Year 2026 Prediction: 2026 में बरसेगा आसमानी कहर, लाल चांद और काला सूरज किस विनाश का संकेत

[ad_1]


Year 2026 Prediction: खगोलीय और ज्योतिष दृष्टि से साल 2026 को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है. नए साल में जहां युद्ध, प्राकृतिक आपदा, आर्थिक संकट, मानवीय संघर्ष जैसी भविष्यवाणियां पहले से ही लोगों को डरा रही थी. वहीं साल 2026 में आसमान से भी कहर बरसने वाला है. इस तरह आने वाला नया साल अनोखी घटनाओं से भरा रहने वाला है.

साल 2026 में आसमान में ब्लड मून और काला सूरज जैसे दुर्लभ घटनाक्रम एक साथ दिखाई देंगे. ज्योतिष शास्त्र में इन घटनाओं को अत्यंत प्रभावी और विनाशकारी संकेतों से जोड़कर देखा जा रहा है. कहा जाता है कि, जब चंद्रमा लाल पड़ता है और सूर्य पर असामान्य काला प्रभाव दिखता है, तो प्रकृति मानवता को किसी बड़े परिवर्तन के लिए चेतावनी देती है. आइए जानते हैं साल 2026 में होने वाली ये आसमानी घटनाएं क्या संकेत दे रही हैं?

काला सूरज का संकेत

साल 2026 में दो सूर्य ग्रहण लगेंगे. पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को और दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा. हालांकि दोनों ही ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा. खगोली विज्ञान के अनुसार ग्रहण के दौरान सूर्य असामान्य रूप से धुंधला, काला या छाया आवरण जैसा दिखाई पड़ता है और कई बार तो पूरी तरह के छिप जाता है. सूर्य ग्रहण को सामान्यत: बड़े बदलावों और आपदाओं से जोड़ा जाता है. कई संस्कृतियों में काला सूरज यानी पूर्ण सूर्य ग्रहण को दैवीय प्रकोप या किसी बड़े परिवर्तन का प्रतीक भी माना जाता है.

क्या संकेत दे रहा है लाल चंद्रमा

2 सूर्य ग्रहण के साथ ही साल 2026 में दो चंद्र ग्रहण भी लगेंगे. पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगेगा, जोकि भारत में पूर्ण रूप से दिखाई देगा. वहीं दूसरा चंद्र ग्रहण 23 अगस्त 2026 को लगेगा. यह आंशिक रूप से भारत में नजर आएगा.

मार्च 2026 में पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा शानदार लाल रंग का नजर आएगा. इसे ब्लड मूल या रक्त चंद्रमा कहा जता है. खगोलीय दृष्टि से ब्लड मून को दुर्लभ नजारा कहा जाता है. लेकिन प्राचीन सभ्यताओं में इसे अक्सर युद्ध, आपदा या बड़े संकटों का अग्रदूत माना जाता रहा है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

[ad_2]

Galaxy S26 Ultra में मिलेगा ऐसा सीक्रेट फीचर, फोन में आपके अलावा कोई झांक नही पाएगा

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

सैमसंग अगले साल अपनी गैलेक्सी S26 सीरीज लॉन्च करने की तैयारी में लगी हुई है. इस सीरीज के फ्लैगशिप डिवाइस गैलेक्सी S26 अल्ट्रा में इस बार एक ऐसा फीचर आने वाला है, जो आपकी प्राइवेसी को कई गुना बढ़ा देगा. सैमसंग इस बार अल्ट्रा मॉडल में हार्डवेयर लेवल पर एक नया फ्लैक्स मैजिक पिक्सल फीचर देने जा रही है. यह एक प्राइवेसी स्क्रीन होगी, जिसके कारण साइड से फोन की स्क्रीन पर चल रहे वीडियो या दूसरे किसी भी प्रकार के कंटेट को देखा नहीं जा सकेगा. 

क्या है फ्लैक्स मैजिक पिक्सल?

