रेलवे में अप्रेंटिस के 4000 से ज्यादा पदों पर निकली भर्ती, 10वीं पास कर सकते हैं अप्लाई

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रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. दरअसल नॉर्दन रेलवे ने नए सत्र के लिए अप्रेंटिस के 4000 से भी ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है. यह भर्ती प्रक्रिया उन उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका माना जा रहा है जो रेलवे में करियर बनाना चाहते है और लंबे समय से किसी बड़ी भर्ती का इंतजार कर रहे हैं. खास बात यह है कि इन पदों पर आवेदन के लिए किसी तरह की लिखित परीक्षा नहीं होगी. बल्कि चयन 10वीं और आईटीआई के अंकों के आधार पर किया जाएगा. ऐसे में मेरिट मजबूत होने पर चयन की संभावना भी बढ़ जाएगी. इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 25 नवंबर से शुरू होकर 24 दिसंबर 2025 तक चलेगी. इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट rrcnr.org पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं.  

किस जोन में कितनी वैकेंसी?

आरआरसी नॉर्दन रेलवे की ओर से कुल 4116 पदों की वैकेंसी जारी की गई है. इनमें लखनऊ जोन में 1397 पद, दिल्ली में 1137 पद, फिरोजपुर में 632 पद, अंबाला में 934 पद और मुरादाबाद में 16 पद निकाले गए हैं. इन पदों के तहत फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर और कारपेंटर समेत कई ट्रेड में अप्रेंटिस की भर्ती होगी. इस भर्ती के लिए उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 50 प्रतिशत अंकों के साथ दसवीं पास होना चाहिए. इसके अलावा NCVT/SCVT मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित ट्रेड में आईटीआई सर्टिफिकेट जरूरी है. वहीं आवेदक की उम्र 15 से 24 साल के बीच होनी चाहिए. इसके अलावा इस भर्ती में आरक्षित वर्ग को अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी.

कैसे करें आवेदन?

  • रेलवे भर्ती परीक्षा में आवेदन करने के लिए सबसे पहले ऑफिशल वेबसाइट rrcnr.org पर जाए.
  • इसके बाद होमपेज पर RRC Railway Apprentice Recruitment 2025 Apply Online लिंक पर क्लिक करें
  • अब मोबाइल और ईमेल पर लॉगिन डिटेल्स के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करें.
  • इसके बाद एप्लीकेशन फॉर्म भरें और डॉक्यूमेंट अपलोड करें
  • वहीं लास्ट में इस भर्ती प्रक्रिया के लिए जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को 100 रुपये फीस जमा करानी होगी. वहीं एससी,एसटी, महिला और दिव्यांग उम्मीदवारों को कोई फीस नहीं जमा करनी होगी.

क्या है सेलेक्शन प्रोसेस?

अप्रेंटिस के इन सभी पदों के लिए किसी भी प्रकार की परीक्षा नहीं होगी. चयन प्रक्रिया दसवीं में प्राप्त अंकों और आईटीआई के आधार पर मेरिट सूची के तहत होगी. वहीं इसके बाद डॉक्युमेंट वेरीफिकेशन होगा और फिर मेडिकल टेस्ट के बाद सेलेक्शन किया जाएगा.

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Pakistan Earthquake: पाकिस्तान में महसूस हुए भूकंप के झटके, नींद से उठकर घर से बाहर भागे लोग

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पाकिस्तान में शुक्रवार (21 नवंबर) तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे कई इलाकों में लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.2 रही और इसका केंद्र जमीन से लगभग 135 किलोमीटर की गहराई में था. राहत की बात यह है कि अब तक किसी तरह के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है.

अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके

अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि पहला झटका रात 1.59 बजे अफगानिस्तान में 190 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज हुआ. इसके बाद दूसरा और ज्यादा तेज झटका सुबह 3.09 बजे पाकिस्तान में आया, जिसकी तीव्रता 5.2 थी.

