“लाल चुनरिया” पेट्रोल पंप पर ट्रैक्टर वाले ने बजाया गाना तो झूम उठा विदेशी टूरिस्ट का जत्था! मजेदार वीडियो वायरल

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बॉलीवुड के गानों की एक खास बात ये है कि आप अगर इन्हें फील के साथ सुनें तो आपके कदम खुद ब खुद थिरकने लगेंगे. चाहे भारतीय हों या फिर विदेशी टूरिस्ट हर कोई भारतीय गानों का दिवाना है और इस बात की गवाही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो चीख चीखकर दे रहा है. वीडियो राजस्थान का बताया जा रहा है जहां विदेशी टूरिस्ट्स का एक ग्रुप अपनी टैक्सी में फ्यूल भराने एक पेट्रोल पंप पर पहुंचा था, लेकिन वहां जो कुछ हुआ उसे देखकर लोगों का दिन बन गया. वीडियो अब वायरल है और इसे देखकर मुमकिन है कि आप भी झूमने लग जाएं.

“लाल चुनरिया लाई” गाने पर विदेशियों ने लगाए ठुमके!

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें विदेशी लोगों का एक ग्रुप भारत दौरे पर है और अपनी टैक्सी में फ्यूल भराने के लिए रुका हुआ है. लेकिन जैसा कि वीडियो में देखा जा सकता है कि पेट्रोल पंप पर एक ट्रैक्टर पहले से खड़ा है जिसमें मशहूर बॉलीवुड सॉन्ग लाल चुनरिया लाई बज रहा है. इस गाने की बीट और धुन में खोकर विदेशी टूरिस्ट ऐसा नाचे कि पूरे पेट्रोल पंप का माहौल बदल दिया. गाने की धुन पर क्या मर्द और क्या औरत, सभी ने जमकर हाथ आजमाया और ट्रैक्टर के पास जाकर ऐसे ठुमके लगाए मानों सालों से भारतीय गानों पर डांस करने का तजुर्बा हो.


ड्राइवर के साथ बूढ़े जवान सब नाचे

वीडियो में दिख रहा है कि विदेशी लोगों का पूरा ग्रुप तो गाने की धुन पर डांस कर ही रहा है साथ ही कार का ड्राइवर भी गाने की बीट पर ठुमके लगा रहा है जिससे मालूम चल रहा है कि बॉलीवुड गानों का हर कोई कायल है. ग्रुप में बूढ़े और जवान सभी तरह के लोग हैं लेकिन गाने की बीट ने उम्र के बंधन को ही तोड़कर सभी को एक धागे में पिरो दिया है.

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यूजर्स बोले, ट्रैक्टर वाले के पैसे आज वसूल हो गए!

वीडियो को explore_with_bali नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…ट्रेक्टर वाले के स्पीकर के पैसे आज वसूल हो गए. एक और यूजर ने लिखा…राजस्थान वालों का जवाब नहीं. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…ये ट्रैक्टर नहीं बल्कि चलता फिरता डीजे है.

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TECH EXPLAINED: क्या होता है IMEI नंबर? जानिए कैसे इससे ट्रैक हो जाता है डिवाइस और क्यों सरकार

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IMEI Number: स्मार्टफोन आज हमारी जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है. ऑनलाइन पेमेंट से लेकर सोशल मीडिया और पर्सनल डेटा तक, सब कुछ इसी डिवाइस में मौजूद है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपका फोन चोरी हो जाए या कहीं खो जाए तो उसे कैसे खोजा जाता है? इसका सबसे बड़ा और भरोसेमंद ज़रिया है IMEI नंबर.

सरकार ने हाल ही में IMEI से जुड़े नियम और भी कड़े कर दिए हैं ताकि फोन चोरी करने वाले या फेक डिवाइस बेचने वाले आसानी से पकड़े जा सकें. आइए, समझते हैं कि आखिर IMEI नंबर होता क्या है यह कैसे काम करता है और इसके नियम क्यों सख्त किए गए हैं.

IMEI नंबर क्या होता है?

IMEI यानी International Mobile Equipment Identity एक 15 अंकों का यूनिक पहचान नंबर होता है जिसे हर मोबाइल फोन को अलग-अलग दिया जाता है. ये बिल्कुल आपके आधार कार्ड की तरह है, फर्क सिर्फ इतना कि आधार आपकी पहचान है और IMEI आपके फोन की. दुनिया में बना हर स्मार्टफोन, फीचर फोन और ई-सिम डिवाइस का IMEI नंबर अलग होता है.

फोन चाहे Android हो, iPhone हो या कोई अन्य ब्रांड हर डिवाइस का IMEI नंबर यूनिक होता है. इसे कॉपी, डुप्लीकेट या मनमाने तरीके से बदला नहीं जा सकता. यही कारण है कि यह मोबाइल पहचान का सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है.

IMEI नंबर कहां मिलता है?

अक्सर लोग IMEI नंबर खोजने में परेशान हो जाते हैं जबकि ये जानकारी बेहद आसान है. आप इसे इन तरीकों से देख सकते हैं:

  • फोन के डायलर में *#06# डायल करके
  • फोन की सेटिंग्स में About Phone सेक्शन में
  • नए फोन की बॉक्स पर दिए लेबल में
  • फोन की रसीद या बिल पर

ध्यान रहे कि IMEI नंबर कहीं सुरक्षित लिखकर रख लेना हमेशा फायदेमंद है, खासकर फोन चोरी या गुम होने की स्थिति में.