अभी तक लोग प्राइवेसी स्क्रीन प्रोटेक्टर का यूज करत आए हैं. यह एक पतली फिल्म होती है, जो व्यूइंग एंगल को कम कर देती है, जिससे बगल में बैठा व्यक्ति यह नहीं देख पाता कि यूजर स्क्रीन पर क्या देख रहा है. हालांकि, इससे ब्राइटनेस कम हो जाती है औ कलर भी खराब दिखने लगते हैं. इन सबसे छुटकारा दिलाने के लिए सैमसंग नया फ्लैक्स मैजिक पिक्सल लेकर आ रही है. इस फीचर को एक टॉगल से ऑन किया जा सकेगा और इसके लिए अलग से किसी स्क्रीन प्रोटेक्टर की जरूरत भी नहीं पड़ेगी.

डिस्प्ले इनोवेशन में आगे रही है सैमसंग

डिस्प्ले इनोवेशन के मामले में सैमसंग आगे रही है और वह समय-समय पर नए प्रयोग लाती रहती है. कंपनी ने S21 अल्ट्रा में एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग दी थी. कंपनी लगातार इसे रिफाइन करती रही और S24 को कॉर्निंग गोरिल्ला आर्मर से लैस कर दिया. यह इसके साथ आने वाला दुनिया का पहला फोन था. इस वजह से रिफ्लेक्शन की समस्या दूर हो गई और स्क्रीन को बेहतर ड्यूरैबिलिटी और स्क्रैच रजिस्टेंस मिला.

गैलेक्सी S26 अल्ट्रा के स्पेसिफिकेशन

यह फोन 6.9 इंच के M14 QHD+ CoE Dynamic AMOLED डिस्प्ले के साथ लॉन्च हो सकता है. इसमें क्वालकॉम का Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट दिया जा सकता है, जिसे 12GB रैम और 256GB इंटरनल स्टोरेज के साथ पेयर किया जाएगा. कैमरा की बात करें तो इसके रियर में 200MP का मेन कैमरा, 50MP का पेरिस्कोप लेंस, 50MP अल्ट्रावाइड सेंसर और 12MP का टेलीफोटो लेंस मिल सकता है. इसे 5,000mAh के बैटरी पैक से लैस किए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं.

ये भी पढ़ें-

गलती से किसी और को भेज दिया मेल? टेंशन नहीं, सेंट मेल को ऐसे कर सकते हैं अनडू, जानें तरीका

[ad_2]

25 नवंबर को होगा राम मंदिर का ध्वजारोहण, ध्वज पर चिन्हित सूर्य-कोविदार क्यों है इतना विशेष?

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Ram Mandir Dhwajarohan 2025: विवाह पंचमी का त्योहार पूरे देश में 25 नवंबर को मनाया जाएगा और इसी दिन राम मंदिरा का ध्वजारोहण भी होगा. पूरे देश के लोगों को विवाह पंचमी के दिन का इंतजार है क्योंकि इस दिन रामनगरी अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर केसरिया ध्वजा फहराया जाएगा.

गरुड़ पुराण में भी यह बताया गया है कि किसी मंदिर पर फहराया हुआ ध्वज देवता के होने की उपस्थिति देता है और माना जाता है यह ध्वज जिस दिशा में लहराता है, वे पूरा क्षेत्र पवित्र हो जाता है. यह परंपरा हिंदू धर्म में पौराणिक काल से ही महत्वपूर्ण रही है.

शास्त्रों में भी मंदिर के शिखर पर ध्वज को देवता के वैभव, सामर्थ्य और संरक्षण का प्रतीक माना गाया है.

क्या है ध्वजारोहण का महत्व?

राम मंदिर में 25 नवंबर को फहराया जाने वाला ध्वज न सिर्फ भक्तों की भगवान राम के प्रति आस्था है, बल्कि यह ध्वजा रोहण अयोध्या के सूर्यवंश और रघुकुल जैसी महान परंपराओं का साक्षी भी बनेगा. वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस दोनों में ही ध्वज, पताका और स्वागत द्वार का वर्णन बड़े वैभव से मिलता है.