भूकंप वैज्ञानिकों का कहना है कि कम गहराई में आने वाले भूकंप गहराई में आने वाले भूकंपों से ज्यादा खतरनाक होते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि कम गहराई वाले भूकंप की तरंगे बहुत तेजी से जमीन की सतह तक पहुंचती हैं. इससे जमीन जोर से हिलती है और इमारतों को ज्यादा नुकसान होने की संभावना रहती है. अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तर भारत का इलाका दुनिया के सबसे एक्टिव भूकंप जोन में आता है. यहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं, इसलिए इस क्षेत्र में हल्के और तेज दोनों तरह के भूकंप आते रहते हैं.

पाकिस्तान भूकंप के लिए क्यों संवेदनशील है?

पाकिस्तान कई बड़ी फॉल्ट लाइनों पर बना है. ऐसे में यहां भूकंप आने का खतरा हमेशा बना रहता है और इसका असर पड़ोसी देशों तक भी पहुंच जाता है. बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और गिलगिट-बाल्टिस्तान यूरेशियन प्लेट के दक्षिणी हिस्से में आते हैं, जबकि पंजाब और सिंध भारतीय प्लेट के उत्तर-पश्चिमी हिस्से पर स्थित हैं. इस कारण इन इलाकों में बार-बार भूकंप के झटके महसूस होते हैं.

बलूचिस्तान सबसे ज्यादा संवेदनशील

बलूचिस्तान सबसे ज्यादा संवेदनशील है क्योंकि यह अरेबियन और यूरेशियन प्लेट्स की एक्टिव बॉर्डर लाइन के नजदीक है. पंजाब में भी अपनी टेक्टोनिक स्थिति की वजह से समय-समय पर भूकंप के झटके आते रहते हैं. सिंध में खतरा थोड़ा कम है, लेकिन प्लेट के किनारे होने की वजह से यह क्षेत्र भी भूकंप के असर से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है.

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Video: छोटी हाइट वाली लड़की ने जुगाड़ कर चलाई ऊंची बाइक, लोग बोले- जीनियस है

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Viral Shocking Video: अक्सर सोशल मीडिया पर लड़कियों की ड्राइविंग को लेकर मजाक बनाया जाता है, मीम्स बनते हैं और लोग ताने भी कसते हैं, लेकिन इस बार जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसने हर किसी की सोच बदल दी है. इस वीडियो को देखकर कोई भी यही कहेगा कि क्या जीनियस लड़की है. शुरुआत में वीडियो देखकर ऐसा लगता है जैसे यह भी एक आम बाइक राइडिंग वीडियो है, लेकिन जैसे-जैसे वीडियो आगे बढ़ता है, लड़की का तरीका और बाइक की खास तकनीक देखकर हर कोई हैरान हो जाता है. 

लड़की को भारी-भरकम बाइक चलाते देख हैरान हुए लोग

वीडियो में देखा जा सकता है कि एक लड़की भारी-भरकम, हाई-पावर बाइक को बेहद कमाल तरीके से चला रही है. इतना ही नहीं, उसके बाइक में एक ऐसा सिस्टम लगा है जिसे देखकर लोग हैरान रह गए. बाइक के पीछे वाले टायर के पास दो छोटे-छोटे पहिए लगे हैं, जो सपोर्ट देने के लिए बनाए गए हैं. जैसे प्लेन जमीन पर उतरता है तो उसके पहिए नीचे आ जाते हैं, ठीक वैसे ही यहां बाइक में भी वही तकनीक दिखाई देती है.

जैसे ही लड़की बाइक को चलाती है, छोटे पहिए ऊपर रहते हैं और बाइक नॉर्मल तरीके से चलती है, लेकिन जैसे ही वह ब्रेक लगाती है या रेड लाइट पर रुकती है तो पीछे वाले पहियों के पास लगे ये छोटे सपोर्ट पहिए अपने आप नीचे आ जाते हैं और जमीन को छूते हैं, जिससे बाइक का बैलेंस पूरी तरह बना रहता है. फिर जैसे ही लड़की बाइक को दोबारा स्टार्ट करती है और आगे बढ़ती है, ये सपोर्ट पहिए फिर से ऊपर उठ जाते हैं.

