जो अमेरिका दुनियाभर में भेजता है हथियार, उसे किस देश ने भेजी मिसाइलें? हैरान करने वाला दावा

[ad_1]


जापान ने इतिहास में पहली बार अपने देश में बनी पेट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर अमेरिका को निर्यात की है. इनकी संख्या कितनी है फिलहाल इसका खुलासा नहीं किया गया है. यह कदम सिर्फ एक सैन्य सौदा नहीं, बल्कि जापान की दशकों पुरानी रक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. जापानी मीडिया ने रक्षा सूत्रों के हवाले से दावा किया है.

क्योडो न्यूज एजेंसी की मानें तो यह निर्यात उन नए नियमों के तहत संभव हुआ है, जिन्हें जापान ने दिसंबर 2023 में लागू किया था. इन नियमों ने हथियारों के निर्यात पर लगी कई पाबंदियों को आंशिक रूप से ढील दी. इससे अब जापान लाइसेंस प्राप्त देशों को पूरे हथियार सिस्टम भी भेज सकता है. इससे पहले जापान सिर्फ पार्ट्स बेच सकता था. 

दुश्मनों को सबक सिखाने में सक्षम 

अमेरिका को भेजी गई ये मिसाइलें पेट्रियट पीएसी-3 इंटरसेप्टर हैं. यह बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों जैसी हवा में ही दुश्मन के हथियार को मार गिराने में सक्षम हैं. यह मिसाइल सिस्टम अमेरिकी लाइसेंस के तहत जापान में मित्सुबिशी हैवी इंडस्ट्रीज द्वारा बनाया जाता है.

जापान का कहना है कि यह निर्यात अमेरिका की सेना के स्टॉक को भरने के लिए है. पिछले कुछ वर्षों में यूक्रेन संघर्ष के चलते अमेरिका अपने सहयोगियों को लगातार मिसाइल सहायता दे रहा है. उसके भंडार पर दबाव बढ़ रहा है. इस पृष्ठभूमि में जापानी आपूर्ति अमेरिकी रक्षा तैयारियों को मजबूत करने में मदद करेगी.

इन मिसाइलों को तीसरे देश को नहीं भेज सकेगा अमेरिका

जापान की सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये मिसाइलें केवल अमेरिका के उपयोग के लिए हैं. वॉशिंगटन इन्हें किसी तीसरे देश को नहीं भेजेगा. यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जापान की जनता और उसकी राजनीति लंबे समय से हथियार निर्यात को लेकर बेहद संवेदनशील रही है.

विश्व युद्ध के बाद जापान ने “सिर्फ रक्षा” की नीति अपनाई थी, जिसके तहत हथियारों का विदेश में भेजा जाना लगभग पूरी तरह प्रतिबंधित था. इसलिए यह सौदा बड़े राजनीतिक विमर्श के बाद संभव हुआ.

जापान में नीति बदलने पर बहस तेज

इस नीति परिवर्तन ने जापान के भीतर बहस भी तेज कर दी है. समर्थकों का कहना है कि बदलते सुरक्षा माहौल, चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों, उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइल परीक्षणों और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अस्थिरता के बीच जापान को अपनी भूमिका मजबूत करनी होगी. उनके मुताबिक अमेरिका को मिसाइल भेजना जापान-अमेरिका सुरक्षा साझेदारी को और भरोसेमंद बनाता है. दोनों देशों की संयुक्त रक्षा रणनीति को सुदृढ़ करता है.

विरोधियों का तर्क है कि यह कदम जापान को अनावश्यक रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में उलझा सकता है. उसके “शांतिपूर्ण राष्ट्र” की पहचान को कमजोर कर सकता है. उनका कहना है कि भले ही मिसाइलें सीधे युद्ध में इस्तेमाल के लिए नहीं भेजी जा रहीं, लेकिन यह शुरुआत भविष्य में और बड़े हथियार निर्यात के रास्ते खोल सकती है, जो देश की परंपरागत नीतियों के विपरीत है.

इसके बावजूद, सरकार का मानना है कि मौजूदा वैश्विक सुरक्षा स्थिति को देखते हुए यह बदलाव समय की मांग है. जापान के लिए यह सिर्फ रक्षा उद्योग का विस्तार नहीं, बल्कि अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने का प्रयास भी है.

[ad_2]

स्टाइलिश लुक में दिखे रितेश,विवेक और आफताब…रेड टॉप संग ट्रांसपेरेंट पेंट पहनकर पहुंचीं राखी

[ad_1]

‘मस्ती 4’ की स्क्रीनिंग में दिग्गज एक्टर जितेंद्र ने भी शिरकत की. जो ब्लू कलर के कोट और ब्लैक पेंट में नजर आए.