त्रेता युग में यह उत्सव भगवान राम के जन्म की खुशी में मनाया जाता था और कलियुग में यह समारोह उनके मंदिर के निर्माण के पूरे होने की खुशी में किया जा रहा है. जब 25 नवंबर को यह ध्वज राम मंदिर के शिखर पर लहराएगा, तब संसार को यह संदेश मिल जाएगा की रामराज की पुनर्स्थापना हो चुकी है.

इस रंग का होगा ध्वज

राम मंदिर पर जो ध्वज फहराया जाएगा, वह केसरिया रंग का होगा. सनातन संस्कृति में केसरिया सिर्फ एक रंग नहीं, बल्कि त्याग, बलिदान, वीरता और गहरी भक्ति का प्रतीक माना जाता है. भगवान राम के रघुवंश काल में भी इस रंग का विशेष स्थान था.

भगवा रंग उस भावना को दर्शाता है जिसमें ज्ञान की रोशनी, धर्म के प्रति समर्पण और सत्य के लिए संघर्ष शामिल है. यह रंग उन साधु-संतों और रामभक्तों की तपस्या और त्याग की याद दिलाता है, जिन्होंने सदियों तक इस परंपरा को जीवित रखा. यह त्याग, धर्म और सत्य की विजय का प्रतीक ही बनकर आकाश में लहराएगा.

ध्वज पर होंगे ये दो पवित्र चिन्ह

ध्वज पर कोविदार वृक्ष और ‘ऊं‘ की छवि को अंकित किया गया है, क्योंकि हमारे कई प्राचीन ग्रंथों में भी कोविदार वृक्ष के बारे में वर्णन किया गाया है, जिसमें इस वृक्ष को पारिजात व मंदार के दिव्य संयोग से बना वृक्ष माना गया है. इसलिए राम मंदिर की परंपरा में यह वृक्ष काफी महत्वपूर्ण है. यह देखने में कचनार वृक्ष की तरह ही प्रतीत होता है.

सूर्यवंश के राजाओं के ध्वज पर भी कोविदार वृक्ष का चिन्ह ही अंकित होता आया है. इसका उल्लेख वाल्मीकि रामायण में भी मिलता है, जहां भरत जब श्रीराम से मिलने वन पहुंचे थे, तब उनके ध्वज पर यही प्रतीक था.

इसी तरह ध्वजा पर अंकितऊंसिर्फ एक अक्षर नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि और सभी मंत्रों की शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है.

इस दिन को इतिहास के पन्नों में किया जाएगा दर्ज

ज्योतिषियों का मानना है कि इस समय अयोध्या में राम-सीता विवाह महोत्सव, धर्म ध्वजा का रोहण और नगर की अद्भुत सजावट मिलकर एक दिव्य वातावरण बना रही है, जैसा त्रेतायुग में हुआ करता था. इस समय अयोध्या दुल्हन की तरह सजी हुई है और दुनिया भर से आए श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए उत्साहित हैं.

जैसे ही धर्म ध्वजा मंदिर के शिखर पर फहरेगा, यह समय न केवल सदियों की प्रतीक्षा का अंत होगा, बल्कि रामराज्य की पुनर्स्थापना का प्रतीक बनकर इतिहास में भी दर्ज किया जाएगा.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

[ad_2]

परकटे पक्षी की तरह गिरा तेजस और जमीन छूते ही लगी आग… डरा देगा वायरल वीडियो

[ad_1]


दुबई में एयर शो के दौरान शुक्रवार (21 नवंबर) के दिन बड़ा हादसा हो गया. यहां भारत का फाइटर जेट तेजस क्रैश हो गया. हादसे के बाद एयर शो को अस्थायी तौर पर रोक दिया गया है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जो आपके होश उड़ा देगा. इस पर यूजर्स जमकर कमेंट्स भी कर रहे हैं

क्या नजर आ रहा है वीडियो में?