राइडिंग में स्मार्टनेस – यूजर्स ने किया कमेंट 

लड़की इतनी आसानी और कॉन्फिडेंस के साथ इतनी भारी बाइक चला रही है कि देखकर लगता है जैसे वह सालों से प्रोफेशनल राइडर हो. अभी यह पता नहीं चल पाया है कि यह वीडियो किस शहर का है, लेकिन वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग जमकर कमेंट कर रहे हैं. कई यूजर्स ने लिखा कि इसे कहते हैं राइडिंग में स्मार्टनेस.


Google Gemini 3 में मिले कमाल के ये फीचर्स, सर्च में दिखाएगा इंटरैक्टिव रिजल्ट

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Google ने हाल ही में अपने नए एआई मॉडल Gemini 3 को लॉन्च किया था. कंपनी इसे अपना अब तक का सबसे इंटेलीजेंट मॉडल बता रही है और इसमे जेमिनी ऐप और सर्च समेत गूगल के सभी प्लेटफॉर्म पर रोलआउट किया जाएगा. गूगल के सीईओ सुंदर पिचई ने बताया कि यह मॉडल रीजनिंग में माहिर है और इंसानों की तरह गहराई और बातों के नाजुक फर्क को समझ सकता है. आज हम आपको इस मॉडल की 4 बड़ी बातें बताने जा रहे हैं.

स्मार्ट और ईमानदार जवाब

यह मॉडल यूजर को खुश करने की बजाय सटीक, स्पष्ट और मददगार जवाब देने पर फोकस करता है. गूगल ने कहा है कि यूजर की एक्सपेक्टेशन को रिपीट करने की बजाय स्मार्ट और डायरेक्ट रिस्पॉन्स देता है, जिससे यूजर को रियल इनसाइट मिलती है. यह कॉन्टेक्स्ट को समझकर टास्क की टोन के हिसाब से रिस्पॉन्स देता है.

मल्टीमॉडेलिटी सपोर्ट

जेमिनी 2 मल्टीमॉडेलिटी सपोर्ट के साथ आया है. यह सिस्टम एक ही वर्कफ्लो में टेक्स्ट, इमेज, वीडियो और कोड को हैंडल कर सकता है. अगर यूजर एक प्रॉम्प्ट में हाथों से लिखे नोट्स, स्क्रीनशॉट, लंबे वीडियो और रिसर्च पेपर आदि अपलोड करता है तो यह सबको एक साथ समझ सकता है. इसकी कॉन्टेक्स्ट विंडो 10 लाख टोकन की है, जिससे यह लंबे डॉक्यूमेंट और कन्वर्सेशन को रीड और रिटेन कर सकता है. 

बेंचमार्क पर उतरा खरा

Gemini 3 लगभग सभी एआई बेंचमार्क पर खरा उतरा है. LMArena पर यह 1501 के Elo स्कोर के साथ नंबर 1 पर है. एकेडमिक रीजनिंग और रियल-वर्ल्ड सोल्विंग के टेस्ट में भी इसने शानदार परफॉर्म किया है. डेलवपर्स के लिए भी यह WebDev Arena में 1487 के स्कोर के साथ सबसे आगे है. 

सर्च में इंटरैक्टिव रिजल्ट

गूगल ने इसे सर्च के एआई मोड में इंटीग्रेट कर दिया है और यह सर्च में डायनामिक विजुअल लेआउट, इंटरैक्टिव टूल्स और सिम्युलेशन शो करता है. जब कोई यूजर इससे कॉम्प्लेक्स क्वेश्चन पूछता है तो यह उसके जवाब में टेबल, चार्ट और यहां तक कि कस्टम कैलकुलेटर के साथ रिस्पॉन्स करता है. वहीं ऑर्बिटल फिजिक्स आदि के सवालों के जवाब में यह इंटरेक्टिव मॉड्यूल पेश करता है, जिससे यूजर को टॉपिक को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिले.

