी का हिस्सा हैं. अब मेहंदी सेरेमनी का एक वीडियो सामने आया है, इसमें एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित डांस करती दिख रही हैं. 

माधुरी दीक्षित का डांस वायरल
वो फिल्म देवदास के गाने डोला रे डोला पर डांस कर रही हैं. माधुरी की एनर्जेटिक परफॉर्मेंस बहुत पसंद आ रही है. इस दौरान उन्होंने ग्रीन लहंगा पहना और साथ में पिंक दुपट्टा कैरी किया है. माधुरी को इस गाने पर डांस करते देख फैंस को ऐश्वर्या राय भी याद आ गई हैं. एक यूजर ने लिखा- अच्छा है पर ऐश्वर्या और होती तो ज्यादा मजा आता. बता दें कि ओरिजनल सॉन्ग में माधुरी और ऐश्वर्या दोनों ने डांस किया था. 

नोरा फतेही और दीया मिर्जा भी दिखीं


उदयपुर की ग्रैंड वेडिंग में माधुरी दीक्षित ने डोला रे डोला पर किया डांस, यूजर्स बोले- ऐश्वर्या भी होनी चाहिए थीं

डोला रे डोला के अलावा माधुरी ने ढोलिडा, जय हो और रंगीलो मारो ढोलना जैसे गानों पर डांस किया है. मालूम हो कि इस मेहंदी सेरेमनी की होस्ट दीया मिर्जा थीं. वहीं नोरा फतेही ने भी अपने डांस से स्टेज पर आग लगा दी थी.

नेत्रा मंटेना की शादी का हिस्सा बने ये बड़े-बड़े सेलेब्स

बता दें कि नेत्रा और वामसी की वेडिंग फेस्टिविटीज 21 नवंबर से शुरू हुई. 23 नंवबर को वो शादी के बंधन में बंधेंगे. उनकी संगीत नाइट में करण जौहर और सौफी चौधरी ने होस्ट किया. रणीर सिंह, वरुण धवन, जाह्नवी कपूर, कृति सेनन और शाहिद कपूर जैसे स्टार्स ने डांस किया और अपनी परफॉर्मेंस से संगीत में जान डाल दी थी.

दुबई बेस्ड इंफ्लुएंसर फरहाना बोदी ने भी वेडिंग फेस्टिविटीज अटेंड की. इन फंक्शन में यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर भी सेलिब्रेशन का हिस्सा बने. सोशल मीडिया पर उनकी वेडिंग फेस्टिविटीज के वीडियोज वायरल हैं, जिनमें सभी एंजॉय कर रहे हैं.



[ad_2]

Budh Gochar 2025: आज बुध का तुला राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन राशियों पर क्या होगा प्रभाव?

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Budh Gochar 2025: बुद्धि, संवाद, व्यापार निर्णय क्षमता और वित्तीय स्थिरता के कारक ग्रह बुध 23 नवंबर 2025 को तुला राशि में प्रवेश होने जा रहे है. जो कि 6 दिसम्बर 2025 तक इसी राशि में रहेंगे.

ग्रहों में युवराज बुध एक शुभ ग्रह है लेकिन कुछ परिस्थितियों में अशुभ ग्रहों के संपर्क में आने पर यह बुरे परिणाम देते है. बुध के राशि परिवर्तन से कुछ राशि वालों को शुभ तो कुछ राशि वालों को अशुभ फल की प्राप्ति होगी. आईए जानते आपकी राशि पर क्या प्रभाव रहेगा?

बुध गोचर का मेष राशि पर प्रभाव

  • बुध 3rd व 6th हाउस के लॉर्ड होकर 7th हाउस में.
  • सही वित्त प्रबंधन के कारण बिजनेस में नई सफलता मिलेगी.
  • मेहनत का परिणाम प्रमोशन या सैलरी हाइक के रूप में मिल सकता है.
  • रोमांटिक लाइफ बेहतर रहेगी, लेकिन पर्सनल लाइफ में हल्का तनाव संभव.
  • विद्यार्थी पढ़ाई के साथ अतिरिक्त कौशल जैसे कोडिंग, डांस, आर्ट, म्यूजिक सीख सकते हैं.
  • स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें.