दुबई एयर शो में तेजस फाइटर जेट आसमान में उड़ान भरता दिखाई देता है. वह अचानक किसी परकटे पक्षी की तरह जमीन पर गिरने लगता है और महज 3-4 सेकेंड में जमीन से टकरा जाता है. जमीन छूते ही इसमें जोरदार ब्लास्ट होता है और तेज धमाके के साथ आग लग जाती है.

 


क्या है क्रैश होने की वजह?

दुबई में तेजस के क्रैश होने की वजह सामने नहीं आई है. अहम बात यह है कि यह तेजस का पहला क्रैश नहीं है. 12 मार्च 2024 के दौरान जैसलमेर में एक्सरसाइज के वक्त तेजस पहली बार क्रैश हुआ था. उस दौरान फाइटर जेट का इंजन सीज हो गया था, जिसकी वजह से हादसा हुआ था.


दुबई एयरशो में बड़ा हादसा, भारत का तेजस फाइटर जेट क्रैश, पायलट की मौत, सामने आया वीडियो

[ad_1]


दुबई एयर शो में प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार (21 नवंबर 2025) को भारत का एक तेजस लड़ाकू विमान क्रैश हो गया. इसमें सवार पायलट की मौत हो गई. वीडियो में नजर आ रहा है कि आसमान में कलाबाजियां करते हुए तेजस विमान अचानक जमीन से टकरा गया और फिर जोरदार ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद सिर्फ भीषण आग की लपटें उठती दिखी. आपातकालीन टीमें घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं.

अचानक कैसे क्रैश हो गया तेजस विमान?

यह घटना स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 2:10 बजे हुई, जब हजारों दर्शक विमान के करतब देख रहे थे. हवा में मोड़ लेते समय अचानक पायलट ने स्वदेशी लड़ाकू विमान LCA तेजस पर से नियंत्रण खो दिया और विमान तेजी से जमीन से टकरा गई. इस दुर्घटना के बाद दुबई एयर शो को अस्थाई तौर पर रोका गया है. भारतीय वायुसेना ने दुबई में तेजस विमान के क्रैश होने की पुष्टि की है. IAF ने बताया, “दुबई एयर शो 2025 में भारतीय वायु सेना का एक तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. फिलहाल आगे की जानकारी का पता लगाया जा रहा है.”

4.5-जेनरेशन के विमान तेजस की खासियत 

तेजस एक 4.5-जेनरेशन का मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने एयर-डिफेंस मिशन, ऑफेंसिव एयर सपोर्ट और क्लोज-कॉम्बैट ऑपरेशन करने के लिए बनाया है. यह अपनी क्लास के सबसे हल्के और सबसे छोटे फाइटर प्लेन में से एक माना जाता है. इसे जमीनी और समुद्री अभियानों के लिए भी डिजाइन किया गया है, जो इसे भारत का सबसे अनुकूल स्वदेशी प्लेटफार्मों में से एक बनाता है.

दूसरी बार सामने आया तेजस से जुड़ी दुर्घटना 

यह तेजस विमान से जुड़ी दूसरी दुर्घटना है, पहली दुर्घटना 2024 में जैसलमेर के पास हुई थी. दुबई एयर शो हर दो साल में आयोजित होता है और इसे दुनिया के बड़े एयरोस्पेस कार्यक्रमों में से एक माना जाता है. इसमें 150 देशों के 1,500 से अधिक एक्जीबीटर और 1,48,000 से अधिक उद्योग विशेषज्ञ हिस्सा लेते हैं.



[ad_2]

दबाव, डर और खामोशी! दिल्ली की घटना ने स्कूल-परिवार की जिम्मेदारी पर उठाए तीखे सवाल? जानें क्या

[ad_1]


दिल्ली के एक स्कूल में पढ़ने वाले छात्र की आत्महत्या की घटना ने एक बार फिर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या आज के बच्चे कच्ची उम्र में पहले से ज्यादा संवेदनशील हो रहे हैं? क्या हम उनकी भावनाओं को समझ नहीं पा रहे और क्या स्कूल, परिवार और समाज मिलकर इस तरह की त्रासदियों को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं?