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Video: यह क्यूट नहीं, खतरनाक है! बाइक की टंकी पर उल्टा बिठा बेटी को स्कूल छोड़ने गया शख्स

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Viral Shocking Video: कई बार सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आते हैं, जिन्हें पहली नजर में देखकर तो सबको अच्छा लगता है, लेकिन थोड़ी देर बाद एहसास होता है कि इसके पीछे कितनी बड़ी लापरवाही छिपी है. ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो एक व्यक्ति और उसकी छोटी बेटी का है, जो बाइक पर बैठे हुए मुस्कुराते हुए बातें करते दिख रहे हैं. पहली नजर में यह दृश्य बेहद प्यारा और दिल छूने वाला लगता है, लेकिन वीडियो को ध्यान से देखने पर लोग हैरान रह गए.

पिता की ओर मुंह करके बाइक की टंकी पर बैठी दिखी बच्ची

वीडियो में दिखता है कि व्यक्ति अपनी बेटी को बाइक से स्कूल छोड़ने जा रहा है. बेटी व्यक्ति की ओर मुंह करके बाइक की टंकी पर बैठी है. दोनों बातचीत करते हुए जा रहे हैं और माहौल काफी सामान्य दिखाई देता है. पीछे से आ रही कार का डैशकैम यह पूरा दृश्य रिकॉर्ड कर लेता है. यहीं से लोगों की चिंता बढ़ी क्योंकि व्यक्ति का ध्यान बार-बार बेटी की ओर जा रहा था.

वह उसे देख रहा था, उससे बात कर रहा था और बाइक चला भी रहा था. दूसरी तरफ, बाइक लगातार सड़क पर आगे बढ़ रही है. वीडियो एक कार में बैठे व्यक्ति ने रिकॉर्ड किया, जो उनके ठीक पीछे चल रहा था.

वीडियो देखकर यूजर्स ने चिंता जताई

यह दृश्य देखने में भले ही एक प्यारा पिता-बच्चों के साथ का पल लगे, लेकिन उसमें छिपा खतरा साफ नजर आता है. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस तरह की स्टाइल को खतरनाक ट्रेंड बताते हुए चिंता जताई है. कई लोगों ने कमेंट कर लिखा कि पहली नजर में तो अच्छा लग रहा है, लेकिन यह बच्ची और व्यक्ति दोनों की जान जोखिम में डालने जैसा है.  कुछ ने कहा कि बच्चों को बाइक की टंकी पर बैठाना बिल्कुल गलत है, खासकर तब जब सवार का ध्यान भी लगातार बंट रहा हो. कई लोगों ने यह भी लिखा कि सड़क पर जरा सी गलती भी बड़ी दुर्घटना की वजह बन सकती है.


महाकाल के दरबार में पहुंचे सिंगर जुबिन नौटियाल, कैलाश खेर ने पशुपतिनाथ मंदिर में टेका माथा

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बॉलीवुड के फेमस सिंगर जुबिन नौटियाल ने शुक्रवार को महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए. वहीं सिंगर कैलाश खेर भी पशुपति नाथ मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे. दोनों सिंगर्स के मदिंर में दर्शन करने की वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

जुबिन नौटियाल ने महाकालेश्वर मंदिर में टेका माथा
जुबिन नौटियाल बॉलीवुड के फेमस सिंगर हैं और उनकी आवाज के लाखों दीवाने हैं. जुबिन ने अपने गानों से फैंस को अपना दीवाना बनाया है. वहीं शुक्रवार को जुबिन उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे, इस दौरान सिंगर  नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल की भक्ति में लीन नजर आए. वे हाथ जोड़े बाबा की पूजा अर्चना करते दिखे. इस दौरान उन्होंने भस्म आरती में भी भाग लिया.

 

जुबिन नौटियाल ने सुनाया भजन
जुबिन ने इस दौरान भजन भी सुनाया और फैंस का दिल जीत लिया. बता दें कि दो साल पहले भी जुबिन बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए उज्जैन आए थे. उन्होंने कहा था कि वे भस्म आरती में शामिल होने पर एक अद्भुत शक्ति को महसूस करते हैं.