उपाय: बुधवार को गणपति मंदिर में दूर्वा व लाल पुष्प चढ़ाकर “ॐ गं गणपतये नमः” की 1 माला जपें.

बुध गोचर का वृषभ राशि पर प्रभाव

  • बुध 2nd व 5th हाउस के लॉर्ड होकर 6th हाउस में.
  • धन लाभ के संकेत हैं. ऑनलाइन मार्केटिंग व आउटसोर्सिंग से जुड़े लोगों को फायदा मिलेगा.
  • कौशल के बल पर किसी बड़ी कंपनी से जॉब ऑफर मिल सकता है मौका न गंवाएं.
  • प्रेम जीवन सामान्य रहेगा, प्रेम विवाह में तनाव हो सकता है. परिवार का सहयोग मिलेगा.
  • विद्यार्थी की कम्युनिकेशन स्किल में सुधार होगा, स्मार्ट स्टडी जरूरी.
  • नियमित व्यायाम स्वास्थ्य के लिए लाभकारी.

उपाय: बुधवार को चार सूखे जटा वाले नारियल की माला बनाकर गणेश जी को अर्पित करें.

बुध गोचर का मिथुन राशि पर प्रभाव

  • बुध आपकी राशि व 4th हाउस के लॉर्ड होकर 5th हाउस में.
  • बिजनेस में उतार-चढ़ाव संभव, कर्मचारियों को प्रेरित रखें.
  • नौकरीपेशा को सैलरी कट या जॉब असुरक्षा का डर स्थिति जल्द सामान्य होगी.
  • रिश्तेदारों से विवाद न करें, शांत रहें.
  • विद्यार्थी ओवरकॉन्फिडेंस से बचें.
  • परिवार के साथ छोटी यात्रा संभव.

उपाय: व्यापार स्थान पर गणेश जी व श्रीयंत्र की स्थापना करके प्रतिदिन पूजा करें.

बुध गोचर का कर्क राशि पर प्रभाव

  • बुध 3rd व 12th हाउस के लॉर्ड होकर 4th हाउस में.
  • व्यवसाय में अब प्रगति व लाभ मिलने लगेगा.
  • कार्यस्थल पर ट्रेनिंग/सेमिनार आयोजित करना फायदेमंद रहेगा.
  • पर्सनल लाइफ समृद्ध होगी, परिवार-मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा.
  • विद्यार्थी व कलाकार बेहतर प्रदर्शन करेंगे.
  • स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा.

उपाय: कुंडली में नीच बुध या बुध महादशा हो तो शिवलिंग पर हरी मूंग चढ़ाएँ.

बुध गोचर का सिंह राशि पर प्रभाव

  • बुध 2nd व 11th हाउस के लॉर्ड होकर 3rd हाउस में.
  • बिजनेस स्टेटस सुधरेगा, नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे.
  • नौकरी में सॉफ्ट स्किल सुधारना फायदेमंद रहेगा.
  • माता-पिता से रिश्तों में तनाव हो सकता है, धैर्य रखें.
  • विद्यार्थी प्रेरक कहानियाँ पढ़ें ताकि सकारात्मकता बनी रहे.
  • स्वास्थ्य में परेशानी संभव योग और मेडिटेशन अपनाएं.

उपाय: बुधवार को गणेश सहस्त्रनाम का जप करें और मोदक का भोग लगाएँ.

बुध गोचर का कन्या राशि पर प्रभाव

  • बुध आपकी राशि व 10th हाउस के लॉर्ड होकर 2nd हाउस में.
  • बिजनेस संपत्तियों में वृद्धि होगी, काम में प्लानिंग जरूरी.
  • प्रमोशन या जॉब चेंज में समय लगेगा, स्किल डेवलपमेंट पर फोकस करें.
  • परिवार, प्रेम और रिश्तों में सुखद समय.
  • विद्यार्थी मेंटर के साथ बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर पाएंगे.
  • स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, पर सावधानी रखें.

