माइग्रेन करता है परेशान तो भूलकर भी मत खाना ये दो फल, बुरी तरह बिगड़ जाएगी तबीयत

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Tyramine Foods Migraine: माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जो कई तरह की डाइट और एनवायरनमेंट कारणों से ट्रिगर हो सकती है. दिलचस्प बात यह है कि जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या रहती है, उनके लिए केले और एवोकाडो जैसे बेहद पौष्टिक फल भी कभी-कभी दिक्कत बढ़ा सकते हैं. दोनों ही फलों में जरूरी विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और हेल्दी फैट भरपूर मात्रा में होते हैं, लेकिन इनमें मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्व संवेदनशील लोगों में माइग्रेन की प्रक्रिया को सक्रिय कर सकते हैं.

पके हुए केले में टायरामिन ज्यादा होता है, जबकि एवोकाडो में मौजूद कुछ फेनोलिक कंपाउंड दिमाग के केमिकल बैलेंस को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए जिन लोगों को बार-बार माइग्रेन होता है, उनके लिए यह समझना जरूरी है कि ये फल दिमाग की केमिकल गतिविधियों पर कैसे असर डालते हैं. थोड़ी सावधानी और सही मात्रा का ध्यान रखें, तो इन फलों के पोषण का फायदा उठाया जा सकता है बिना दर्द बढ़ाए.

केले और एवोकाडो के फायदे

केला पोटैशियम, विटामिन B6, मैग्नीशियम और नेचुरल शर्करा का अच्छा सोर्स है, जो शरीर को स्थिर ऊर्जा देते हैं. पोटैशियम ब्लड प्रेशर और शरीर में तरल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है, जबकि विटामिन B6 दिमाग और मेटाबॉलिज़्म के लिए जरूरी है. केले में मौजूद मैग्नीशियम मांसपेशियों को रिलैक्स करने और नसों की गतिविधि को बेहतर बनाता है.

केला पचने में भी आसान होता है, इसलिए बीमारी या थकान के बाद इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति के लिए यह एक भरोसेमंद विकल्प है. दूसरी ओर एवोकाडो में हेल्दी मोनोअनसैचुरेटेड फैट, फाइबर, पोटैशियम, फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर पाए जाते हैं. ये सभी तत्व दिल, दिमाग और ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए फायदेमंद हैं. एवोकाडो विटामिन E और ल्यूटिन जैसे घटकों से भी भरपूर होता है, जो स्किन और इंफ्लेमेशन कंट्रोल में मदद करते हैं. इसकी हेल्दी फैट प्रोफाइल शरीर को फैट-सॉल्यूबल विटामिन्स अवशोषित करने में भी सहायक होती है.

माइग्रेन क्यों ट्रिगर कर सकते हैं केला और एवोकाडो?

दोनों ही फलों में एक प्राकृतिक अमीनो एसिड बाय-प्रोडक्ट होता है टायरामिन. यह कंपाउंड शरीर में प्रोटीन टूटने पर बनता है. टायरामिन ब्लड सेल्स के फैलाव और न्यूरोट्रांसमीटर रिलीज को प्रभावित करता है, जो माइग्रेन से जुड़े अहम कारक हैं. जैसे-जैसे केला ज्यादा पकता है, उसमें टायरामिन का स्तर बढ़ता है. यही बात बहुत पके हुए एवोकाडो पर भी लागू होती है. एवोकाडो में थोड़ी मात्रा में हिस्टामीन और पॉलीफेनॉल भी होते हैं, जो संवेदनशील लोगों में सूजन और नर्वस सिस्टम को ज्यादा ट्रिगर कर सकते हैं.

माइग्रेन में टायरामिन की भूमिका

कई स्टडीज में पाया गया है कि टायरामिन वाले खाने वाले चीज माइग्रेन का कारण बन सकते हैं. PubMed पर मौजूद रिसर्च बताती है कि टायरामिन सेंपेथिक नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर रक्त प्रवाह और ब्लड प्रेशर पर असर डाल सकता है और यही प्रक्रिया माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती है.

किन लोगों को केला और एवोकाडो सावधानी से खाने चाहिए?