रिपोर्ट्स की मानें तो पिछले कुछ सालों में कई बच्चे अपनी जान गंवा चुके हैं. एक्सपर्ट्स की मानें तो आज के टाइम पर बच्चे बेहद कम उम्र में ही दबाव, तुलना और मानसिक थकान का सामना करने लगे हैं. सोशल मीडिया का प्रभाव, पढ़ाई का दबाव, घर व स्कूल की उम्मीदें ये सब मिलकर उनके मन को जल्दी तोड़ देते हैं.

बच्चे कई बार छोटी-छोटी बातों को भी बहुत बड़ा मुद्दा समझ लेते हैं, क्योंकि इस उम्र में उनकी भावनाओं का संतुलन बनना बाकी होता है. वे खुद को समझ ही रहे होते हैं, और ऐसे में किसी भी बात का असर बेहद गहरा पड़ सकता है.

क्यों बच्चे चीजों को जानलेवा ढंग से लेते हैं?

एक्सपर्ट्स की मानें तो किशोरावस्था में दिमाग भावनाओं के आधार पर फैसले जल्दी और बिना सोचे लेता है. इस दौरान तानों, डांट, उपेक्षा या किसी भी नकारात्मक अनुभव को वे अपनी असफलता या अहमियत खत्म होने से जोड़ लेते हैं. अगर उन्हें लगता है कि उनकी बात सुनी नहीं जाएगी या उन्हें समझा नहीं जाएगा तो वे चुप रह जाते हैं और भावनाएं अंदर ही जमा होती जाती हैं.

आधी बात भी बता दें तो बच सकती है जान

कई विशेषज्ञ कहते हैं कि बच्चे अगर अपनी आधी बात भी किसी भरोसेमंद व्यक्ति से साझा कर दें, तो 90% हालात संभाले जा सकते हैं. समस्या ये है कि बच्चे खुलकर बात नहीं करते क्योंकि उन्हें डर होता है कि उन्हें डांट पड़ जाएगी, उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा और उनका मजाक उड़ाया जाएगा.

काउंसिलिंग क्यों जरूरी है?

स्कूलों में काउंसलर होना सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि आज के टाइम की मांग है. काउंसिलिंग से बच्चों को भावनाओं को समझने, तनाव को संभालने, किसी भी समस्या को शांतिपूर्वक हल करने में मदद मिलती है. काउंसिलिंग उन बच्चों के लिए भी बेहद जरूरी है जो अपने अंदर दर्द छुपाए रखते हैं और उन बच्चों के लिए भी जो व्यवहार या पढ़ाई में अचानक बदलाव दिखाते हैं.

टीचर्स को क्या कदम उठाने चाहिए?

किशोर मन को समझना हर शिक्षक की जिम्मेदारी है. स्कूल सिर्फ पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता वह बच्चों की मानसिक सेहत का भी आधार बनता है. छात्रों में व्यवहारिक बदलाव तुरंत नोटिस करना, डांटने से ज्यादा समझकर बात करना, किसी भी शिकायत या परेशानी को हल्के में न लेना, बच्चे को शर्मिंदा करने वाली भाषा या तुलना से बचना जैसे कदम उठाने चाहिए.
यह भी पढ़ें – सीबीएसई बोर्ड की 10वीं की दूसरी परीक्षा सिर्फ 40% छात्रों के लिए, कुछ छात्र होंगे बाहर; जान लें डिटेल्स

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

[ad_2]

Video: चोरी करने पर युवकों को 2 घंटे तक जुबिन गर्ग के गाने पर नचाया, नाश्ता करा पुलिस को सौंपा

[ad_1]