उपाय: बुधवार को गाय को हरा चारा खिलाएँ और किन्नर को सुहाग सामग्री दान करें.

बुध गोचर का तुला राशि पर प्रभाव

  • बुध 9th व 12th हाउस के लॉर्ड होकर आपकी राशि में.
  • बिजनेस में निवेशकों की रुचि बढ़ेगी, साझेदारी में सतर्क रहें.
  • जॉब चेंज के अवसर मिल सकते हैं.
  • प्रेम संबंधों में सुधार, बंधन मजबूत होगा.
  • मानसिक तनाव से बचने के लिए योग-ध्यान करें.
  • विद्यार्थी समय पर असाइनमेंट पूरे करेंगे.

उपाय: साबुत मूंग के 7 दाने, हरा पत्थर व कांसे का गोल टुकड़ा हरे कपड़े में लपेटकर बुधवार को बहते पानी में प्रवाहित करें.

बुध गोचर का वृश्चिक राशि पर प्रभाव

  • बुध 8th व 11th हाउस के लॉर्ड होकर 12th हाउस में.
  • बिजनेस का रेवेन्यू ग्राफ ऊपर जाएगा.
  • बॉस नाराज हो सकते हैं काम पर फोकस बढ़ाएँ.
  • सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि बढ़ेगी, इस समय का उपयोग करें.
  • कलाकारों को ऑनलाइन शो से नए कॉन्ट्रैक्ट मिलेंगे.
  • पेट दर्द, बुखार, सिरदर्द की समस्या हो सकती है.

उपाय: बुधवार को गणेश जी को 11 दूर्वा की गांठ हल्दी लगाकर अर्पित करें.

बुध गोचर का धनु राशि पर प्रभाव

  • बुध 7th व 10th हाउस के लॉर्ड होकर 11th हाउस में.
  • बिजनेस को नई पहचान मिलेगी, अटके काम बनेंगे.
  • वर्किंग कल्चर में सुधार से आत्मविश्वास बढ़ेगा.
  • पर्सनल संबंधों में तनाव काम और निजी जीवन अलग रखें.
  • विद्यार्थी को परीक्षा हेतु यात्रा करनी पड़ सकती है.
  • स्वास्थ्य में लापरवाही न करें.

उपाय: बुधवार को “ऊँ बुं बुधाय नमः” मंत्र का जाप करें.

बुध गोचर का मकर राशि पर प्रभाव

  • बुध 6th व 9th हाउस के लॉर्ड होकर 10th हाउस में.
  • स्टार्टअप/बिजनेस को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी.
  • कार्यस्थल पर बाधाएँ आएँगी.
  • अपने काम पर ध्यान रखें. परिणाम अपने आप आएँगे.
  • विद्यार्थी परीक्षा के लिए बार-बार रिविजन करें.
  • प्रोफेशनल लाइफ अनुकूल रहेगी.

उपाय: बुधवार को स्नान के बाद गणेश जी को घी व गुड़ का भोग लगाएँ.

बुध गोचर का कुंभ राशि पर प्रभाव

  • बुध 5th व 8th हाउस के लॉर्ड होकर 9th हाउस में.
  • नए या स्थापित बिजनेस में तेज़ी से ग्रोथ होगी.
  • आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी.
  • प्रेम संबंधों में सामंजस्य रहेगा.
  • विदेश शिक्षा चाहने वाले छात्रों को सफलता मिल सकती है.
  • स्वास्थ्य व संपत्ति में स्थिरता आएगी.

उपाय: कार्य लगातार बिगड़ रहे हों तो बुधवार को संकटनाशक स्तोत्र का पाठ करें.

बुध गोचर का मीन राशि पर प्रभाव

  • बुध 4th व 7th हाउस के लॉर्ड होकर 8th हाउस में.
  • बिजनेस विस्तार के लिए अच्छा समय.
  • दैनिक खर्च बढ़ सकते हैं.
  • पार्टनर के साथ रिश्तों में कड़वाहट अच्छे-बुरे दोनों अनुभव होंगे.
  • विद्यार्थियों की एकाग्रता कम योग-मेडिटेशन शामिल करें.
  • स्वास्थ्य पर ध्यान जरूरी.