  • बहुत पके फल न खाएं, क्योंकि पकने के साथ टायरामिन बढ़ जाता है.
  • फूड डायरी रखें कब क्या खाने पर सिरदर्द बढ़ता है, यह नोट करें.
  • मात्रा नियंत्रित रखें, क्योंकि थोड़ी सी मात्रा कई बार समस्या नहीं करती.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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दुबई एयरशो के आखिरी दिन भारत का तेजस फाइटर जेट क्रैश, पायलट की मौत

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दुबई एयर शो में प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार (21 नवंबर 2025) को भारत का एक तेजस लड़ाकू विमान क्रैश हो गया. इस हादसे में पायलट की मृत्यु हो गई है. एयरफोर्स ने अपनी तरफ से जारी बयान में हादसे की पुष्टि की है. 

एयरफोर्स ने अपने बयान में कहा,  ‘आज दुबई एयर शो में एरियल डिस्प्ले के दौरान IAF तेजस एयरक्राफ्ट का हादसे का शिकार हो गया. हादसे में पायलट को जानलेवा चोटें आईं. एयरफोर्स को जान के नुकसान पर गहरा दुख है. वह इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है. हादसे का कारण पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी बनाई जा रही है.’ 

ऐसा पहली बार है जब हादसे में तेजस के पायलट की मौत हुई है. इससे पहले 2024 में भी हादसा हुआ था, लेकिन पायलट ने इजेक्ट कर लिया था. 

डेमो फ्लाइट के दौरान हुआ हादसा

हादसा दुबई के अल मकतूम एयरपोर्ट पर जारी एयर शो में एक डेमो फ्लाइट के दौरान हुआ है. विमान जमीन पर गिरते ही आग के गोले में तब्दील हो गया. आसमान में सिर्फ काले धुएं का गुबार ही नजर आ रहा था. वायुसेना के तेजस के क्रैश होने की दूसरी घटना है. इससे पहले 2024 में राजस्थान के पोकरण में युद्धाभ्यास के दौरान इंजन फेल होने के चलते तेजस विमान क्रैश हो गया था.

हर दो साल में होता है दुबई एयरशो

दरअसल, दुनिया के देशों से एयरोस्पेस की कंपनियां दुबई एयर शो में जुटी थीं. इस तरह के शो में विमानों का प्रदर्शन किया जाता है. इसमें कंपनियां अपने नए विमान, हेलिकॉप्टर, हथियार सिस्टम और एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी को दर्शाती है. पांच दिन चलने वाले इस शो का शुक्रवार को आखिरी दिन था. इस शो की शुरुआत 1989 में हुई थी. हर साल दो साल में इसे आयोजित किया जाता है.



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वैभव सूर्यवंशी को सुपर ओवर में क्यों नहीं भेजा? कप्तान जीतेश शर्मा ने खुद बताया

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भारतीय टीम एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट से बाहर हो गई है. शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल मैच में टीम इंडिया को बांग्लादेश के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी. सुपर ओवर में भारतीय टीम ने बिना रन बनाए अपने दोनों विकेट गंवा दिए थे, जिसके बाद सुयश शर्मा द्वारा फेंकी गई वाइड गेंद के कारण बांग्लादेश जीत गया. भारतीय टीम के इस फैसले की जमकर आलोचना हो रही है कि सुपर ओवर में इन-फॉर्म बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को नहीं भेजा गया. इस पर कप्तान जीतेश शर्मा ने खुद बड़ा बयान दिया है.

वैभव सूर्यवंशी को क्यों नहीं भेजा?

पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कप्तान जीतेश शर्मा ने बताया, “हमारी टीम में, वैभव और प्रियांश पावरप्ले के मास्टर हैं, लेकिन डेथ ओवरों में आशुतोष शर्मा और रमनदीप सिंह बड़े हिट मारने का अनुभव रखते हैं. सुपर ओवर का लाइन अप टीम का फैसला था, जिसपर अंतिम फैसला मैंने लिया था.”