IMEI से कैसे ट्रैक होता है आपका फोन?

IMEI नंबर अपने आप लोकेशन नहीं बताता बल्कि यह मोबाइल नेटवर्क के साथ मिलकर फोन की पहचान करने का काम करता है. जब भी आपका फोन किसी SIM के साथ नेटवर्क पर रजिस्टर होता है, टावर आपका IMEI पढ़ लेता है. यही IMEI फोन को लोकेशन या एक्टिविटी से जोड़ने में मदद करता है.

मोबाइल नेटवर्क IMEI को लगातार ट्रैक करता है

फोन जब भी किसी सेल टॉवर से कनेक्ट होता है कॉल, मैसेज या इंटरनेट उपयोग के दौरान नेटवर्क उसका IMEI रिकॉर्ड कर लेता है. इससे फोन की लाइव लोकेशन पता चलती रहती है.

फोन चोरी होने पर IMEI ब्लॉक हो जाता है

भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) सिस्टम में IMEI ब्लॉक किया जा सकता है. IMEI ब्लॉक होने के बाद चोर फोन में नई SIM डालकर भी उसे चल नहीं सकता.

पुलिस IMEI के जरिए फोन की मूवमेंट ट्रैक करती है

चोरी हुए फोन के IMEI का डेटा नेटवर्क कंपनियों से लेकर पता लगाया जाता है कि फोन कहां और किस SIM से चल रहा है.

IMEI बदलना लगभग असंभव

IMEI बदलने की कोशिश करना गंभीर अपराध है. नया कानून इसे गैर-जमानती बनाता है ताकि अपराधी इससे बच न सकें.

IMEI नंबर इतना जरूरी क्यों है?

आज फोन में बैंकिंग ऐप्स, UPI डेटा, OTP, कॉन्टैक्ट्स, फोटो, फाइलें सब कुछ मौजूद है. ऐसे में फोन चोरी होना सिर्फ डिवाइस खोना नहीं, बल्कि आपकी पूरी डिजिटल जिंदगी चोरी हो जाने जैसा है. IMEI नंबर:

  • फोन की यूनिक पहचान देता है
  • चोरी हुए फोन को ब्लॉक करवाने में मदद करता है
  • फर्जी और क्लोन फोन की पहचान करता है
  • नेटवर्क पर सुरक्षा बनाए रखता है
  • आतंकवाद, धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड रोकने में सहायता करता है

यही वजह है कि सरकार IMEI से जुड़े नियमों को लगातार मजबूत कर रही है.

सरकार ने IMEI के नियम क्यों किए सख्त?

भारत सरकार ने हाल ही में IMEI नंबर से छेड़छाड़ को गैर-जमानती अपराध घोषित किया है. अब IMEI से खिलवाड़ करने पर 3 साल की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है. ऐसा क्यों? आइए समझते हैं.

देश में हर साल लाखों मोबाइल चोरी होते हैं. चोर अक्सर IMEI बदलकर इन्हें बेच देते हैं. सख्त कानून के बाद ऐसा करना नामुमकिन हो जाएगा. डुप्लीकेट IMEI वाले फोन क्रिमिनल एक्टिविटी में आसानी से इस्तेमाल किए जाते हैं. सरकार इस loophole को खत्म करना चाहती है. सस्ते चीनी या नकली फोन असली IMEI कॉपी करके बेचे जाते हैं. नए नियमों से ऐसे बाजारों पर रोक लगने वाली है. मोबाइल अब बैंकिंग से लेकर सरकारी सेवाओं तक हर जगह इस्तेमाल होता है. ऐसे में फेक डिवाइस का चलन देश की साइबर सुरक्षा को खतरे में डाल देता है.

IMEI से छेड़छाड़ कैसे होती थी और अब क्यों असंभव है?

कुछ तकनीशियन अवैध रूप से सॉफ़्टवेयर टूल्स की मदद से फोन का IMEI बदल देते थे जिसे IMEI क्लोनिंग कहा जाता है. लेकिन सरकार ने ऐसे टूल्स पर प्रतिबंध लगाया, IMEI बदलने वालों को सीधे गिरफ्तार करने का अधिकार दिया, IMEI रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य किया, CEIR को पूरे देश से लिंक किया. इससे अब IMEI में बदलाव कर पाना लगभग असंभव हो गया है.

आपको IMEI नंबर से संबंधित कौन-सी सावधानियां रखनी चाहिए?

  • नए फोन खरीदते समय बॉक्स पर दिए IMEI और फोन के IMEI को मैच करें
  • सेकंड-हैंड फोन खरीदने से पहले IMEI चेक करें
  • IMEI किसी के साथ बेवजह साझा न करें
  • फोन चोरी हो जाए तो तुरंत CEIR में ब्लॉक करवाएं
  • IMEI बदलवाने वाली किसी भी जगह पर भरोसा न करें यह अपराध है.