उपाय: बुधवार को शिवलिंग पर बिल्वपत्र चढ़ाते हुए “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

[ad_2]

‘यूरोप में हमले की साजिश, हमास तैयार कर रहा ऑपरेशनल नेटवर्क’, मोसाद के दावे से मचा हड़कंप

[ad_1]


इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने यूरोप की सुरक्षा को लेकर बड़ा दावा किया है. एजेंसी का कहना है कि गाजा में सक्रिय आतंकी संगठन हमास ने यूरोप के कई देशों में एक गुप्त ऑपरेशनल ढांचा खड़ा कर लिया है. यह ढांचा खुफिया इकाई की तरह काम कर रहा है और पिछले कुछ महीनों में इसकी गतिविधियां काफी बढ़ी हैं. मोसाद ने यह भी बताया कि यूरोपीय एजेंसियों के साथ मिलकर कई योजनाएं पहले ही नाकाम की जा चुकी हैं.

जर्मनी और ऑस्ट्रिया की सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान कई संदिग्धों को पकड़ा. जांच टीमों को वियना में एक स्थान पर हथियारों का बड़ा स्टॉक मिला, जिसमें पिस्टल, विस्फोटक सामग्री और कई सैन्य उपयोग के सामान शामिल थे. जांच में पता चला कि यह सारा सामान तत्काल हमले के लिए तैयार रखा गया था और इसके तार सीधे हमास से जुड़े मोहम्मद नईम तक पहुंचते हैं.

मोहम्मद नईम हमास नेतृत्व से जुड़ा प्रभावशाली नाम

मोसाद की जांच में सामने आया कि जब्त किए गए हथियारों का संबंध मोहम्मद नईम से है. वह हमास के वरिष्ठ राजनीतिक ब्यूरो में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बासेम नईम का बेटा है. बासेम नईम गाजा में हमास के बड़े नेता खलील अल-हया के बेहद करीबी माने जाते हैं. मोसाद का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क हमास के विदेशों में बैठे नेताओं की सीधी देखरेख में काम कर रहा था.

कतर कनेक्शन पर मोसाद का आरोप

इजरायली खुफिया एजेंसी ने दावा किया है कि कतर में मौजूद हमास के शीर्ष नेताओं ने यूरोप में चल रहे इन ऑपरेशनों को समर्थन दिया है. मोसाद ने सितंबर में कतर में हुई एक बैठक का हवाला देते हुए कहा कि मोहम्मद नईम और उसके पिता की मुलाकात इस बात का संकेत है कि यह सिर्फ व्यक्तिगत पहल नहीं, बल्कि संगठन की आधिकारिक मंजूरी वाला कदम था. हालांकि हमास सार्वजनिक तौर पर इन संबंधों से इनकार करता रहा है, लेकिन कई खुफिया रिपोर्टें कतर को इस गतिविधि से जोड़ती रही हैं.

तुर्किए से भी संचालित हो रहा है ऑपरेशन

मोसाद के अनुसार यूरोप में सक्रिय इस नेटवर्क का एक हिस्सा तुर्की से भी जुड़ा हुआ है. जर्मनी में नवंबर को बुरहान अल-खतीब नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जिस पर आरोप था कि वह लंबे समय से तुर्किए में हमास से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा था. तुर्किए पिछले कई वर्षों से हमास के लिए एक अहम ठिकाना माना जाता है और यूरोपीय एजेंसियां वहां से जुड़े नेटवर्क पर लगातार नजर रखे हुए हैं.

फंडिंग पर भी नजर

यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों ने अब उन संगठनों पर भी कार्रवाई तेज कर दी है, जिन पर हमास को आर्थिक मदद पहुंचाने या कट्टरपंथी विचार फैलाने का संदेह है. चैरिटी संस्थाएं, विभिन्न फाउंडेशन और धार्मिक संस्थाओं को अब कठोर जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है. कई जगह फंडिंग चैनल की निगरानी और जांच शुरू कर दी गई है.