 

कैलाश खेर ने पशुपतिनाथ मंदिर में किए दर्शन
वहीं सिंगर कैलाश खेर ने मध्यप्रदेश के मंदसौर में पशुपतिनाथ मंदिर में माथा टेका. पद्म श्री विजेता गायक कैलाश खेर ने दर्शन करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, “मंदसौर की धरती पर आना बहुत खुशी का पल है. यह मेला बहुत ऐतिहासिक है. इस मेले की बहुत पहचान है. प्रशासन और मेला समिति सभी चाहती थी कि हम यहां आएं और प्रस्तुति दें… इस बार यह मुमकिन हो गया. “

 



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पैसे रखे हैं ना तैयार? आज खुलने जा रहा है फार्मा कंपनी का IPO, दांव लगाने से पहले जानें GMP

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Sudeep Pharma IPO: वडोदरा बेस्ड फार्मा कंपनी सुदीप फार्मा (Sudeep Pharma IPO) का आईपीओ आज 21 नवंबर को खुल रहा है. इसके लिए निवेशक 25 नवंबर तक बोली लगा सकेंगे. कंपनी का प्लान 95 करोड़ के फ्रेश इश्यू और 800 करोड़ के ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए 895 करोड़ जुटाना है.

आईपीओ के लिए प्राइस लिमिट 563-593 रुपये प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है, जिससे कंपनी की टॉप एंड पर वैल्यू लगभग 6,700 करोड़ रुपये हो जाएगी. आईपीओ में 25 शेयरों के लॉट के लिए बोली लगानी होगी, जिसके लिए निवेशकों को कम से कम 14,825 रुपये का निवेश करना होगा. 

कब अलॉट किए जाएंगे शेयर? 

आईपीओ के लिए शेयर 26 नवंबर को अलॉट किए जा सकते हैं, जबकि 28 नवंबर को इसके शेयर लिस्ट होंगे. ICICI सिक्योरिटीज लिमिटेड और IIFL कैपिटल सर्विसेज बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं और MUFG इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड रजिस्ट्रार है. IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) और रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RIIs) के लिए भी हिस्सा रिजर्व किया हुआ है.

कंपनी ने पहले ही एंकर निवेशकों से 268.5 करोड़ रुपये जुटा ली है, जिसमें SBI, ICICI प्रूडेंशियल, HDFC, एक्सिस, निप्पॉन, आदित्य बिड़ला और बंधन जैसे बड़े म्यूचुअल फंड्स ने हिस्सा लिया. मुकुल अग्रवाल (परम कैपिटल संशी फंड–I), मनोज गर्ग (व्हाइटओक), और प्रशांत जैन (3P इन्वेस्टमेंट) जैसे मार्की इन्वेस्टर्स ने भी एंकर के तौर पर इन्वेस्ट किया है. 

क्या करती है कंपनी? 

सुदीप फार्मा 1100 से ज्यादा कस्टमर्स को सर्विस देती है, जिनमें फाइजर इंक, मैनकाइंड फार्मा, मर्क ग्रुप, अरोबिंदो फार्मा, कैडिला फार्मास्युटिकल, IMCD एशिया Pte Ltd और डैनोन SA शामिल हैं. यह कंपनी बच्चों और क्लिनिकल न्यूट्रिशन के लिए फूड-ग्रेड आयरन फॉस्फेट बनाती है, जिसकी जून 2025 तक कुल सालाना मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी 72,246 मीट्रिक टन है. 

कितना है GMP? 

सुदीप फार्मा के शेयर अनलिस्टेड मार्केट में 19 परसेंट प्रीमियम पर कारोबार करते नजर आ रहे हैं. अभी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 115 रुपये है, जो 708 रुपये पर शेयरों की लिस्टिंग का संकेत देता है. हालांकि, GMP सिर्फ मार्केट सेंटिमेंट का संकेत देते हैं और तेजी से बदल सकते हैं. 