‘मस्ती 4’ की स्क्रीनिंग में दिग्गज एक्टर जितेंद्र ने भी शिरकत की. जो ब्लू कलर के कोट और ब्लैक पेंट में नजर आए.

एक्टर विवेक ओबेरॉय अपनी फिल्म ‘मस्ती 4’ की स्क्रीनिंग में पिता सुरेश ओबेरॉय और मां के साथ पहुंचे थे.

एक्टर विवेक ओबेरॉय अपनी फिल्म ‘मस्ती 4’ की स्क्रीनिंग में पिता सुरेश ओबेरॉय और मां के साथ पहुंचे थे.

बॉलीवुड एक्टर तुषार कपूर भी इस स्क्रीनिंग में स्टाइलिश लुक में नजर आए. उन्होंने जींस के साथ ब्लू डेनिम जैकेट पहनी थी.

बॉलीवुड एक्टर तुषार कपूर भी इस स्क्रीनिंग में स्टाइलिश लुक में नजर आए. उन्होंने जींस के साथ ब्लू डेनिम जैकेट पहनी थी.

फिल्म के लीड स्टार्स ने स्क्रीनिंग में पहुंचकर एक-दूजे संग खूब सारे पोज दिए. ये सभी इस दौरान स्टाइलिश लुक में नजर आए.

फिल्म के लीड स्टार्स ने स्क्रीनिंग में पहुंचकर एक-दूजे संग खूब सारे पोज दिए. ये सभी इस दौरान स्टाइलिश लुक में नजर आए.

एक्टर तुषार कपूर आज यानि 20 नवंबर को अपना 47वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं. ऐसे में स्क्रीनिंग में सभी ने मिलकर एक्टर के बर्थडे का केक भी कट किया.

एक्टर तुषार कपूर आज यानि 20 नवंबर को अपना 47वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं. ऐसे में स्क्रीनिंग में सभी ने मिलकर एक्टर के बर्थडे का केक भी कट किया.

‘बिग बॉस 19’ कंटेस्टेंट नतालिया भी इस स्क्रीनिंग में शामिल हुई. जो व्हाइट कलर के ऑफ शोल्डर गाउन में नजर आई.

‘बिग बॉस 19’ कंटेस्टेंट नतालिया भी इस स्क्रीनिंग में शामिल हुई. जो व्हाइट कलर के ऑफ शोल्डर गाउन में नजर आई.

बॉलीवुड की ड्रामा क्वीन राखी सावंत इस स्क्रीनिंग में काफी ग्लैमरस लुक में दिखी. उन्होंने रेड टॉप के साथ ट्रांसपेरेंट ड्रेस पहनी थी.

बॉलीवुड की ड्रामा क्वीन राखी सावंत इस स्क्रीनिंग में काफी ग्लैमरस लुक में दिखी. उन्होंने रेड टॉप के साथ ट्रांसपेरेंट ड्रेस पहनी थी.

बॉलीवुड के हैंडसम स्टार टाइगर श्रॉफ भी ‘मस्ती 4’ की स्क्रीनिंग में शामिल हुए. जो हमेशा की तरह डैशिंग लुक में दिखे.

बॉलीवुड के हैंडसम स्टार टाइगर श्रॉफ भी ‘मस्ती 4’ की स्क्रीनिंग में शामिल हुए. जो हमेशा की तरह डैशिंग लुक में दिखे.

फिल्म की एक्ट्रेस श्रेया शर्मा भी स्क्रीनिंग में बन-ठनकर पहुंची. उन्होंने ब्लैक और गोल्डन शेड की आउटफिट पहनी थी. जिसमें वो कहर ढहाती नजर आई.

फिल्म की एक्ट्रेस श्रेया शर्मा भी स्क्रीनिंग में बन-ठनकर पहुंची. उन्होंने ब्लैक और गोल्डन शेड की आउटफिट पहनी थी. जिसमें वो कहर ढहाती नजर आई.

‘मस्ती 4’ में नजर आने वाली एक्ट्रेस रुही सिंह का इस स्क्रीनिंग में दिलकश अवतार देखने को मिला. उन्होंने शिमरी बॉडीकोन ड्रेस पहनी थी.

‘मस्ती 4’ में नजर आने वाली एक्ट्रेस रुही सिंह का इस स्क्रीनिंग में दिलकश अवतार देखने को मिला. उन्होंने शिमरी बॉडीकोन ड्रेस पहनी थी.

एक्टर निशांत मल्कानी भी अपनी फिल्म ‘मस्ती 4’ की स्क्रीनिंग में सजधज कर पहुंचे थे.

एक्टर निशांत मल्कानी भी अपनी फिल्म ‘मस्ती 4’ की स्क्रीनिंग में सजधज कर पहुंचे थे.