कप्तान ने हार की जिम्मेदारी ली

जीतेश शर्मा ने भारतीय टीम की हार की जिम्मेदारी लेते हुए कहा, “यह अच्छा मैच रहा, हमने बहुत कुछ सीखा. टीम का सीनियर खिलाड़ी होते हुए मैं हार की जिम्मेदारी लेता हूं. मुझे मैच जिताना चाहिए था. ये हार या जीत का नहीं, सीखने का विषय है. कोई नहीं जानता, क्या पता ये युवा खिलाड़ी किसी दिन भारत के लिए वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीत जाएं. इनकी प्रतिभा का स्तर आसमान को छू रहा है. हमें गलतियों से सीखकर आगे बढ़ना है.”

भारतीय टीम ने आखिरी गेंद पर 3 रन भागकर मैच को सुपर ओवर पर ला खड़ा किया था. दोनों टीमों का स्कोर 194 रन रहा. जब सुपर ओवर की बाती आई तो भारतीय टीम ने बिना रन बनाए दोनों विकेट गंवा दिए. जवाब में पहली गेंद पर सुयश शर्मा ने बांग्लादेश का विकेट ले लिया था, लेकिन वो अगली गेंद वाइड फेंक बैठे.

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‘खत्म कर देंगे’, जब विवेक को गैंगस्टर्स से मिली थी जान से मारने की धमकी, जानें किस्सा

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बॉलीवुड स्टार्स हमेशा से ही गैंग्स और अंडरवर्ल्ड के सॉफ्ट टारगेट पर रहे हैं. कई बार फिल्मी हस्तियों पर हमले भी हुए हैं और धमकियां मिलना तो एक दौर में आम बात रही है. ऐसा ही कुछ हुआ था बॉलीवुड एक्टर विवेक ओबेरॉय के साथ. साल 2009 में फिल्म ‘कुर्बान’ की शूटिंग के वक्त विवेक को ये धमकी भरा फोन आया था. एक्टर ने इस वाकये को लेकर खुलकर आपबीती बताई थी.

पाकिस्तान से आया था धमकी भरा फोन

दरअसल फिल्म की शूटिंग के दौरान ही विवेक ओबेरॉय के पास पाकिस्तान से फोन आया था. जिसमें उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी. पिंकविला से एक बातचीत के दौरान विवेक ने बताया था कि मैं अमेरिका में फिल्म ‘कुर्बान’ की शूटिंग कर रहा था. तभी किसी का फोन आया और उसने आंसरिंग मशीन पर ही धमकी भरा मैसेज छोड़ा दिया था.

एक्टर को करना पड़ा था अमेरिका में वकील

इसके बाद विवेक ने पहले तो इसे किसी का मजाक समझा लेकिन फिर भी इस घटना को हल्के में नहीं लिया. विवेक ने बताया कि ‘मैंने इस घटना को लेकर अमेरिका के स्थानीय प्रशासन को रिपोर्ट भी किया था. दरअसल लोकल प्रोडक्शन के लोगों ने मुझे कहा था कि इसे रिपोर्ट किया जाना चाहिए. ये सबकुछ से निपटने के लिए फिर मुझे अमेरिका में एक वकील भी करना पड़ा था.’

फोन पर मिली थी जान से मारने की धमकी

विवेक ने बताया कि वहां पुलिस बुलाई गई और फिर पूछताछ शुरू हो गई. मैंने पुलिस को बताया कि, ‘मुझे नहीं पता वो कौन हैं, वो मुझे कह रहे थे कि खत्म कर देंगे, सब कुछ उड़ा देंगे. उन्होंने फिर उस नंबर को पाकिस्तान से ट्रेस किया था. उन्होंने जब बताया कि ये नंबर असली है तब मुझे डर महसूस हुआ था.’

मुंबई में विवेक को मिली थी सिक्योरिटी

विवेक ने आगे बताया कि, ‘फिर मुझे अपनी सुरक्षा को लेकर फिक्र महसूस हुई. पहले मुझे लगा किसी ने नशे में मजाक किया है. लेकिन फिर बाद में परिवार और अपनी सुरक्षा के लिए मुझे सिक्योरिटी रखनी पड़ी थी. जब वापस मुंबई आया तो यहां फिर से धमकियों का दौर शुरू हो गया. फिर मुझे पुलिस सुरक्षा लेनी पड़ी थी.’ बता दें कि विवेक हालिया रिलीज फिल्म ‘मस्ती 4’ में नजर आ रहे हैं.