हमास ने विदेशों में बढ़ाई सक्रियता—मोसाद

मोसाद ने कहा है कि इज़राइल पर 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले के बाद हमास ने विदेशों में अपनी गतिविधियों का दायरा तेजी से बढ़ाया. एजेंसी के अनुसार संगठन ने हथियार जमा करने, लॉजिस्टिक सपोर्ट तैयार करने, लोगों की भर्ती बढ़ाने और गुप्त सेल बनाने पर विशेष ध्यान दिया है. मोसाद का आरोप है कि हमास अब ईरान की रणनीति की तर्ज पर एक अंतरराष्ट्रीय अंडरग्राउंड नेटवर्क खड़ा कर रहा है.

ये भी पढ़ें: G20 Summit : PM मोदी ने 6 नए इनिशिएटिव का दुनिया को दिया फॉर्मूला, बताया कैसे होगा विकास

[ad_2]

गुस्से में ऋषभ पंत ने लगा दी कुलदीप को डांट, इस नियम उल्लंघन के लिए अंपायर से मिली वॉर्निंग

[ad_1]


भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन कप्तान ऋषभ पंत को कुलदीप यादव और अन्य कुछ खिलाड़ियों पर ऐसा गुस्सा आया, कि उन्होंने चिल्लाकर कहा कि तुम “घर पर नहीं खेल रहे हो.” दरअसल इस समय टीम इंडिया के खिलाड़ियों से एक गलती हो गई थी, जिसके लिए अंपायर ने उन्हें दूसरी वार्निंग दी. अगर अगले 80 ओवरों तक ऐसी एक और गलती हुई तो पेनल्टी के रूप में दक्षिण अफ्रीका को 5 रन फ्री के मिल जाएंगे.

टीम इंडिया क्यों मिली वार्निंग?

दूसरे दिन 88वां ओवर कुलदीप यादव ने डाला, लेकिन इसको शुरू करने में उन्होंने तय समय (60 सेकंड) से ज्यादा ले लिया. कुलदीप फील्डिंग सेट करने में लगे, इस दौरान स्टंप माइक से ऋषभ पंत की आवाज सुनाई दी कि जल्दी से एक गेंद तो डाल दे पहले. पंत ने याद दिलाया की टाइमर लगा हुआ है, तभी अंपायर ने दूसरी वार्निंग का इशारा कर दिया. ये पिछले 8 ओवरों में टीम इंडिया द्वारा आईसीसी स्टॉप क्लॉक नियम का दूसरी बार उल्लंघन था.

क्या है ICC स्टॉप क्लॉक नियम?

टेस्ट क्रिकेट में ओवर खत्म होने के बाद दूसरा ओवर 60 सेकंड के अंदर शुरू हो जाना चाहिए. इससे अधिक समय होने पर अंपायर वार्निंग देते हैं. अगर ऐसी वार्निंग 2 बार मिल जाए तो फिर अगली गलती पर पेनल्टी के रूप में विरोधी टीम को 5 रन फ्री के मिलते हैं. हालांकि आपको बता दें कि प्रत्येक 80 ओवरों के बाद ये फिर से शुरू हो जाता है. यानी अगर इन वार्निंग के बाद 80 ओवरों तक कोई गलती न हो, या हो भी जाए तो भी उसके बाद 2 वार्निंग फिर दी जाएगी.

इस नियम को लागू करने का मकसद समय की बर्बादी होने से रोकना है. फील्डिंग टीम के प्लेयर्स अगला ओवर शुरू करने में अधिक समय नहीं लेंगे. ऐसा ही नियम बल्लेबाजों के आउट होने पर भी होता है. किसी बल्लेबाज के आउट होने के बाद नए बल्लेबाज को 3 मिनट के अंदर पहली गेंद खेलनी पड़ती है, अगर इससे अधिक समय लिया और अपील की गई तो बल्लेबाज को ‘टाइम्ड आउट’ नियम के तहत आउट दिया जाता है.



[ad_2]