इस स्क्रीनिंग में जितेंद्र ने अपने बेटे तुषार कपूर के साथ मीडिया के सामने कई सारे पोज भी दिए.

इस स्क्रीनिंग में जितेंद्र ने अपने बेटे तुषार कपूर के साथ मीडिया के सामने कई सारे पोज भी दिए.

Published at : 20 Nov 2025 10:36 PM (IST)

बॉलीवुड फोटो गैलरी

[ad_2]

Air Pollution अब सिर्फ आपकी health के लिए ही खतरनाक नहीं बल्कि आपकी pocket के लिए भी बड़ा खतरा

[ad_1]

Delhi-NCR जैसे polluted एरिया में health insurance claims इतने तेज़ी से बढ़ रहे हैंकी आने वाले time में insurance premium भी और ज़्यादा मेहेंगा हो सकता है। 2022 में Air Pollution related claims 6.4% the 2025 में बढ़ कर 9% यानी 14% ka jump सिर्फ़ September 2025 में ही 9% hospitalizations pollution वाली diseases से linked the बीमारियां: सांस की तकलीफ, heart issues, eye irritation, skin allergy Shock: 10 साल से कम के बच्चे = 43% claims! ये किसी भी age group से 5x ज़्यादा है। Adults (31–40): 14% Seniors (60+): 7% Cost का असर Breath & heart diseases के इलाज का खर्च पिछले साल 11% बढ़ गया। Average air-pollution health insurance claim: ₹55,000 Average hospital cost: ₹19,000 per day Cities Most Affected: Claims me सबसे आगे Delhi Ratio high: Bengaluru, Hyderabad Tier-2 citiesजैसे Jaipur, Lucknow, Indore में भी तेज़ी से cases बढ़ रहे हैं। मतलब pollution ka असर metrosसे आगे भी fail रहा है। VIDEO में हम breakdown करेंगे की कैसे air pollution आपके health bill, insurance premium और hospital cost ko silently बढ़ा रहा है।

[ad_2]

पाकिस्तान में हुआ बड़ा उलटफेर, जिम्बाब्वे ने 67 रनों से जीता टी20 मैच; कप्तान सिकंदर रजा चमके

[ad_1]


पाकिस्तान में चल रही ट्राई सीरीज में जिम्बाब्वे ने श्रीलंका को 67 रनों से हराकर चौंका दिया है. यह ट्राई सीरीज का दूसरा मैच था, जिसमें जिम्बाब्वे की टीम ने पहले खेलते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 162 रन बनाए थे, लेकिन इसके जवाब में श्रीलंकाई टीम केवल 95 रनों पर ढेर हो गई. 47 रन की पारी खेलने और एक विकेट लेने वाले प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए कप्तान सिकंदर रजा को मैन ऑफ द मैच चुना गया.

ट्राई सीरीज के पहले मैच में जिम्बाब्वे 5 विकेट से हार गई थी. इस बार जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने हर क्षेत्र में श्रीलंका को धराशाई करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. सलामी बल्लेबाज ब्रायन बैनेट ने 49 रनों की पारी खेली, दूसरी ओर कप्तान सिकंदर रजा ने 32 गेंद में 47 रनों की पारी खेली. जिम्बाब्वे 175-180 तक का स्कोर बना सकती थी, लेकिन आखिरी 3 ओवरों में जिम्बाब्वे सिर्फ 21 रन बना सकी और इसी दौरान लगातार अंतराल में 3 विकेट गंवा दिए.

163 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका का हाल इतना बुरा रहा कि 29 के स्कोर तक 4 विकेट और आधी टीम 52 के स्कोर तक पवेलियन लौट चुकी थी. चरिथ असालंका की गैरमौजूदगी में कप्तानी कर रहे दासुन शनाका ने 25 गेंद में 34 रन बनाए, वहीं भानुका राजपक्षा ने 11 रन बनाए. इन 2 बल्लेबाजों के अलावा श्रीलंका का कोई भी खिलाड़ी रनों के मामले में दहाई का आंकड़ा नहीं छूओ पाया. हालांकि श्रीलंका को पॉइंट्स टेबल में नेट रन रेट के मामले में शायद अधिक नुकसान ना हो, क्योंकि उसने पूरे 20 ओवर बल्लेबाजी की.

ट्राई सीरीज की पॉइंट्स टेबल में जिम्बाब्वे पहले स्थान पर आ गई है, जिसके 2 अंक हैं और नेट रन-रेट +1.471 का है. दूसरी ओर पाकिस्तान के भी 2 अंक हैं, लेकिन उसका नेट रन-रेट +0.460 का है.