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चाय, काॅफी, दालचीनी… भारत के किन प्रोडक्ट़्स को ट्रंप ने रखा 50 परसेंट टैरिफ से बाहर, देखें ल

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Trump Tariff: अमेरिका ने अगस्त के महीने में भारत पर 50 परसेंट का टैरिफ लगाया. इनमें से 25 परसेंट टैरिफ रूस से क्रूड ऑयल की खरीद के चलते पेनाल्टी के तौर पर लगाया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस टैरिफ का असर टेक्सटाइल से लेकर लेदर, ज्वेलरी और सीफूड इंडस्ट्री पर भी पड़ा. हालांकि, ट्रंप ने नवंबर तक 200 से अधिक एग्रीकल्चर और फार्म प्रोडक्ट्स के आयात शुल्क में कटौती करने की बात कही है. इससे भारतीय एक्सपोर्ट्स की उम्मीदें फिर से बढ़ गई हैं. 

ट्रंप ने किन प्रोडक्ट्स पर दी छूट

  • चाय और कॉफी
  • हल्दी, अदरक, दालचीनी, इलायची, काली मिर्च, लौंग और जीरा जैसे मसाले. 
  • काजू जैसे कई और तरह के मेवे या ट्री नट्स.
  • प्रोसेस्ड फूड, तमाम तरह के मौसमी फल, फ्रूट पल्प, फ्रूट जूस वगैरह. 

दोनों के बीच ट्रेड डील पर भी बातचीत

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO) का कहना है कि आयात शुल्क में छूट से लगभग 2.5-3 अरब डॉलर के भारतीय निर्यात को फायदा पहुंच सकता है. इस कदम को भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर चल रही बातचीत में एक पॉजिटिव सिग्नल के रूप में भी देखा जा सकता है. हालांकि, झींगा, बासमती चावल, जेम्स और जूलरी, कपड़ों पर फिलहाल किसी तरह की कोई छूट नहीं है, इन पर फुल टैरिफ लगा रहेगा. ट्रंप ने इस लिस्ट में कई ताजे और खट्टे फलों और केले को भी शामिल नहीं किया है इसलिए छूट का दायरा कई जानकारों को सीमित नजर आ रहा है.

क्यों ट्रंप ने लिया यह फैसला?

ट्रंप ने चुनिंदा वस्तुओं पर टैरिफ वापस लेने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि टैरिफ के चलते अमेरिकी बाजारों में कई चीजें काफी महंगी हो गई थीं. इससे वहां की आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खाने-पीने का सामान खरीदने में उन्हें पहले के मुकाबले ज्यादा खर्च करने पड़ रहे थे. ऐसे में चीजों को किफायती बनाए रखने की आवश्यकता महसूस हुई, जिसके चलते आयात को सस्ता करने के बारे में सोचा गया. भारतीय निर्यातकों के लिए भी यह अच्छी खबर है, जिन्हें अमेरिका जैसे बड़े बाजार में फिर से अपना सामान बेचने का मौका मिलेगा. 

 

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हिमालय की गोद में अविचलित बैठा साधू! माइनस 55 डिग्री में ध्यान लगाते वीडियो हो रहा वायरल

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ऋषि मुनियों के बारे में तो आप सभी ने बचपन में किताबों में जरूर पढ़ा होगा. बढ़ी सी दाढ़ी, सफेद बाल, नंगा बदन और केवल एक धोती पहन बर्फ में तपस्या करते लोगों की जब बात होती है तो जहन में केवल हिमालय आता है. लेकिन आज के वक्त में भी कई लोग ऐसे हैं जो बहुत कम उम्र में अपना सभी कुछ त्याग कर हिमालय की गोद में तपस्या करने बैठ जाते हैं. ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर वायरल हो रहा है जिसे देखने के बाद पूरा इंटरनेट हैरानी के साथ ठिठुरता दिखाई दे रहा है.

माइनस 55 डिग्री में साधु ने हिमालय पर नंगे बदन लगाया ध्यान

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक साधु को हिमालय की गोद में तपस्या करते हुए दिखाया गया है. बड़ी बड़ी दाढ़ी और नंगे बदन ये साधु हिमालय की गोद में बैठ ध्यान लगा रहे हैं और बर्फ से पूरी तरह से ढके हुए हैं. वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि तापमान माइनस में दिखाया बताया जा रहा है जो कि लगभग माइनस 55 डिग्री के आसपास है, ऐसी हड्डियां गला देने वाली ठंड में ये साधु बगैर किसी तकलीफ के केवल ध्यान में मग्न हैं. वीडियो देखकर लोग हैरानी से पूछ रहे हैं कि क्या ध्यान लगाने में इंसान इतना खो सकता है कि उसे ठंड लगना ही बंद हो जाए.

वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें

नंगे बदन बैठकर की तपस्या, ठिठुर गया इंटरनेट!

आपको बता दें कि हिमालय के पर्वतों में कई साधु ध्यान लगाने जाते हैं. पहले भी कई सारे वीडियो ऐसे वायरल हुए हैं जिसमें पर्यटकों को घूमते हुए ऐसे ऐसे ऋषि मुनि दिखे हैं जो कई सालों से बर्फ में नंगे बदन बैठकर तपस्या कर रहे हैं. वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है और हर कोई इस साधु को देखकर बस एक ही बात कह रहा है…” ध्यान लगाना हो तो ऐसे लगाओ वरना मत लगाओ”

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यूजर्स बोले, ध्यान से सबकुछ संभव है

वीडियो को @Sheetal2242 नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…इन साधु से ज्यादा सहनशक्ति कैमरा मैन की लग रही है. एक और यूजर ने लिखा..ध्यान लगाने से आप दुनिया के हर दर्द को भुला सकते हैं. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…आज के ढोंगी बाबाओं को यहां भेजो, सारा ढोंग निकल जाएगा.