Assam Viral Video: अगर किसी व्यक्ति ने कोई अपराध किया होता है तो सजा का मतलब आमतौर पर जेल या कोड़े मारना होता है, लेकिन क्या आपने ऐसी सजा देखी है, जिसमें अपराधी को डांस करने को कहा जाए? हाल ही में असम के शिवसागर जिले में दो युवा चोर को ऐसी सजा मिली, जिसने हर किसी को हंसने पर मजबूर कर दिया है. इन दोनों चोरों को स्थानीय लोगों ने दो घंटे तक लगातार नचवाया और जब दोनों नाचते-नाचते थक गए तो उनकी अच्छे से खातिरदारी भी की. इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

जुबिन गर्ग के गाने पर चोरों को खूब नचवाया

बता दें कि यह वीडियो शिवसागर जिले के धायली गांव का बताया जा रहा है. वीडियो में देख सकते हैं कि दो युवक कड़ी धूप में नाचते हुए नजर आ रहे हैं. इन दोनों चोरों को स्थानीय लोगों ने सजा दी है, जिसके चलते यह दो घंटे तक असम के फेमस सिंगर जुबिन गर्ग के गाने पर नाचना पड़ेगा. वीडियो में साफ देख सकते हैं कि दोनों कैसे थके-हारे से नजर आ रहे हैं, लेकिन उसके बावजूद भी भीड़ उन्हें नचवाने पर तुली हुई है.

आसपास कई लोग मौजूद है, जो दोनों को डांस करते देख रहे हैं और वहीं कुछ लोग इनका वीडियो भी मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर रहे हैं. वीडियो जैसे दोनों डांस करते नजर आ रहे हैं, उन्हें देखकर यहीं लगता है कि दोनों बिना मन के मजबूरी में डांस कर रहे हैं.

लोगों ने चाय-बिस्किट खिलाकर पुलिस को सौंपा

काफी देर तक डांस करने के बाद जब दोनों थकान से चूर होने लगे तो स्थानीय लोगों ने पहले उनको चाय और बिस्किट खिलाया और उसके बाद दोनों को पुलिस को सौंप दिया. इस अनोखी सजा का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद लोगों के मजेदार कमेंट्स सामने आ रहे हैं.

लोगों ने कहा कि कितने अच्छे लोग है मारा भी नहीं और बाद में चाय बिस्किट भी खिलाया तो वहीं कुछ ने कहा कि इनके पूरे डांस का वीडियो शेयर करो. एक यूजर ने लिखा कि ऐसी सजा पहले कभी नहीं देखी.


‘120 बहादुर’ का ओपनिंग डे पर ‘दे दे प्यार दे 2’ से तगड़ा कंपटीशन, जानें बाजी किसने मारी

[ad_1]


बॉक्स ऑफिस पर 14 नवंबर का रिलीज हुई अजय देवगन की फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ को 21 नवंबर से कड़ी टक्कर मिलनी शुरू हो गई है. आज दो फिल्में पहली ‘120 बहादुर’ और दूसरी ‘मस्ती 4’ रिलीज हुई हैं.

बात करें फरहान अख्तर की ‘120 बहादुर’ की तो ये 1962 के भारत-चीन युद्ध पर आधारित है. तब रेजांग ला में हमारे 120 जवान चीन के 3000 सैनिकों से भिड़ गए थे और पूरी जंग का रुख बदलकर रख दिया था. सच्ची घटना पर आधारित ये फिल्म ओपनिंग डे पर कितनी कमाई कर रही है? जान लेते हैं.

‘120 बहादुर’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

रजनीश घई के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने सैक्निल्क के मुताबिक ओपनिंग डे पर 4:05 बजे तक 0.67 करोड़ रुपये का बिजनेस कर लिया है. सैक्निल्क पर उपलब्ध ये आंकड़े अभी शुरुआती हैं. इनमें बदलाव हो सकता है.

‘120 बहादुर’ क्या दे पा रही है ‘दे दे प्यार दे 2’ को टक्कर?

एक हफ्ते से बॉक्स ऑफिस पर मौजूद अजय देवगन की रोमांटिक कॉमेडी फिल्म को ‘120 बहादुर’ टक्कर दे पा रही है. जहां ये माना जा रहा था कि फरहान अख्तर की फिल्म के आने के बाद ‘दे दे प्यार दे 2’ को नुकसान हो सकता है, वो होता भी दिख रहा है.