यह भी पढ़ें:

टीम इंडिया का क्लीन स्वीप करने की तैयारी में दक्षिण अफ्रीका! कोच के बयान से भारतीय खेमे में खलबली मचनी तय

[ad_2]

iPhone 18 Pro Max में मिलेंगे ये 5 बड़े बदलाव, जानकर आप भी खरीदना चाहेंगे

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

ऐप्पल अगले साल सितंबर में iPhone 18 Pro Max को लॉन्च करेगी. इस आईफोन की लॉन्चिंग में अभी काफी समय बाकी है, लेकिन इससे जुड़ी लीक्स लगातार सामने आ रही हैं. लीक्स से अभी तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, ऐप्पल इस आईफोन में काफी अपग्रेड देने वाली है, जो कैमरा से लेकर परफॉर्मेंस तक को बेहतर बना देगी. आज हम आपको iPhone 18 Pro Max में मिलने वाली 5 संभावित अपग्रेड के बारे में बताने जा रहे हैं.

डिजाइन

18 Pro Max का ओवरऑल डिजाइन और डिस्प्ले मे बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके रियर में मिलने वाली टू-टोन फिनिश को इस बार बदला जा सकता है. कयास है कि ऐप्पल इस फ्लैगशिप डिवाइस के रियर को एक ही शेड दे सकती है. 

बैटरी

18 Pro Max में इस बार ऐप्पल और बड़ी बैटरी दे सकती है. नए फीचर्स को सपोर्ट करने और यूजर को बार-बार चार्जिंग के झंझट से छुटकारा दिलाने के लिए इसकी बैटरी कैपेसिटी बढ़ाई जा सकती है. इसके लिए यह मॉडल 17 प्रो मैक्स की तुलना में मोटा और भारी भी होगा. 

परफॉर्मेंस 

अगले साल आने लॉन्च होने वाले इस मॉडल की परफॉर्मेंस में भी बड़ा जंप आएगा. ऐप्पल इसमें TSMC की 2nm प्रोसेस पर बनी A20 Pro चिप दे सकती है, जो तेज परफॉर्मेंस और बेहतर पावर एफिशिएंसी देगी. साथ ही इसमें 5G स्पीड के लिए ऐप्पल का इन-हाउस C2 मॉडम दिया जा सकता है.

डायनामिक आईलैंड

ऐप्पल धीरे-धीरे डायनामिक आईलैंड को खत्म करने की तरफ बढ़ रही है. आईफोन 18 प्रो मैक्स में डायनामिक आईलैंड मिलेगा, लेकिन इसका साइज छोटा हो जाएगा. इसके लिए ऐप्पल अलग-अलग फ्रंट कैमरा डिजाइन टेस्ट कर रही है. 

कैमरा

18 प्रो मैक्स के कैमरा सेटअप को पूरी तरह बदला नहीं जाएगा, लेकिन इसके प्राइमरी कैमरा को अपग्रेड किया जा सकता है. बताया जा रहा है कि 18 प्रो मैक्स में DSLR कैमरे की तरह वेरिएबल अपर्चर मिलेगा, जो यूजर को फोकस और लाइट पर ज्यादा कंट्रोल देगा. 

ये भी पढ़ें-

अब SMS में आने वाले लिंक और नंबर होंगे पहले से तय, TRAI ने नए नियम लागू किए, फ्रॉड पर लगेगी लगाम

[ad_2]

रूस के जासूसी जहाज ने ब्रिटिश P-8A पर किया लेजर अटैक; भड़के ब्रिटेन ने पुतिन को दे डाली चेतावनी

[ad_1]


ब्रिटेन के रॉयल पायलट पर लेजर अटैक के बाद ब्रिटेन और रूस में ठन गई है. ब्रिटेन का आरोप है कि स्कॉटलैंड के करीब ब्रिटिश समुद्री क्षेत्र में रूस के एक स्पाई शिप पर निगरानी के दौरान, रूस ने रॉयल एयरफोर्स के टोही विमान, P-8A पर लेजर अटैक किया है. 

ब्रिटेन का आरोप है कि लेजर हमले के जरिए रूसी जहाज ने ब्रिटिश पायलट को विचलित करने की कोशिश की. इस हमले के बाद इंग्लैंड के रक्षा मंत्री जॉन हेली ने रूस को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है, ‘एक रूसी जासूसी जहाज ‘यांतर’ ने पहली बार यूके की जल सीमा के पास अपनी एक्टिविटी पर नजर रख रहे ब्रिटिश वायुसेना के पायलटों को रोकने के लिए लेजर का इस्तेमाल किया है.’

अगर यांतर हमारी ओर बढ़ा तो सैन्य विकल्प तैयार: जॉन हेली

ब्रिटिश रक्षा मंत्री ने चेतावनी के लहजे में कहा, ‘रूस और पुतिन के लिए मेरा संदेश यही है, हम आपको देख रहे हैं. हम जानते हैं कि आप क्या कर रहे हैं और अगर यांतर इस सप्ताह दक्षिण की ओर बढ़ता है तो हम तैयार हैं. हमारे पास सारे सैन्य विकल्प तैयार हैं.’