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रिलीज लिस्ट जारी होने के बाद IPL 2026 के लिए सभी 10 टीमों के स्क्वॉड, देखें अब कैसी दिखती हैं स

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आईपीएल 2026 की नीलामी से पहले सभी 10 टीमों ने अपनी अपनी रिटेन और रिलीज खिलाड़ियों की सूची जारी कर दी है. आईपीएल रिटेंशन की घोषणा के बाद ज्यादातर टीमों का मुख्य स्क्वाड कंफर्म हो गया है. अब बचे हुए स्लॉट्स को भरने के लिए ऑक्शन 16 दिसंबर को होगा. कोलकाता नाइट राइडर्स वो टीम है, जिसने सबसे कम खिलाड़ियों को रिटेन किया है. केकेआर को छोड़कर सभी टीमों ने 15 या इससे अधिक प्लेयर्स को रिटेन किया है. पंजाब किंग्स समेत 3 टीमों ने 20 या इससे अधिक खिलाड़ियों को रिटेन किया. यहां देखें रिटेंशन की घोषणा के बाद सभी 10 टीमों का स्क्वाड.

चेन्नई सुपर किंग्स टीम (CSK Squad 2026)

ऋतुराज गायकवाड़, एमएस धोनी, डेवाल्ड ब्रेविस, आयुष म्हात्रे, उर्विल पटेल, अंशुल कंबोज, जेमी ओवरटन, रामकृष्ण घोष, शिवम दुबे, खलील अहमद, नूर अहमद, मुकेश चौधरी, नाथन एलिस, श्रेयस गोपाल, गुरजापनीत सिंह, संजू सैमसन.

  • CSK ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 16 (4 विदेशी)
  • अवेलेबल स्लॉट्स- 9 (4 विदेशी)

दिल्ली कैपिटल्स टीम (DC Squad 2026)

केएल राहुल, करुण नायर, अभिषेक पोरेल, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल, समीर रिजवी, आशुतोष शर्मा, विप्रराज निगम, अजय मंडल, त्रिपुराण विजय, माधव तिवारी, मिचेल स्टार्क, टी नटराजन, मुकेश कुमार, दुष्मंथा चमीरा, कुलदीप यादव, नितीश राणा.

  • DC ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 17 (3 विदेशी)
  • अवेलेबल स्लॉट्स- 8 (5 विदेशी)

गुजरात टाइटंस टीम (GT Squad 2026)

शुभमन गिल, साई सुदर्शन, कुमार कुशाग्र, अनुज रावत, जोस बटलर, निशांत सिंधु, ग्लेन फिलिप्स, वॉशिंगटन सुंदर, अरशद खान, शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसीद कृष्ण, इशांत शर्मा, गुरनूर सिंह बराड़, राशिद खान, मानव सुथार, साईं किशोर, जयन्त यादव.

  • GT ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 20 (4 विदेशी)
  • अवेलेबल स्लॉट्स- 5 (4 विदेशी)

कोलकाता नाइट राइडर्स टीम (KKR Squad)

अजिंक्य रहाणे, रिंकू सिंह, अंगकृष रघुवंशी, मनीष पांडे, रोवमैन पॉवेल, अनुकूल रॉय, रमनदीप सिंह, वैभव अरोड़ा, सुनील नरेन, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा, उमरान मलिक.

  • KKR ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 12 (2 विदेशी)
  • अवेलेबल स्लॉट्स- 13 (6 विदेशी)

लखनऊ सुपर जायंट्स टीम (LSG Squad 2025)

ऋषभ पंत, आयुष बडोनी, अब्दुल समद, एडन मार्क्रम, हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीत्ज़के, निकोलस पूरन, मिशेल मार्श, शाहबाज़ अहमद, अर्शिन कुलकर्णी, मयंक यादव, आवेश खान, मोहसिन खान, एम. सिद्धार्थ, दिग्वेश राठी, प्रिंस यादव, आकाश सिंह, अर्जुन तेंदुलकर, मोहम्मद शमी.

  • LSG ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 19 (4 विदेशी)
  • अवेलेबल स्लॉट्स- 6 (4 विदेशी)

मुंबई इंडियंस टीम (MI Squad 2026)

रोहित शर्मा, सूर्य कुमार यादव, रॉबिन मिंज, रयान रिकेल्टन, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, नमन धीर, मिशेल सैंटनर, विल जैक, कॉर्बिन बॉश, राज बावा, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, दीपक चाहर, अश्वनी कुमार, रघु शर्मा, अल्लाह गजनफ़र, मयंक मारकंडे, शार्दुल ठाकुर, शेरफेन रदरफोर्ड.

  • MI ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 20 (7 विदेशी)
  • अवेलेबल स्लॉट्स- 5 (1 विदेशी)

पंजाब किंग्स टीम (PBKS Squad 2026)

श्रेयस अय्यर, नेहल वढेरा, विष्णु विनोद, हरनूर पन्नू, पाइला अविनाश, प्रभसिमरन सिंह, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, हरप्रीत बराड़, मार्को जानसन, अजमतुल्लाह उमरजई, प्रियांश आर्य, मुशीर खान, सूर्यांश शेडगे, मिच ओवेन, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, विशक विजयकुमार, यश ठाकुर, जेवियर बार्टलेट, लॉकी फर्ग्यूसन.

