इन देशों में ले जाइए एक लाख तो हो जाएंगे करोड़पति, जानें पूरी लिस्ट

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दुनिया में अक्सर भारतीय रुपये की तुलना जब डॉलर या यूरो से की जाती है तो वह कमजोर दिखाई देता है. इसके बावजूद दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जहां स्थानीय मुद्रा भारतीय रुपये के मुकाबले काफी नीचे है. इस कारण भारत से ले जाए गए कम पैसों में भी वहां बेहतर जीवन और आरामदायक यात्रा संभव हो जाती है. इन देशों में आर्थिक ढांचा, राजनीतिक स्थिरता, जनसंख्या और महंगाई जैसे कारण उनकी करेंसी पर असर डालते हैं, जिससे भारतीय रुपये का प्रभाव अधिक दिखाई देता है. 

वियतनाम की मुद्रा डोंग भारतीय रुपये के सामने काफी कमजोर मानी जाती है. यहां भारत के 1 रुपये की कीमत 297 रुपये के बराबर है, जिससे स्थानीय खर्च काफी कम हो जाता है. होटल, भोजन, घूमने के स्थान और स्थानीय यात्रा जैसी सभी चीजें भारतीय यात्रियों को बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध हो जाती हैं. इस कारण वियतनाम बजट ट्रैवल के लिए लोकप्रिय विकल्प बनता जा रहा है. इस हिसाब से अगर कोई भारतीय 1 लाख रुपये लेकर वियतनाम जाता है तो वहां जाकर 2 करोड़ 97 लाख हो जाएगा.

इंडोनेशिया में कम खर्च पर बेहतर अनुभव

इंडोनेशिया में भी भारतीय रुपये की वैल्यू स्पष्ट रूप से महसूस होती है. यहां भारत के 1 रुपए की कीमत 188 रुपये के बराबर है. इस वजह से यहां के दैनिक खर्च, पर्यटन सेवाएं और स्थानीय सुविधाएं भारत की तुलना में काफी कम लागत वाली हैं. यात्रियों को होटल और भोजन से लेकर पर्यटन गतिविधियों तक हर चीज बजट के भीतर मिल जाती है. रुपये की मजबूती कम पैसों में भी आरामदेह यात्रा की संभावना बढ़ा देती है. इस हिसाब से अगर कोई भारतीय 1 लाख रुपये लेकर इंडोनेशिया जाता है तो वहां जाकर 1 करोड़ 88 लाख हो जाएगा.

लाओस: शांत वातावरण और कम खर्च वाला देश

लाओस वह स्थान है, जहां भारतीय रुपये की तुलना में स्थानीय मुद्रा काफी नीचे हैं. यहां 1 रुपये की कीमत 244 रुपये के बराबर है. यहां के लाइफस्टाइल का खर्च बहुत कम है. प्राकृतिक स्थलों, स्थानीय भोजन, सांस्कृतिक स्थानों और होटल सुविधाओं का आनंद भारतीय कम बजट में भी ले सकते हैं. यह देश अपने शांत माहौल और सादगी के लिए यात्रियों के बीच जाना जाता है. इस हिसाब से अगर कोई भारतीय 1 लाख रुपये लेकर लाओस जाता है तो वहां जाकर ये 2 करोड़ 44 लाख हो जाएंगे.

कंबोडिया रुपये की मजबूती का साफ लाभ

कंबोडिया भी उन देशों में शामिल है, जहां भारतीय रुपये की कीमत अधिक है. यहां 1 रुपये की कीमत 45 रुपये के बराबर है. यहां ऐतिहासिक मंदिर, समुद्री पर्यटन और स्थानीय संस्कृति कम खर्च में घूम सकते हैं. होटल और भोजन की लागत भारतीय यात्रियों के बजट को कम करती है, जिससे यात्रा और भी आरामदायक बन जाती है. अंगकोर वाट जैसे विश्व प्रसिद्ध स्थलों के बावजूद यहां रहना और घूमना अपेक्षाकृत सस्ता है. इस हिसाब से अगर कोई भारतीय 1 लाख रुपये लेकर कंबोडिया जाता है तो वहां जाकर इसकी कीमत 45 लाख हो जाएगी.

उज्बेकिस्तान कम दाम में बेहतर सुविधाएं

उज्बेकिस्तान की मुद्रा भारतीय रुपये के मुकाबले कमजोर है. यहां 1 रुपये की कीमत 134 रुपये हैं, इसलिए यहां आने वाले यात्रियों को कई क्षेत्रों में लाभ होता है. ऐतिहासिक स्थलों, पर्यटन सेवाओं, होटल, भोजन और स्थानीय यात्रा का खर्च कम होने के कारण यह देश बजट ट्रैवल के लिए आकर्षक माना जाता है. रुपये की मजबूती यात्रियों को प्रीमियम अनुभव भी आसानी से उपलब्ध कराती है. इस हिसाब से अगर कोई भारतीय 1 लाख रुपये लेकर उज्बेकिस्तान जाता है तो वहां जाकर 1 करोड़ 34 लाख हो जाएगा.

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