 

 

 

 

 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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इन देशों में ले जाइए एक लाख तो हो जाएंगे करोड़पति, जानें पूरी लिस्ट

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दुनिया में अक्सर भारतीय रुपये की तुलना जब डॉलर या यूरो से की जाती है तो वह कमजोर दिखाई देता है. इसके बावजूद दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जहां स्थानीय मुद्रा भारतीय रुपये के मुकाबले काफी नीचे है. इस कारण भारत से ले जाए गए कम पैसों में भी वहां बेहतर जीवन और आरामदायक यात्रा संभव हो जाती है. इन देशों में आर्थिक ढांचा, राजनीतिक स्थिरता, जनसंख्या और महंगाई जैसे कारण उनकी करेंसी पर असर डालते हैं, जिससे भारतीय रुपये का प्रभाव अधिक दिखाई देता है. 

वियतनाम की मुद्रा डोंग भारतीय रुपये के सामने काफी कमजोर मानी जाती है. यहां भारत के 1 रुपये की कीमत 297 रुपये के बराबर है, जिससे स्थानीय खर्च काफी कम हो जाता है. होटल, भोजन, घूमने के स्थान और स्थानीय यात्रा जैसी सभी चीजें भारतीय यात्रियों को बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध हो जाती हैं. इस कारण वियतनाम बजट ट्रैवल के लिए लोकप्रिय विकल्प बनता जा रहा है. इस हिसाब से अगर कोई भारतीय 1 लाख रुपये लेकर वियतनाम जाता है तो वहां जाकर 2 करोड़ 97 लाख हो जाएगा.

इंडोनेशिया में कम खर्च पर बेहतर अनुभव

इंडोनेशिया में भी भारतीय रुपये की वैल्यू स्पष्ट रूप से महसूस होती है. यहां भारत के 1 रुपए की कीमत 188 रुपये के बराबर है. इस वजह से यहां के दैनिक खर्च, पर्यटन सेवाएं और स्थानीय सुविधाएं भारत की तुलना में काफी कम लागत वाली हैं. यात्रियों को होटल और भोजन से लेकर पर्यटन गतिविधियों तक हर चीज बजट के भीतर मिल जाती है. रुपये की मजबूती कम पैसों में भी आरामदेह यात्रा की संभावना बढ़ा देती है. इस हिसाब से अगर कोई भारतीय 1 लाख रुपये लेकर इंडोनेशिया जाता है तो वहां जाकर 1 करोड़ 88 लाख हो जाएगा.

लाओस: शांत वातावरण और कम खर्च वाला देश

लाओस वह स्थान है, जहां भारतीय रुपये की तुलना में स्थानीय मुद्रा काफी नीचे हैं. यहां 1 रुपये की कीमत 244 रुपये के बराबर है. यहां के लाइफस्टाइल का खर्च बहुत कम है. प्राकृतिक स्थलों, स्थानीय भोजन, सांस्कृतिक स्थानों और होटल सुविधाओं का आनंद भारतीय कम बजट में भी ले सकते हैं. यह देश अपने शांत माहौल और सादगी के लिए यात्रियों के बीच जाना जाता है. इस हिसाब से अगर कोई भारतीय 1 लाख रुपये लेकर लाओस जाता है तो वहां जाकर ये 2 करोड़ 44 लाख हो जाएंगे.

कंबोडिया रुपये की मजबूती का साफ लाभ

कंबोडिया भी उन देशों में शामिल है, जहां भारतीय रुपये की कीमत अधिक है. यहां 1 रुपये की कीमत 45 रुपये के बराबर है. यहां ऐतिहासिक मंदिर, समुद्री पर्यटन और स्थानीय संस्कृति कम खर्च में घूम सकते हैं. होटल और भोजन की लागत भारतीय यात्रियों के बजट को कम करती है, जिससे यात्रा और भी आरामदायक बन जाती है. अंगकोर वाट जैसे विश्व प्रसिद्ध स्थलों के बावजूद यहां रहना और घूमना अपेक्षाकृत सस्ता है. इस हिसाब से अगर कोई भारतीय 1 लाख रुपये लेकर कंबोडिया जाता है तो वहां जाकर इसकी कीमत 45 लाख हो जाएगी.