  • PBKS ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 21 (6 विदेशी)
  • अवेलेबल स्लॉट्स- 4 (2 विदेशी)

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम (RCB Squad 2026)

रजत पाटीदार, विराट कोहली, टिम डेविड, देवदत्त पडिक्कल, फिल साल्ट, जितेश शर्मा, क्रुणाल पंड्या, जैकब बेथेल, रोमारियो शेफर्ड, स्वप्निल सिंह, जोश हेज़लवुड, भुवनेश्‍वर कुमार, रसिख सलाम, यश दयाल, सुयश शर्मा, नुवान तुषारा, अभिनंदन सिंह.

  • RCB ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 17 (6 विदेशी)
  • अवेलेबल स्लॉट्स- 8 (2 विदेशी)

राजस्थान रॉयल्स टीम (RR Squad 2026)

शुभम दुबे, वैभव सूर्यवंशी, लुआन-ड्रे प्रीटोरियस, शिमरोन हेटमायर, यशस्वी जयसवाल, ध्रुव जुरेल, रियान पराग, युद्धवीर सिंह चरक, जोफ्रा आर्चर, तुषार देशपांडे, फ़ज़लहक़ फ़ारूक़ी, क्वेना मफाका, नंद्रे बर्गर, रवींद्र जड़ेजा, सैम कुरेन, डोनोवन फरेरा.

  • RR ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 16 (7 विदेशी)
  • अवेलेबल स्लॉट्स- 9 (1 विदेशी)

सनराइजर्स हैदराबाद टीम (SRH Squad 2026)

ट्रैविस हेड, अभिषेक शर्मा, अनिकेत वर्मा, आर स्मरण, इशान किशन, हेनरिक क्लासेन, नितीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, कामिंदु मेंडिस, हर्षल पटेल, ब्रायडन कारसे, पैट कमिंस, जयदेव उनादकट, ईशान मलिंगा, जीशान अंसारी.

  • SRH ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 15 (6 विदेशी)
  • अवेलेबल स्लॉट्स- 10 (2 विदेशी)

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जापानी बच्ची ने कन्नड़ में दी स्पीच! बोली इससे मीठा कुछ नहीं, वीडियो देख हैरान रह जाएंगे आप

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भारत में अलग अलग भाषाएं बोली जाती रही हैं और बोली जाती है. हर 100 किमी पर अपना रिवाज,खाना और भाषा बदलने वाले देश का नाम ही भारत है. ऐसे में क्षेत्रिय भाषाएं जैसे कन्नड़ लोगों को कितना प्रभावित करती हैं ये अब विदेशी बच्चों में भी देखने को मिल रहा है. जहां एक ओर दक्षिण भारत के लोग कन्नड़ बोलते हैं तो वहीं अब कन्नड़ का रिवाज जापानी बच्चों के दिलों में भी बसता दिखाई दे रहा है. ऐसा ही एक नजारा दिखा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में जहां एक जापानी बच्ची ने जब स्टेज पर कन्नड़ बोली तो लोगों ने तालियों का शोर थमने नहीं दिया.

जापानी बच्ची ने कन्नड़ में दी स्पीच तो हैरान रह गए दर्शक

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें बेंगलुरु के राज्योत्सव का नजारा दिखाया गया है. इस समारोह के दौरान जो नजारा देखने को मिला उसने हर किसी का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया. हुआ यूं कि बेंगलुरु की ट्रायो वर्ल्ड एकेडमी में ग्रेड-1 की एक सात साल की जापानी स्टूडेंट कोनात्सु हसीगावा ने अपनी सेकंड लैंग्वेज के रूप में कन्नड़ को चुना है और समारोह में स्टेज पर आकर ऐसी स्पीच कन्नड़ में दी है कि वहां मौजूद शिक्षक, छात्र और स्पीच सुनने आई भीड़ हैरान रह गई.


कहा, ये भाषा बेहद खूबसूरत और मीठी है

वायरल वीडियो में ये जापानी बच्ची कन्नड़ भाषा में कहती है…”नमस्कार, कन्नड़ भाषा बेहद खूबसूरत है, इसे बोलना आसान, ये सुनने में मीठी है और अगर जन्म लेना है तो कन्नड़ नाड़ु में ही जन्म लेना चाहिए”. उसने जिस सफाई से ये स्पीच दी उसने दर्शकों का दिल खुश कर दिया. लोग हैरानी से तालियां बजाने लगे. सोशल मीडिया पर अब ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं.

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यूजर्स ने भी की तारीफ

वीडियो को trio_world_academy नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…इस बच्ची के मुंह से कन्नड़ और भी खूबसूरत लग रही है. एक और यूजर ने लिखा….बच्ची के साफ दिल और मासूम आवाज से कन्नड़ सुनकर मजा आ गया. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…जापान को प्यार करने का एक और कारण मिल गया.