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अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य की आज से करें शुरुआत, बड़े काम का है यह ‘चिल्ड्रेन प्लान’

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<p><strong>(यह एक स्पॉन्सर्ड आर्टिकल है. ABP नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड या ABP लाइव किसी भी प्रकार से इस लेख/विज्ञापन की सामग्री या इसमें व्यक्त विचारों का समर्थन या अनुमोदन नहीं करता है. पाठकों को अपने विवेक का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.)</strong></p>
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कनाडा की सख्त पॉलिसियों से टूटा नौकरी का सपना, विदेशी वर्कर्स पर बढ़ी रोक और वीजा का लंबा इंतजार

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भारतीय आवेदकों को वीजा के लिए 99 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है और सुपर वीजा पर 6 महीने तक का होल्ड लगा हुआ है.

भारतीय आवेदकों को वीजा के लिए 99 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है और सुपर वीजा पर 6 महीने तक का होल्ड लगा हुआ है.

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 2025 के आखिर तक सिर्फ 2 लाख 2 हजार से ज्यादा वर्कर्स ही कनाडा पहुंच पाएंगे, जबकि टारगेट करीब 3 लाख 68 हजार का था. टेंपरेरी फॉरेन वर्कर प्रोग्राम और इंटरनेशनल मोबिलिटी प्रोग्राम दोनों की एंट्री संख्या लगातार गिर रही है.

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 2025 के आखिर तक सिर्फ 2 लाख 2 हजार से ज्यादा वर्कर्स ही कनाडा पहुंच पाएंगे, जबकि टारगेट करीब 3 लाख 68 हजार का था. टेंपरेरी फॉरेन वर्कर प्रोग्राम और इंटरनेशनल मोबिलिटी प्रोग्राम दोनों की एंट्री संख्या लगातार गिर रही है.

रिपोर्ट्स के अनुसार जनवरी से अगस्त तक केवल 1.54 लाख वर्कर्स को ही एंट्री मिली. अनुमान बताता है कि TFWP और IMP मिलाकर साल के अंत तक भी सरकार का लक्ष्य पूरा नहीं होगा.

रिपोर्ट्स के अनुसार जनवरी से अगस्त तक केवल 1.54 लाख वर्कर्स को ही एंट्री मिली. अनुमान बताता है कि TFWP और IMP मिलाकर साल के अंत तक भी सरकार का लक्ष्य पूरा नहीं होगा.

सरकार ने 2024 और 2025 में अस्थायी निवासियों की संख्या घटाने का फैसला किया है. इसी वजह से विदेशी वर्कर्स पर सख्त रोक लग रही है. बेरोजगारी वाले इलाकों में कम-वेतन वाली नौकरियों पर LMIA रोक दी गई है.

सरकार ने 2024 और 2025 में अस्थायी निवासियों की संख्या घटाने का फैसला किया है. इसी वजह से विदेशी वर्कर्स पर सख्त रोक लग रही है. बेरोजगारी वाले इलाकों में कम-वेतन वाली नौकरियों पर LMIA रोक दी गई है.

ज्यादा सैलरी वाली नौकरियों के लिए नई सैलरी शर्तें लागू की गईं. PGWP पर लिमिट, भाषा नियम सख्त, इंट्रा-कंपनी ट्रांसफर पर कड़े नियम इन सबके कारण विदेशी वर्कर्स की एंट्री और कम हो गई है.

ज्यादा सैलरी वाली नौकरियों के लिए नई सैलरी शर्तें लागू की गईं. PGWP पर लिमिट, भाषा नियम सख्त, इंट्रा-कंपनी ट्रांसफर पर कड़े नियम इन सबके कारण विदेशी वर्कर्स की एंट्री और कम हो गई है.

सरकार ने स्पाउसल ओपन वर्क परमिट पर भी पाबंदियां लगा दी हैं. इससे कंपनियों के लिए भी भर्ती करना मुश्किल हो गया है. कई विदेशी वर्कर्स कनाडा जाने का प्लान टाल रहे हैं और कंपनियां भी हायरिंग कम कर रही हैं.