उज्बेकिस्तान कम दाम में बेहतर सुविधाएं

उज्बेकिस्तान की मुद्रा भारतीय रुपये के मुकाबले कमजोर है. यहां 1 रुपये की कीमत 134 रुपये हैं, इसलिए यहां आने वाले यात्रियों को कई क्षेत्रों में लाभ होता है. ऐतिहासिक स्थलों, पर्यटन सेवाओं, होटल, भोजन और स्थानीय यात्रा का खर्च कम होने के कारण यह देश बजट ट्रैवल के लिए आकर्षक माना जाता है. रुपये की मजबूती यात्रियों को प्रीमियम अनुभव भी आसानी से उपलब्ध कराती है. इस हिसाब से अगर कोई भारतीय 1 लाख रुपये लेकर उज्बेकिस्तान जाता है तो वहां जाकर 1 करोड़ 34 लाख हो जाएगा.

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एशेज 2025-26 का पहला टेस्ट मैच शुरू, ऑस्ट्रेलिया ने दोहराया 79 साल पुराना अनोखा रिकॉर्ड, देखें

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इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच शुक्रवार से प्रतिष्ठित एशेज सीरीज का आगाज हो गया है. पर्थ स्टेडियम में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला लिया है. इस मुकाबले के साथ ब्रेंडन डोगेट और जेक वेदराल्ड ऑस्ट्रेलिया की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू कर रहे हैं.

ब्रेंडन डोगेट और जेक वेदराल्ड 31-31 वर्ष के हैं. पिछली बार ऐसा मार्च 1946 में हुआ था, जब ऑस्ट्रेलियाई टीम ने एक ही टेस्ट में 30+ साल के दो डेब्यूटेंट को उतारा था. यह मुकाबला न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया था.

स्टीव स्मिथ पर्थ में जारी इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम की कमान संभाल रहे हैं. टीम में उस्मान ख्वाजा को मौका दिया गया है. ट्रेविस हेड, कैमरून हेड, मिचेल स्टार्क और नाथन लियोन मेजबान टीम को मजबूती देते नजर आ सकते हैं.

इस मुकाबले के साथ तेज गेंदबाज ब्रेंडन डोगेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू का मौका मिला है, क्योंकि जोश हेजलवुड हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण इस मुकाबले में नहीं खेल रहे हैं.

ब्रेंडन डोगेट ने अपने करियर में 50 फर्स्ट क्लास मुकाबले खेले हैं, जिसमें 26.46 की औसत के साथ 190 विकेट हासिल किए. वहीं, 17 लिस्ट-ए मुकाबलों में उन्होंने 26 विकेट निकाले हैं.

दूसरी ओर, जेक वेदराल्ड सलामी बल्लेबाज के रूप में इस मुकाबले में उतरे हैं, जिन्होंने अपने 77 फर्स्ट क्लास मुकाबलों में 37.47 की औसत के साथ 5,322 रन बनाए हैं, जिसमें 13 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं. 51 लिस्ट ए मुकाबलों में बाएं हाथ का यह बल्लेबाज 33.37 की औसत के साथ 1,602 रन बना चुका है.

बेन स्टोक्स की कप्तानी में मेहमान इंग्लैंड की टीम जो रूट, जैक क्रॉली, ओली पोप, जोफ्रा आर्चर और मार्क वुड की मौजूदगी में इस ऐतिहासिक मुकाबले में उतरी है.

ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन: उस्मान ख्वाजा, जेक वेदराल्ड, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ (कप्तान), ट्रेविस हेड, कैमरून ग्रीन, एलेक्स कैरी (विकेट कीपर), मिचेल स्टार्क, नाथन लियोन, ब्रेंडन डोगेट, स्कॉट बोलैंड

इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन: बेन डकेट, जैक क्रॉली, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), गस एटकिंसन, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर, मार्क वुड.

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