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जैश ने फिर शुरू किया भीख मांगने का काम, चंदा मांगने का अपनाया अनोखा तरीका

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भारत में फिदायीन स्क्वॉड के पकड़े जाने के बीच आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने एक बार फिर FATF का मखौल उड़ाया है. उन्होंने आतंकियों के लिए सर्दी के कपड़े, जूते और पूरी किट के नाम पर ऑनलाइन चंदा अभियान फिर से शुरू कर दिया है. इस चंदा अभियान के तहत जैश ए मोहम्मद लोगो से 500 पाकिस्तानी रुपये से लेकर 2 लाख पाकिस्तानी रुपये तक मांग रहा है ताकि उसके कैम्प में रह रहे आतंकियों की सर्दी की जरूरत पूरी हो सके.

इस चंदा अभियान में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने +92305XXX607 मोबाइल नंबर भी जारी किया है जो Jazzcash नाम की पेमेंट ऐप से लिंक है और ज़्यादा से ज़्यादा लोगो से आतंकियों के लिए चंदा देने की गुजारिश की गई है. सूत्रों के मुताबिक आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के पाकिस्तान के अलग-अलग स्थानों पर मौजूद कैंपों में इस समय 238 से ज़्यादा आतंकी ट्रेनिंग कर रहे हैं ऐसे में इस लिहाज से जैश की कोशिश 4 करोड़ से ज़्यादा पाकिस्तानी रुपये चंदा इकट्ठा करने की है.

आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद

आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद जिस Jazzcash पेमेंट ऐप पर जिस मोबाइल नंबर पर चंदा इकट्ठा कर रही है उसकी पड़ताल करने पर पता चला की ये नंबर जैश ए मोहम्मद के कमांडर उमर फारूक का है जिसका 13 अंकों का CNIC नंबर 4550XXXXXX357 है ये आतंकी कमांडर पाकिस्तान के सक्कर जिले का रहने वाला है और इस समय जैश ए मोहम्मद के नए हेडक्वार्टर मरकज़ उस्मान ओ अली में कार्यरत है. साथ ही जैश सरगना मौलाना मसूद अजहर के भाई तल्हा अल सैफ का शागिर्द है.

एबीपी न्यूज़ ने किया था खुलासा

ऐसे में अब बड़ा सवाल है कि इसी साल अगस्त में सबसे पहले एबीपी न्यूज़ ने जैश ए मोहम्मद के 313 नए मरकज के नाम पर 391 करोड़ के चंदा अभियान की पोल खोली थी और दिखाया था कि कैसे FATF की आंख में धूल झोंक कर पाकिस्तान के आतंकी संगठन खुलेआम ऑनलाइन चंदा इकट्ठा कर रहे हैं. इसके बाद एक बार फिर 3 महीने के भीतर जैश ए मोहम्मद ने फिर से एक नया चंदा अभियान शुरू कर दिया है और FATF आंख मूंद कर पाकिस्तान में आतंकियों के चंदा अभियान को देख रहा है.

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‘आदित्य धर हैं पैसों के लालची’, ‘धुरंधर’ का ट्रेलर देख भड़के ध्रुव राठी, बोले- टॉर्चर को ग्लोरी

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आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ काफी खबरों में बनी हैं. फिल्म का ट्रेलर मंगलवार को रिलीज हुआ. इस फिल्म में रणवीर सिंह, संजय दत्त, आर माधवन, अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल जैसे स्टार्स हैं. फिल्म के ट्रेलर की हर तरफ चर्चा है. ट्रेलर में काफी खून-खराबा दिखाया गया है. यूट्यूबर ध्रुव राठी को ये खून खराबा पसंद नहीं आया है. उन्होंने इस ट्रेलर की तुलना ISIS के सर कलम करने वाले वीडियोज से कर दी है.

धुरंधर के ट्रेलर को देख भड़के ध्रुव राठी

ध्रुव राठी ने X पर लिखा, ‘आदित्य धर ने बॉलीवुड में घटियापन की हद पार कर दी है. उनकी फिल्म धुरंधर के ट्रेलर में इतनी ज्यादा हिंसा, खून-खराबा है. इसमें इतना टॉर्चर है. ट्रेलर देखना ऐसा ही है जैसे ISIS के सिर कलम करने वाल वीडियो देख रहे हों. और आप इसे एंटरटेनमेंट कहते हैं.’

आदित्य धर हैं पैसों के लालची', 'धुरंधर' का ट्रेलर देख भड़के ध्रुव राठी, बोले- टॉर्चर को ग्लोरीफाई कर रहे हैं

आगे उन्होंने लिखा, ‘आदित्य धर पैसे के लालच में इतना आगे बढ़ गए हैं कि वो यंग जेनरेशन के दिमाग में जहर घोल रहे हैं. वो खून खराबा के प्रति असंवेदनशील बना रहे हैं और टॉर्चर को ग्लोरीफाई कर रहे हैं. सेंसर बोर्ड के पास अब ये ही मौका है कि वो दिखा दें कि उसे सबसे ज्यादा परेशानी किस चीज से है, लोगों के किस करने से या किसी जिंदा आदमी की खाल उधेड़ने से.’