अजय देवगन की फिल्म ने अभी तक 57 लाख कमा लिए हैं और फरहान की फिल्म इससे काफी आगे चल रही है. फाइनल डेटा आने के बाद पता चलेगा कि कौन किस पर भारी पड़ा है लेकिन अभी तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक ‘दे दे प्यार दे 2’ ने पीछे हो चुकी है.


‘120 बहादुर’ के बारे में

भारत-चीन युद्ध के दौरान 120 बहादुर जवानों की बहादुरी दिखाती सच्ची घटना पर बेस्ड इस फिल्म को रजनीश घई ने डायरेक्ट किया है और फरहान अख्तर लीड रोल प्ले कर रहे हैं. एबीपी न्यूज ने अपने रिव्यू में फिल्म को 3 स्टार देते हुए बताया है कि फिल्म का डायरेक्शन और अच्छा हो सकता था. 

रिव्यू में साथ ही ये भी बताया गया है कि अगर आपको इस असली घटना के बारे में जानना है तो फिल्म जरूर देख सकते हैं लेकिन इन बहादुरों पर और अच्छी फिल्म बनाई जा सकती थी.

 



[ad_2]

भूकंप आने से पहले अलर्ट देगा आपका Android फोन! जानिए कैसे बचा सकता है

[ad_1]


आज सुबह कोलकाता और आसपास के इलाकों में तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए. इसके बाद से वहां के लोगों में डर का माहौल है. कई जगहों पर तो इमारतें कुछ सेकंड तक हिलती रहीं और लोग डरकर अपने घरों से बाहर निकल आए. भूकंप का केंद्र बांग्लादेश के टुंगी इलाके के पास था, जहां से सुबह करीब 10:38 बजे तेज झटके महसूस किए गए थे. 

झटकों के बाद लोगों के मन में एक सवाल बार-बार उठ रहा था. क्या फोन में भूकंप का अलर्ट आया था? दरअसल, आजकल स्मार्टफोन समय रहते भूकंप की चेतावनी भेज देते हैं, लेकिन सिर्फ तभी जब फोन में यह फीचर ऑन हो.

कैसे देते हैं स्मार्टफोन भूकंप की चेतावनी?

स्मार्टफोन में मौजूद छोटे-छोटे मोशन सेंसर मामूली कंपन को भी महसूस कर लेते हैं. जब आस-पास के कई फोन एक साथ तेज कंपन रिकॉर्ड करते हैं, तो यह डेटा तुरंत एक सेंट्रल सर्वर तक जाता है. सर्वर इसे भूकंप मानकर तुरंत आसपास के यूजर्स को अलर्ट भेज देता है. यह अलर्ट आने में सिर्फ कुछ सेकंड लगते हैं, लेकिन इतने सेकंड भी किसी को सुरक्षित जगह पहुंचने का मौका दे सकते हैं.

ऐंड्रॉयड पर Earthquake Alerts कैसे ऑन करें?

सबसे पहले अपने फोन की सेटिंग को ऑन करें. उसके बाद सेफ्टी एंड इमरजेंसी में आएं. वहां आपको Earthquake Alerts दिखेगा, इसको ऑन कर दें. ऐसा करने पर आपके फोन में भूकंप के पहले अलर्ट आ जाएगा. 

iPhone पर Emergency Alerts कैसे ऑन करें?

Settings खोलें

Notifications चुनें

नीचे स्क्रोल करें और Emergency Alerts को ऑन कर लें.

MyShake App से मिलते हैं एक्स्ट्रा अलर्ट

यह ऐप यूजर्स को ऐंड्रॉयड और iPhone दोनों पर फ्री में उपलब्ध हो जाएगा. इस ऐप को खोलकर पहले सेटअप पूरा करें और लोकेशन एक्सेस दें. यह ऐप आपको 4.5 मैग्नीट्यूड से ऊपर के भूकंप का अलर्ट भेजता है.