हेली ने कहा कि हमने इस जहाज की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए रॉयल नेवी का एक फ्रिगेट और आरएएफ के P-8 विमान तैनात किए. इस दौरान यांतर ने हमारे पायलट पर लेजर दागे. रूस की यह कार्रवाई बेहद खतरनाक है और इस साल यह दूसरी बार है, जब यह जहाज, यांतर, ब्रिटेन के जलक्षेत्र में तैनात किया गया है.

रूस ने दिया ये जवाब

लंदन में रूसी दूतावास ने ब्रिटेन के आरोपों पर जवाब दिया है. रूस की ओर से कहा गया है कि हमारे देश के काम यूनाइटेड किंगडम के हितों पर असर नहीं डालते हैं. इसका मकसद उसकी सुरक्षा को कमजोर करना नहीं है. हमें ब्रिटिश अंडरवाटर कम्युनिकेशन में कोई दिलचस्पी नहीं है.

रूस ने साफ कर दिए अपने इरादे

यूक्रेन को सैन्य मदद देने के चलते रूस की ब्रिटेन से तनातनी चल रही है. हाल ही में फ्रांस ने भी यूक्रेन को 100 राफेल फाइटर जेट देने का ऐलान किया है. ऐसे में रूस ने यांतर स्पाई शिप को यूरोप में तैनात कर अपने इरादे साफ कर दिए हैं. 

[ad_2]

इंडियन एयर फाॅर्स ने अग्निवीर वायु भर्ती का रिजल्ट किया जारी; ऐसे चेक करें लिस्ट

[ad_1]


भारतीय वायु सेना में करियर का सपना देखने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. अग्निवीर वायु भर्ती 01/2026 की अनंतिम चयन सूची जारी कर दी गई है. यह सूची उन सभी उम्मीदवारों के लिए है जिन्होंने विज्ञान और गैर-विज्ञान दोनों स्ट्रीम से आवेदन किया था. लंबे इंतजार के बाद वायु सेना की ओर से यह अपडेट आने से हजारों अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई है.

अब सभी उम्मीदवार अपना चयन परिणाम आधिकारिक पोर्टल agnipathvayu.cdac.in पर जाकर आसानी से देख सकते हैं. यह लिस्ट पोर्टल के उम्मीदवार (Candidates) टैब में उपलब्ध है और इसमें भर्ती के अगले चरणों के लिए चयनित सभी उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं.

भर्ती प्रक्रिया में क्या-क्या होता है?

अग्निवीर वायु भर्ती प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है और हर चरण में उम्मीदवारों की अलग-अलग परीक्षा ली जाती है. चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होती है और इसका उद्देश्य सर्वश्रेष्ठ युवाओं को वायु सेना में शामिल करना है.

इस भर्ती में उम्मीदवारों को इन चरणों से गुजरना होता है. इसमें लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा (PFT), दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल टेस्ट होते हैं.

शारीरिक परीक्षा कैसी होती है?

  • फिजिकल टेस्ट में उम्मीदवारों की फिटनेस को परखा जाता है.
  • पुरुष अभ्यर्थी: 1.6 किमी दौड़ 7 मिनट में पूरी करनी होती है.
  • महिला अभ्यर्थी: 1.6 किमी दौड़ 8 मिनट में पूरी करनी होती है.

लिखित परीक्षा का पैटर्न

लिखित परीक्षा विज्ञान और गैर-विज्ञान दोनों स्ट्रीम के लिए अलग-अलग होती है.

विज्ञान विषय वाले उम्मीदवारों के लिए परीक्षा में भौतिकी, गणित और अंग्रेजी पूछे जाते हैं और कुल समय 60 मिनट होता है. गैर-विज्ञान विषय वाले उम्मीदवारों के लिए परीक्षा अंग्रेजी, तर्कशास्त्र और सामान्य ज्ञान पर आधारित होती है और कुल समय 45 मिनट दिया जाता है. पूरी प्रक्रिया के आधार पर कुल 85 मिनट का मूल्यांकन किया जाता है, जिससे उम्मीदवार की अकादमिक क्षमता, तर्क शक्ति और सामान्य ज्ञान का आकलन होता है.

  • कैसे देखें अपना रिजल्ट?
  • सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल agnipathvayu.cdac.in/AV/ पर जाएं.
  • होमपेज पर ‘उम्मीदवार (Candidates)’ टैब पर क्लिक करें.
  • यहां ‘अग्निवीर वायु 01/2026’ और अपनी श्रेणी (विज्ञान/गैर-विज्ञान) चुनें.
  • अब अपनी आवेदन संख्या, जन्म तिथि और कैप्चा कोड दर्ज करें.
  • इसके बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिसे आप डाउनलोड भी कर सकते हैं.