सरकार ने स्पाउसल ओपन वर्क परमिट पर भी पाबंदियां लगा दी हैं. इससे कंपनियों के लिए भी भर्ती करना मुश्किल हो गया है. कई विदेशी वर्कर्स कनाडा जाने का प्लान टाल रहे हैं और कंपनियां भी हायरिंग कम कर रही हैं.

Published at : 21 Nov 2025 06:21 PM (IST)

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तुला साप्ताहिक राशिफल 23–29 नवंबर 2025: रुके कार्य तेजी से बनेंगे, करियर और बिजनेस में बड़े अवस

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Tula Saptahik Rashifal 23 to 29 November 2025: यह सप्ताह तुला राशि वालों के लिए बेहद शुभ साबित हो सकता है. करियर, कारोबार और व्यक्तिगत जीवन — तीनों क्षेत्रों में तरक्की और संतुलन के योग बन रहे हैं. इस हफ्ते भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और रुके हुए काम गति पकड़ेंगे.

आइए जानते हैं, इस सप्ताह करियर, व्यापार, धन, परिवार, प्रेम और स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

तुला साप्ताहिक करियर राशिफल

इस सप्ताह तुला राशि के जातकों को करियर में भाग्य का विशेष साथ मिलेगा. सप्ताह की शुरुआत के साथ ही रुके हुए कार्यों में तेजी आएगी और नई ऊर्जा के साथ आप महत्वपूर्ण कार्य पूरे करेंगे.

नौकरीपेशा लोगों को सप्ताह के मध्य तक कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी या नया प्रोजेक्ट मिलने की पूरी संभावना है. 

तुला साप्ताहिक बिजनेस राशिफल

व्यापार से जुड़े जातकों के लिए यह सप्ताह आर्थिक रूप से अत्यंत शुभ रहेगा. भूमि, भवन और वाहन से जुड़े लेन-देन या खरीद के लिए समय बहुत अनुकूल है. पैतृक संपत्ति में आ रही रुकावटें दूर होंगी. प्रभावशाली लोगों से संपर्क व्यापार विस्तार में सहायक सिद्ध होंगे. नया निवेश और नए कार्य की शुरुआत करने के लिए यह सप्ताह लाभकारी रहेगा. व्यापार में वृद्धि और आय में सुधार के स्पष्ट संकेत हैं.

तुला साप्ताहिक परिवार राशिफल

रिश्ते और पारिवारिक जीवन की दृष्टि से यह सप्ताह संतोष और प्रसन्नता से भरा रहेगा. परिवार के सदस्यों का भावनात्मक सहयोग मिलेगा और आप उनकी अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे. सप्ताह के उत्तरार्ध में परिवार के साथ धार्मिक यात्रा या किसी विशेष समारोह में भाग लेने का योग बनेगा. घर में सौहार्द और खुशियों का माहौल बना रहेगा.

तुला साप्ताहिक लव राशिफल

प्रेम संबंध प्रगाढ़ होंगे. लव पार्टनर के साथ भरोसा, समझ और रोमांटिक संबंध पहले से अधिक मजबूत होंगे. विवाहित लोगों के लिए दांपत्य जीवन में सामंजस्य रहेगा. ससुराल पक्ष से सहयोग प्राप्त होगा, जिससे संबंधों में मिठास बढ़ेगी. एक-दूसरे के लिए समय निकालना संबंधों में स्थिरता लाएगा.

तुला साप्ताहिक स्वास्थ्य राशिफल

स्वास्थ्य सामान्य और संतुलित रहेगा. मानसिक शांति बनाए रखने के लिए अनावश्यक तनाव से दूर रहें. नियमित दिनचर्या, नींद और हल्का व्यायाम लाभकारी रहेगा.

  • भाग्यशाली अंक: 6
  • भाग्यशाली रंग: सफेद
  • उपाय: प्रतिदिन शिव चालीसा का पाठ करें और सोमवार के दिन शिव मंदिर में जल चढ़ाएं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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Live: ‘पूरा देश परिवार के साथ’, दुबई एयरशो में तेजस क्रैश में पायलट की मौत पर राजनाथ ने जताया द

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दुबई एयर शो के दौरान भारतीय वायुसेना के तेजस लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने पर रक्षा विशेषज्ञ शिवाली देशपांडे ने कहा, ‘पूरा देश पीड़ित परिवार के साथ है और ऐसी दुर्घटनाएं नहीं होनी चाहिए. हालांकि इसकी कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं. परिणाम का इंतज़ार करना चाहिए. एक बेहद काबिल पायलट के खोने से देश बहुत दुखी है. इसके असली कारण का पता लगाने के लिए आगे की जांच का इंतज़ार करना चाहिए.’