बता दें कि धुरंधर 5 दिसंबर को रिलीज होगी. इस फिल्म को आदित्य धर ने बनाया है. फिल्म के ट्रेलर में सभी एक्टर्स का इंट्रोडक्शन दिखाया गया है. ऐसी खबरें हैं कि फिल्म की लेंथ थोड़ी लंबी हो गई थी इसीलिए मेकर्स इसे 2 पार्ट में रिलीज कर ने का प्लान कर रहे हैं. फिल्म का दूसरा पार्ट 2026 में रिलीज हो सकता है. हालांकि, अभी तक फिल्म के दूसरे पार्ट को लेकर ऑफिशियली कुछ भी अनाउंस नहीं हुआ है. कहा जा रहा है कि पहला पार्ट जब थिएटर में लगेगा तभी दूसरे पार्ट की अनाउंसमेंट होगी.

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गरुड़ पुराण की 5 खौफनाक सजाएं, उबलते तेल से लेकर चाबुक तक, इंसान के गलत कर्म का क्रूर हिसाब!

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हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण बेहद खास ग्रंथ माना जाता है. इसमें जीवन-मृत्यु और गलत कर्मों की सजा का जिक्र किया गया है. जहां प्रत्येक गलती की सजा उतनी ही कठोर बताई गई है, जितना बड़ा अपराध. गरुड़ पुराण ग्रंथ के अनुसार, मरने के बाद व्यक्ति को वो सभी यातनाएं झेलनी पड़ती है, जो उसने अपने जीवन में बोया है. आइए जानते हैं गरुड़ पुराण के पांच ऐसे दंड जिसके बारे में जानकर आपकी भी रुहं कांप उठेगी.

हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण बेहद खास ग्रंथ माना जाता है. इसमें जीवन-मृत्यु और गलत कर्मों की सजा का जिक्र किया गया है. जहां प्रत्येक गलती की सजा उतनी ही कठोर बताई गई है, जितना बड़ा अपराध. गरुड़ पुराण ग्रंथ के अनुसार, मरने के बाद व्यक्ति को वो सभी यातनाएं झेलनी पड़ती है, जो उसने अपने जीवन में बोया है. आइए जानते हैं गरुड़ पुराण के पांच ऐसे दंड जिसके बारे में जानकर आपकी भी रुहं कांप उठेगी.

गरुड़ पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति अपने फायदे के लिए दूसरे को नुकसान पहुंचाता है, उसे कुंभीपाकम नरक में भेजा जाता है. जहां उसे एक बड़े से बर्तन में उबलते हुए तेल में जलाया जाता है.

गरुड़ पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति अपने फायदे के लिए दूसरे को नुकसान पहुंचाता है, उसे कुंभीपाकम नरक में भेजा जाता है. जहां उसे एक बड़े से बर्तन में उबलते हुए तेल में जलाया जाता है.

प्राणरोधम गरुड़ पुराण में दर्ज एक ऐसी सजा जिसमें शरीर के टुकड़े किए जाते हैं. इस सजा में व्यक्ति बार-बार मरकर जीवित होता है. और दुबारा उसके शरीर के टुकड़े किए जाते हैं. ये प्रक्रिया हजारों सालों तक चलती है. ये सजा उन लोगों को दी जाती है, जो लोग जानवरों का शिकार करते हैं.

प्राणरोधम गरुड़ पुराण में दर्ज एक ऐसी सजा जिसमें शरीर के टुकड़े किए जाते हैं. इस सजा में व्यक्ति बार-बार मरकर जीवित होता है. और दुबारा उसके शरीर के टुकड़े किए जाते हैं. ये प्रक्रिया हजारों सालों तक चलती है. ये सजा उन लोगों को दी जाती है, जो लोग जानवरों का शिकार करते हैं.

रौरावम की सजा में सांपों से कटवाया जाता है. दूसरों के साथ धोखाधड़ी करने वाले पापियों को रौरावम नर्क में जलते हुए कोयले की सतह वाले जमीन पर फेंक दिया जाता है, जहां उनका शरीर पूरा जल जाता है. जिसे मच्छर, सांप, कौएं नोच नोचकर खाते हैं. ये प्रक्रिया लगातार दोहराई जाती है.

रौरावम की सजा में सांपों से कटवाया जाता है. दूसरों के साथ धोखाधड़ी करने वाले पापियों को रौरावम नर्क में जलते हुए कोयले की सतह वाले जमीन पर फेंक दिया जाता है, जहां उनका शरीर पूरा जल जाता है. जिसे मच्छर, सांप, कौएं नोच नोचकर खाते हैं. ये प्रक्रिया लगातार दोहराई जाती है.

तमिसरम की सजा में लोगों को चाबुक से मरा जाता है. गरुड़ पुराण के अनुसार, जो लोग दूसरों की संपत्ति को चुराते हैं, उन्हें यमदूतों के द्वारा तामिसरम नर्क में ले जाता जाता है. जहां उन्हें चाबुक से तबतक मारा जाता है, जबतक कि उनके शरीर से चमड़ी अलग न हो जाए.

तमिसरम की सजा में लोगों को चाबुक से मरा जाता है. गरुड़ पुराण के अनुसार, जो लोग दूसरों की संपत्ति को चुराते हैं, उन्हें यमदूतों के द्वारा तामिसरम नर्क में ले जाता जाता है. जहां उन्हें चाबुक से तबतक मारा जाता है, जबतक कि उनके शरीर से चमड़ी अलग न हो जाए.