    यह भी पढ़ें – दुनिया में कहां होती है सबसे सस्ती MBBS की पढ़ाई, जानें कितनी लगती है फीस?

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

[ad_2]

किस दबाव में काम कर रहे बीएलओ, हार्ट अटैक और सुसाइड के पीछे क्या है वजह?

[ad_1]


BLO SIR Workload: देशभर में SIR का दूसरा चरण 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहा है. अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को जारी की जानी है. इस बीच बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) लगातार बढ़ते काम के बोझ के कारण बेहद तनाव में काम कर रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, SIR से जुड़े काम में शामिल एक सीनियर टीचर ने बिंदयका रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. अपने सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि SIR से जुड़े काम को लेकर एक अधिकारी लगातार दबाव डाल रहा था, जिससे वे टूट गए.

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में भी बीएलओ ने काम के दबाव में आकर आत्महत्या कर ली. केरल में रविवार को एक BLO, अनीश जॉर्ज (44), पय्यानूर, कन्नूर में अपने घर पर फंदे से झूलते मिले. इसके अलावा राजस्थान के सवाई माधोपुर में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम यानी SIR के काम में लगे बीएलओ की हार्ट अटैक से मौत हो गई. चलिए आपको बताते हैं कि आखिर हार्ट अटैक और सुसाइड के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?

क्यों बढ़ रहे हैं सुसाइड और हार्ट अटैक के मामले?

Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार, वर्क प्लेस पर अलग-अलग कारणों के चलते लोग सुसाइड अटेंप्ट कर लेते हैं. यही हाल बीएलओ के साथ भी हो रहा है. कुछ ऐसे कारण हो सकते हैं, जिसके चलते बीएलओ इस तरह के कदम उठा रहे हैं. इसमें-

लगातार बढ़ता काम का दबाव

जब जिम्मेदारियों की मात्रा क्षमता से कई गुना ज़्यादा हो जाए, जैसे BLOs के साथ SIR के दौरान हो रहा है तब शरीर और दिमाग दोनों पर लगातार तनाव पड़ता रहता है. लंबे समय तक यही तनाव दिल पर असर डालता है और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ाता है.

समय सीमा का दबाव

डेडलाइन पूरा न कर पाने का डर, अधिकारियों द्वारा लगातार फॉलो-अप, रिपोर्ट जल्द-से-जल्द जमा करने की मानसिक थकान यह सब मिलकर दिमाग पर जबरदस्त वजन डालता है. कई लोग इस दबाव को झेल नहीं पाते और टूट जाते हैं.

काम और निजी जीवन का संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाना

जब काम इतना ज़्यादा हो जाए कि परिवार, आराम, नींद और खुद के लिए समय ही न बचे, तो शरीर की रिकवरी रुक जाती है, मानसिक थकान बढ़ती है और दिल कमजोर पड़ता है.

लगातार तनाव से शरीर में हार्मोनल बदलाव

लंबे तनाव में शरीर स्ट्रेस हार्मोन यानी कॉर्टिसोल अधिक मात्रा में बनाता है. इसके चलते यह दिल की धड़कन बढ़ाता है, हाइपरटेंशन पैदा करता है, ब्लड क्लॉटिंग बढ़ाता है और नींद खराब करता है. ये सभी हार्ट अटैक के बड़े कारण बनते हैं.

गलती का डर और ऊपरी दबाव

जब हर गलती पर फटकार, शिकायत या सस्पेंशन का डर बना हो, तो इंसान हमेशा चिंता में रहता है. यह चिंता धीरे-धीरे मानसिक बीमारी, पैनिक, डिप्रेशन और आखिरी में  सुसाइड जैसे कदम तक ले जा सकती है.

अत्यधिक तनाव में मानसिक स्वास्थ्य कैसे संभालें?

अगर कभी महसूस हो कि चीज़ें हाथ से निकल रही हैं या इमोशनल संकट गहरा रहा है, तो तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति, विशेषज्ञ या हेल्पलाइन से मदद लें. मदद मिलना वास्तविक है और यह सच में फर्क लाती है. इसमें आप यह कर सकते हैं कि अगर काम का दबाव जब असहनीय होने लगे, तो सबसे पहले खुद को रोककर संभालें. काम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटें. क्या ज़रूरी है और क्या इंतजार कर सकता है, इसकी प्राथमिकता तय करें और जरूरत हो तो ना कहना भी ठीक है.