 



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भारत के खिलाफ ODI और टी20 सीरीज के लिए दक्षिण अफ्रीकी स्क्वाड घोषित

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दक्षिण अफ्रीका ने भारत के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के लिए स्क्वाड घोषित कर दिया है. पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद एनरिक नॉर्टजे टी20 टीम में वापसी कर रहे हैं. ODI टीम की कप्तानी टेम्बा बावुमा कर रहे होंगे, जबकि टी20 टीम के कप्तान एडन मार्करम होंगे. क्विंटन डी कॉक की वापसी के चलते रायन रिकल्टन का टी20 स्क्वाड में चयन नहीं हुआ है. डी कॉक हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ ODI मैच में शतक लगाकर आ रहे हैं.

डेविड मिलर की टी20 टीम में वापसी हुई है, जिन्होंने दिसंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका के लिए आखिरी टी20 मैच खेला था. टेम्बा बावुमा वनडे टीम की कप्तानी करेंगे. बताते चलें कि डी कॉक ने इसी साल रिटायरमेंट से वापसी की है और रिटर्न के बाद वो पहले से कहीं बेहतर फॉर्म में नजर आए हैं.

दक्षिण अफ्रीका का ODI स्क्वाड: टेम्बा बावुमा (कप्तान), ओटनील बार्टमैन, कॉर्बिन बॉश, मैथ्यू ब्रीत्ज्के, डेवाल्ड ब्रेविस, नांद्रे बर्गर, क्विंटन डी कॉक, टोनी डी जोरजी, रुबिन हरमन, केशव महाराज, मार्को जानसेन, एडेन मार्करम, रायन रिकेलटन, प्रेनेलन सुब्रायन

दक्षिण अफ्रीका का टी20 स्क्वाड: एडेन मार्करम (कप्तान), ओटनील बार्टमैन, कॉर्बिन बॉश, डेवाल्ड ब्रेविस, क्विंटन डी कॉक, टोनी डी जोरजी, डोनोवन फरेरा, रीजा हेंड्रिक्स, मार्को जानसेन, जॉर्ज लिंडे, क्वेना मफाका, डेविड मिलर, लुंगी एनगिडी, एनरिक नॉर्टजे, ट्रिस्टन स्टब्स

ODI सीरीज का शेड्यूल

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका ODI सीरीज 30 नवंबर-दिसंबर तक चलेगी. पहला वनडे मैच 30 नवंबर को रांची, दूसरा मैच 3 दिसंबर को रायपुर और अंतिम वनडे मैच 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम में खेला जाएगा.

  • पहला वनडे – 30 नवंबर – रांची
  • दूसरा वनडे – 3 दिसंबर – रायपुर
  • तीसरा वनडे – 6 दिसंबर –  विशाखापत्तनम

टी20 सीरीज का शेड्यूल

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका पांच मैचों की टी20 सीरीज 9 दिसंबर-19 दिसंबर तक चलेगी. पहला मैच कटक, दूसरा चंडीगढ़ और तीसरा मुकाबला धर्मशाला में खेला जाएगा. चौथा और पांचवां टी20 मैच क्रमशः लखनऊ और अहमदाबाद में खेला जाएगा.

  • पहला टी20 – 9 सितंबर – कटक
  • दूसरा टी20 – 11 दिसंबर – न्यू चंडीगढ़
  • तीसरा टी20 – 14 दिसंबर – धर्मशाला
  • चौथा टी20 – 17 दिसंबर – लखनऊ
  • पांचवां टी20 – 19 दिसंबर – अहमदाबाद

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‘लद्दाख की बातें सच हुई साबित’, ‘120 बहादुर’ की शूटिंग एक्सपीरियंस पर बोले विवान भटेना