Google भी आपको दो तरह के अलर्ट भेजता है. 

Be Aware Alert: हल्के झटकों के लिए

Take Action Alert: तेज झटकों में तुरंत सुरक्षित जगह जाने की सलाह

क्यों जरूरी है यह फीचर?

कोलकाता के भूकंप ने एक बार फिर दिखा दिया कि स्मार्टफोन अलर्ट कितने जरूरी हैं. भूकंप की भविष्यवाणी नही की जा सकती, लेकिन इसका पहला झटका लगते ही फोन चेतावनी भेज देता है, जिससे लोग सुरक्षित जगह जा सकते हैं. 

[ad_2]

277 खिलाड़ियों की लिस्ट जारी, जिन पर WPL ऑक्शन में लगेगी बोली; 52 कैप्ड प्लेयर्स

[ad_1]


बीसीसीआई ने टाटा विमेंस प्रीमियर लीग 2026 के लिए होने वाले ऑक्शन के लिए प्लेयर्स की लिस्ट जारी कर दी है, जिन पर टीमें बोली लगाएंगी. बता दें कि आगामी संस्करण के लिए सभी टीमों के मिलाकर 73 स्लॉट्स खाली हैं. ऑक्शन 27 नवंबर, 2025 को न्यू दिल्ली में होगा. ऑक्शन की शुरुआत मार्की सेट से होगी, जिसमें दीप्ति शर्मा, रेणुका सिंह समेत कुल 8 प्लेयर्स शामिल हैं.

कुल 277 प्लेयर्स लिस्ट में शामिल

ऑक्शन लिस्ट में 194 भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें 52 कैप्ड और 142 अनकैप्ड हैं. भारतीय खिलाड़ियों के लिए 50 स्लॉट अवेलेबल हैं. लिस्ट में 66 विदेशी कैप्ड और 17 विदेशी अनकैप्ड प्लेयर्स हैं, जिनके 23 स्लॉट खाली हैं.

19 प्लेयर्स का बेस प्राइस 50 लाख

विमेंस प्रीमियर लीग 2026 के लिए होने वाले ऑक्शन में सबसे ज्यादा बेस प्राइस 50 लाख रुपये है. इस बेस प्राइस के साथ लिस्ट में 19 प्लेयर्स शामिल हैं. 40 लाख के बेस प्राइस वाले 11 प्लेयर और 88 प्लेयर्स 30 लाख रुपये के बेस प्राइस वाले हैं.

WPL 2026 ऑक्शन में शामिल प्लेयर्स की लिस्ट और बेस प्राइस– यहां देखें पूरी लिस्ट.

WPL 2026 ऑक्शन में 8 मार्की प्लेयर्स

डब्ल्यूपीएल 2026 ऑक्शन 27 नवंबर को दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा. शुरुआत मार्की सेट से होगी, जिसमें 8 प्लेयर्स शामिल हैं. मार्की सेट में शामिल प्लेयर्स हैं- दीप्ति शर्मा (भारत), रेणुका सिंह (भारत), सोफी डिवाइन (न्यूजीलैंड), सोफी एक्लेस्टोन (इंग्लैंड), एलिसा हीली (ऑस्ट्रेलिया), अमेलिया केर (न्यूजीलैंड), मेग लैनिंग (ऑस्ट्रेलिया), और लौरा वोल्वार्ड्ट (दक्षिण अफ्रीका).

2026 होगा WPL का चौथा संस्करण

विमेंस प्रीमियर लीग 2026 टूर्नामेंट का चौथा संस्करण होगा, जो 7 जनवरी से 3 फरवरी के बीच खेला जाएगा. इनमें कुल 5 टीमें (दिल्ली कैपिटल्स, गुजरात जायंट्स, मुंबई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और यूपी वॉरियर्स) खेलती हैं. अभी तक खेले गए 3 संस्करण में 2 बार मुंबई इंडियंस और 1 बार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु चैंपियन बनी है.



[ad_2]