इसे भी पढ़ें- Long Covid Research: कोरोना संक्रमित रह चुके लोगों के खून में बन रहे थक्के, नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

[ad_2]

19 साल की उम्र में ही जुटा लिए थे 12 करोड़ रुपए, विवेक ओबेरॉय ने सुनाया अनोखा किस्सा

[ad_1]


बॉलीवुड के पॉपुलर एक्टर विवेक ओबेरॉय इन दिनों अपनी फिल्म ‘मस्ती 4’ को लेकर टॉक ऑफ द टाउन बने हुए हैं. इसी बीच उनका एक इंटरव्यू वायरल हुआ जहां उन्होंने अपनी बिजनेस की जर्नी को लेकर बातें शेयर की. अभिनेता से बिजनेसमैन बने विवेक ओबेरॉय ने बताया कि महज 19 साल की उम्र में उन्होंने बिजनेस के लिए 12 करोड़ रुपए जोड़ लिए थे. यहां जानिए पूरी कहानी. 

बहुत ही कम उम्र से हैं फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट
पिंकविला संग बात करते हुए विवेक ओबेरॉय ने अपने करियर को लेकर कई बातें शेयर की. उन्होंने शेयर किया कि उन्होंने अपने पहले 1 करोड़ रुपए 16–17 साल तक कमा लिए थे और 19 साल की उम्र तक पहुंचते हुए बिजनेस में उन्होंने 12 करोड़ रुपए इकट्ठा कर लिए. इंटरव्यू में विवेक ओबेरॉय ने कहा, ‘ये ट्रेडिंग से था और मुझे पता था कि इसे कैसे सेव करना है. ये कैश नहीं बल्कि स्टॉक वैल्यू था.’ 


हमेशा सीखते रहे नई चीजें
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए विवेक ओबेरॉय ने बताया कि उन्होंने नई चीजें सीखने से कभी भी परहेज नहीं किया. जहां भी जिससे भी मौका मिलता वो उन लोगों से नई चीजें सीखते थे. अभिनेता ने कहा कि, ‘मेहनत करने से कभी डर नहीं लगता था और सीखने का बहुत शौक था तो नीचे जमीन में बैठ के लोगों को गुरु बना लेते और बोलते थे सिखाओ, सब सिखाओ.’ इसी दौरान उन्हें बिजनेस करने का आइडिया मिला और उन्हें सुपरक्रिटिकल फ्लूइड एक्सट्रैक्शन का प्लांट सेट किया और वो सक्सेस हो गया. यही से उनके बिजनेस की जर्नी शुरू हुई और उन्होंने महज 19 साल की उम्र में 12 करोड़ रुपए जमा कर लिए. 

विवेक ओबेरॉय की अपकमिंग फिल्में
विवेक ओबेरॉय ने बॉलीवुड में एक से बढ़कर एक कई फिल्मों में काम किया. लगातार कई सालों तक बॉलीवुड में काम करने के बाद भी उनका परफॉर्मेंस एवरेज रहा. अब अभिनेता ‘मस्ती 4’ में नजर आएंगे जो 21 नवंबर को रिलीज होगी. इसके अलावा उन्होंने अपने इंटरव्यू में बताया कि वो संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘स्पिरिट’ और नितेश तिवारी की ‘रामायण’ का भी हिस्सा हैं.

ये भी पढ़ें – 

Masti 4 Screening: स्टाइलिश लुक में दिखे रितेश,विवेक और आफताब…रेड टॉप संग ट्रांसपेरेंट पेंट पहनकर पहुंचीं राखी

 

 



[ad_2]

मलाला युसुफ़ज़ई: तालिबान की गोली से नोबेल तक, एक लड़की की शिक्षा के लिए अटूट जंग!

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Malala Yousafzai Motivational Story: मलाला यूसुफजई पाकिस्तान की स्वात घाटी में जन्मीं एक साधारण सी लड़की जिसने तालिबान की बंदूकों को अपने इस वाक्य से हरा दिया कि, लड़कियों को पढ़ने का पूरा अधिकार है.

जिसके बाद उनपर हमला हुआ, मौत के मुंह से वापस लौटकर उन्होंने जो किया, वो केवल बहादुरी ही नहीं, बल्कि सिस्टम को एक खुली चुनौती भी थी. मलाला की कहानी सच्ची प्रेरणा से कम नहीं हैं. 

मलाला यूसुफजई कौन थी?

मलाला का जन्म 12 जुलाई 1997 में पाकिस्तान स्थित मिंगोरा में हुआ था. पाकिस्तान में एक बच्ची का होना कभी भी उत्सव की नजर से नहीं देखा जाता था. लेकिन उनके पिता जियाउद्दीन युसूफजई जिन्होंने मलाला को वो हर मौका दिया जो एक लड़के को मिलता है. 