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फरहान अख्तर की फिल्म ‘120 बहादुर’ रिलीज हो चुकी है. जिसे फैंस पसंद भी कर रहे हैं. फिल्म की शूटिंग लद्दाख में हुई थी. जहां ठंडा मौसम और ऊंचाई पर सांस रोक देने वाली हवा समेत तमाम चीजें किसी भी इंसान को अंदर तक हिला देती हैं. ऐसी जगह पर जाना ही अपने-आप में बड़ी चुनौती है, और वहां महीनों रहकर काम करना किसी परीक्षा से कम नहीं. फिल्म ‘120 बहादुर’ की टीम वहां शूटिंग के लिए पहुंची, तो उनके लिए यह सिर्फ एक फिल्म की लोकेशन नहीं थी, बल्कि एक ऐसा अनुभव था जिसने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से बदल दिया. इन्हीं अनुभवों को अभिनेता विवान भटेना ने अब शेयर किया है. 

मेरी सहनशक्ति और सोच बदल गई है – विवान भटेना

विवान ने आईएएनएस संग बात करते हुए शूटिंग के दिन याद किए.  उन्होंने ना सिर्फ लद्दाख की खूबसूरती और उसके खतरों के बारे में बात की, बल्कि यह भी बताया कि वहां काम करते हुए उनकी सोच, उनकी ताकत और उनकी सहनशक्ति कैसे बदल गई. उन्होंने बताया कि  “जब हम लद्दाख पहुंचे, तो मेरे को-एक्टर फरहान अख्तर ने मुझे एक ऐसी बात कही जो मन में हमेशा के लिए बस गई. फरहान ने कहा था कि ‘लद्दाख इंसान को बदल देता है. यह एहसास कराता है कि हम ब्रह्मांड के सामने कितने छोटे और कमजोर हैं.’ उनकी यह बात पूरी तरह सच साबित हुई. लद्दाख जितना खूबसूरत दिखता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी है. यह एक तरह से ‘खूबसूरत लेकिन खतरनाक’ जगह है, एक ऐसी जगह जो आंखों को भाती है, लेकिन जरा सी गलती जानलेवा साबित हो सकती है.”

विवान ने कहा, ”हमारे सैनिक जिन हालात में देश की रक्षा करते हैं, वे वास्तव में अद्भुत हैं. वहां कोई भी इंसानी बसावट नहीं, कोई हलचल नहीं, सिर्फ ठंड, ऊंचाई और सुनसान पहाड़ हैं. फिर भी सैनिक डटे रहते हैं. जब हमने यह सब खुद अनुभव किया, तब जाकर हमें सैनिकों की असली कठिनाइयों का एहसास हुआ.”

लद्दाख में शूटिंग करना बेहद मुश्किल था- विवान

फिल्म की शूटिंग के दौरान कलाकारों और टीम के बाकी सदस्यों को इन हालातों में खुद को ढालना पड़ा. विवान ने बताया कि ‘शुरुआत में स्थिति इतनी मुश्किल थी कि वे 400 मीटर भी आसानी से नहीं चल पाते थे. ऊंचाई की वजह से हर कुछ कदम पर उन्हें पानी पीने की जरूरत पड़ती थी. उनका शरीर तेजी से थक जाता था, और सांस फूलने लगती थी. लेकिन, फिल्म की डिमांड थी कि वे सैनिकों जैसा अनुशासन और ताकत दिखाएं, इसलिए उन्हें खुद को हर दिन थोड़ा और तैयार करना पड़ा.  लगातार दो महीनों की ट्रेनिंग और रोजाना अभ्यास ने हमारी क्षमता में बड़ा बदलाव लाया. धीरे-धीरे मैं 8 किलोमीटर तक बिना थके चलने लगा. मैं रोज पूरे गांव में घूमता था, ताकि मेरे पैर, फेफड़े और शरीर इतनी ताकत हासिल कर सके कि मैं लड़ाई के सीन्स को असल सैनिकों की तरह निभा सकूं. यह सिर्फ एक्टिंग नहीं थी, यह एक ऐसी प्रक्रिया थी जिसने मुझे अंदर और बाहर दोनों रूप से मजबूत किया.”

विवान ने कहा, “लद्दाख ने मुझे सीख दी कि कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती है, अगर इंसान उसे पार करने की ठान ले. चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, मेहनत और हिम्मत इंसान को जीत दिला सकती है.”

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