तप्तामूर्ति की सजा उन लोगों को दी जाती है, जो लोग अवैध शारीरिक संबंध बनाते हैं. इस सजा में व्यक्ति को बांधकर गर्म कोयले और लावे की सतह वाले ताप्तामूर्ति नरक में फेंक दिया जाता है. बाद में इसके शरीर का फिर से निर्माण होता है और यह प्रक्रिया लगातार चलती ही रहती है.

तप्तामूर्ति की सजा उन लोगों को दी जाती है, जो लोग अवैध शारीरिक संबंध बनाते हैं. इस सजा में व्यक्ति को बांधकर गर्म कोयले और लावे की सतह वाले ताप्तामूर्ति नरक में फेंक दिया जाता है. बाद में इसके शरीर का फिर से निर्माण होता है और यह प्रक्रिया लगातार चलती ही रहती है.

Published at : 19 Nov 2025 04:52 PM (IST)

धर्म फोटो गैलरी

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कैम्ब्रिज डिक्शनरी में शामिल हुआ नया शब्द ‘Parasocial’, जानें क्या होता है इसका मतलब?

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प्रसिद्ध अंग्रेजी शब्दकोश कैंब्रिज डिक्शनरी हर साल की तरह इस साल भी अपना वर्ड ऑफ द ईयर 2025 लेकर आया है. इस बार जिस शब्द ने जगह बनाई है, वह है ‘पैरासोशल’. यह शब्द आज की सोशल मीडिया वाली दुनिया में तेजी से बढ़ती एक खास तरह की भावनात्मक आदत को बताता है. जहां लोग अपने पसंदीदा सेलिब्रिटी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर या यहां तक कि एआई चैटबॉट्स के साथ एकतरफा रिश्ता महसूस करने लगते हैं. यह रिश्ता असली दुनिया में मौजूद नहीं होता, लेकिन मन में एक गहरा जुड़ाव बना रहता है.

अगर आप भी कभी किसी एक्टर, गायक, यूट्यूबर या किसी किरदार को देखकर यह महसूस करते हैं कि वह आपको समझते हैं, या आप उन्हें अपने करीबियों की तरह देखते हैं, तो यह एक ‘पैरासोशल’ व्यवहार है. कैंब्रिज डिक्शनरी ने इसी बढ़ते ट्रेंड को देखते हुए इस शब्द को साल का सबसे खास शब्द घोषित किया है.
क्यों चुना गया ‘पैरासोशल’ शब्द?

सोशल मीडिया ने लोगों की जिंदगी में बड़ी जगह बना ली है. इंस्टाग्राम, यूट्यूब, रील्स और व्लॉग अब लोगों की रोजमर्रा की रूटीन का हिस्सा बन चुके हैं. लाखों लोग अपने पसंदीदा इन्फ्लुएंसर्स को फॉलो करते हैं, उनकी हर पोस्ट, हर अपडेट और हर छोटी बात को बड़े ध्यान से देखते हैं.

बहुत से लोग तो किसी सेलिब्रिटी को अपने परिवार जैसा मानने लगते हैं. ऐसा लगता है जैसे वह उन्हें जानते हों, समझते हों. लेकिन असल में यह रिश्ता सिर्फ एक तरफा होता है. यही एकतरफा जुड़ाव पैरासोशल रिलेशनशिप कहलाता है.

कैंब्रिज डिक्शनरी ने बताया कि इस साल सोशल मीडिया में इस तरह के जुड़ाव की चर्चा बहुत ज्यादा बढ़ी है. लोग अपनी पसंदीदा हस्तियों की जिंदगी से इतनी गहराई से जुड़ने लगे हैं कि यह एक बड़े सामाजिक ट्रेंड का रूप ले चुका है. इसी वजह से ‘पैरासोशल’ शब्द को वर्ड ऑफ द ईयर चुना गया.

क्या है ‘पैरासोशल’ का मतलब?

‘पैरासोशल’ का मतलब है एक ऐसा रिश्ता जिसमें भावना तो बहुत होती है, लेकिन वह रिश्ता सिर्फ आपकी तरफ से होता है. इसमें आप अपने पसंदीदा एक्टर्स या इन्फ्लुएंसर्स को अपना दोस्त या करीब समझने लगते हैं. उनकी लाइफ से बहुत ज्यादा जुड़ जाते हैं. उनके दुख-सुख को महसूस करते हैं. लेकिन उन्हें आपकी मौजूदगी के बारे में पता भी नहीं होता. फिर भी यह भावनात्मक रिश्ता आपके मन में एक असली रिश्ते जैसा गहरा असर डालता है.

पहली बार कब इस्तेमाल हुआ ‘पैरासोशल’ शब्द?

यह शब्द नया नहीं है. इसका इतिहास काफी पुराना है. 1956 में शिकागो यूनिवर्सिटी के दो समाजशास्त्रियों ने पहली बार ‘पैरासोशल’ शब्द का इस्तेमाल किया था. तब टीवी नया-नया था और रिसर्चर्स ने देखा कि टीवी देखने वाले लोग स्क्रीन पर दिखने वाले सेलिब्रिटी के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव महसूस करते हैं. कई लोग तो उनकी तरह बनना चाहते थे, उनकी तरह कपड़े पहनते थे या उनकी तरह बात करते थे. यही जुड़ाव आगे चलकर ‘पैरासोशल रिलेशनशिप’ कहलाया. आज वही रिश्ता सोशल मीडिया के कारण कई गुना बढ़ गया है.

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