मलाला के पिता एक शिक्षक थे और अपने गांव में ही छोटा सा स्कूल चलाते थे. लेकिन कुछ समय बाद स्वात घाटी पर तालिबान का कब्जा हो गया. उन्होंने कई चीजों पर प्रतिबंध लगा दिए, जैसे कि टीवी रखना, संगीत सुनना और उनके आदेशों को न मानने वालों को कठोर दंड से गुजरना पड़ता था. तालिबानियों ने लड़कियों के स्कूल जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया.

साल 2009 में जब मलाला मात्र 11 साल की थी, उन्होंने अपने सहपाठियों को अलविदा कह दिया, यह न जानते हुए कि, अब वो उनसे कभी मिल भी पाएगी या नहीं.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने दिया अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार

एक कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने सार्वजानिक रूप से लड़कियों की हक की आवाजे उठाई और बीबीसी ऊर्दू पर अपने अनुभवों को लोगों के साथ शेयर किया. जिस वजह से वो कई लोगों के निशाने पर आ चुकी थी. 

साल 2011 में उन्हें अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया. उसी साल उनकी मुलाकात ततकालीन प्रधानमंत्री से हुई, जिन्होंने मलाला की बहादुरी के सम्मान में उन्हें राष्ट्रीय शांति पुरस्कार से नवाजा.

2012 में तालिबानी आतंकी ने मलाला के सिर में मारी गोली

साल 2012 में स्कूल से घर लौटते वक्त एक तालिबानी उनकी स्कूल बस में चढ़ा और पूछा कि, मलाला कौन है? इसके बाद बंदूकधारी तालिबानी ने मलाला के सिर के बायीं ओर गोली मारी.

घटना के 10 दिन बाद इंग्लैंड के बर्मिंघम के अस्पताल मलाला को होश आया तो डॉक्टरों और नर्सों ने उन्हें घटना की पूरी जानकारी दी. महीनों की सर्जरी के बाद मलाला ठीक हो गई.

12 जुलाई मलाला दिवस

साल 2013 अपने 16वें जन्मदिन के मौके पर उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भाषण देते हुए सभी लड़कियों को शिक्षा देने की बात कही. इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र ने 12 जुलाई को मलाला दिवस के रूप में मान्यता दी.

अपने पिता के सहयोग और प्रेरणा से उन्होंने मलाला फंड की स्थापना की, जो हर लड़की को पढ़ने, कुछ सीखने और अपना भविष्य खुद चुनने की अजादी देता है. 

साल 2014 में मलाला युसूफजई को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिसके साथ वो सबसे कम उम्र में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता बन गई.

साल 2017 में उन्होंने Oxford यूनिवर्सिटी से दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई शुरू की, वह हर दिन प्रयास करती कि, सभी लड़कियों को 12 साल की शिक्षा जरूर मिले.

साल 2021 में असर मलिक से किया निकाह

इसके लिए उन्होंने ब्राजील से लेकर नाइजीरिया और इराक के कई देशों की यात्रा कि, ताकि गरीबी, युद्ध, विवाह और लैंगिक भेदभाव की दशा झेल रही लड़कियों को उनका हक मिल सकें और वो स्कूल जा सकें. साल 2020 में उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक की उपाधि प्राप्त की.

साल 2021 में उन्होंने असर मलिक से शादी कर अपने जीवन में एक नए चैप्टर को शुरुआत किया. साल 2024 में उनके द्वारा स्थापिक मलाला फंड के 10 साल पूरा होने पर उन्होंने जश्न मनाया.

मलाला यूसुफजई की कहानी से क्या सीख सकते हैं?

मलाला यूसुफजई की कहानी किसी दया या संघर्ष से भरी कहानी नहीं, बल्कि उस समाज के खिलाफ थी, जो लड़कियों से उनकी बुनियादी हक शिक्षा भी छीनने की चाह रखता है. एक गोली से डरने की बजाए उन्होंने उसी डर को हथियार की तरह इस्तेमाल किया और समाज का एजेंडा ही बदलकर रख दिया.

तालिबानियों की धमकियों से लेकर संयुक्त राष्ट्र में सबसे कम उम्र में नोबेल शांति पुरस्कार पाने तक मलाला ने साबित किया कि, आवाज बेशक छोटी हो सकती है, लेकिन इरादे पहाड़ की तरह थे.आज मलाला फंड के जरिए करोड़ों लड़कियों की भविष्य की नींव को तैयार करने क काम किया जा रहा है.

मलाला यूसुफजई की कहानी यह सीख देती है कि, बदलाव किसी सरकार के जरिए नहीं बल्कि एक जिद, हिम्मत और सही आवाज से शुरू होती है. 

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

[ad_2]